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सोनुआ बावुडा रथ यात्रा 2026
उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार ने गोइलकेरा प्रखंड के ग्राम पंचायत गोइलकेरा, तर्कटकोचा, कदमडीहा एवं आराहासा में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं का स्थल निरीक्षण कर उनकी प्रगति एवं गुणवत्ता की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान सहायक समाहर्ता सुश्री ईरा जोरवाल, असैनिक शल्य चिकित्सक डॉ. जुझार मांझी, प्रखंड विकास पदाधिकारी गोइलकेरा श्री विवेक कुमार, सहायक परियोजना पदाधिकारी, जिला परिषद, संबंधित विभागों के कनीय अभियंता तथा क्रियान्वयन एजेंसियों के कर्मी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के क्रम में उप विकास आयुक्त एवं सहायक समाहर्ता ने गोइलकेरा स्थित महादेवशाल मंदिर पहुंचकर श्रावण मास में आयोजित होने वाले श्रावणी मेला की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में सीसीटीवी के माध्यम से की गई सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया।

इसके उपरांत गोइलकेरा रेफरल अस्पताल में "प्रोजेक्ट जागृति – बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के अंतर्गत आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए इस सामाजिक एवं मानवीय कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

आराहासा पंचायत के लाजोरा गांव में मिशन उदय 2.0 मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में शामिल होकर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं ग्रामीणों के बीच मच्छरदानी का वितरण किया गया। वहीं कदमडीहा पंचायत के काशीजोड़ा गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में भी मच्छरदानी वितरण के साथ मलेरिया से बचाव एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारियां दी गईं।

निरीक्षण के दौरान विकसित भारत VB-G RAM G के अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना, ग्रामीण विकास विभाग की निर्माणाधीन अबुआ आवास योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चल रहे आवास निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। उप विकास आयुक्त ने लाभुकों से शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण करने का आग्रह किया तथा संबंधित अधिकारियों को नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

पंचायत भवनों में 15वें वित्त आयोग मद से संचालित सुदृढ़ीकरण कार्यों, स्वीकृत योजनाओं की प्रगति एवं व्यय की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त डीएमएफटी मद से तर्कटकोचा पंचायत के दलकी गांव स्थित प्लस-टू उच्च विद्यालय में निर्माणाधीन छह कक्षों वाले विद्यालय भवन एवं चारदीवारी निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। साथ ही जिला परिषद द्वारा 15वें वित्त आयोग मद से निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की भौतिक प्रगति का भी जायजा लिया गया।
जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनीं आमजन की समस्याएं, विभिन्न मामलों के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में जिला दण्डाधिकारी -सह- उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में नियमित जनता दरबार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं जनसुविधाओं से संबंधित समस्याओं एवं मांगों को आवेदन के माध्यम से उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया। जनता दरबार में भूमि बंदोबस्ती, लीज बंदोबस्त, मंईयां सम्मान योजना के लाभ से संबंधित विषय, सेवा पुस्तिका में आवश्यक संशोधन, पारिवारिक सूची में नाम जोड़ने एवं त्रुटि सुधार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आवास योजनाओं, सड़क निर्माण एवं मरम्मत सहित अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। 

उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने जनता दरबार में प्राप्त सभी आवेदनों का एक-एक कर अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामलों की प्रकृति के अनुरूप शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिन मामलों का समाधान तत्काल संभव रहा, उनका मौके पर ही निष्पादन कराया गया, जबकि शेष मामलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश के साथ संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जनता दरबार प्रशासन और आमजन के बीच प्रत्यक्ष संवाद का प्रभावी माध्यम है, जिसके माध्यम से नागरिक बिना किसी मध्यस्थता के अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई करते हुए आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवा, स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणास्रोत : उपायुक्त

पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा संचालित "प्रोजेक्ट जागृति– बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के अंतर्गत जिले में सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वैच्छिक रक्तदान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से सदर अस्पताल, चाईबासा स्थित एमटीसी केंद्र एवं तांतनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित रक्तदान शिविर का जिला दंडाधिकारी -सह- उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने रक्तदान शिविर की संपूर्ण व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए रक्त संग्रहण, पंजीकरण, चिकित्सकीय परीक्षण, रक्तदाताओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्तदान उपरांत उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को रक्तदान शिविर के संचालन में निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर उपायुक्त ने रक्तदान कर रहे स्वैच्छिक रक्तदाताओं से आत्मीय संवाद किया तथा उनके अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने रक्तदाताओं के इस मानवीय एवं समाजोपयोगी योगदान की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान ऐसा महादान है, जिसका कोई विकल्प नहीं है। किसी गंभीर रूप से बीमार मरीज, दुर्घटना में घायल व्यक्ति, प्रसूता माता अथवा थैलेसीमिया जैसे रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए समय पर उपलब्ध रक्त जीवनदान सिद्ध होता है। ऐसे में प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को नियमित अंतराल पर स्वेच्छा से रक्तदान करने का संकल्प लेना चाहिए। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन "प्रोजेक्ट जागृति – बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ जनभागीदारी आधारित स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों का सफल संचालन कर रहा है। रक्तदान शिविर इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जिले में सुरक्षित रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है।

रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों का उत्साहवर्धन करते हुए उपायुक्त ने जिला प्रशासन की ओर से उन्हें प्रशस्ति पत्र, विशेष टी-शर्ट एवं स्मृति स्वरूप कॉफी मग प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदाता समाज के वास्तविक नायक हैं, जिनकी निस्वार्थ सेवा दूसरों के जीवन में नई आशा का संचार करती है। उनके इस योगदान से अन्य लोग भी प्रेरित होकर रक्तदान के लिए आगे आएंगे। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी प्रखंडों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, स्वयंसेवी संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से नियमित अंतराल पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं। साथ ही युवाओं एवं आम नागरिकों को रक्तदान के महत्व, उसके वैज्ञानिक तथ्यों एवं सामाजिक उपयोगिता के संबंध में व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए, ताकि जिले में किसी भी मरीज को रक्त के अभाव का सामना न करना पड़े।
पश्चिमी सिंहभूम के कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में कुल 306 लाभुकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकता के अनुरूप निःशुल्क आयुष औषधियों का वितरण किया गया।

शिविरों के दौरान मधुमेह (डायबिटीज) एवं उच्च रक्तचाप की जांच की गई। इसके अलावा गठिया, वात रोग, बुखार, सर्दी-खांसी, त्वचा रोग, नस संबंधी समस्याएं, पेट संबंधी रोग सहित विभिन्न सामान्य एवं दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं आयुष औषधियां उपलब्ध कराई गईं।

लगातार हो रही वर्षा के बावजूद सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों डॉ. सूर्या भूषण, डॉ. निशा, डॉ. मैनुद्दीन, डॉ. दीपक, डॉ. सुशील, डॉ. कविता, डॉ. राधिका, डॉ. आशिक एवं डॉ. टिम्मा की सेवाओं की सराहना की गई।

स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन खुटपानी प्रखंड के भोया एवं पुरनिया, जगन्नाथपुर प्रखंड के शिव मंदिर टोला, चक्रधरपुर प्रखंड के सुरुबूरा, सोनुआ प्रखंड के भालूरूंगी, गुदड़ी प्रखंड के गाईलकेरा पंचायत, मनोहरपुर प्रखंड के गोपीपुर, सदर चाईबासा प्रखंड के आचु तथा नोवामुंडी प्रखंड के प्लॉटसाई सहित विभिन्न गांवों एवं टोलों में किया गया।

शिविरों के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सर्पदंश एवं विषैले कीड़ों के काटने से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए बताया गया कि ऐसी स्थिति में झाड़-फूंक में समय न गंवाकर तत्काल मरीज को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल ले जाकर उपचार कराएं। लोगों को घर से बाहर निकलते समय चप्पल या जूते पहनने तथा जमीन के बजाय खाट, चारपाई या पलंग पर सोने की भी सलाह दी गई।

इसके अलावा मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं आसपास की साफ-सफाई बनाए रखने के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर अपने गांव की सहिया से संपर्क करें तथा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में समय पर जांच एवं उपचार अवश्य कराएं।

