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News in Sonua

सोनुआ बावुडा रथ यात्रा 2026

सोनुआ बावुडा रथ यात्रा 2026

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 25, 2026

जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनीं आमजन की समस्याएं, विभिन्न मामलों के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में जिला दण्डाधिकारी -सह- उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में नियमित जनता दरबार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं जनसुविधाओं से संबंधित समस्याओं एवं मांगों को आवेदन के माध्यम से उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया। जनता दरबार में भूमि बंदोबस्ती, लीज बंदोबस्त, मंईयां सम्मान योजना के लाभ से संबंधित विषय, सेवा पुस्तिका में आवश्यक संशोधन, पारिवारिक सूची में नाम जोड़ने एवं त्रुटि सुधार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आवास योजनाओं, सड़क निर्माण एवं मरम्मत सहित अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। 

उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने जनता दरबार में प्राप्त सभी आवेदनों का एक-एक कर अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामलों की प्रकृति के अनुरूप शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिन मामलों का समाधान तत्काल संभव रहा, उनका मौके पर ही निष्पादन कराया गया, जबकि शेष मामलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश के साथ संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जनता दरबार प्रशासन और आमजन के बीच प्रत्यक्ष संवाद का प्रभावी माध्यम है, जिसके माध्यम से नागरिक बिना किसी मध्यस्थता के अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई करते हुए आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनीं आमजन की समस्याएं, विभिन्न मामलों के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में जिला दण्डाधिकारी -सह- उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में नियमित जनता दरबार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं जनसुविधाओं से संबंधित समस्याओं एवं मांगों को आवेदन के माध्यम से उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया। जनता दरबार में भूमि बंदोबस्ती, लीज बंदोबस्त, मंईयां सम्मान योजना के लाभ से संबंधित विषय, सेवा पुस्तिका में आवश्यक संशोधन, पारिवारिक सूची में नाम जोड़ने एवं त्रुटि सुधार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आवास योजनाओं, सड़क निर्माण एवं मरम्मत सहित अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने जनता दरबार में प्राप्त सभी आवेदनों का एक-एक कर अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामलों की प्रकृति के अनुरूप शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिन मामलों का समाधान तत्काल संभव रहा, उनका मौके पर ही निष्पादन कराया गया, जबकि शेष मामलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश के साथ संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जनता दरबार प्रशासन और आमजन के बीच प्रत्यक्ष संवाद का प्रभावी माध्यम है, जिसके माध्यम से नागरिक बिना किसी मध्यस्थता के अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई करते हुए आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 24, 2026

रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवा, स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणास्रोत : उपायुक्त

पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा संचालित "प्रोजेक्ट जागृति– बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के अंतर्गत जिले में सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वैच्छिक रक्तदान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से सदर अस्पताल, चाईबासा स्थित एमटीसी केंद्र एवं तांतनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित रक्तदान शिविर का जिला दंडाधिकारी -सह- उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने रक्तदान शिविर की संपूर्ण व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए रक्त संग्रहण, पंजीकरण, चिकित्सकीय परीक्षण, रक्तदाताओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्तदान उपरांत उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को रक्तदान शिविर के संचालन में निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर उपायुक्त ने रक्तदान कर रहे स्वैच्छिक रक्तदाताओं से आत्मीय संवाद किया तथा उनके अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने रक्तदाताओं के इस मानवीय एवं समाजोपयोगी योगदान की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान ऐसा महादान है, जिसका कोई विकल्प नहीं है। किसी गंभीर रूप से बीमार मरीज, दुर्घटना में घायल व्यक्ति, प्रसूता माता अथवा थैलेसीमिया जैसे रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए समय पर उपलब्ध रक्त जीवनदान सिद्ध होता है। ऐसे में प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को नियमित अंतराल पर स्वेच्छा से रक्तदान करने का संकल्प लेना चाहिए। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन "प्रोजेक्ट जागृति – बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ जनभागीदारी आधारित स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों का सफल संचालन कर रहा है। रक्तदान शिविर इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जिले में सुरक्षित रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है।

रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों का उत्साहवर्धन करते हुए उपायुक्त ने जिला प्रशासन की ओर से उन्हें प्रशस्ति पत्र, विशेष टी-शर्ट एवं स्मृति स्वरूप कॉफी मग प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदाता समाज के वास्तविक नायक हैं, जिनकी निस्वार्थ सेवा दूसरों के जीवन में नई आशा का संचार करती है। उनके इस योगदान से अन्य लोग भी प्रेरित होकर रक्तदान के लिए आगे आएंगे। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी प्रखंडों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, स्वयंसेवी संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से नियमित अंतराल पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं। साथ ही युवाओं एवं आम नागरिकों को रक्तदान के महत्व, उसके वैज्ञानिक तथ्यों एवं सामाजिक उपयोगिता के संबंध में व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए, ताकि जिले में किसी भी मरीज को रक्त के अभाव का सामना न करना पड़े।

रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवा, स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणास्रोत : उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा संचालित "प्रोजेक्ट जागृति– बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के अंतर्गत जिले में सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वैच्छिक रक्तदान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से सदर अस्पताल, चाईबासा स्थित एमटीसी केंद्र एवं तांतनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित रक्तदान शिविर का जिला दंडाधिकारी -सह- उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने रक्तदान शिविर की संपूर्ण व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए रक्त संग्रहण, पंजीकरण, चिकित्सकीय परीक्षण, रक्तदाताओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्तदान उपरांत उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को रक्तदान शिविर के संचालन में निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर उपायुक्त ने रक्तदान कर रहे स्वैच्छिक रक्तदाताओं से आत्मीय संवाद किया तथा उनके अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने रक्तदाताओं के इस मानवीय एवं समाजोपयोगी योगदान की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान ऐसा महादान है, जिसका कोई विकल्प नहीं है। किसी गंभीर रूप से बीमार मरीज, दुर्घटना में घायल व्यक्ति, प्रसूता माता अथवा थैलेसीमिया जैसे रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए समय पर उपलब्ध रक्त जीवनदान सिद्ध होता है। ऐसे में प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को नियमित अंतराल पर स्वेच्छा से रक्तदान करने का संकल्प लेना चाहिए। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन "प्रोजेक्ट जागृति – बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ जनभागीदारी आधारित स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों का सफल संचालन कर रहा है। रक्तदान शिविर इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जिले में सुरक्षित रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है। रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों का उत्साहवर्धन करते हुए उपायुक्त ने जिला प्रशासन की ओर से उन्हें प्रशस्ति पत्र, विशेष टी-शर्ट एवं स्मृति स्वरूप कॉफी मग प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदाता समाज के वास्तविक नायक हैं, जिनकी निस्वार्थ सेवा दूसरों के जीवन में नई आशा का संचार करती है। उनके इस योगदान से अन्य लोग भी प्रेरित होकर रक्तदान के लिए आगे आएंगे। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी प्रखंडों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, स्वयंसेवी संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से नियमित अंतराल पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं। साथ ही युवाओं एवं आम नागरिकों को रक्तदान के महत्व, उसके वैज्ञानिक तथ्यों एवं सामाजिक उपयोगिता के संबंध में व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए, ताकि जिले में किसी भी मरीज को रक्त के अभाव का सामना न करना पड़े।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 24, 2026

पश्चिमी सिंहभूम के कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में कुल 306 लाभुकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकता के अनुरूप निःशुल्क आयुष औषधियों का वितरण किया गया।

शिविरों के दौरान मधुमेह (डायबिटीज) एवं उच्च रक्तचाप की जांच की गई। इसके अलावा गठिया, वात रोग, बुखार, सर्दी-खांसी, त्वचा रोग, नस संबंधी समस्याएं, पेट संबंधी रोग सहित विभिन्न सामान्य एवं दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं आयुष औषधियां उपलब्ध कराई गईं।

लगातार हो रही वर्षा के बावजूद सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों डॉ. सूर्या भूषण, डॉ. निशा, डॉ. मैनुद्दीन, डॉ. दीपक, डॉ. सुशील, डॉ. कविता, डॉ. राधिका, डॉ. आशिक एवं डॉ. टिम्मा की सेवाओं की सराहना की गई।

