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News in Sonua

*हिट एंड रन मामलों में पीड़ितों एवं आश्रितों को समयबद्ध मुआवजा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : उपायुक्त*

पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला अंतर्गत हिट एंड रन मामलों की समीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार सहित अन्य संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, जिले के सभी अंचल अधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े और अपने-अपने क्षेत्राधिकार के लंबित एवं प्रगति पर चल रहे मामलों की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा हिट एंड रन मामलों से संबंधित दावों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बताया गया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में अब तक कुल 75 हिट एंड रन मामलों में पीड़ितों अथवा मृतकों के आश्रितों को कुल ₹1 करोड़ 45 लाख 50 हजार की मुआवजा राशि का सफलतापूर्वक भुगतान किया जा चुका है।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि 50 अन्य मामलों में प्राप्त आवेदनों की अंचल एवं अनुमंडल स्तर पर आवश्यक जांच, सत्यापन एवं अनुशंसा की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत जिला स्तर से जनरल इंश्योरेंस काउंसिल को अग्रसारित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त हाल ही में प्राप्त 32 नए आवेदनों की बैठक में क्रमवार समीक्षा करते हुए प्रत्येक मामले में उपलब्ध अभिलेखों, जांच प्रतिवेदन एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की स्थिति का विस्तार से अवलोकन किया गया।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी संबंधित अंचल अधिकारियों एवं संलग्न पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों में आवश्यक दस्तावेज या जांच प्रतिवेदन लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि पात्र मामलों को बिना विलंब के जिला स्तर से सक्षम प्राधिकार के पास अग्रसारित किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र पीड़ित अथवा मृतक के आश्रित को मुआवजा प्राप्त करने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में हिट एंड रन की घटनाएं अत्यंत संवेदनशील होती हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अंचल अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस प्रशासन एवं जिला परिवहन कार्यालय आपसी समन्वय स्थापित कर दावों के सत्यापन, दस्तावेजों के संकलन एवं अग्रसारण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाएं, ताकि पात्र लाभुकों को शीघ्र राहत मिल सके।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आम नागरिकों को हिट एंड रन मुआवजा योजना के संबंध में व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए, ताकि दुर्घटना से प्रभावित परिवार निर्धारित समयावधि के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

*हिट एंड रन मामलों में आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज*

- फॉर्म-1 (आवेदक के हस्ताक्षर सहित)
- फॉर्म-2 (दावा जांच अधिकारी/अनुमंडल पदाधिकारी के हस्ताक्षर सहित)
- फॉर्म-3 (दावा निपटारा अधिकारी/जिला दंडाधिकारी के हस्ताक्षर सहित)
- फॉर्म-4 (आवेदक के हस्ताक्षर सहित प्रतिदाय के लिए वचनबंध)
- मृत्यु प्रमाण पत्र (मृत्यु के मामलों में)
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा मेडिकल रिपोर्ट
- मृतक/घायल का आधार कार्ड
- आवेदक का आधार कार्ड
- आवेदक के बैंक खाते की पासबुक की प्रति
- संबंधित थाना की प्राथमिकी (एफआईआर) की प्रति

*मुआवजा का प्रावधान*

- मृतक के आश्रितों को ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) की अनुग्रह सहायता प्रदान की जाती है।
- गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को ₹50,000 (पचास हजार रुपये) की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है।

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके परिवार अथवा परिचित किसी हिट एंड रन दुर्घटना से प्रभावित हुए हैं, तो निर्धारित दस्तावेजों के साथ संबंधित अंचल कार्यालय अथवा जिला परिवहन कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करें। जिला प्रशासन पात्र लाभुकों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध एवं सतत क्रियाशील है।

