श्रीमती देवी बाई आश्रम ने स्लम बस्ती में चलाया शिक्षा जागरूकता अभियान, प्रधान आशु कामरा ने शिक्षा के प्रति किया प्रेरित
जीवन में आगे बढऩे और गरीबी को मिटाने के लिए पढ़ाई ही सबसे बड़ा माध्यम है : प्रधान आशु कामरा
शादी-समारोह का बचा भोजन फेंके नहीं, आश्रम में दें ताकि जरूरतमंदों के काम आ सके : आशु कामरा
भिवानी, 12 अक्तूबर : समाज सेवा एवं मानव हित के कार्यों में निरंतर अग्रणी स्थानीय रामगंज महोल्ला स्थित श्रीमती देवी बाई आश्रम की ओर से स्थानीय स्लम में जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩा रहा। अभियान के दौरान बस्ती में पहुंचे आश्रम के प्रधान आशु कामरा व संस्था के प्रतिनिधियों ने बच्चों और उनके अभिभावकों से सीधा संवाद किया। प्रधान आशु कामरा ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढऩे और गरीबी को मिटाने के लिए पढ़ाई ही सबसे बड़ा माध्यम है। जब गरीब और जरूरतमंद बच्चा पढ़ेगा और देश का युवा आगे बढ़ेगा, तभी हमारे देश का वास्तविक विकास होगा। समाज में एक नई सोच और सच्ची पहल का आह्वान करते हुए प्रधान आशु कामरा ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि शादी-समारोह, जन्मदिन या पुण्यतिथि जैसे आयोजनों पर काफी भोजन बच जाता है, जिसे लोग फेंक देते हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि बचा हुआ भोजन फेंके नहीं, बल्कि उसे श्रीमती देवी बाई आश्रम में पहुंचाएं ताकि उस भोजन का सही उपयोग हो सके और उसे जरूरतमंद व भूखे लोगों तक पहुंचाया जा सके। आश्रम के पदाधिकारियों ने बताया कि श्रीमती देवी बाई आश्रम केवल विशेष अवसरों पर ही नहीं, बल्कि समय-समय पर इस प्रकार के जनहित व कल्याणकारी कार्य निरंतर आयोजित करता रहता है। संस्था का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों की सेवा करना, बच्चों का हौसला बढ़ाना और उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान आश्रम की टीम द्वारा बस्ती के बच्चों को बिस्किट, खाद्य सामग्री व अन्य आवश्यक वस्तुएं बांटी गईं। उपहार एवं खाद्य सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और नया उत्साह साफ नजर आया। इस अवसर पर विनय, रणवीर, देवेंद्र सहित आश्रम के अन्य सदस्य, स्वयंसेवक एवं बस्ती के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। स्थानीय निवासियों ने श्रीमती देवी बाई आश्रम द्वारा किए जा रहे इस मानवीय कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की।