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Pangi live news

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नंदलाल के निधन पर शोक, भटियात में ढोल-नगाड़ों से स्वागत! मुख्यमंत्री के कार्यक्रम पर भाजपा नेता जय सिंह ने उठाए सवाल

जय सिंह ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक के निधन से पार्टी और उनके परिवार में शोक की स्थिति थी, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री का भटियात विधानसभा क्षेत्र में ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत करवाना उचित नहीं था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उद्घाटन और अन्य सरकारी कार्यक्रम इतने जरूरी थे कि उन्हें दो-तीन दिन के लिए भी स्थगित नहीं किया जा सकता था?

उन्होंने कहा कि सरकार के मुखिया होने के नाते मुख्यमंत्री से संवेदनशीलता और शोक की घड़ी में मर्यादा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। उनके अनुसार, इस घटनाक्रम से कांग्रेस सरकार की कार्यशैली और सोच पर सवाल खड़े होते हैं
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, छह प्रमुख मांगों को जल्द पूरा करने की उठाई आवाज

सुपरवाइजर पद पर 90 प्रतिशत पदोन्नति कोटा, 5G मोबाइल, इंटरनेट भत्ता और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन देने की मांग

सुरेंद्र ठाकुर 
चंबा, 4 नवंबर।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका हेल्पर संघ जिला चंबा ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपा। संघ की जिला अध्यक्ष अंजना कुमारी की अगुवाई में सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की मांग उठाई गई।

जिला अध्यक्ष अंजना कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं महिला एवं बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में नौनिहाल बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा किशोरियों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समग्र विकास के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से सेवाएं दे रही हैं। विभाग की ओर से समय-समय पर सौंपे जाने वाले सभी कार्यों को भी जिम्मेदारी के साथ पूरा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑनलाइन कार्यों और विभागीय जिम्मेदारियों में लगातार वृद्धि हुई है, लेकिन इसके अनुरूप आवश्यक संसाधन एवं सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इससे कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में उठाई गईं छह प्रमुख मांगें

1. पदोन्नति कोटा: सुपरवाइजर पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए पदोन्नति कोटा बढ़ाकर 90 प्रतिशत किया जाए, ताकि अनुभवी एवं योग्य कार्यकर्ताओं को उचित अवसर मिल सके।

2. 5G मोबाइल फोन: विभागीय ऑनलाइन कार्यों को सुचारू रूप से करने के लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नया 5G मोबाइल फोन उपलब्ध करवाया जाए।

3. इंटरनेट भत्ता: ऑनलाइन कार्यों एवं विभागीय सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को 375 रुपये प्रतिमाह इंटरनेट भत्ता दिया जाए।

4. नर्सरी अध्यापिका पदों पर अवसर: प्रदेश में नर्सरी अध्यापिका पदों पर होने वाली भर्तियों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर अवसर दिया जाए।

5. सेवानिवृत्ति आयु: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए।

6. मानदेय में बढ़ोतरी: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1000 रुपये की बढ़ोतरी की पूर्व में की गई घोषणा को जल्द लागू किया जाए।

इसके अतिरिक्त जिला अध्यक्ष अंजना कुमारी ने मांग की कि सेवानिवृत्ति के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को पेंशन सहित अन्य सरकारी लाभ भी प्रदान किए जाएं, ताकि लंबे समय तक विभाग को सेवाएं देने वाली महिलाओं को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

इस अवसर पर मीनाक्षी देवी, अंजू कुमारी, शिवानी, रीना देवी, शकुंतला कुमारी, विमला कुमारी, कमला देवी, बॉबी देवी, कंचन, आशा ठाकुर, इंदिरा ठाकुर और कांता देवी सहित अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

TRIBAL LIVE NEWS
सच के साथ, निडर, निष्पक्ष, बेखौफ।
चंबा में पटाखों की बिक्री पर SDM चिराग शर्मा सख्त, बिना अनुमति बेचने पर होगी कार्रवाई
वारगाह पुलिस ग्राउंड में ही लगेंगी पटाखों की दुकानें, अब तक 15 से 20 आवेदन प्राप्त
👉क्या कहना है SDM चिराग शर्मा का
MS डॉ. परदीप सिंह ने दी जानकारी
मेडिकल कॉलेज चम्बा में शौचालय को किया गया दरुस्त, लोगों से अभान, सफाई का रखें ध्यान। मरीजों के साथ आने वाले तिमारदारों के लिए सराय की उचित व्यवस्था। 👇👇
नेकराज ठाकुर को भाजपा युवा मोर्चा जिला कांगड़ा का प्रभारी नियुक्त