*हिट एंड रन मामलों में पीड़ितों एवं आश्रितों को समयबद्ध मुआवजा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : उपायुक्त* पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला अंतर्गत हिट एंड रन मामलों की समीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार सहित अन्य संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, जिले के सभी अंचल अधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े और अपने-अपने क्षेत्राधिकार के लंबित एवं प्रगति पर चल रहे मामलों की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की। बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा हिट एंड रन मामलों से संबंधित दावों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बताया गया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में अब तक कुल 75 हिट एंड रन मामलों में पीड़ितों अथवा मृतकों के आश्रितों को कुल ₹1 करोड़ 45 लाख 50 हजार की मुआवजा राशि का सफलतापूर्वक भुगतान किया जा चुका है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि 50 अन्य मामलों में प्राप्त आवेदनों की अंचल एवं अनुमंडल स्तर पर आवश्यक जांच, सत्यापन एवं अनुशंसा की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत जिला स्तर से जनरल इंश्योरेंस काउंसिल को अग्रसारित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त हाल ही में प्राप्त 32 नए आवेदनों की बैठक में क्रमवार समीक्षा करते हुए प्रत्येक मामले में उपलब्ध अभिलेखों, जांच प्रतिवेदन एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की स्थिति का विस्तार से अवलोकन किया गया। समीक्षा के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी संबंधित अंचल अधिकारियों एवं संलग्न पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों में आवश्यक दस्तावेज या जांच प्रतिवेदन लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि पात्र मामलों को बिना विलंब के जिला स्तर से सक्षम प्राधिकार के पास अग्रसारित किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र पीड़ित अथवा मृतक के आश्रित को मुआवजा प्राप्त करने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में हिट एंड रन की घटनाएं अत्यंत संवेदनशील होती हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अंचल अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस प्रशासन एवं जिला परिवहन कार्यालय आपसी समन्वय स्थापित कर दावों के सत्यापन, दस्तावेजों के संकलन एवं अग्रसारण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाएं, ताकि पात्र लाभुकों को शीघ्र राहत मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आम नागरिकों को हिट एंड रन मुआवजा योजना के संबंध में व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए, ताकि दुर्घटना से प्रभावित परिवार निर्धारित समयावधि के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। *हिट एंड रन मामलों में आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज* - फॉर्म-1 (आवेदक के हस्ताक्षर सहित) - फॉर्म-2 (दावा जांच अधिकारी/अनुमंडल पदाधिकारी के हस्ताक्षर सहित) - फॉर्म-3 (दावा निपटारा अधिकारी/जिला दंडाधिकारी के हस्ताक्षर सहित) - फॉर्म-4 (आवेदक के हस्ताक्षर सहित प्रतिदाय के लिए वचनबंध) - मृत्यु प्रमाण पत्र (मृत्यु के मामलों में) - पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा मेडिकल रिपोर्ट - मृतक/घायल का आधार कार्ड - आवेदक का आधार कार्ड - आवेदक के बैंक खाते की पासबुक की प्रति - संबंधित थाना की प्राथमिकी (एफआईआर) की प्रति *मुआवजा का प्रावधान* - मृतक के आश्रितों को ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) की अनुग्रह सहायता प्रदान की जाती है। - गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को ₹50,000 (पचास हजार रुपये) की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके परिवार अथवा परिचित किसी हिट एंड रन दुर्घटना से प्रभावित हुए हैं, तो निर्धारित दस्तावेजों के साथ संबंधित अंचल कार्यालय अथवा जिला परिवहन कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करें। जिला प्रशासन पात्र लाभुकों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध एवं सतत क्रियाशील है।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 11, 2026

*UDAYM- 2.0*

*मलेरिया लक्षण जैसे- बुखार, ठंड लगना, सिर दर्द, शरीर में दर्द और सर्पदंश की स्थिति में तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। डॉक्टर से मिलें और अपना सही इलाज पाएं।*

*UDAYM- 2.0* *मलेरिया लक्षण जैसे- बुखार, ठंड लगना, सिर दर्द, शरीर में दर्द और सर्पदंश की स्थिति में तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। डॉक्टर से मिलें और अपना सही इलाज पाएं।*

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 11, 2026

*सभी को जोहार।*

*मैं ईरा जोरवाल, सहायक समाहर्ता, पश्चिमी सिंहभूम के पद पर कार्यरत हूं। आप सभी से विशेष अपील है कि जिले में 'मिशन वात्सल्य' योजना संचालित है। इसके तहत 18 वर्ष से कम उम्र के जरूरतमंद बच्चों की सभी समस्याओं के निराकरण हेतु जिला एक समेकित प्रयास कर रहा है। इसमें ₹4,000/- प्रति माह की स्पॉन्सरशिप, वे बच्चे प्राप्त कर सकते हैं, जो दिव्यांग हों, किसी विशेष गंभीर बीमारी से पीड़ित हों, अनाथ हों, अथवा ऐसे एकल परिवारों से हों जिसमें माता या पिता या दोनों की मृत्यु हो गई है। आम जनों से अपील है कि इस स्कीम से संबंधित बाकी की जानकारी के लिए अपने नजदीकी प्रखंड कार्यालय अथवा बाल संरक्षण कार्यालय से संपर्क करें।*
*धन्यवाद।*

*सभी को जोहार।* *मैं ईरा जोरवाल, सहायक समाहर्ता, पश्चिमी सिंहभूम के पद पर कार्यरत हूं। आप सभी से विशेष अपील है कि जिले में 'मिशन वात्सल्य' योजना संचालित है। इसके तहत 18 वर्ष से कम उम्र के जरूरतमंद बच्चों की सभी समस्याओं के निराकरण हेतु जिला एक समेकित प्रयास कर रहा है। इसमें ₹4,000/- प्रति माह की स्पॉन्सरशिप, वे बच्चे प्राप्त कर सकते हैं, जो दिव्यांग हों, किसी विशेष गंभीर बीमारी से पीड़ित हों, अनाथ हों, अथवा ऐसे एकल परिवारों से हों जिसमें माता या पिता या दोनों की मृत्यु हो गई है। आम जनों से अपील है कि इस स्कीम से संबंधित बाकी की जानकारी के लिए अपने नजदीकी प्रखंड कार्यालय अथवा बाल संरक्षण कार्यालय से संपर्क करें।* *धन्यवाद।*

