शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता एवं अनुशासन को लेकर उपायुक्त ने दिए स्पष्ट निर्देश
पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री प्रवीण कुमार सहित शिक्षा विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी बीआरपी एवं सीआरपी ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया। बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन योजना सहित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित एवं समयबद्ध उपस्थिति को विशेष रूप से गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया कि सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति सीधे तौर पर शिक्षण व्यवस्था की गुणवत्ता से जुड़ी है। किसी भी स्तर पर अनियमितता अथवा लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बीआरपी, सीआरपी एवं संबंधित पदाधिकारियों को विद्यालयों का नियमित अनुश्रवण करते हुए वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करने का भी निर्देश दिया।
उपायुक्त ने विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर भी स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति में गिरावट नहीं आनी चाहिए। विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के कारणों की जानकारी लेते हुए आवश्यक स्तर पर अभिभावकों से समन्वय स्थापित कर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की नियमित उपस्थिति केवल विद्यालय आने तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह उनके शैक्षणिक विकास एवं सीखने के परिणामों से सीधे जुड़ा हुआ है। इसलिए विद्यालय स्तर से लेकर प्रखंड एवं जिला स्तर तक इसकी सतत निगरानी आवश्यक है।
बैठक में मध्याह्न भोजन योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का संचालन निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप कुशलतापूर्वक सुनिश्चित किया जाए। बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो, इसकी नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय कर्मियों को विद्यालयों का निरीक्षण कर मध्याह्न भोजन के संचालन, स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता तथा बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को मतदाता जागरूकता एवं मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्य में विद्यालयों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में अध्ययनरत ऐसे सभी छात्र-छात्राओं की पहचान की जाए, जो 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं अथवा 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले हैं। ऐसे सभी योग्य विद्यार्थियों का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए विद्यालय स्तर पर विशेष पहल की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी पात्र विद्यार्थी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि विद्यालय लोकतांत्रिक जागरूकता के निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इसलिए योग्य विद्यार्थियों को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया, पात्रता एवं आवश्यक प्रक्रिया के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराते हुए उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए संबंधित पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने इस कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा पात्र विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में छात्राओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में अध्ययनरत सभी पात्र छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र छात्राओं की पहचान कर उनके आवेदन एवं योजना से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए, ताकि किसी भी योग्य छात्रा को योजना के लाभ से वंचित न होना पड़े। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को विद्यालय स्तर पर योजना की जानकारी पहुंचाने तथा पात्र लाभुकों के आवेदन की स्थिति की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा उपायुक्त ने वर्तमान में संचालित उन्नति का पहिया साइकिल वितरण योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि योजना के तहत निर्धारित पात्र विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को लाभुक विद्यार्थियों की सूची, वितरण की स्थिति एवं लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग से संबंधित सभी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल लक्ष्य प्राप्त करना नहीं, बल्कि उसका वास्तविक लाभ विद्यालयों एवं विद्यार्थियों तक पहुंचाना है। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग, समस्याओं का त्वरित समाधान तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने बीआरपी एवं सीआरपी को क्षेत्र भ्रमण के दौरान विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, योग्य विद्यार्थियों के मतदाता पंजीकरण, पात्र छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ तथा उन्नति का पहिया साइकिल वितरण योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने पर जोर दिया।