चंबा, 03 नवंबर 2026।

भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा हिमाचल प्रदेश के प्रदेश सचिव नेकराज ठाकुर को जिला कांगड़ा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के बाद संगठनात्मक स्तर पर उन्हें जिला कांगड़ा में युवा मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नेकराज ठाकुर छात्र जीवन से ही राष्ट्रवादी संगठनों के साथ जुड़कर संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक एवं संगठनात्मक सफर की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की। इसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रदेश सचिव के दायित्व तक पहुंचे।

इस नियुक्ति पर नेकराज ठाकुर ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तथा भाजयुमो हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सन्नी शुक्ला का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि संगठन ने उन पर जो विश्वास जताते हुए नई जिम्मेदारी सौंपी है, उसका निर्वहन वह पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगे।
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सरहद पर देश की रक्षा, गांव में बच्चों के भविष्य की चिंता… ITBP जवान राजेंद्र धर्माणी ने पेश की सेवा और समर्पण की मिसाल

पांगी के कुठाह गांव के प्राथमिक विद्यालय को लिया गोद, बच्चों को बांटी शैक्षणिक सामग्री; गांव की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का लिया संकल्प

सुरेंद्र ठाकुर Tribal Live News 
कुठाह (पांगी) 03 नवंबर 2026 
वर्दी पहनकर देश की सीमाओं की रक्षा करना एक सैनिक का कर्तव्य है, लेकिन जब वही सैनिक अपने गांव लौटकर नन्हे बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी भी उठाए, तो उसका यह कदम समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है।
ऐसी ही सराहनीय पहल ग्राम पंचायत लुज के कुठाह गांव निवासी ITBP के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र धर्माणी ने की है। देश की सुरक्षा में सेवाएं दे रहे राजेंद्र धर्माणी ने अब अपने गांव की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुठाह को गोद लिया है।
बच्चों के चेहरों पर मुस्कान, शिक्षा के प्रति बढ़ाया उत्साह
इसी पहल के तहत राजेंद्र धर्माणी ने विद्यालय पहुंचकर नन्हे विद्यार्थियों को पेन, कॉपियां, पेंसिल सहित विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक सामग्री वितरित की। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी अनीता धर्माणी भी उनके साथ मौजूद रहीं। शिक्षा सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ नजर आया।
राजेंद्र धर्माणी का कहना है कि विद्यालय को गोद लेने के पीछे उनका उद्देश्य केवल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि विद्यालय में मौजूद कमियों को दूर करने और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने में सहयोग देना है।
देश सेवा के साथ गांव के प्रति भी निभा रहे सामाजिक जिम्मेदारी
ITBP में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात राजेंद्र धर्माणी सीमाओं की सुरक्षा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन उनका सेवा भाव केवल देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है। अवकाश के दौरान जब भी वे अपने गांव आते हैं, समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने का प्रयास करते हैं।
उनकी योजना है कि आने वाले समय में विद्यालय की आवश्यकताओं को समझते हुए शिक्षा, खेलकूद और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में यथासंभव सहयोग किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी बेहतर अवसर मिल सकें।
पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र में सरकारी विद्यालयों को बेहतर बनाने के लिए केवल सरकारी प्रयास ही नहीं, बल्कि समाज की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। राजेंद्र धर्माणी की यह पहल बताती है कि यदि हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार अपने गांव के विद्यालय और बच्चों के भविष्य के लिए योगदान दे, तो शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
आज जब गांवों में शिक्षा और सुविधाओं को लेकर कई चुनौतियां मौजूद हैं, ऐसे में एक सैनिक का अपने गांव के विद्यालय को गोद लेना निश्चित रूप से अन्य सामाजिक संगठनों, युवाओं और आर्थिक रूप से सक्षम लोगों के लिए भी प्रेरणा का संदेश है।

सलाम उस जज्बे को!
एक तरफ सरहद पर तिरंगे की आन-बान-शान की रक्षा और दूसरी तरफ अपने गांव के बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का प्रयास। राजेंद्र धर्माणी की यह पहल बताती है कि सच्ची सेवा की भावना किसी एक जिम्मेदारी या पद तक सीमित नहीं होती।
पांगी को ऐसे कर्मठ और समाज के प्रति संवेदनशील लोगों पर गर्व होना चाहिए।

एक सैनिक को सलाम, जिसकी सोच में सरहद भी है और अपने गांव का भविष्य भी!
आपकी राय: क्या हर गांव के सक्षम लोगों को अपने गांव के सरकारी विद्यालयों के विकास में इसी तरह योगदान देना चाहिए?