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 11, 2026

"सखी दिवस" कार्यक्रम में उपायुक्त ने आजीविका, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर

पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में आज उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में एवं उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, डीपीएम जेएसएलपीएस की मौजूदगी में "सखी दिवस" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के विभिन्न प्रखंडों से स्वयं सहायता समूह की दीदियों, जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों तथा झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आजीविका संवर्धन, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा, कृषि, वित्तीय पारदर्शिता एवं सामुदायिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

इस अवसर पर उपायुक्त ने स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बर्तन बैंक को ग्राम स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा विद्यालयों एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए किराये पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। इसके साथ ही भविष्य में बर्तन बैंक का विस्तार कर इसे टेंट एवं अन्य आयोजन संबंधी सामग्रियों तक विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उन्होंने आम व्यवसाय को वर्षभर टिकाऊ बनाने के लिए आम के अतिरिक्त अन्य उत्पादों की बिक्री शुरू करने का भी सुझाव दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि जिलेभर में आम की कुल बिक्री 1 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है, जिस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने सभी दीदियों, कर्मियों एवं संबंधित टीम के समर्पित प्रयासों की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया।

इस दौरान स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष बल देते हुए उपायुक्त ने कहा कि दस्त, मलेरिया, साँप के काटने अथवा अन्य किसी भी बीमारी की स्थिति में झाड़-फूंक अथवा अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तत्काल निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में जाकर उपचार कराना चाहिए। उन्होंने मलेरिया से बचाव हेतु मच्छरदानी के नियमित उपयोग तथा गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर एमटीसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए। बैठक में एमटीसी में भर्ती बच्चों के साथ रहने वाले परिजनों को विभागीय प्रावधानों के अनुसार उपलब्ध कराई जाने वाली प्रोत्साहन राशि की जानकारी भी दी गई।

बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के संदर्भ में बताया गया कि सभी पात्र नागरिकों का पंजीकरण एवं सत्यापन कार्य हर हाल में पूर्ण किया जाना है तथा इस हेतु आप सभी अपने स्तर से व्यापक जनजागरूकता एवं संपर्क अभियान चलाकर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने में अपेक्षित सहयोग प्रदान करें। उपायुक्त ने कहा की कि प्रत्येक माह की 25 तारीख को जिला स्तरीय पदाधिकारी स्वयं सहायता समूहों की बैठकों में शामिल होंगे, जिससे प्रशासन एवं दीदियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा विकासात्मक कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग मिलेगा। बैठक के दौरान मनोहरपुर प्रखंड में वित्तीय लेन-देन से संबंधित प्रकरण का उल्लेख करते हुए सभी प्रखंडों में वित्तीय पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, साथ ही साइबर अपराधों से बचाव के लिए ओटीपी साझा न करने एवं किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की अपील की गई।

कार्यक्रम में ग्राम स्तर पर पीडीएस का संचालन कर रही दीदियों को विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई टी-शर्ट प्राप्त करने, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के लिए एक समान डिज़ाइन की साड़ी तैयार कराने, एकल अभिभावक वाले पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने, आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा किसानों को धान के साथ-साथ सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देकर आय में वृद्धि करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