आयुष विभाग ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, नियमित स्वास्थ्य जांच कराकर तथा चिकित्सकीय परामर्श का पालन करके अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। विभाग द्वारा भविष्य में भी ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की जनसेवा निरंतर जारी रहेगी।
ड्रग इंस्पेक्टर के द्वारा सदर चाईबासा क्षेत्र स्थित एक थोक एवं एक खुदरा दवा दुकान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की उपलब्धता, भंडारण व्यवस्था एवं अभिलेखों की जांच करना था।

निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों में न्यूरोलॉजिकल विकार से संबंधित दवाएं पाई गईं। खरीद-बिक्री एवं स्टॉक बैलेंस के अभिलेखों की जांच की गई, जो सही पाए गए। दोनों दुकानों में कोडीन युक्त कफ सिरप नहीं पाए गए। साथ ही, दवा एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप दवाओं के भंडारण की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।

निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता जांच के लिए दवाओं के नमूने लिए गए, जिन्हें परीक्षण हेतु सरकारी विश्लेषक के पास भेजा जाएगा।

जांच के क्रम में एक दुकान में सीसीटीवी कैमरा स्थापित पाया गया, जबकि दूसरी दुकान में सीसीटीवी नहीं होने पर उसे शीघ्र कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया। इसी प्रकार दोनों दुकानों में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध नहीं पाए गए, जिस पर आपातकालीन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल अग्निशामक यंत्र लगाने का निर्देश दिया गया।

दवा विक्रेताओं को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए जागरूकता संबंधी पोस्टर प्रदर्शित करने, केवल वैध चिकित्सकीय पर्ची के आधार पर ही दवाओं की बिक्री सुनिश्चित करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों अथवा निकटतम पुलिस थाना को देने का सख्त निर्देश दिया गया।
जिला उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार स्थित उपायुक्त प्रकोष्ठ में भूमि संरक्षण, जल छाजन एवं रूबन मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, कार्यों की गुणवत्ता तथा लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संरक्षण एवं जल छाजन से संबंधित योजनाएं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल संचयन तथा कृषि उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन योजनाओं का लाभ अधिकाधिक ग्रामीणों तक सुनिश्चित किया जाए।

रूबन मिशन के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण एवं समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली चुनौतियों एवं उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ लक्षित लाभुकों तक पहुंचाने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
*टीबी मुक्त पश्चिमी सिंहभूम के संकल्प को मिला जनसहयोग, 128 टीबी मरीजों के बीच पोषक आहार का वितरण, कई पदाधिकारी बने निक्षय मित्र*

पश्चिमी सिंहभूम जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से गति प्रदान करने की दिशा में आज सदर अस्पताल, चाईबासा परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शिवचरण हांसदा एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जगन्नाथ हेंब्रम की उपस्थिति में कुल 128 टीबी मरीजों के बीच पोषक आहार (फूड बास्केट) का वितरण किया। इनमें 27 मरीजों को प्रथम माह का तथा 101 मरीजों को तृतीय माह का फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण एवं भावनात्मक सहयोग प्रदान करने की अपील का सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिला। इस क्रम में अपर उपायुक्त श्री किस्टो कुमार बेसरा ने 10 टीबी मरीजों, तांतनगर प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री पवन आशीष लकड़ा ने 3 टीबी मरीजों, पीएम श्री 10+2 गर्ल्स हाई स्कूल, चाईबासा की प्राचार्या श्रीमती बीना कुमारी सिंह ने 2 टीबी मरीजों तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला खाता प्रबंधक ने 5 टीबी मरीजों को निक्षय मित्र के रूप में गोद लिया। इसके अतिरिक्त तांतनगर प्रखंड के दो पंचायत सचिवों द्वारा 3 टीबी मरीजों तथा जिला कल्याण कार्यालय की लेडी सुपरवाइजर एवं दो लिपिकों द्वारा कुल 4 टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार एवं पोषण सहयोग का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि टीबी केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों से समाप्त की जा सकने वाली चुनौती है। दवा के साथ-साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि उपचार के दौरान कोई भी मरीज पोषण संबंधी कठिनाई का सामना न करे। उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र पहल समाज में सेवा और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। जब प्रशासन, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, शिक्षण संस्थान, स्वयंसेवी संगठन एवं आम नागरिक इस अभियान से जुड़ते हैं, तब टीबी उन्मूलन का लक्ष्य और अधिक सशक्त होता है। उन्होंने सभी सक्षम नागरिकों, संस्थानों एवं संगठनों से निक्षय मित्र बनकर अधिक से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेने तथा उनके उपचार एवं पोषण सहयोग में सहभागी बनने की अपील की।

उपायुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं समाज के सामूहिक प्रयासों से पश्चिमी सिंहभूम को टीबी मुक्त जिला बनाने के लक्ष्य को निर्धारित समयावधि में अवश्य प्राप्त किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मरीजों को नियमित दवा सेवन, पौष्टिक भोजन, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच तथा चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
*"प्रोजेक्ट जागृति" के तहत जिलेभर में आयोजित रक्तदान शिविर में उमड़ा जनसहभागिता का उत्साह*

*500 से अधिक यूनिट रक्त संग्रहित, सामाजिक सरोकार का बना प्रेरक उदाहरण*

पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा संचालित "प्रोजेक्ट जागृति–बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के अंतर्गत शुक्रवार को जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिले के सदर अस्पताल-चाईबासा, अनुमंडल अस्पताल-चक्रधरपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोईलकेरा, झींकपानी एवं तांतनगर तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कराईकेला में आयोजित शिविरों में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों, अभियंताओं, शिक्षकों, जन वितरण प्रणाली के डीलरों, मत्स्य मित्रों, विभिन्न व्यावसायिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। जिलेभर में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से 500 से अधिक यूनिट रक्त का संग्रहण किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह संग्रहण जिले के ब्लड बैंक को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों, दुर्घटना पीड़ितों, प्रसूता महिलाओं, थैलेसीमिया एवं अन्य गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि "किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती केवल अस्पतालों और संसाधनों से नहीं, बल्कि समाज की सहभागिता से सुनिश्चित होती है। स्वैच्छिक रक्तदान ऐसा मानवीय योगदान है, जो किसी अनजान व्यक्ति को नया जीवन देने का माध्यम बनता है। 'प्रोजेक्ट जागृति' के माध्यम से जिला प्रशासन लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सशक्त बनाने का प्रयास कर रहा है। आज जिले के विभिन्न वर्गों- सरकारी कर्मियों, शिक्षकों, पीडीएस डीलरों, मत्स्य मित्रों, व्यावसायिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं एवं आम नागरिकों ने जिस उत्साह के साथ रक्तदान किया है, वह यह दर्शाता है कि पश्चिमी सिंहभूम सेवा और जनकल्याण की भावना में अग्रणी है। हमारा प्रयास है कि जिले में सुरक्षित रक्त की पर्याप्त उपलब्धता हर समय बनी रहे, ताकि किसी भी मरीज का उपचार केवल रक्त की कमी के कारण प्रभावित न हो।"

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों का आयोजन करता रहेगा, ताकि सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और किसी भी जरूरतमंद मरीज को रक्त के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी स्वैच्छिक रक्तदाताओं, सामाजिक संगठनों तथा अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विभागों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों ने बताया कि जिले में नियमित अंतराल पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे तथा अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान भी संचालित किया जाएगा।
जिला उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित किशोर स्वास्थ्य सेवाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा इनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में संचालित सभी आरकेएसके (RKSK) केंद्रों पर स्थायी साइनेज लगाया जाए, ताकि आमजन एवं किशोर-किशोरियों को केंद्रों की जानकारी सहज रूप से उपलब्ध हो सके तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक सुगम बने।

बैठक में विद्यालय आधारित किशोर स्वास्थ्य गतिविधियों को और सुदृढ़ बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी विद्यालयों में कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों में से दो बालक एवं दो बालिकाओं का चयन ‘साथिया’ (Peer Educator) के रूप में किया जाए। चयनित साथिया विद्यार्थियों के माध्यम से किशोर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य एवं जीवन कौशल जैसे विषयों पर जागरूकता गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य किशोर-किशोरियों को स्वस्थ, जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सभी गतिविधियों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्यक्रम का लाभ अधिकाधिक किशोर-किशोरियों तक पहुंच सके।

बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी चक्रधरपुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित स्वास्थ्य, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शिक्षा एवं संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
*मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 में पश्चिमी सिंहभूम के 54-जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र ने शत-प्रतिशत गणना प्रपत्र डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण कर झारखंड में बनाया दूसरा स्थान*

*पश्चिमी सिंहभूम जिला निर्वाचन कार्यालय के लिए गौरव का विषय है कि 54-जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र ने मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अंतर्गत गणना प्रपत्रों के शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण कर झारखंड का दूसरा विधानसभा क्षेत्र बनने का गौरव प्राप्त किया है। यह उपलब्धि निर्वाचन पदाधिकारियों, बूथ लेवल पदाधिकारियों, पर्यवेक्षकों तथा आम नागरिकों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।*

इस उपलब्धि पर जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी-सह-जगन्नाथपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्री अरुण उरांव ने विधानसभा क्षेत्र के सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरी टीम की प्रतिबद्धता, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का समयबद्ध एवं त्रुटिरहित डिजिटाइजेशन लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि *पश्चिमी सिंहभूम जिला निर्वाचन कार्यालय के लिए यह अत्यंत गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि 54-जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र द्वारा शत-प्रतिशत गणना प्रपत्र डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण किया जाना जिले की कार्यसंस्कृति, टीम भावना और निर्वाचन कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने इस सफलता के लिए निर्वाचन से जुड़े सभी पदाधिकारियों, कर्मियों, बीएलओ, पर्यवेक्षकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जिला निर्वाचन कार्यालय का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिकतम शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित हो सके तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक सशक्त एवं विश्वसनीय बने।*

उपायुक्त ने जिले के अन्य विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों का भी उत्साहवर्धन करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक स्तर पर गंभीरता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य सुनिश्चित किया जा रहा है।

जिला निर्वाचन कार्यालय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी पदाधिकारियों एवं जागरूक नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि पश्चिमी सिंहभूम जिला आगामी चरणों में भी निर्वाचन संबंधी सभी कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन की अपनी परंपरा को बनाए रखेगा।
जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में विकसित भारत (VB-G RAM G) एवं प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति को लेकर ऑनलाइन समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लक्ष्य की प्राप्ति एवं लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने विकसित भारत (VB-G RAM G) के अंतर्गत निबंधित एवं सक्रिय सभी श्रमिकों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा सभी रोजगार सेवक एवं मनरेगा कर्मी इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने सभी पंचायतों में अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त योजनाओं का चयन एवं स्वीकृति सुनिश्चित करने तथा संचालित योजनाओं की जियो टैगिंग समय पर पूर्ण करने का भी निर्देश दिया।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिले में आवास निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाई जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को आवास निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी एवं समीक्षा करते हुए लाभुकों को समय पर आवास पूर्ण कराने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया।

बैठक में उप विकास आयुक्त सहित सभी, कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), रोजगार सेवक, मनरेगा कर्मी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
सारंडियापोस के नाले से मिला शव, क्षेत्र में सनसनी

सोनुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत सारंडियापोस निवासी लगभग 26 वर्षीय कानूराम टोपनो का शव शुक्रवार की सुबह स्थानीय नाले से बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही सोनुआ पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची, शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल भेज दिया।
भारी बारिश से सोनुआ के डाऊ-सकोड़ा मार्ग पर पहाड़ की मिट्टी धंसने से सड़क बंद
*"जिला प्रशासन, पश्चिमी सिंहभूम के 'प्रोजेक्ट जागृति' के तहत प्रत्येक माह की 8 और 24 तारीख को रक्त दान शिविर आयोजित किए जाते हैं। रक्तदान महादान है, आइए रक्तदान करें और किसी का जीवन बचाएं।"*
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 अभियान के तहत जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने आज 52-चाईबासा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदाता सूची के अद्यतन, गणना प्रपत्रों के संकलन एवं सत्यापन, पात्र मतदाताओं के नामांकन तथा बूथ स्तर पर संचालित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों एवं बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूर्णतः त्रुटिरहित, अद्यतन एवं पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना तथा किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज नहीं होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अभियान को पूरी गंभीरता एवं गुणवत्ता के साथ संपन्न कराने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बीएलओ एवं संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि एक ही परिवार के सभी पात्र मतदाताओं का नाम यथासंभव एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्राप्त गणना प्रपत्रों का समयबद्ध सत्यापन, ए.एस.डी.डी. (ASDD) सूची का अंतिम रूप देकर उसका डिजिटाइजेशन निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, तथा विदेशी नागरिकों से संबंधित प्राप्त सूचनाओं एवं दस्तावेजों का विधिवत परीक्षण कर उन्हें संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जाए, ताकि मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनी रहे।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने आज आयोजित बीएलओ-बीएलए-2 की तृतीय बैठक एवं चुनाव पाठशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी बूथ लेवल ऑफिसरों, बूथ लेवल एजेंट-2 (बीएलए-2) एवं संबंधित अधिकारियों से अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े सभी कार्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन करने का निर्देश दिया।
जिला उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने आज प्रमंडलीय प्रशिक्षण संस्थान, पाताहातु का निरीक्षण कर संस्थान में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन के रख-रखाव, प्रशिक्षण कक्षों की स्थिति, प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षकों एवं छात्रों के आवासीय प्रबंध, शौचालयों की साफ-सफाई, बेंच-डेस्क की गुणवत्ता, प्रकाश व्यवस्था तथा पूरे परिसर की स्वच्छता का बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को संस्थान परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा भवन एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं का समुचित रख-रखाव करने का निर्देश दिया। उन्होंने परिसर को हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से अतिरिक्त पेड़-पौधे लगाने पर बल दिया। साथ ही आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण कक्षों एवं अन्य कमरों का सुदृढ़ीकरण कर उन्हें अधिक सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने कहा कि प्रशिक्षणार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए संस्थान में खेलकूद की पर्याप्त सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें प्रशिक्षण के साथ-साथ शारीरिक एवं मानसिक विकास के अवसर भी प्राप्त हो सकें। उन्होंने संस्थान में अध्ययन का बेहतर वातावरण विकसित करने के लिए पुस्तकालय लाइब्रेरी की स्थापना कराने की भी बात कही।
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने आज FCI गोदाम, पाताहातु का निरीक्षण कर गोदाम के संचालन, खाद्यान्न भंडारण, रखरखाव एवं परिवहन व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोदाम में उपलब्ध खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण, गुणवत्ता एवं संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

उपायुक्त ने गोदाम में उपलब्ध गेहूं, चावल सहित अन्य खाद्यान्न के स्टॉक की जानकारी प्राप्त की तथा अनाज के बोरों का निरीक्षण कर उनके सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से भंडारण की व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को खाद्यान्न की गुणवत्ता बनाए रखने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने गोदाम में खाद्यान्न के परिवहन तंत्र की भी समीक्षा की। उन्होंने खाद्यान्न के आवागमन, लोडिंग-अनलोडिंग की प्रक्रिया एवं समयबद्ध आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी ली। साथ ही गोदाम परिसर में स्थापित धर्मकांटा (वेट ब्रिज) का निरीक्षण कर उसकी कार्यप्रणाली, माप-तौल की शुद्धता एवं नियमित संचालन की जांच की।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए खाद्यान्न का भंडारण एवं परिवहन पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए, ताकि लाभुकों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने गोदाम परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था एवं अभिलेखों के नियमित संधारण पर भी विशेष बल दिया।
चाईबासा: नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में पश्चिमी सिंहभूम का गुदड़ी प्रखंड पूरे पूर्वी भारत में प्रथम

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले का गुदड़ी प्रखंड, जो नीति आयोग के आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल है, ने जनवरी–मार्च 2026 की डेल्टा रैंकिंग में पूरे पूर्वी भारत में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले और राज्य को गौरवान्वित किया है. यह उपलब्धि नीति आयोग द्वारा निर्धारित विकास संकेतकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ-साथ "नीति तारा" पहल के प्रभावी क्रियान्वयन का सकारात्मक परिणाम है. "नीति तारा" के माध्यम से गुदड़ी प्रखंड में स्वास्थ्य एवं पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कृषि एवं आजीविका संवर्धन, आधारभूत संरचना, वित्तीय समावेशन तथा सुशासन से जुड़े विभिन्न संकेतकों पर योजनाबद्ध एवं परिणामोन्मुख कार्य किए गए. इस पहल के अंतर्गत विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित फील्ड मॉनिटरिंग, आंकड़ा आधारित योजना निर्माण, सामुदायिक सहभागिता तथा नवाचार आधारित कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप विकास कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई.