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चंबा में मुफ्त जांच सुविधा पर संकट! डॉक्टर की पर्ची हाथ में, निजी लैब में खर्च करने को मजबूर मरीज

कंपनी ने लंबित भुगतान का हवाला देकर रोकी सेवाएं, करीब एक करोड़ रुपये की बकाया राशि होने का दावा

चंबा, 3 नवंबर 2026।

सरकारी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के बाद मरीजों को उम्मीद रहती है कि जरूरी जांच भी अस्पताल में ही निशुल्क हो जाएगी, लेकिन जिला चंबा में इन दिनों मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी एक नई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज चंबा से लेकर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक निशुल्क जांच व्यवस्था प्रभावित होने से मरीजों को निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है।

मरीजों के हाथ में डॉक्टर की जांच पर्ची है, लेकिन क्रसना लैब में नमूने नहीं लिए जा रहे। ऐसे में इलाज करवाने पहुंचे लोगों को मजबूरी में निजी लैब में पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। जिन जांचों की सुविधा सरकारी व्यवस्था के तहत निशुल्क मिलनी थी, उनके लिए अब मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

कंपनी प्रबंधन के निर्देश पर नमूने लेने से किया मना

पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में क्रसना लैब की सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि कंपनी प्रबंधन ने लंबित भुगतान का हवाला देते हुए जांच सेवाएं रोक दी हैं। बकाया राशि करीब एक करोड़ रुपये के आसपास होने का दावा किया जा रहा है।

लैब में पहुंचे मरीजों को कर्मचारियों की ओर से जांच नहीं होने की जानकारी दी गई। इस कारण कई मरीजों को बिना जांच करवाए वापस लौटना पड़ा, जबकि कुछ लोगों ने समय की जरूरत को देखते हुए निजी लैब में जांच करवाना उचित समझा।

सरकारी लैब में जांच जारी: चिकित्सा अधीक्षक

मामले पर मेडिकल कॉलेज चंबा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि कृष्णा लैब की सेवाएं बंद होने के कारण मरीजों को परेशानी आई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी लैब में मरीजों के टेस्ट किए जा रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल: भुगतान की लड़ाई में मरीज क्यों भुगतें?

इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं।

1. यदि कंपनी का भुगतान लंबित है तो इसके लिए जिम्मेदार विभागीय व्यवस्था कौन है?
2. करीब एक करोड़ रुपये की बकाया राशि के दावे की आधिकारिक पुष्टि कब होगी?
3. निशुल्क जांच सुविधा बाधित होने पर मरीजों को वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं मिल रही?
4. गरीब और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के अतिरिक्त खर्च की भरपाई कौन करेगा?
5. स्वास्थ्य विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक करेगा?

TRIBAL LIVE NEWS का सवाल

स्वास्थ्य सेवाएं आम जनता की बुनियादी जरूरत हैं। सरकारी अस्पताल में इलाज करवाने आने वाले मरीजों को जांच के लिए निजी लैबों के चक्कर लगाने पड़ें, तो यह व्यवस्था की समीक्षा का विषय है।

कंपनी और विभाग के बीच भुगतान का विवाद अपनी जगह है, लेकिन मरीजों को मिलने वाली निशुल्क जांच सुविधा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि मामले का समाधान कर मरीजों के लिए जांच व्यवस्था सुचारू बनाई जाए।
रैली कांग्रेस की, खर्च हिमाचल का? सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल पर भाजपा ने मांगा पाई-पाई का हिसाब

हेलीकॉप्टर, करीब 200 HRTC बसें और हिमाचल भवन के उपयोग पर जय सिंह ने उठाए सवाल

चंबा, 03 नवंबर 2026।
दिल्ली में कांग्रेस की रैली को लेकर हिमाचल प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जय सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर सरकारी संसाधनों के कथित राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए हैं।
जय सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की दिल्ली रैली और राजनीतिक गतिविधियों के लिए सरकारी हेलीकॉप्टर, हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की करीब 200 बसों तथा दिल्ली स्थित हिमाचल भवन और हिमाचल सदन का इस्तेमाल किया गया।

