*स्वच्छ एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर स्ट्रीट फूड वेंडर्स का दो दिवसीय फोस्टेक प्रशिक्षण शुरू*
पश्चिमी सिंहभूम जिले में आमजनों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा स्ट्रीट फूड कारोबार से जुड़े वेंडर्स को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के मानकों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार को दो दिवसीय फोस्टेक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सदर अस्पताल, चाईबासा स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त श्री मनीष कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी एवं खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री धनेश्वर हेम्ब्रम सहित स्ट्रीट फूड वेंडर्स उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन नेस्ले कंपनी एवं नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से किया जा रहा है। वेंडर्स को प्रभावी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि जिले में नागरिकों को स्वच्छ एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्ट्रीट फूड वेंडर्स से अपील करते हुए कहा कि खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं बिक्री के दौरान स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने खाद्य पदार्थों में नमक, चीनी एवं तेल का कम से कम इस्तेमाल करने तथा अनावश्यक रूप से फूड कलर का प्रयोग नहीं करने की अपील की। उपायुक्त ने कहा कि खाद्य पदार्थों के निर्माण में हमेशा गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित कच्ची सामग्री का ही उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
प्रशिक्षण के दौरान स्ट्रीट फूड वेंडर्स को खाद्य सुरक्षा, व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित प्रबंधन, कच्चे एवं तैयार भोजन के उचित रख-रखाव तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित तरीके से भोजन तैयार करने के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। वेंडर्स को बताया गया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता केवल उसके स्वाद से निर्धारित नहीं होती, बल्कि उसकी स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण, निर्माण प्रक्रिया और परोसने के तरीके का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान होता है।
प्रशिक्षण के दौरान सभी स्ट्रीट फूड वेंडर्स को हाइजीन किट का भी वितरण किया गया। हाइजीन किट में एप्रन, ग्लव्स, टोपी, हेयर नेट, साबुन, टॉवल तथा आवश्यक निर्देशिका शामिल थी। वेंडर्स को कारोबार के दौरान एप्रन, ग्लव्स एवं हेयर नेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि खाद्य पदार्थों को बाहरी गंदगी, धूल एवं संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके। साथ ही हाथों की नियमित सफाई, साफ-सुथरे कपड़ों का उपयोग तथा खाद्य पदार्थों को संभालते समय व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से ठेला-खोमचा संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई। उन्हें खाद्य व्यवसाय के संचालन में निर्धारित मानकों एवं नियमों का पालन करने, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए जागरूक किया गया। वेंडर्स को अपने फूड स्टॉल, कार्ट एवं ठेले की नियमित रूप से साफ-सफाई रखने तथा खाद्य पदार्थों को स्वच्छ एवं सुरक्षित स्थान पर रखने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण का खाद्य लाइसेंस अथवा पंजीकरण प्राप्त करने तथा उसे अपने प्रतिष्ठान पर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के संबंध में भी जागरूक किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान वेंडर्स को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि किसी भी परिस्थिति में एक्सपायरी, बासी अथवा सड़ी-गली खाद्य सामग्री का उपयोग या बिक्री नहीं की जाए। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं उपयोग की अवधि की नियमित जांच करने, खराब अथवा संदिग्ध सामग्री को तत्काल अलग करने तथा सुरक्षित खाद्य प्रबंधन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही वेंडर्स को खाद्य पदार्थों को ढककर रखने, साफ पानी का उपयोग करने, खाद्य निर्माण एवं परोसने वाले स्थान को स्वच्छ रखने तथा खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाले बर्तनों एवं उपकरणों की नियमित सफाई करने के संबंध में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि छोटी-छोटी स्वच्छता संबंधी सावधानियां अपनाकर खाद्य जनित बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जिला प्रशासन का उद्देश्य इस प्रशिक्षण के माध्यम से स्ट्रीट फूड वेंडर्स को केवल नियमों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता को उनके दैनिक व्यवसाय का अभिन्न हिस्सा बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से वेंडर्स में जिम्मेदार खाद्य व्यवसाय संचालन की भावना विकसित करने तथा आम लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में व्यवहारिक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने सभी स्ट्रीट फूड वेंडर्स से अपील की है कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को अपने दैनिक कारोबार में अनिवार्य रूप से लागू करें और स्वच्छता, गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन करते हुए आमजनों के लिए सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।