चंबा के ऐतिहासिक लक्ष्मी नारायण मंदिर के संरक्षण और विकास को लेकर बड़े फैसले,
दुकानों व जमीन का होगा आकलन
बजंत्री का मानदेय 1500 से बढ़ाकर 3000 रुपये, धाम-भंडारे के आयोजन का शुल्क भी 7000 से बढ़ाकर 11000 रुपये किया गया
Tribal Live News
चंबा, 30 अक्टूबर। चंबा के करीब एक हजार वर्ष पुराने ऐतिहासिक श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के संरक्षण, विकास और बेहतर प्रबंधन को लेकर मंदिर न्यास ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मंदिर न्यास की संपत्तियों का विस्तृत आकलन करने के साथ-साथ दुकानों, भूमि और अन्य आधारभूत संरचनाओं का निरीक्षण भी किया जाएगा। इसके लिए चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को बचत भवन चंबा में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर न्यास के नवनियुक्त गैर-सरकारी सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने, सौंदर्यीकरण, रखरखाव, धार्मिक गतिविधियों के विस्तार और प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने कहा कि श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर चंबा की लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर है। इसकी विशिष्ट स्थापत्य कला, समृद्ध इतिहास और धार्मिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने न्यास के सभी सदस्यों से आपसी सहयोग और समन्वय के साथ मंदिर के संरक्षण एवं विकास के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि चंबा शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्थित अन्य प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं बेहतर प्रबंधन की संभावनाएं भी तलाशी जानी चाहिए। जिन मंदिरों की अपनी प्रबंधन समितियां नहीं हैं, उन्हें श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर न्यास से जोड़ने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर केवल किसी न्यास या समिति की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश की साझा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर हैं।
संपत्तियों का होगा विस्तृत आकलन
बैठक में मंदिर न्यास की दुकानों के साथ-साथ भूमि और अन्य अचल संपत्तियों का विस्तृत आकलन करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए चार सदस्यीय समिति गठित होगी, जो संबंधित संपत्तियों का निरीक्षण कर उनका पूरा विवरण तैयार करेगी और आवश्यक सुझाव देगी। इसके अलावा दुकानों, स्टोर, भूमि तथा अन्य संपत्तियों से प्राप्त होने वाले किराये और आय के स्रोतों की भी समीक्षा की जाएगी।
ऐतिहासिक स्थापत्य शैली को सुरक्षित रखते हुए होंगे विकास कार्य
मंदिर परिसर में शौचालयों के निर्माण के अलावा अन्य महत्वपूर्ण कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के माध्यम से करवाने का निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य मंदिर की मूल स्थापत्य शैली और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विकास करना है।
बजंत्री का मानदेय और आयोजन शुल्क बढ़ाया
बैठक में मंदिर में कार्यरत बजंत्री का मासिक मानदेय 1500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये करने का निर्णय लिया गया। वहीं मंदिर परिसर में धाम एवं भंडारे के आयोजन के लिए निर्धारित शुल्क 7000 रुपये से बढ़ाकर 11000 रुपये कर दिया गया।
बैठक की कार्यवाही का संचालन एसडीएम चंबा चिराग शर्मा ने किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक बलदेव दत्त, जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड हंसराज चौहान, तहसीलदार भूपेंद्र कश्यप, सहायक अभियंता दिनेश कुमार, कनिष्ठ अभियंता नीतिका ठाकुर सहित मंदिर न्यास के गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
Chamba, Chamba | Oct 30, 2026