"सखी दिवस" कार्यक्रम में उपायुक्त ने आजीविका, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में आज उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में एवं उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, डीपीएम जेएसएलपीएस की मौजूदगी में "सखी दिवस" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के विभिन्न प्रखंडों से स्वयं सहायता समूह की दीदियों, जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों तथा झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आजीविका संवर्धन, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा, कृषि, वित्तीय पारदर्शिता एवं सामुदायिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर उपायुक्त ने स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बर्तन बैंक को ग्राम स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा विद्यालयों एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए किराये पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। इसके साथ ही भविष्य में बर्तन बैंक का विस्तार कर इसे टेंट एवं अन्य आयोजन संबंधी सामग्रियों तक विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उन्होंने आम व्यवसाय को वर्षभर टिकाऊ बनाने के लिए आम के अतिरिक्त अन्य उत्पादों की बिक्री शुरू करने का भी सुझाव दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि जिलेभर में आम की कुल बिक्री 1 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है, जिस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने सभी दीदियों, कर्मियों एवं संबंधित टीम के समर्पित प्रयासों की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया। इस दौरान स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष बल देते हुए उपायुक्त ने कहा कि दस्त, मलेरिया, साँप के काटने अथवा अन्य किसी भी बीमारी की स्थिति में झाड़-फूंक अथवा अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तत्काल निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में जाकर उपचार कराना चाहिए। उन्होंने मलेरिया से बचाव हेतु मच्छरदानी के नियमित उपयोग तथा गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर एमटीसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए। बैठक में एमटीसी में भर्ती बच्चों के साथ रहने वाले परिजनों को विभागीय प्रावधानों के अनुसार उपलब्ध कराई जाने वाली प्रोत्साहन राशि की जानकारी भी दी गई। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के संदर्भ में बताया गया कि सभी पात्र नागरिकों का पंजीकरण एवं सत्यापन कार्य हर हाल में पूर्ण किया जाना है तथा इस हेतु आप सभी अपने स्तर से व्यापक जनजागरूकता एवं संपर्क अभियान चलाकर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने में अपेक्षित सहयोग प्रदान करें। उपायुक्त ने कहा की कि प्रत्येक माह की 25 तारीख को जिला स्तरीय पदाधिकारी स्वयं सहायता समूहों की बैठकों में शामिल होंगे, जिससे प्रशासन एवं दीदियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा विकासात्मक कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग मिलेगा। बैठक के दौरान मनोहरपुर प्रखंड में वित्तीय लेन-देन से संबंधित प्रकरण का उल्लेख करते हुए सभी प्रखंडों में वित्तीय पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, साथ ही साइबर अपराधों से बचाव के लिए ओटीपी साझा न करने एवं किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की अपील की गई। कार्यक्रम में ग्राम स्तर पर पीडीएस का संचालन कर रही दीदियों को विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई टी-शर्ट प्राप्त करने, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के लिए एक समान डिज़ाइन की साड़ी तैयार कराने, एकल अभिभावक वाले पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने, आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा किसानों को धान के साथ-साथ सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देकर आय में वृद्धि करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 10, 2026

राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस पर मत्स्य बीज एवं मत्स्य आहार का वितरण, वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजना का हुआ शुभारंभ

पश्चिमी सिंहभूम जिले में राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस के अवसर पर गोपनीय कार्यालय परिसर में जिला उपायुक्त श्री मनीष कुमार के द्वारा जिला मत्स्य कार्यालय के तत्त्वावधान में जिले के मत्स्य बीज उत्पादकों के बीच मत्स्य बीज का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान कुल 21 मत्स्य बीज उत्पादकों के बीच लगभग 13.20 लाख कुल 660 पैकेट कार्प मत्स्य हैचरी(स्पॉन) का निःशुल्क वितरण किया गया। इसके साथ ही मत्स्य बीज उत्पादकों को मत्स्य पालन को अधिक वैज्ञानिक एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से फ्राई फीडिंग हेतु जल कंडीशनर एवं प्रोबायोटिक का भी वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य मत्स्य बीज उत्पादन की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि करना तथा मत्स्य पालकों की आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के मत्स्य बीज वितरण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने उपस्थित मत्स्य उत्पादकों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए आधुनिक तकनीकों को अपनाकर मत्स्य उत्पादन बढ़ाने तथा शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जिला मत्स्य कार्यालय के पदाधिकारी एवं कर्मियों के साथ-साथ मत्स्य बीज उत्पादक उपस्थित रहे। उपस्थित लाभुकों ने विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सहायता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे मत्स्य उत्पादन को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस पर मत्स्य बीज एवं मत्स्य आहार का वितरण, वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजना का हुआ शुभारंभ पश्चिमी सिंहभूम जिले में राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस के अवसर पर गोपनीय कार्यालय परिसर में जिला उपायुक्त श्री मनीष कुमार के द्वारा जिला मत्स्य कार्यालय के तत्त्वावधान में जिले के मत्स्य बीज उत्पादकों के बीच मत्स्य बीज का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान कुल 21 मत्स्य बीज उत्पादकों के बीच लगभग 13.20 लाख कुल 660 पैकेट कार्प मत्स्य हैचरी(स्पॉन) का निःशुल्क वितरण किया गया। इसके साथ ही मत्स्य बीज उत्पादकों को मत्स्य पालन को अधिक वैज्ञानिक एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से फ्राई फीडिंग हेतु जल कंडीशनर एवं प्रोबायोटिक का भी वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य मत्स्य बीज उत्पादन की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि करना तथा मत्स्य पालकों की आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के मत्स्य बीज वितरण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने उपस्थित मत्स्य उत्पादकों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए आधुनिक तकनीकों को अपनाकर मत्स्य उत्पादन बढ़ाने तथा शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला मत्स्य कार्यालय के पदाधिकारी एवं कर्मियों के साथ-साथ मत्स्य बीज उत्पादक उपस्थित रहे। उपस्थित लाभुकों ने विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सहायता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे मत्स्य उत्पादन को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 10, 2026

पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में 178 अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र

माननीय मंत्री श्री दीपक बिरुआ एवं सांसद श्रीमती जोबा माझी ने दी शुभकामनाएं, ईमानदारी एवं जनसेवा की भावना से कार्य करने का किया आह्वान

पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय परिसर में आज आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान विभिन्न विभागों में चयनित कुल 178 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार तथा परिवहन विभाग के माननीय मंत्री श्री दीपक बिरुआ उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सिंहभूम संसदीय क्षेत्र की माननीय सांसद श्रीमती जोबा माझी शामिल हुईं। इस अवसर पर उपायुक्त श्री मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, चाईबासा नगर परिषद अध्यक्ष श्री नितिन प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें स्थापना कार्यालय अंतर्गत अनुकंपा एवं उग्रवादी अनुकंपा के तहत लिपिक पद पर 34 तथा आदेशपाल पद पर 7 अभ्यर्थी, समाज कल्याण विभाग की 21 सेविकाएं एवं 32 सहायिकाएं, जिला आयुष कार्यालय के अंतर्गत एक जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं 25 योग प्रशिक्षक, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 5 प्रखंड समन्वयक, डीएमएफटी मद से कक्षा 9 एवं 10 के लिए 30 अनुशिक्षक तथा कक्षा 11 एवं 12 के लिए 8 अनुशिक्षक, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 3 बहुउद्देशीय कार्यकर्ता एवं 5 सहायक कर्मी तथा कोल्हान अधीक्षक कार्यालय अंतर्गत 7 मुंडा शामिल रहे।

इस अवसर पर माननीय मंत्री श्री दीपक बिरुआ ने सभी नवनियुक्त कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकारी सेवा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राज्य की सेवा का एक महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने सभी नियुक्त कर्मियों से पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ाई जा रही है।

माननीय सांसद श्रीमती जोबा माझी ने अपने संबोधन में सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए प्रत्येक कर्मी अपने कार्यों के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने सभी से जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने तथा अपने दायित्वों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने सभी नवनियुक्त कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रत्येक पद के साथ उत्तरदायित्व जुड़ा होता है। उन्होंने सभी से समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य संस्कृति अपनाने तथा आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील रहकर अपनी सेवाएं देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रहा है और सभी नवनियुक्त कर्मियों की सक्रिय सहभागिता से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।

समारोह का समापन सभी चयनित अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ किया गया। जिला प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त कर्मी अपनी कार्यकुशलता, समर्पण एवं जनसेवा की भावना से पश्चिमी सिंहभूम जिले के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में 178 अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र माननीय मंत्री श्री दीपक बिरुआ एवं सांसद श्रीमती जोबा माझी ने दी शुभकामनाएं, ईमानदारी एवं जनसेवा की भावना से कार्य करने का किया आह्वान पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय परिसर में आज आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान विभिन्न विभागों में चयनित कुल 178 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार तथा परिवहन विभाग के माननीय मंत्री श्री दीपक बिरुआ उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सिंहभूम संसदीय क्षेत्र की माननीय सांसद श्रीमती जोबा माझी शामिल हुईं। इस अवसर पर उपायुक्त श्री मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, चाईबासा नगर परिषद अध्यक्ष श्री नितिन प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें स्थापना कार्यालय अंतर्गत अनुकंपा एवं उग्रवादी अनुकंपा के तहत लिपिक पद पर 34 तथा आदेशपाल पद पर 7 अभ्यर्थी, समाज कल्याण विभाग की 21 सेविकाएं एवं 32 सहायिकाएं, जिला आयुष कार्यालय के अंतर्गत एक जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं 25 योग प्रशिक्षक, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 5 प्रखंड समन्वयक, डीएमएफटी मद से कक्षा 9 एवं 10 के लिए 30 अनुशिक्षक तथा कक्षा 11 एवं 12 के लिए 8 अनुशिक्षक, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 3 बहुउद्देशीय कार्यकर्ता एवं 5 सहायक कर्मी तथा कोल्हान अधीक्षक कार्यालय अंतर्गत 7 मुंडा शामिल रहे। इस अवसर पर माननीय मंत्री श्री दीपक बिरुआ ने सभी नवनियुक्त कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकारी सेवा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राज्य की सेवा का एक महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने सभी नियुक्त कर्मियों से पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ाई जा रही है। माननीय सांसद श्रीमती जोबा माझी ने अपने संबोधन में सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए प्रत्येक कर्मी अपने कार्यों के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने सभी से जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने तथा अपने दायित्वों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने सभी नवनियुक्त कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रत्येक पद के साथ उत्तरदायित्व जुड़ा होता है। उन्होंने सभी से समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य संस्कृति अपनाने तथा आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील रहकर अपनी सेवाएं देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रहा है और सभी नवनियुक्त कर्मियों की सक्रिय सहभागिता से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। समारोह का समापन सभी चयनित अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ किया गया। जिला प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त कर्मी अपनी कार्यकुशलता, समर्पण एवं जनसेवा की भावना से पश्चिमी सिंहभूम जिले के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 10, 2026