स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन खुटपानी प्रखंड के भोया एवं पुरनिया, जगन्नाथपुर प्रखंड के शिव मंदिर टोला, चक्रधरपुर प्रखंड के सुरुबूरा, सोनुआ प्रखंड के भालूरूंगी, गुदड़ी प्रखंड के गाईलकेरा पंचायत, मनोहरपुर प्रखंड के गोपीपुर, सदर चाईबासा प्रखंड के आचु तथा नोवामुंडी प्रखंड के प्लॉटसाई सहित विभिन्न गांवों एवं टोलों में किया गया।

शिविरों के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सर्पदंश एवं विषैले कीड़ों के काटने से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए बताया गया कि ऐसी स्थिति में झाड़-फूंक में समय न गंवाकर तत्काल मरीज को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल ले जाकर उपचार कराएं। लोगों को घर से बाहर निकलते समय चप्पल या जूते पहनने तथा जमीन के बजाय खाट, चारपाई या पलंग पर सोने की भी सलाह दी गई।

इसके अलावा मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं आसपास की साफ-सफाई बनाए रखने के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर अपने गांव की सहिया से संपर्क करें तथा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में समय पर जांच एवं उपचार अवश्य कराएं।

आयुष विभाग ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, नियमित स्वास्थ्य जांच कराकर तथा चिकित्सकीय परामर्श का पालन करके अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। विभाग द्वारा भविष्य में भी ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की जनसेवा निरंतर जारी रहेगी।

पश्चिमी सिंहभूम के कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में कुल 306 लाभुकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकता के अनुरूप निःशुल्क आयुष औषधियों का वितरण किया गया। शिविरों के दौरान मधुमेह (डायबिटीज) एवं उच्च रक्तचाप की जांच की गई। इसके अलावा गठिया, वात रोग, बुखार, सर्दी-खांसी, त्वचा रोग, नस संबंधी समस्याएं, पेट संबंधी रोग सहित विभिन्न सामान्य एवं दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं आयुष औषधियां उपलब्ध कराई गईं। लगातार हो रही वर्षा के बावजूद सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों डॉ. सूर्या भूषण, डॉ. निशा, डॉ. मैनुद्दीन, डॉ. दीपक, डॉ. सुशील, डॉ. कविता, डॉ. राधिका, डॉ. आशिक एवं डॉ. टिम्मा की सेवाओं की सराहना की गई। स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन खुटपानी प्रखंड के भोया एवं पुरनिया, जगन्नाथपुर प्रखंड के शिव मंदिर टोला, चक्रधरपुर प्रखंड के सुरुबूरा, सोनुआ प्रखंड के भालूरूंगी, गुदड़ी प्रखंड के गाईलकेरा पंचायत, मनोहरपुर प्रखंड के गोपीपुर, सदर चाईबासा प्रखंड के आचु तथा नोवामुंडी प्रखंड के प्लॉटसाई सहित विभिन्न गांवों एवं टोलों में किया गया। शिविरों के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सर्पदंश एवं विषैले कीड़ों के काटने से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए बताया गया कि ऐसी स्थिति में झाड़-फूंक में समय न गंवाकर तत्काल मरीज को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल ले जाकर उपचार कराएं। लोगों को घर से बाहर निकलते समय चप्पल या जूते पहनने तथा जमीन के बजाय खाट, चारपाई या पलंग पर सोने की भी सलाह दी गई। इसके अलावा मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं आसपास की साफ-सफाई बनाए रखने के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर अपने गांव की सहिया से संपर्क करें तथा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में समय पर जांच एवं उपचार अवश्य कराएं। आयुष विभाग ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, नियमित स्वास्थ्य जांच कराकर तथा चिकित्सकीय परामर्श का पालन करके अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। विभाग द्वारा भविष्य में भी ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की जनसेवा निरंतर जारी रहेगी।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 24, 2026

ड्रग इंस्पेक्टर के द्वारा सदर चाईबासा क्षेत्र स्थित एक थोक एवं एक खुदरा दवा दुकान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की उपलब्धता, भंडारण व्यवस्था एवं अभिलेखों की जांच करना था।

निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों में न्यूरोलॉजिकल विकार से संबंधित दवाएं पाई गईं। खरीद-बिक्री एवं स्टॉक बैलेंस के अभिलेखों की जांच की गई, जो सही पाए गए। दोनों दुकानों में कोडीन युक्त कफ सिरप नहीं पाए गए। साथ ही, दवा एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप दवाओं के भंडारण की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।

निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता जांच के लिए दवाओं के नमूने लिए गए, जिन्हें परीक्षण हेतु सरकारी विश्लेषक के पास भेजा जाएगा।

जांच के क्रम में एक दुकान में सीसीटीवी कैमरा स्थापित पाया गया, जबकि दूसरी दुकान में सीसीटीवी नहीं होने पर उसे शीघ्र कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया। इसी प्रकार दोनों दुकानों में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध नहीं पाए गए, जिस पर आपातकालीन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल अग्निशामक यंत्र लगाने का निर्देश दिया गया।

दवा विक्रेताओं को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए जागरूकता संबंधी पोस्टर प्रदर्शित करने, केवल वैध चिकित्सकीय पर्ची के आधार पर ही दवाओं की बिक्री सुनिश्चित करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों अथवा निकटतम पुलिस थाना को देने का सख्त निर्देश दिया गया।

ड्रग इंस्पेक्टर के द्वारा सदर चाईबासा क्षेत्र स्थित एक थोक एवं एक खुदरा दवा दुकान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की उपलब्धता, भंडारण व्यवस्था एवं अभिलेखों की जांच करना था। निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों में न्यूरोलॉजिकल विकार से संबंधित दवाएं पाई गईं। खरीद-बिक्री एवं स्टॉक बैलेंस के अभिलेखों की जांच की गई, जो सही पाए गए। दोनों दुकानों में कोडीन युक्त कफ सिरप नहीं पाए गए। साथ ही, दवा एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप दवाओं के भंडारण की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता जांच के लिए दवाओं के नमूने लिए गए, जिन्हें परीक्षण हेतु सरकारी विश्लेषक के पास भेजा जाएगा। जांच के क्रम में एक दुकान में सीसीटीवी कैमरा स्थापित पाया गया, जबकि दूसरी दुकान में सीसीटीवी नहीं होने पर उसे शीघ्र कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया। इसी प्रकार दोनों दुकानों में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध नहीं पाए गए, जिस पर आपातकालीन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल अग्निशामक यंत्र लगाने का निर्देश दिया गया। दवा विक्रेताओं को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए जागरूकता संबंधी पोस्टर प्रदर्शित करने, केवल वैध चिकित्सकीय पर्ची के आधार पर ही दवाओं की बिक्री सुनिश्चित करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों अथवा निकटतम पुलिस थाना को देने का सख्त निर्देश दिया गया।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 24, 2026

जिला उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार स्थित उपायुक्त प्रकोष्ठ में भूमि संरक्षण, जल छाजन एवं रूबन मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, कार्यों की गुणवत्ता तथा लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संरक्षण एवं जल छाजन से संबंधित योजनाएं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल संचयन तथा कृषि उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन योजनाओं का लाभ अधिकाधिक ग्रामीणों तक सुनिश्चित किया जाए।

रूबन मिशन के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण एवं समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली चुनौतियों एवं उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ लक्षित लाभुकों तक पहुंचाने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिला उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार स्थित उपायुक्त प्रकोष्ठ में भूमि संरक्षण, जल छाजन एवं रूबन मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, कार्यों की गुणवत्ता तथा लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि संरक्षण एवं जल छाजन से संबंधित योजनाएं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल संचयन तथा कृषि उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन योजनाओं का लाभ अधिकाधिक ग्रामीणों तक सुनिश्चित किया जाए। रूबन मिशन के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण एवं समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली चुनौतियों एवं उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ लक्षित लाभुकों तक पहुंचाने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 24, 2026

*टीबी मुक्त पश्चिमी सिंहभूम के संकल्प को मिला जनसहयोग, 128 टीबी मरीजों के बीच पोषक आहार का वितरण, कई पदाधिकारी बने निक्षय मित्र*