जिला प्रशासन द्वारा आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम एवं "नीति तारा" के तहत निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की गई. प्रखंड एवं जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, सेवा वितरण में गुणवत्ता सुधार तथा पात्र लाभुकों तक योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सतत प्रयास किए. स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं, शिक्षकों एवं ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने इस सफलता को और सशक्त बनाया.

उपायुक्त मनीष कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा "गुदड़ी प्रखंड का पूरे पूर्वी भारत में प्रथम स्थान प्राप्त करना जिला प्रशासन के लिए अत्यंत गर्व का विषय है. यह उपलब्धि हमारी टीम की निरंतर मेहनत, प्रभावी मॉनिटरिंग, जनसहभागिता तथा 'नीति तारा' के सफल क्रियान्वयन का प्रतिफल है. हमारा उद्देश्य केवल रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक विकास योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण लाभ पहुंचाना है. आने वाले समय में भी नीति आयोग के सभी प्रमुख संकेतकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पश्चिमी सिंहभूम को विकास का मॉडल जिला बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाएगा."

उपायुक्त ने इस सफलता का श्रेय गुदड़ी प्रखंड के सभी पदाधिकारियों, कर्मियों, विभिन्न विभागों की टीमों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों तथा स्थानीय नागरिकों को दिया। उन्होंने कहा कि "नीति तारा" के माध्यम से प्राप्त अनुभवों एवं नवाचारों को जिले के अन्य प्रखंडों में भी विस्तार दिया जाएगा, ताकि समावेशी एवं सतत विकास के लक्ष्य को और अधिक गति मिल सके.
सोनुआ के रेंगालबेड़ा में 3.83 करोड़ की लागत से बनी सड़क पहली ही बारिश में दरकी, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल, ग्रामीणों में भारी नाराजगी
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत बूथों पर BLO - BLA2 और चुनाव पाठशाला की बैठक आयोजित

सोनुआ प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों (बूथों) पर बुधवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के तहत बैठक का आयोजन किया गया. इस दौरान मतदाता सूची के पुनरीक्षण और मतदाता जागरूकता को लेकर विस्तृत चर्चा हुई.
मतदान केंद्रों पर बीएलओ (BLO) और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों (BLA-2) के साथ तीसरी समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. इसमें मतदाता सूची को अद्यतन करने और त्रुटियों को सुधारने की दिशा में मिलकर काम करने पर बल दिया गया.
मतदाता जागरूकता बढ़ाने और नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से चुनाव पाठशाला की भी तृतीय बैठक की कार्यवाही सफलतापूर्वक संपन्न हुई.
बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया.
"माय भारत" जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित

उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला समाहरणालय सभागार में "माय भारत" जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित किए जाने वाले ‘माय भारत पोर्टल पंजीकरण अभियान’ सहित विभिन्न युवा सहभागिता एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई तथा इनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान बताया गया कि 01 जुलाई 2026 से 15 अगस्त 2026 तक 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं का माय भारत पोर्टल पर व्यापक पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक युवाओं को पोर्टल से जोड़ना तथा उन्हें विभिन्न युवा विकास कार्यक्रमों से लाभान्वित करना है। इसके लिए जिले के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा जिला स्तरीय समन्वय समिति के माध्यम से अभियान को गति देने पर विशेष बल दिया गया।

उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने सभी संबंधित विभागों एवं संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि अधिकाधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि वे राष्ट्र निर्माण एवं सामाजिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