*उपायुक्त ने सदर अस्पताल चाईबासा के इमरजेंसी वार्ड का किया औचक निरीक्षण*

*मरीजों एवं परिजनों से की सीधी बातचीत, स्वास्थ्य सेवाओं का लिया फीडबैक*

*सीएसआर मद से स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई गई 1000 मच्छरदानियां, जिले में 10 हजार मच्छरदानियों के वितरण की होगी व्यवस्था*

पश्चिमी सिंहभूम जिले में आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में उपायुक्त श्री मनीष कुमार के द्वारा सदर अस्पताल-चाईबासा के इमरजेंसी वार्ड का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का विस्तृत जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, प्रशिक्षु आईएएस सुश्री ईरा जोरवाल, सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी सहित अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों के उपचार, दवा उपलब्धता, चिकित्सकीय उपकरणों की कार्यशीलता, साफ-सफाई, बेड प्रबंधन, नर्सिंग सेवाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तारपूर्वक अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से इमरजेंसी सेवाओं के संचालन, मरीजों की संख्या, चिकित्सकों की उपलब्धता एवं आवश्यक संसाधनों की स्थिति की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिया कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा प्रत्येक मरीज को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए।

उपायुक्त ने वार्ड में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद स्थापित कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उपचार व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता एवं अस्पताल की अन्य सुविधाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने मरीजों का हौसला बढ़ाते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की तथा चिकित्सकों को निर्देशित किया कि मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल परिसर की स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था तथा मरीजों की सुविधा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि इमरजेंसी वार्ड में आने वाले प्रत्येक मरीज का त्वरित पंजीकरण, आवश्यक जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी परिस्थिति में मरीजों को अनावश्यक प्रतीक्षा का सामना न करना पड़े।

*मलेरिया उन्नमूलन हेतु मिला मच्छरदानी*

निरीक्षण उपरांत उपायुक्त द्वारा सिविल सर्जन कार्यालय को कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) मद के तहत 1000 मच्छरदानियां उपलब्ध कराई गईं। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिला मलेरिया प्रभावित जिलों में शामिल है। ऐसे में ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सीएसआर मद के तहत कुल 10,000 मच्छरदानियों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रथम खेप के रूप में 1000 मच्छरदानियां स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा दी गई हैं, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित गांवों एवं जरूरतमंद परिवारों के बीच वितरित किया जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन मलेरिया एवं डेंगू जैसी बीमारियों की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से लगातार व्यापक अभियान संचालित कर रहा है। जांच, उपचार, जागरूकता, स्रोत नियंत्रण एवं बचाव संबंधी गतिविधियों को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि जिले में मच्छरजनित रोगों की रोकथाम प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि मच्छरों से बचाव के लिए नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें, घर एवं आसपास जलजमाव न होने दें, साफ-सफाई बनाए रखें तथा बुखार, कंपकंपी, सिरदर्द अथवा अन्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में जांच एवं उपचार कराएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं आमजन के सामूहिक प्रयासों से ही मलेरिया एवं डेंगू जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