इस मामले में उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में बसों की संख्या को लेकर महत्वपूर्ण अंतर सामने आता है। 30 अक्टूबर की रिपोर्टों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के हवाले से करीब 200 सरकारी और निजी बसों की व्यवस्था की बात कही गई थी। वहीं, 29 अक्टूबर की एक रिपोर्ट में 156 बसों की बुकिंग का उल्लेख था। 
इसके बाद 1 नवंबर की रिपोर्ट में बताया गया कि 156 बसों में से HRTC की केवल 25 से 30 बसें थीं, जबकि बाकी निजी बसें थीं। ऐसे में करीब 200 HRTC बसें भेजे जाने के आरोप की आधिकारिक आंकड़ों से पुष्टि होना अभी बाकी है। 
जय सिंह ने दिल्ली स्थित हिमाचल भवन और हिमाचल सदन में कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के ठहरने की व्यवस्था और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि कमरों की बुकिंग, भुगतान और सरकारी परिसरों के उपयोग का विवरण सार्वजनिक किया जाए।
SIR और EVM के मुद्दे पर भी निशाना
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर SIR, EVM और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ अभियान के तहत पदयात्राओं, प्रेस वार्ताओं और युवा संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी बात जनता तक पहुंचाएगी।

यदि सरकारी खजाने से राजनीतिक गतिविधियों पर खर्च हुआ है तो उसका विवरण जनता के सामने आना चाहिए। वहीं, भाजपा के आरोपों की भी दस्तावेजों के आधार पर जांच होनी चाहिए।
रैली कांग्रेस की थी या सरकारी संसाधनों का भी इस्तेमाल हुआ? इसका जवाब आरोपों से नहीं, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड और भुगतान के दस्तावेजों से मिलना चाहिए।
Tribal Live News सच के साथ, निडर निष्पक्ष बेखौफ हमेशा आपके साथ 🙏

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चंबा डलहौज़ी से जुतरान गांव का दर्द… आखिर कब पहुंचेगी सड़क?
जुतरान के मासूम बच्चे आज जवाब मांग रहे हैं… आखिर हमारा गांव कब जुड़ेगा सड़क से?
Sukhvinder Singh Sukhu 
DS Thakur DC Chamba Adv Surjeet Sharma Bharmouri Tribal Live News @topfans 

बच्चों का दर्द, सुनें सरकार, क्या कसूर है इन मासूमों का 👇👇👇
चंबा शहर के कई क्षेत्रों में कल पांच घंटे बिजली रहेगी बंद, विद्युत बोर्ड ने जारी किया शेड्यूल

3 नवंबर को सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित, मरम्मत एवं रखरखाव कार्य के चलते लिया गया फैसला 

Tribal Live News 
चंबा, 2 नवंबर।

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के विद्युत उपमंडल चंबा नंबर-1 की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को चंबा शहर के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।

विद्युत बोर्ड के अनुसार 400 केवीए पीडब्ल्यूडी वर्कशॉप, 100 केवीए ट्रीटमेंट प्लांट, 63 केवीए ट्रीटमेंट प्लांट, 400 केवीए लोअर जुलाकड़ी तथा 400 केवीए माई-का-बाग से संचालित होने वाली एलटी लाइन की मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य किया जाएगा।

इसके चलते संबंधित ट्रांसफार्मरों से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक अथवा कार्य समाप्त होने तक बाधित रहेगी।

इन क्षेत्रों में प्रभावित रहेगी बिजली आपूर्ति:

1. मोहल्ला लोअर धड़ोग।
2. तत्तवानी।
3. लोअर जुलाकड़ी।
4. फॉरेस्ट कॉलोनी।
5. मोहल्ला माई-का-बाग तथा संबंधित क्षेत्र।

विद्युत उपमंडल चंबा नंबर-1 के सहायक अभियंता ई. तेजू राम ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से निर्धारित समय के दौरान सहयोग करने की अपील की है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मरम्मत कार्य मौसम की अनुकूल परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। यदि कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हो जाता है तो बिजली आपूर्ति पहले भी बहाल की जा सकती है
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 3 से 6 नवंबर तक चंबा प्रवास पर, भटियात, चुराह और भरमौर में करेंगे विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास

तीन विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं के साथ ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रमों में करेंगे जनसंवाद, विद्यार्थियों से भी करेंगे सीधा संवाद

