प्रारूप मतदाता सूची में नाम, पता एवं अन्य प्रविष्टियों की जांच कर समय पर कराएं सुधार- जिला निर्वाचन पदाधिकारी*
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पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत तदर्थ बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में वर्तमान में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत दावा-आपत्ति के निराकरण तथा आगामी अर्हता तिथि के आधार पर नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने की प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में एसआईआर के तहत प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची से संबंधित दावा एवं आपत्ति के निराकरण की प्रक्रिया संचालित है। साथ ही 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पात्र युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया भी जारी है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिले के सभी 1387 मतदान केंद्रों के पोषित क्षेत्र में ऐसे सभी पात्र युवाओं की पहचान सुनिश्चित की जाए, जो निर्धारित अर्हता तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं। किसी भी पात्र युवा का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे, इसके लिए बूथ स्तर तक विशेष रूप से सक्रियता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए प्रपत्र-6 प्राप्त किया जाए। पात्र नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार प्रपत्र-6 ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से जमा कर सकते हैं। संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, बूथ लेवल पदाधिकारी एवं निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य कर्मियों को प्राप्त प्रपत्रों की आवश्यक जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मनीष कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से संबंधित सभी गतिविधियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्राप्त प्रपत्रों का केवल औपचारिक निष्पादन नहीं, बल्कि दस्तावेजों एवं पात्रता की समुचित जांच के उपरांत नियमसंगत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता मतदाता सूची की शुद्धता एवं अद्यतन स्थिति पर निर्भर करती है। इसलिए प्रत्येक स्तर पर सावधानी, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य किया जाना आवश्यक है।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में प्रत्येक नागरिक स्वयं अपना नाम तथा अपने परिवार के सभी सदस्यों के नाम की अनिवार्य रूप से जांच करें। मतदाता यह भी सुनिश्चित करें कि उनका नाम सही मतदान केंद्र एवं सही पोषित क्षेत्र में दर्ज है। यदि एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज हैं और वे एक ही स्थान पर निवास करते हैं, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रपत्र-8 के माध्यम से आवश्यक सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है, ताकि पात्र परिवार के सदस्यों का नाम नियमानुसार एक ही मतदान केंद्र से संबंधित किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रारूप मतदाता सूची की जांच के दौरान यदि नाम, पता, आयु, फोटो, संबंध, मतदान केंद्र अथवा किसी अन्य प्रविष्टि में किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति पाई जाती है, तो निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से समय रहते उसमें सुधार कराया जा सकता है। उन्होंने जिले के सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि वे अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की प्रतीक्षा न करें, बल्कि वर्तमान प्रारूप सूची का अवलोकन कर किसी भी त्रुटि अथवा आपत्ति की स्थिति में निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक दावा या आपत्ति प्रस्तुत करें।
उपायुक्त ने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदाता सूची से संबंधित प्राप्त आवेदनों एवं दावा-आपत्तियों का नियमानुसार सत्यापन कर निष्पादन किया जाए। साथ ही बूथ स्तर पर कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्र में पात्र नए मतदाताओं, विशेषकर 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया कि कोई भी पात्र नागरिक तकनीकी अथवा जानकारी के अभाव में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।
बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के निर्धारित लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी तथा सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी प्राप्त प्रपत्रों, दावा-आपत्तियों एवं अन्य निर्वाचन संबंधी आवेदनों का नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर उपायुक्त श्री किस्टो कुमार बेसरा, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री बंधन लांग, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी श्री जयप्रकाश नारायण सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे। वहीं जिले के सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, अतिरिक्त निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, बूथ लेवल पदाधिकारी, बूथ सुपरवाइजर तथा निर्वाचन कार्य से जुड़े ऑपरेटरों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।