*उपायुक्त ने सदर अस्पताल चाईबासा के इमरजेंसी वार्ड का किया औचक निरीक्षण* *मरीजों एवं परिजनों से की सीधी बातचीत, स्वास्थ्य सेवाओं का लिया फीडबैक* *सीएसआर मद से स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई गई 1000 मच्छरदानियां, जिले में 10 हजार मच्छरदानियों के वितरण की होगी व्यवस्था* पश्चिमी सिंहभूम जिले में आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में उपायुक्त श्री मनीष कुमार के द्वारा सदर अस्पताल-चाईबासा के इमरजेंसी वार्ड का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का विस्तृत जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, प्रशिक्षु आईएएस सुश्री ईरा जोरवाल, सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी सहित अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों के उपचार, दवा उपलब्धता, चिकित्सकीय उपकरणों की कार्यशीलता, साफ-सफाई, बेड प्रबंधन, नर्सिंग सेवाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तारपूर्वक अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से इमरजेंसी सेवाओं के संचालन, मरीजों की संख्या, चिकित्सकों की उपलब्धता एवं आवश्यक संसाधनों की स्थिति की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिया कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा प्रत्येक मरीज को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए। उपायुक्त ने वार्ड में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद स्थापित कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उपचार व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता एवं अस्पताल की अन्य सुविधाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने मरीजों का हौसला बढ़ाते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की तथा चिकित्सकों को निर्देशित किया कि मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल परिसर की स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था तथा मरीजों की सुविधा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि इमरजेंसी वार्ड में आने वाले प्रत्येक मरीज का त्वरित पंजीकरण, आवश्यक जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी परिस्थिति में मरीजों को अनावश्यक प्रतीक्षा का सामना न करना पड़े। *मलेरिया उन्नमूलन हेतु मिला मच्छरदानी* निरीक्षण उपरांत उपायुक्त द्वारा सिविल सर्जन कार्यालय को कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) मद के तहत 1000 मच्छरदानियां उपलब्ध कराई गईं। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिला मलेरिया प्रभावित जिलों में शामिल है। ऐसे में ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सीएसआर मद के तहत कुल 10,000 मच्छरदानियों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रथम खेप के रूप में 1000 मच्छरदानियां स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा दी गई हैं, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित गांवों एवं जरूरतमंद परिवारों के बीच वितरित किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन मलेरिया एवं डेंगू जैसी बीमारियों की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से लगातार व्यापक अभियान संचालित कर रहा है। जांच, उपचार, जागरूकता, स्रोत नियंत्रण एवं बचाव संबंधी गतिविधियों को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि जिले में मच्छरजनित रोगों की रोकथाम प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि मच्छरों से बचाव के लिए नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें, घर एवं आसपास जलजमाव न होने दें, साफ-सफाई बनाए रखें तथा बुखार, कंपकंपी, सिरदर्द अथवा अन्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में जांच एवं उपचार कराएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं आमजन के सामूहिक प्रयासों से ही मलेरिया एवं डेंगू जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 9, 2026

पश्चिमी सिंहभूम जिले में मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत 81 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का वितरण पूर्ण, उपायुक्त ने समीक्षा बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश

पश्चिमी सिंहभूम जिले में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत गणना प्रपत्रों के वितरण का कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। अब तक जिले में लगभग 81 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का वितरण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इसी क्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, बूथ लेवल पदाधिकारी, बीएलओ सुपरवाइजर एवं वॉलिंटियर के द्वारा भाग लिया गया। उपायुक्त ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में संचालित विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि गणना प्रपत्रों के वितरण के साथ-साथ घर-घर भ्रमण कर सभी मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी पात्र मतदाता का प्रपत्र प्राप्त होने से न छूटे तथा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं दूरस्थ क्षेत्रों में निवास करने वाले मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाए।

उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि प्राप्त गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य समानांतर रूप से एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न हो सके। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रतिदिन की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराने का निर्देश दिया।

*बूथ लेवल पदाधिकारियों एवं बीएलओ सुपरवाइजरों के बीच रेनकोट का वितरण*

बैठक के उपरांत समाहरणालय सभागार में उपस्थित बूथ लेवल पदाधिकारियों एवं बीएलओ सुपरवाइजरों के बीच रेनकोट का वितरण भी किया गया। उपायुक्त ने कहा कि मानसून के दौरान क्षेत्रीय कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो तथा बूथ लेवल पदाधिकारी निर्बाध रूप से घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संग्रहण कर सकें, इसे ध्यान में रखते हुए जिले के सभी बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को चरणबद्ध तरीके से रेनकोट उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी पदाधिकारी एवं कर्मी पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 को सफल बनाएंगे तथा जिले में शत-प्रतिशत पात्र मतदाताओं का विवरण अद्यतन सुनिश्चित करेंगे।

पश्चिमी सिंहभूम जिले में मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत 81 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का वितरण पूर्ण, उपायुक्त ने समीक्षा बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश पश्चिमी सिंहभूम जिले में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत गणना प्रपत्रों के वितरण का कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। अब तक जिले में लगभग 81 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का वितरण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इसी क्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, बूथ लेवल पदाधिकारी, बीएलओ सुपरवाइजर एवं वॉलिंटियर के द्वारा भाग लिया गया। उपायुक्त ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में संचालित विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि गणना प्रपत्रों के वितरण के साथ-साथ घर-घर भ्रमण कर सभी मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी पात्र मतदाता का प्रपत्र प्राप्त होने से न छूटे तथा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं दूरस्थ क्षेत्रों में निवास करने वाले मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाए। उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि प्राप्त गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य समानांतर रूप से एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न हो सके। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रतिदिन की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराने का निर्देश दिया। *बूथ लेवल पदाधिकारियों एवं बीएलओ सुपरवाइजरों के बीच रेनकोट का वितरण* बैठक के उपरांत समाहरणालय सभागार में उपस्थित बूथ लेवल पदाधिकारियों एवं बीएलओ सुपरवाइजरों के बीच रेनकोट का वितरण भी किया गया। उपायुक्त ने कहा कि मानसून के दौरान क्षेत्रीय कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो तथा बूथ लेवल पदाधिकारी निर्बाध रूप से घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संग्रहण कर सकें, इसे ध्यान में रखते हुए जिले के सभी बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को चरणबद्ध तरीके से रेनकोट उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी पदाधिकारी एवं कर्मी पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 को सफल बनाएंगे तथा जिले में शत-प्रतिशत पात्र मतदाताओं का विवरण अद्यतन सुनिश्चित करेंगे।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 9, 2026

आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित 

पश्चिमी सिंहभूम के कोल्हान क्षेत्र के दूरस्थ एवं दुर्गम ग्रामीण इलाकों में आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया गया। शिविरों में कुल 366 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकतानुसार निःशुल्क आयुष औषधियों का वितरण किया गया। इस दौरान रक्तचाप, मधुमेह, बुखार, सर्दी-खांसी, जोड़ों के दर्द, त्वचा रोग, गैस्ट्रिक समस्या, एनीमिया सहित विभिन्न बीमारियों की जांच एवं उपचार कर स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिए गए।

शिविरों का संचालन
डॉ. यशवंती, डॉ. दीपक, डॉ. निशा, डॉ. अनीश, डॉ. मैनुद्दीन, डॉ. सूर्य भूषण, डॉ. सुष्मिता, डॉ. श्रवण, डॉ. सुशील, डॉ. कविता, डॉ. अनिरुद्ध एवं डॉ. आशिक अंसारी द्वारा किया गया।

स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन
हाटगम्हरिया प्रखंड के बोचासाई, खूंटपानी के पुरुनिया, बिंज एवं माटकोबेड़ा, जगन्नाथपुर के मौलानगर, तान्तनगर के बोंगासिन्द्री, चक्रधरपुर के सुरबुरा, झींकपानी के बासाहातु, गोइलकेरा के टिपुसाई, गुदड़ी, बंदगांव के कराएकेला तथा सदर के गरीखाना गांवों में किया गया।

चिकित्सकों ने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों से दूर रहने का संदेश दिया और साथ ही बताया कि नशे की लत न केवल व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है। साथ ही वर्तमान मानसून को देखते हुए मलेरिया से बचाव के लिए घर एवं आसपास साफ-सफाई रखने, पानी जमा न होने देने, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने तथा बुखार आने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह भी दिया।

शिविर के दौरान ग्रामीणों को नियमित योग, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्वच्छता तथा नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और किसी भी स्वास्थ्य समस्या होने पर गांव की सहिया एवं निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई।

आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित पश्चिमी सिंहभूम के कोल्हान क्षेत्र के दूरस्थ एवं दुर्गम ग्रामीण इलाकों में आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया गया। शिविरों में कुल 366 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकतानुसार निःशुल्क आयुष औषधियों का वितरण किया गया। इस दौरान रक्तचाप, मधुमेह, बुखार, सर्दी-खांसी, जोड़ों के दर्द, त्वचा रोग, गैस्ट्रिक समस्या, एनीमिया सहित विभिन्न बीमारियों की जांच एवं उपचार कर स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिए गए। शिविरों का संचालन डॉ. यशवंती, डॉ. दीपक, डॉ. निशा, डॉ. अनीश, डॉ. मैनुद्दीन, डॉ. सूर्य भूषण, डॉ. सुष्मिता, डॉ. श्रवण, डॉ. सुशील, डॉ. कविता, डॉ. अनिरुद्ध एवं डॉ. आशिक अंसारी द्वारा किया गया। स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन हाटगम्हरिया प्रखंड के बोचासाई, खूंटपानी के पुरुनिया, बिंज एवं माटकोबेड़ा, जगन्नाथपुर के मौलानगर, तान्तनगर के बोंगासिन्द्री, चक्रधरपुर के सुरबुरा, झींकपानी के बासाहातु, गोइलकेरा के टिपुसाई, गुदड़ी, बंदगांव के कराएकेला तथा सदर के गरीखाना गांवों में किया गया। चिकित्सकों ने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों से दूर रहने का संदेश दिया और साथ ही बताया कि नशे की लत न केवल व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है। साथ ही वर्तमान मानसून को देखते हुए मलेरिया से बचाव के लिए घर एवं आसपास साफ-सफाई रखने, पानी जमा न होने देने, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने तथा बुखार आने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह भी दिया। शिविर के दौरान ग्रामीणों को नियमित योग, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्वच्छता तथा नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और किसी भी स्वास्थ्य समस्या होने पर गांव की सहिया एवं निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 9, 2026