चुराह – ककीरा, भंजराडू, देहग्रां
विद्यार्थियों से संवाद, जनसभा और जनसंवाद कार्यक्रम।

भरमौर – तीसा, लिल्ह कोठी, मैहला
एंटी चिट्टा वॉकथॉन, विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास और जनसभा।

मैहला से शिमला
विद्यार्थियों से संवाद के बाद शिमला के लिए प्रस्थान।
जनता से सवाल: मुख्यमंत्री के चंबा प्रवास के दौरान सबसे पहले किस मुद्दे पर जवाब और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए?
दिव्या हिमाचल के ज़िला प्रभारी दीपक शर्मा जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाए 🎂🎂🌹❤️
वन विभाग के खिलाफ  नर्सिंरी कर्मचारी और भाजपा नेता जय सिंह ने खोला मोर्चा
पांगी भरमौर का सबसे चर्चित चेहरा अनिल ढकोग 
👉 कितने लोग अनिल को 2027 में विधायक देखना चाहते है 
👉 अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें 🙏
Anil Dhakog
चंबा में HRTC कर्मचारियों की मांग, हमें भी 5% DA दीवाली से पहले दिया जाए। 👇👇👇
रामलीला मैदान दिल्ली 
SIR और वोट चोरी के खिलाफ लाखों लाख लोग  प्रदर्शन करते हुऐ । यह भीड़ क्या कहती है 👉 क्या लगता है आपको
ऐतिहासिक लक्ष्मी नारायण मंदिर के संरक्षण और विकास पर उठे सवाल, जसवीर नागपाल ने मांगा दुकानों और जमीन का पूरा हिसाब

धाम-भंडारे के आयोजन का शुल्क 5 हजार से बढ़ाकर 11 हजार रुपये करने पर जताई आपत्ति, मंदिर की संपत्ति और किराये का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग

चंबा 01 नवंबर 2026
ऐतिहासिक श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर चंबा के संरक्षण, विकास और मंदिर न्यास की व्यवस्थाओं को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। जसवीर नागपाल ने मंदिर से जुड़ी दुकानों, जमीन, किराये और धार्मिक आयोजनों के लिए निर्धारित शुल्क में बढ़ोतरी को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने मंदिर न्यास से मांग की है कि मंदिर की संपत्तियों का पारदर्शी आकलन करवाकर पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि श्रद्धालुओं और आम जनता को मंदिर की वास्तविक संपत्ति एवं आय के बारे में जानकारी मिल सके।

जसवीर नागपाल का कहना है कि मंदिर के नाम पर कई दुकानें आवंटित हैं, जिनमें कुछ दुकानों का किराया आज भी कथित तौर पर 50 पैसे और 5 रुपये के आसपास है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वर्तमान समय के हिसाब से इन दुकानों के किराये का पुनर्मूल्यांकन नहीं होना चाहिए? यदि मंदिर की संपत्तियों से उचित आय प्राप्त हो सकती है, तो उसका लाभ मंदिर के संरक्षण, रखरखाव और विकास कार्यों में क्यों नहीं लिया जाना चाहिए?

उन्होंने मांग की कि मंदिर न्यास के अधीन आने वाली सभी दुकानों का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए। दुकानों का वर्तमान किराया, आवंटन की स्थिति और किराया संशोधन की व्यवस्था स्पष्ट होनी चाहिए।

धाम-भंडारे का शुल्क 5 हजार से 11 हजार रुपये, क्या यह उचित है?

इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल धाम और भंडारे के आयोजन से जुड़े शुल्क में बढ़ोतरी को लेकर भी उठाया गया है। बताया गया है कि धाम-भंडारे के आयोजन के लिए निर्धारित शुल्क 5,000 रुपये से बढ़ाकर 11,000 रुपये कर दिया गया है।

जसवीर नागपाल ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक आयोजन हर व्यक्ति की आस्था से जुड़े होते हैं। समाज में हर परिवार आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होता। ऐसे में शुल्क में इतनी बड़ी बढ़ोतरी करने से सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या शुल्क बढ़ाने से पहले आम श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखा गया? मंदिर न्यास को इस फैसले के पीछे का आधार और खर्चों का विवरण भी जनता के सामने रखना चाहिए।