पश्चिमी सिंहभूम जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से गति प्रदान करने की दिशा में आज सदर अस्पताल, चाईबासा परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शिवचरण हांसदा एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जगन्नाथ हेंब्रम की उपस्थिति में कुल 128 टीबी मरीजों के बीच पोषक आहार (फूड बास्केट) का वितरण किया। इनमें 27 मरीजों को प्रथम माह का तथा 101 मरीजों को तृतीय माह का फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण एवं भावनात्मक सहयोग प्रदान करने की अपील का सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिला। इस क्रम में अपर उपायुक्त श्री किस्टो कुमार बेसरा ने 10 टीबी मरीजों, तांतनगर प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री पवन आशीष लकड़ा ने 3 टीबी मरीजों, पीएम श्री 10+2 गर्ल्स हाई स्कूल, चाईबासा की प्राचार्या श्रीमती बीना कुमारी सिंह ने 2 टीबी मरीजों तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला खाता प्रबंधक ने 5 टीबी मरीजों को निक्षय मित्र के रूप में गोद लिया। इसके अतिरिक्त तांतनगर प्रखंड के दो पंचायत सचिवों द्वारा 3 टीबी मरीजों तथा जिला कल्याण कार्यालय की लेडी सुपरवाइजर एवं दो लिपिकों द्वारा कुल 4 टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार एवं पोषण सहयोग का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि टीबी केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों से समाप्त की जा सकने वाली चुनौती है। दवा के साथ-साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि उपचार के दौरान कोई भी मरीज पोषण संबंधी कठिनाई का सामना न करे। उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र पहल समाज में सेवा और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। जब प्रशासन, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, शिक्षण संस्थान, स्वयंसेवी संगठन एवं आम नागरिक इस अभियान से जुड़ते हैं, तब टीबी उन्मूलन का लक्ष्य और अधिक सशक्त होता है। उन्होंने सभी सक्षम नागरिकों, संस्थानों एवं संगठनों से निक्षय मित्र बनकर अधिक से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेने तथा उनके उपचार एवं पोषण सहयोग में सहभागी बनने की अपील की।

उपायुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं समाज के सामूहिक प्रयासों से पश्चिमी सिंहभूम को टीबी मुक्त जिला बनाने के लक्ष्य को निर्धारित समयावधि में अवश्य प्राप्त किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मरीजों को नियमित दवा सेवन, पौष्टिक भोजन, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच तथा चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

*टीबी मुक्त पश्चिमी सिंहभूम के संकल्प को मिला जनसहयोग, 128 टीबी मरीजों के बीच पोषक आहार का वितरण, कई पदाधिकारी बने निक्षय मित्र* पश्चिमी सिंहभूम जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से गति प्रदान करने की दिशा में आज सदर अस्पताल, चाईबासा परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शिवचरण हांसदा एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जगन्नाथ हेंब्रम की उपस्थिति में कुल 128 टीबी मरीजों के बीच पोषक आहार (फूड बास्केट) का वितरण किया। इनमें 27 मरीजों को प्रथम माह का तथा 101 मरीजों को तृतीय माह का फूड बास्केट उपलब्ध कराया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण एवं भावनात्मक सहयोग प्रदान करने की अपील का सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिला। इस क्रम में अपर उपायुक्त श्री किस्टो कुमार बेसरा ने 10 टीबी मरीजों, तांतनगर प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री पवन आशीष लकड़ा ने 3 टीबी मरीजों, पीएम श्री 10+2 गर्ल्स हाई स्कूल, चाईबासा की प्राचार्या श्रीमती बीना कुमारी सिंह ने 2 टीबी मरीजों तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला खाता प्रबंधक ने 5 टीबी मरीजों को निक्षय मित्र के रूप में गोद लिया। इसके अतिरिक्त तांतनगर प्रखंड के दो पंचायत सचिवों द्वारा 3 टीबी मरीजों तथा जिला कल्याण कार्यालय की लेडी सुपरवाइजर एवं दो लिपिकों द्वारा कुल 4 टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार एवं पोषण सहयोग का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि टीबी केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों से समाप्त की जा सकने वाली चुनौती है। दवा के साथ-साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि उपचार के दौरान कोई भी मरीज पोषण संबंधी कठिनाई का सामना न करे। उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र पहल समाज में सेवा और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। जब प्रशासन, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, शिक्षण संस्थान, स्वयंसेवी संगठन एवं आम नागरिक इस अभियान से जुड़ते हैं, तब टीबी उन्मूलन का लक्ष्य और अधिक सशक्त होता है। उन्होंने सभी सक्षम नागरिकों, संस्थानों एवं संगठनों से निक्षय मित्र बनकर अधिक से अधिक टीबी मरीजों को गोद लेने तथा उनके उपचार एवं पोषण सहयोग में सहभागी बनने की अपील की। उपायुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं समाज के सामूहिक प्रयासों से पश्चिमी सिंहभूम को टीबी मुक्त जिला बनाने के लक्ष्य को निर्धारित समयावधि में अवश्य प्राप्त किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मरीजों को नियमित दवा सेवन, पौष्टिक भोजन, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच तथा चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 24, 2026

