नेशनल लोक अदालत में आपसी सुलह व समझौते से 1534 प्रकरणों का निराकरण
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माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री् बीएल प्रजापति के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय, श्योपुर एवं तहसील न्यायालय विजयपुर में 11 खण्डपीठों का गठन कर नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
जिला न्यायालय में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री् बी.एल. प्रजापति के कर कमलों द्वारा मां सरस्वती एवं महात्मा गांधी की प्रतिमा पर द्वीप प्रज्जवलन एव माल्यार्पण कर किया गया।
इस अवसर पर श्री सजय गोयल, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय महोदय, श्री सुशील कुमार, विशेष न्यायाधीश एवं प्रभारी अधिकारी नेशनल लोक अदालत, श्योपुर, सुश्री प्रतिष्ठा अवस्थी, प्रथम जिला न्यायाधीश, श्रीमती बबीता होरा शर्मा, तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, श्रीमती वर्षा सूर्यवंशी मजुमदार, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सुश्री अंकिता शांडिल्य, जिला विधिक सहायता अधिकारी, श्री ओमप्रकाश गुप्ता, अध्यक्ष, जिला अभिभाषक संघ, सचिव जिला अभिभाषक संघ श्री शरद जेन, जिला मुख्यालय पर पदस्थ समस्त न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण एव ऑनलाईन माध्यम से तहसील न्यायालय विजयपुर के न्यायिक अधिकारीगण, विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जिला न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
जिला न्यायालय श्योपुर में विद्युत विभाग, वन विभाग, नगर पालिका, बैंक एवं बीएसएनएल इत्यादि विभागों के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों के निराकरण हेतु पृथक-पृथक स्टॉल लगाये जाकर संबंधित पक्षकारों द्वारा अपनी सक्रिय भागीदारी कर अपने प्रकरणों में राजीनामा हेतु संबंधित खण्डपीठों में प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस नेशनल लोक अदालत के उपलक्ष्य में संबंधित पक्षकारों को विवादों के निराकरण पर स्मृति चिन्ह के रूप में फलदार पौधे प्रदान किए गए।
नेशनल लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन के विभिन्न विभागों के करीब 977 मामले निपटाए जाकर राशि रूपये 12427398 की वसूल की गई। जिसमें विद्युत विभाग के लगभग 783 मामले निराकृत कर 7838000 राशि की वसूली की गई। नगर पालिका के 122 प्रकरण निराकृत कर 654569 रूपये राशि की वसूली की गई।
जिला न्यायालय, श्योपुर एवं तहसील न्यायालय, विजयपुर के न्यायिक अधिकारियों की खण्डपीठों ने कुल 557 मामलों का आपसी सुलह और समझौते से पक्षकारों के मामलो का निराकरण किया गया। जिसमें मोटर दुर्घटना के 10 मामलो में 5480000 रूपये राशि का मुआवजा दिलाया गया। साथ की माननीय कुटुम्ब न्यायालय में कुल 51 प्रकरणों को आपसी समझौते से निराकृत किया गया। पराकम्य लिखित अधिनियम के 78 प्रकरण निराकृत कर राशि रूपये 12626395 रूपये का अवार्ड पारित हुआ।
सफलता की कहानी: पति-पत्नि के बीच हुआ समझौता
माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं माननीय मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के दिशा-निर्देशानुसार एवं माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री बी.एल. प्रजापति के मार्गदर्शन में आयोजित नेशनल लोक अदालत में श्री् संजय गोयल, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय के न्यायालय में एक दंपति के मध्य पारिवारिक विवाद लंबित था। उक्त दंपति का विवाह वर्ष 2018 में ग्राम अर्रोदरी तहसील वीरपुर जिला श्योपुर में हिन्दू रीतिरिवाज के अनुसार सम्पन्न हुआ था। शादी के बाद दोनों का दाम्पत्य जीवन सामान्य रूप से चल रहा था। शादी के कुछ समय बाद उनके यहां 02 बच्चों का जन्म हुआ। शादी के 06 वर्ष तक तो उभयपक्ष सही तरीके से रहकर अपने दाम्पत्य जीवन का पालन करते रहे। किन्तु बाद में दोनों के बीच आपसी मनमुटाव, अविश्वास के कारण आवेदक ने विवाह विच्छेद संबंधी प्रकरण माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया।
आज आयोजित नेशनल लोक अदालत की खण्डपीठ के पीठासीन अधिकारी श्री संजय गोयल, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय, श्योपुर एवं खण्डपीठ के सदस्य तथा पक्षकारों की ओर से आवेदक के अधिवक्ता श्री बी.एल. रावत द्वारा उभयपक्ष की काउंसलिंग की गई और उन्हें बच्चों के उज्जवल भविष्य तथा बिखरते हुए परिवार के नुकसान के बारे में समझाया। समझाईश के दौरान दोनों पक्ष के मध्य आपसी राजीनामा होने के बाद उक्त प्रकरण समाप्त हो गया और उक्त पति-पत्नि के मध्य समझौता संभव हो सका एवं इस अवसर पर खण्डपीठ द्वारा दंपति को नए जीवन की शुरूआत करने हेतु पौधा भेंट किया गया।
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