मंदिर के नाम कितनी जमीन, सार्वजनिक हो पूरा विवरण

जसवीर नागपाल ने मंदिर की जमीन को लेकर भी पारदर्शिता की मांग उठाई है। उनका कहना है कि ऐतिहासिक लक्ष्मी नारायण मंदिर के नाम पर कितनी जमीन दर्ज है, वह कहां-कहां स्थित है और उसका वर्तमान उपयोग किस प्रकार हो रहा है, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि मंदिर की भूमि, दुकानों, किराये और अन्य संपत्तियों का एक विस्तृत आकलन करवाया जाए। इससे मंदिर की वास्तविक आर्थिक स्थिति स्पष्ट होगी और भविष्य में विकास एवं संरक्षण की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।

संरक्षण के साथ पारदर्शिता भी जरूरी

ऐतिहासिक लक्ष्मी नारायण मंदिर चंबा की पहचान और धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी मंदिर न्यास की संपत्तियों और आर्थिक व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनाए रखना भी है।

जसवीर नागपाल ने मंदिर न्यास से आग्रह किया है कि दुकानों के किराये का उचित मूल्यांकन, जमीन का पूरा रिकॉर्ड, धाम-भंडारे के शुल्क में बढ़ोतरी का औचित्य और मंदिर की आय-व्यय का विवरण सार्वजनिक किया जाए।

अब बड़ा सवाल यह है कि मंदिर न्यास इन सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देता है? क्या मंदिर की संपत्तियों का नए सिरे से आकलन होगा और क्या धाम-भंडारे के बढ़े हुए शुल्क पर पुनर्विचार किया जाएगा?

👉इन सवालों पर मंदिर न्यास का पक्ष और आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आना भी जरूरी है।
क्या धार्मिक आयोजनों का शुल्क बढ़ाना उचित है, जबकि हर परिवार आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है? क्या ऐतिहासिक मंदिर की दुकानों, जमीन और किराये का पूरा हिसाब जनता के सामने नहीं आना चाहिए?
आपकी क्या राय है? कमेंट में अपनी बात जरूर रखें।
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मुख्यमंत्री सुक्खू के चुराह दौरे को लेकर कांग्रेस ने तेज की तैयारियां, 4 नवंबर को करेंगे रात्रि ठहराव

क्षेत्र की समस्याओं और विकास कार्यों का लेंगे जायजा, आम जनता से करेंगे सीधा संवाद

चंबा। 31 अक्टूबर 2026
 हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू 4 नवंबर को चंबा जिला के चुराह विधानसभा क्षेत्र के प्रस्तावित दौरे पर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री का चुराह में रात्रि ठहराव भी प्रस्तावित है। ऐसे में इस दौरे को क्षेत्र के विकास और लंबे समय से लंबित जनसमस्याओं के समाधान की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव यशवंत सिंह खन्ना ने पत्रकार वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पार्टी की ओर से व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि चुराह विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों की समस्याओं, जनहित से जुड़े मुद्दों और लोगों की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा।

मांग पत्र के माध्यम से उठेंगी क्षेत्र की समस्याएं

यशवंत सिंह खन्ना ने बताया कि चुराह क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं और विकास संबंधी मांगों को लेकर एक विस्तृत मांग पत्र तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को मुख्यमंत्री के ध्यान में लाकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है।

रात्रि ठहराव के दौरान जनता से होगा सीधा संवाद

मुख्यमंत्री का चुराह विधानसभा क्षेत्र में रात्रि ठहराव इस दौरे का विशेष पहलू रहेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, विकास कार्यों और आम जनता की समस्याओं को नजदीक से जानेंगे। साथ ही लोगों से सीधा संवाद कर उनकी अपेक्षाओं और मांगों को सुनेंगे।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह

मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है। पार्टी स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री का यह दौरा चुराह की विकास संबंधी आवश्यकताओं और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए नई दिशा प्रदान करेगा।

बाइट: यशवंत सिंह खन्ना, प्रदेश महासचिव, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी।

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मुख्यमंत्री के चंबा दौरे की तैयारियों को लेकर चुवाड़ी में बैठक, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने दिए अधिकारियों को निर्देश

यातायात, पार्किंग, पेयजल और निर्बाध बिजली व्यवस्था पर रहेगा विशेष फोकस; जनसभाओं और ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम की तैयारियों पर भी हुई चर्चा

