नालंदा में जिला स्तरीय किसान सलाहकार समिति की बैठक सह
कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा।
कृषि विभाग, नालंदा के तत्वावधान में आज दिनांक 11.08.2026 (मंगलवार) को आत्मा सभागार, नालंदा में जिला स्तरीय किसान सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कृषि पदाधिकारी, नालंदा डॉ. नीतेश कुमार ने की। बैठक में जिले के सभी 20 प्रखंडों से किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष शामिल हुए। इसके साथ ही सहायक निदेशक, कृषि अभियंत्रण श्री केसव कुमार, उप परियोजना निदेशक आत्मा, श्री धनंजय कुमार सिंह, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एकता कुमारी सहित सभी प्रखंडों के ATM एवं BTM उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में कृषि विभाग एवं आत्मा (ATMA) के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करना तथा किसानों तक कृषि की नवीनतम तकनीकों एवं योजनाओं का प्रभावी ढंग से लाभ पहुंचाना रहा।
1. बैठक में उप परियोजना निदेशक आत्मा, नालंदा धनंजय कुमार सिंह द्वारा आत्मा के माध्यम से जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने किसानों के लिए आयोजित किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम, किसान प्रशिक्षण एवं भ्रमण, कृषि तकनीकी प्रसार, क्षमता निर्माण, कृषि से संबंधित नवीन तकनीकों के प्रचार-प्रसार तथा अन्य गतिविधियों की विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि आत्मा का प्रमुख उद्देश्य कृषि क्षेत्र में किसानों तक वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाना है, ताकि किसान नई तकनीकों को अपनाकर अपनी उत्पादकता एवं आय में वृद्धि कर सकें। उन्होंने सभी प्रखंडों के अधिकारियों एवं कर्मियों से योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने पर जोर दिया।
2. बैठक में उपस्थित 20 प्रखंडों के किसान सलाहकार समिति के अध्यक्षों द्वारा अपने-अपने प्रखंडों से संबंधित कृषि गतिविधियों एवं किसानों की आवश्यकताओं को समिति के समक्ष रखा गया। किसानों की समस्याओं, उनकी मांगों तथा कृषि क्षेत्र में रोजगार एवं आय बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
3. मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण की मांग
बैठक के दौरान किसान सलाहकार समिति के सभी प्रखंड अध्यक्षों द्वारा विशेष रूप से मधुमक्खी पालन (Beekeeping) पर प्रशिक्षण आयोजित कराने की मांग रखी गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि नालंदा जिले में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देकर किसानों की अतिरिक्त आय में वृद्धि की जा सकती है। मधुमक्खी पालन से शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों में परागण की प्रक्रिया को भी बढ़ावा मिलता है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि की संभावना रहती है।
किसान सलाहकार समिति के अध्यक्षों की मांग को गंभीरता से लेते हुए आत्मा, नालंदा द्वारा इसी माह मधुमक्खी पालन पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराने का निर्देश परियोजना निदेशक द्वारा दिया गया।
प्रशिक्षण में किसानों को मधुमक्खी पालन की वैज्ञानिक तकनीक, मधुमक्खी के बक्सों की स्थापना, मधुमक्खियों की देखभाल, शहद उत्पादन, शहद की गुणवत्ता एवं प्रसंस्करण, मधुमक्खी पालन से होने वाली आय तथा बाजार से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
4. कृषि योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने पर जोर
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा किसानों के हित में अनेक योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित किया जा सकता है, जब विभागीय पदाधिकारी एवं कर्मी किसानों के साथ निरंतर संपर्क में रहकर योजनाओं की जानकारी एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं।
उन्होंने सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों, ATM एवं BTM को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कृषि विभाग की योजनाओं एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाएं। उन्होंने किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उनके समाधान की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि किसान सलाहकार समितियां विभाग और किसानों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करती हैं। समिति के सदस्यों द्वारा किसानों की समस्याओं एवं सुझावों को विभाग तक पहुंचाने से कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
6. बैठक में सहायक निदेशक, कृषि अभियंत्रण केसर कुमार द्वारा कृषि यंत्रीकरण एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग से संबंधित विषयों पर भी जानकारी दी गई। किसानों को कृषि कार्यों में आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से समय एवं लागत की बचत तथा कृषि कार्यों की दक्षता बढ़ाने के संबंध में जागरूक करने पर बल दिया गया।
7. बैठक में उपस्थित सभी प्रखंडों के ATM एवं BTM द्वारा अपने-अपने प्रखंडों में चल रही गतिविधियों एवं किसानों से प्राप्त सुझावों के संबंध में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने सभी कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कृषि योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया।
8. किसानों की आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
जिला कृषी पदाधिकारी द्वारा विशेष जोर दिया गया कि किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए उन्हें मधुमक्खी पालन, उद्यानिकी, दलहन, तिलहन, कृषि यंत्रीकरण एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ा जाए। इससे किसानों की कृषि पर निर्भरता के साथ-साथ उनकी अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित किए जा सकेंगे।
बैठक के अंत में अधिकारियों एवं किसान सलाहकार समिति के सदस्यों ने किसानों के हित में संचालित योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों में किसानों की भागीदारी बढ़ाने तथा कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की।
जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. नीतेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले के सभी 20 प्रखंडों के किसान सलाहकार समिति अध्यक्षों की सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि विभाग किसानों की आवश्यकताओं एवं सुझावों को प्राथमिकता देते हुए कृषि विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
— जिला कृषि विभाग, नालंदा।
Samrat Choudhary
CMO Bihar
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Department of Agriculture, Government of Bihar
Nalanda, Bihar | Aug 11, 2026