बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने वैशाली जिले के एकदिवसीय दौरे के दौरान हाजीपुर सदर अस्पताल, वैशाली का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं, आईसीयू वार्ड, मरीजों के इलाज की व्यवस्था, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, दवा वितरण प्रणाली सहित अन्य व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए। प्राथमिक जांच एवं आवश्यक उपचार किए बिना किसी भी मरीज को रेफर नहीं किया जाए।स्वास्थ्य मंत्री ने सबसे पहले अस्पताल के इमरजेंसी एवं आईसीयू वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के ड्यूटी रोस्टर, उपस्थिति पंजी और मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज की गुणवत्ता का फीडबैक लिया। एक बुजुर्ग मरीज ने अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की सराहना की। माइनर ओटी एवं रेफरल पंजी की जांच के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पाया कि कुछ मरीजों को प्राथमिक जांच एवं आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी किए बिना ही उच्च संस्थानों के लिए रेफर कर दिया गया था। जांच में सामने आया कि डॉ. सुमन आनंद द्वारा मीना देवी को बिना किसी प्राथमिक जांच के रेफर किया गया। वहीं, डॉ. रतन प्रकाश द्वारा अमित कुमार के मरीज को केवल पेट दर्द की शिकायत के आधार पर बिना आवश्यक जांच के रेफर कर दिया गया। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर करना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने संबंधित मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा रेफरल की पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड एवं दस्तावेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेफरल तभी किया जाए, जब मरीज की वास्तविक चिकित्सकीय आवश्यकता हो। अस्पतालों में उपलब्ध बेड, दवा एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ऑनलाइन एवं रियल टाइम अपडेट रखी जाए, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
Chapra, Saran | Sep 10, 2026