चुवाड़ी/चंबा, 31 अक्टूबर 2026

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के जिला चंबा के विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित प्रवास कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में शनिवार को उपमंडल मुख्यालय चुवाड़ी में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री के संभावित दौरे के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जनसभाओं के आयोजन, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता तथा कार्यक्रमों में पहुंचने वाले लोगों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए, ताकि कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति और पर्याप्त स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त जनसभा स्थलों की व्यवस्था, ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम तथा विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री के प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी, अतिरिक्त उपायुक्त अमित मेहरा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य वन निगम के निदेशक कृष्ण चंद चेला, एपीएमसी अध्यक्ष ललित ठाकुर, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुनाभ सिंह पठानिया सहित लोक निर्माण, जल शक्ति, विद्युत, शिक्षा, कृषि और परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त एडीएम भरमौर, एसडीएम चुराह राजेश जरयाल तथा एसडीएम चंबा चिराग शर्मा वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री के प्रस्तावित चंबा प्रवास को लेकर आयोजित इस बैठक में प्रशासनिक तैयारियों को प्रभावी बनाने और आम जनता की सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।

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मुख्यमंत्री पहले मिंजर मेले की घोषणाओं का हिसाब दें : जय सिंह

साहू में जल शक्ति विभाग का कार्यालय, 20 लाख की पार्किंग और खेल मैदान बनाने के वादों पर भाजपा नेता ने मांगा जवाब

चंबा, 31 अक्टूबर 2026।

भाजपा नेता जय सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री को चंबा जिले के प्रस्तावित दौरों से पहले मिंजर मेले के दौरान की गई घोषणाओं का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को फैंकू मुख्यमंत्री की संज्ञा देते हुए आरोप लगाया कि सरकार की घोषणाएं केवल भाषणों और कागजों तक सीमित होकर रह गई हैं, जबकि धरातल पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है।

जय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री चंबा जिले के भटियात, चुराह और भरमौर के लिल्ह क्षेत्र में आने की बात कर रहे हैं, लेकिन इससे पहले उन्हें चंबा की जनता को यह बताना चाहिए कि मिंजर मेले के दौरान किए गए वादों पर अब तक कितना काम हुआ है। उन्होंने कहा कि जिला चंबा की साढ़े छह लाख जनता को सरकार से जवाब मांगने का पूरा अधिकार है।

साहू की तीन घोषणाओं पर उठाए सवाल

भाजपा नेता ने विशेष रूप से साहू क्षेत्र से जुड़ी घोषणाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने मिंजर मेले के दौरान साहू में जल शक्ति विभाग का कार्यालय खोलने की घोषणा की थी। इसके अतिरिक्त 20 लाख रुपये की लागत से पार्किंग निर्माण और क्षेत्र में खेल मैदान विकसित करने का आश्वासन भी दिया गया था।

उन्होंने सवाल उठाया कि इन घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं? क्या संबंधित विभागों ने इन कार्यों की प्रक्रिया शुरू कर दी है या ये घोषणाएं अभी भी सरकारी फाइलों तक सीमित हैं? सरकार को इन सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

मेडिकल कॉलेज में हुई मौतों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

जय सिंह ने चंबा मेडिकल कॉलेज में हुई मौतों से जुड़े मामले को भी उठाया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की जांच करवाने और रिपोर्ट तैयार करने की बात कही गई थी। इसके लिए जांच कमेटी का गठन भी किया गया था। उन्होंने सवाल किया कि जांच कमेटी की रिपोर्ट कहां है और जांच में अब तक क्या सामने आया है? सरकार को पारदर्शिता बरतते हुए जांच की स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों और आम जनता की शंकाओं का समाधान हो सके।

घोषणाओं से नहीं, धरातल पर काम से होगा विकास

जय सिंह ने कहा कि चंबा जिला आज भी विकास की दृष्टि से अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। यहां की जनता को नए आश्वासनों के बजाय बुनियादी सुविधाओं और धरातल पर दिखाई देने वाले विकास कार्यों की आवश्यकता है। साहू में पार्किंग, खेल मैदान और जल शक्ति विभाग का कार्यालय स्थानीय लोगों की जरूरतों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं, जिन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि चंबा जिले के प्रस्तावित दौरे के दौरान मिंजर मेले में की गई सभी घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। सरकार स्पष्ट करे कि किन कार्यों के लिए बजट का प्रावधान हुआ है, किनकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कौन-से कार्य अभी लंबित हैं।

