जनपद बस्ती ,उत्तर प्रदेश 12 सितंबर 2026
*वैदिक यज्ञ के साथ गूंजा नारी सम्मान का स्वर, आर्य समाज के वेद प्रचार का समापन*
बस्ती शहर के हृदय स्थल नई बाजार स्थित आर्य समाज मंदिर का सत्संग भवन आज वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा। पिछले कई दिनों से चल रहे वेद प्रचार अभियान का आज यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। विशेष रूप से स्वामी दयानंद विद्यालय सुरतीहट्टा के नन्हे-मुन्हे बच्चों और उनके माता-पिता की मौजूदगी ने कार्यक्रम को एक पारिवारिक उत्सव का रूप दे दिया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता विदुषी रुक्मिणी आर्य ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में नारी शक्ति की व्याख्या करते हुए कहा कि वेदों में नारी को ब्रह्मा कहा गया है, क्योंकि ब्रह्मा सृष्टि का निर्माण करते हैं और नारी एक परिवार और उसके संस्कारों का निर्माण करती है। उन्होंने आज की महिलाओं का आह्वान किया कि वे टीवी और सोशल मीडिया के दिखावे से बाहर निकलें, अंधविश्वास और पाखंड के जाल को तोड़ें और अपने बच्चों को सत्य और विज्ञान की राह दिखाएं।
कार्यक्रम के वैदिक प्रवक्ता आचार्य सुरेश जोशी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी केवल पूज्य नहीं बल्कि निर्मात्री है। उन्होंने कहा कि यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता केवल एक श्लोक नहीं बल्कि एक जीवन दर्शन है। नारी से ही परिवार, परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र बनता है। इसलिए यदि नारी सशक्त और संस्कारित होगी तो पूरा विश्व सशक्त होगा। उन्होंने यज्ञ को पर्यावरण शुद्धि का सबसे बड़ा वैज्ञानिक साधन बताया और कहा कि जैसे शरीर की नाभि ठीक तो पूरा शरीर ठीक, वैसे ही यज्ञ ठीक तो पूरा ब्रह्मांड ठीक।
इसके बाद विद्यालय परिसर में अभिभावक सम्मेलन का आयोजन योगरत्न आदित्य नारायण गिरि के नेतृत्व में हुआ। वक्ताओं ने अभिभावकों से कहा कि आज बच्चे मोबाइल और भूत-प्रेत, जादू-टोने जैसी भ्रांतियों में फंस रहे हैं। इसका एकमात्र समाधान है कि घर में रोज सुबह शाम गायत्री मंत्र, प्राणायाम और हवन हो। जब माता-पिता स्वयं आचरण करेंगे तभी बच्चे सीखेंगे। बच्चों को अच्छा आहार, अच्छी वाणी और अच्छे विचार देना ही सबसे बड़ी शिक्षा है।
आर्य समाज के प्रधान ओम प्रकाश आर्य ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि आज के युग में केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है। माता-पिता और गुरु दोनों को मिलकर बच्चों को संस्कार, तकनीक और धर्म तीनों की शिक्षा देनी होगी ताकि वह भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें। आस्तिकता और मेहनत ही जीवन में सफलता की कुंजी है। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाध्यापक आदित्य नारायण गिरि ने किया। इस अवसर पर पूरे आर्य समाज परिवार की उपस्थिति रही।
संवाददाता हरी ओम प्रकाश
राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत
Basti, Basti | Sep 12, 2026