*"प्रोजेक्ट जागृति" के तहत जिलेभर में आयोजित रक्तदान शिविर में उमड़ा जनसहभागिता का उत्साह*

*500 से अधिक यूनिट रक्त संग्रहित, सामाजिक सरोकार का बना प्रेरक उदाहरण*

पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा संचालित "प्रोजेक्ट जागृति–बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के अंतर्गत शुक्रवार को जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिले के सदर अस्पताल-चाईबासा, अनुमंडल अस्पताल-चक्रधरपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोईलकेरा, झींकपानी एवं तांतनगर तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कराईकेला में आयोजित शिविरों में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों, अभियंताओं, शिक्षकों, जन वितरण प्रणाली के डीलरों, मत्स्य मित्रों, विभिन्न व्यावसायिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। जिलेभर में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से 500 से अधिक यूनिट रक्त का संग्रहण किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह संग्रहण जिले के ब्लड बैंक को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों, दुर्घटना पीड़ितों, प्रसूता महिलाओं, थैलेसीमिया एवं अन्य गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि "किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती केवल अस्पतालों और संसाधनों से नहीं, बल्कि समाज की सहभागिता से सुनिश्चित होती है। स्वैच्छिक रक्तदान ऐसा मानवीय योगदान है, जो किसी अनजान व्यक्ति को नया जीवन देने का माध्यम बनता है। 'प्रोजेक्ट जागृति' के माध्यम से जिला प्रशासन लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सशक्त बनाने का प्रयास कर रहा है। आज जिले के विभिन्न वर्गों- सरकारी कर्मियों, शिक्षकों, पीडीएस डीलरों, मत्स्य मित्रों, व्यावसायिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं एवं आम नागरिकों ने जिस उत्साह के साथ रक्तदान किया है, वह यह दर्शाता है कि पश्चिमी सिंहभूम सेवा और जनकल्याण की भावना में अग्रणी है। हमारा प्रयास है कि जिले में सुरक्षित रक्त की पर्याप्त उपलब्धता हर समय बनी रहे, ताकि किसी भी मरीज का उपचार केवल रक्त की कमी के कारण प्रभावित न हो।"

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों का आयोजन करता रहेगा, ताकि सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और किसी भी जरूरतमंद मरीज को रक्त के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी स्वैच्छिक रक्तदाताओं, सामाजिक संगठनों तथा अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विभागों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों ने बताया कि जिले में नियमित अंतराल पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे तथा अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान भी संचालित किया जाएगा।