जय सिंह ने कहा कि जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि विकास कार्यों का परिणाम चाहिए। मुख्यमंत्री को नए वादे करने से पहले पुराने वादों का हिसाब देना चाहिए और सरकार अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करे।

नोट: यह समाचार भाजपा नेता जय सिंह द्वारा जारी बयानों और आरोपों पर आधारित है। इसमें उठाए गए सवालों पर सरकार एवं संबंधित विभागों का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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सच के साथ, निडर, निष्पक्ष, बेखौफ।
सुडला में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा आकलन शिविर आयोजित, 30 विद्यार्थियों ने लिया भाग

समग्र शिक्षा और एलिम्को के संयुक्त सहयोग से हुआ आयोजन, जरूरत के अनुसार उपलब्ध करवाए जाएंगे सहायक उपकरण

चम्बा, 30 अक्तूबर।

समग्र शिक्षा अभियान और भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के संयुक्त सहयोग से सुडला में सलूणी एवं सुडला खंडों के दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा आकलन शिविर आयोजित किया गया। शिविर में दोनों खंडों के 30 दिव्यांग विद्यार्थियों सहित कुल 60 लोगों ने भाग लिया।

शिविर के दौरान विशेषज्ञों द्वारा दिव्यांग विद्यार्थियों की शारीरिक आवश्यकताओं का चिकित्सा आकलन किया गया, ताकि उनकी जरूरतों के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध करवाए जा सकें। आकलन प्रक्रिया के आधार पर चिह्नित विद्यार्थियों को आगामी चरण में आवश्यकतानुसार सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को जरूरी सहायक उपकरण उपलब्ध करवाकर उनकी शिक्षा, दैनिक गतिविधियों और जीवन को अधिक सुगम बनाना है। समग्र शिक्षा अभियान और एलिम्को के संयुक्त प्रयासों से दिव्यांग बच्चों की जरूरतों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।

इस संबंध में जानकारी संजीव कुमार, समन्वयक आईईडी, डाइट सरू ने दी।
चंबा में लावारिस पशुओं की समस्या पर ओम कश्यप ने जताई चिंता, टैगिंग से मालिकों तक पहुंचाने की पहल

सड़कों पर घूम रहे पशुओं की टैग से होगी पहचान, संबंधित मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया सराहनीय : ओम कश्यप

चंबा। 30 अक्टूबर 
जिला चंबा में सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं की समस्या को लेकर ओम कश्यप ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर खुले में घूम रहे पशुओं की पहचान टैग के माध्यम से की जा रही है, ताकि उनकी पहचान कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया जा सके।

ओम कश्यप ने इस पहल को सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि इससे लावारिस पशुओं की समस्या के समाधान में मदद मिल सकती है। सड़कों पर घूमने वाले पशुओं के कारण जहां यातायात प्रभावित होता है, वहीं कई बार दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।

उन्होंने कहा कि पशुओं की टैगिंग के माध्यम से उनके मालिकों की पहचान सुनिश्चित करना और उन्हें जिम्मेदारी सौंपना जरूरी है। इस दिशा में संबंधित विभागों की पहल से पशुओं को सड़कों पर बेसहारा छोड़ने की समस्या पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।

बाइट: ओम कश्यप
पांगी में 2 से 15 नवंबर तक मनेगा छठा जनजातीय गौरव दिवस, तैयारियों को लेकर प्रशासन ने की बैठक

विभिन्न विभागों को सौंपी जाएंगी आयोजन की जिम्मेदारियां, जनजातीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं पर होंगे जागरूकता कार्यक्रम

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पांगी, 30 अक्टूबर। जनजातीय क्षेत्र पांगी में छठे जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन 2 से 15 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर शुक्रवार को मुख्यालय किलाड़ स्थित मिनी सचिवालय के सभागार में आवासीय आयुक्त एवं एसडीएम पांगी अमनदीप सिंह की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
जनजातीय गौरव दिवस के दौरान जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय नायकों के योगदान को याद किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र में विभिन्न जागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूली बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियां भी करवाई जाएंगी।
बैठक में अधिकारियों ने कार्यक्रमों के बेहतर समन्वय और सफल संचालन को लेकर अपने सुझाव भी रखे।
इस अवसर पर तहसीलदार पांगी संदीप कुमार, खंड विकास अधिकारी आस्था पवार, जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता राम रत्न, आरओ आईटीडीपी रोहित प्रधान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला किलाड़ के प्रधानाचार्य देवी सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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