बैठक में आगामी दिनों में आयोजित किए जाने वाले रक्तदान शिविर, पौधारोपण अभियान, सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, ऐतिहासिक स्थलों की साफ-सफाई, माय इंडिया स्पोर्ट्स कार्यक्रम, माय भारत युवा शिविर, स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन तथा जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित जनजागरूकता गतिविधियों को भी प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने इन सभी कार्यक्रमों को जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक आयोजित करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रशिक्षु आईएएस, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, जिला कौशल विकास पदाधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना , एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र संगठन, तथा अन्य संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड द्वारा निर्गत पत्र के आलोक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के सफल संचालन को लेकर आज जिला उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में उपायुक्त प्रकोष्ठी में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित किया गया। 

बैठक में उपायुक्त ने बताया कि दिनांक 22 जुलाई 2026 को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ एवं बीएलए-2 की तृतीय बैठक के साथ-साथ चुनाव पाठशाला का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान मतदाता सूची के प्रारूप एवं ASDD सूची का सत्यापन, दावे एवं आपत्तियों की समीक्षा, नए पात्र मतदाताओं का पंजीकरण, एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों के निष्पादन सहित निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित विभिन्न बिंदुओं पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उपायुक्त ने निदेशित किया कि निर्धारित तिथि को सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ एवं बीएलए-2 की उपस्थिति सुनिश्चित कर बैठक का सफल आयोजन कराया जाए। उन्होंने कहा कि बैठक की कार्यवाही का समयबद्ध संधारण एवं ECINet पोर्टल पर अपलोड सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने हेतु राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं अन्य संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।
नक्सली हिंसा से प्रभावित आश्रितों एवं अनुकंपा के आधार पर नियुक्त नव-नियुक्त कर्मियों के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन 

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में नक्सली हिंसा से प्रभावित आश्रितों एवं अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कुल 26 नव-नियुक्त कर्मियों के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर उपायुक्त ने सभी नव-नियुक्त कर्मियों को नियुक्ति के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनका परिचय प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि सभी कर्मियों की शीघ्र ही विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति की जाएगी। प्रतिनियुक्ति के उपरांत सभी कर्मी अपने-अपने वरीय पदाधिकारियों के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में कार्य करते हुए विभागीय कार्यों का समुचित ज्ञान अर्जित करें।

उपायुक्त ने कहा कि सरकारी सेवा जनसेवा का माध्यम है। प्रत्येक कर्मी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा, अनुशासन एवं संवेदनशीलता के साथ करना हैं। उन्होंने नव-नियुक्त कर्मियों को विभागीय कार्यप्रणाली, कार्यालयीन व्यवस्था, फाइल मूवमेंट, लेखा संधारण, अभिलेख प्रबंधन सहित अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन एवं व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करने का निर्देश दिया, ताकि वे भविष्य में अपने दायित्वों का प्रभावी एवं दक्षतापूर्वक निर्वहन कर सकें।

उपायुक्त ने कहा कि सीखने की निरंतर इच्छा, समयबद्ध कार्य निष्पादन तथा सकारात्मक कार्यसंस्कृति ही एक सफल एवं उत्तरदायी सरकारी कर्मी की पहचान है। उन्होंने सभी कर्मियों से अपेक्षा की कि वे शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाते हुए आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।
गोइलकेरा मंडल की विशेष बैठक में संगठन विस्तार एवं मतदाता सूची सुदृढ़ीकरण पर हुआ मंथन

मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गोइलकेरा प्रखंड के पंचायत कुईड़ा ग्राम अमराई में भारतीय जनता पार्टी की विशेष बैठक मंडल अध्यक्ष श्री रामसिंह बांहदा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, बूथ स्तर तक विस्तार तथा आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। निर्णय लिया गया कि SIR अभियान के तहत प्रत्येक बूथ पर शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाएगा तथा सभी पात्र मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। साथ ही सभी BLA को अपने-अपने बूथों पर निरंतर सक्रिय रहकर मतदाता सूची के अद्यतन एवं सत्यापन कार्य की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में मंडल समिति के विस्तार, बूथ समितियों को और अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने तथा संगठन की मजबूती के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि मजबूत संगठन और सुदृढ़ बूथ व्यवस्था ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष श्री अमरेश प्रधान, श्री उपेंद्र बहांदा सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं मंडल के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को पूरी सक्रियता और समर्पण के साथ सफल बनाने का संकल्प लिया।