*"प्रोजेक्ट जागृति" के तहत जिलेभर में आयोजित रक्तदान शिविर में उमड़ा जनसहभागिता का उत्साह* *500 से अधिक यूनिट रक्त संग्रहित, सामाजिक सरोकार का बना प्रेरक उदाहरण* पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा संचालित "प्रोजेक्ट जागृति–बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के अंतर्गत शुक्रवार को जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिले के सदर अस्पताल-चाईबासा, अनुमंडल अस्पताल-चक्रधरपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोईलकेरा, झींकपानी एवं तांतनगर तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कराईकेला में आयोजित शिविरों में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों, अभियंताओं, शिक्षकों, जन वितरण प्रणाली के डीलरों, मत्स्य मित्रों, विभिन्न व्यावसायिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। जिलेभर में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से 500 से अधिक यूनिट रक्त का संग्रहण किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह संग्रहण जिले के ब्लड बैंक को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों, दुर्घटना पीड़ितों, प्रसूता महिलाओं, थैलेसीमिया एवं अन्य गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि "किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती केवल अस्पतालों और संसाधनों से नहीं, बल्कि समाज की सहभागिता से सुनिश्चित होती है। स्वैच्छिक रक्तदान ऐसा मानवीय योगदान है, जो किसी अनजान व्यक्ति को नया जीवन देने का माध्यम बनता है। 'प्रोजेक्ट जागृति' के माध्यम से जिला प्रशासन लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सशक्त बनाने का प्रयास कर रहा है। आज जिले के विभिन्न वर्गों- सरकारी कर्मियों, शिक्षकों, पीडीएस डीलरों, मत्स्य मित्रों, व्यावसायिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं एवं आम नागरिकों ने जिस उत्साह के साथ रक्तदान किया है, वह यह दर्शाता है कि पश्चिमी सिंहभूम सेवा और जनकल्याण की भावना में अग्रणी है। हमारा प्रयास है कि जिले में सुरक्षित रक्त की पर्याप्त उपलब्धता हर समय बनी रहे, ताकि किसी भी मरीज का उपचार केवल रक्त की कमी के कारण प्रभावित न हो।" उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों का आयोजन करता रहेगा, ताकि सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और किसी भी जरूरतमंद मरीज को रक्त के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी स्वैच्छिक रक्तदाताओं, सामाजिक संगठनों तथा अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विभागों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों ने बताया कि जिले में नियमित अंतराल पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे तथा अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान भी संचालित किया जाएगा।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 24, 2026

जिला उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित किशोर स्वास्थ्य सेवाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा इनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में संचालित सभी आरकेएसके (RKSK) केंद्रों पर स्थायी साइनेज लगाया जाए, ताकि आमजन एवं किशोर-किशोरियों को केंद्रों की जानकारी सहज रूप से उपलब्ध हो सके तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक सुगम बने।

बैठक में विद्यालय आधारित किशोर स्वास्थ्य गतिविधियों को और सुदृढ़ बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी विद्यालयों में कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों में से दो बालक एवं दो बालिकाओं का चयन ‘साथिया’ (Peer Educator) के रूप में किया जाए। चयनित साथिया विद्यार्थियों के माध्यम से किशोर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य एवं जीवन कौशल जैसे विषयों पर जागरूकता गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य किशोर-किशोरियों को स्वस्थ, जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सभी गतिविधियों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्यक्रम का लाभ अधिकाधिक किशोर-किशोरियों तक पहुंच सके।

बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी चक्रधरपुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित स्वास्थ्य, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शिक्षा एवं संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

जिला उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित किशोर स्वास्थ्य सेवाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा इनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में संचालित सभी आरकेएसके (RKSK) केंद्रों पर स्थायी साइनेज लगाया जाए, ताकि आमजन एवं किशोर-किशोरियों को केंद्रों की जानकारी सहज रूप से उपलब्ध हो सके तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक सुगम बने। बैठक में विद्यालय आधारित किशोर स्वास्थ्य गतिविधियों को और सुदृढ़ बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी विद्यालयों में कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों में से दो बालक एवं दो बालिकाओं का चयन ‘साथिया’ (Peer Educator) के रूप में किया जाए। चयनित साथिया विद्यार्थियों के माध्यम से किशोर स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य एवं जीवन कौशल जैसे विषयों पर जागरूकता गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य किशोर-किशोरियों को स्वस्थ, जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सभी गतिविधियों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्यक्रम का लाभ अधिकाधिक किशोर-किशोरियों तक पहुंच सके। बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी चक्रधरपुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित स्वास्थ्य, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शिक्षा एवं संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 24, 2026