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Sanjeevani Samachar

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सारण में बाढ़ के बीच प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, रात से ही युद्धस्तर पर राहत-बचाव अभियान जारी—NDRF-SDRF की टीमें मैदान में, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ सामुदायिक रसोई, मेडिकल टीम और राहत सामग्री की व्यवस्था तेज
सारण में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर तेज कर दिया है। NDRF के साथ SDRF की 10 अतिरिक्त नावें रेस्क्यू अभियान में लगाई गई हैं। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव लगातार प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं। पानी में फंसे लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
सारण में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। NH-722 पर बाढ़ का पानी आने के बाद फंसे लोगों के रेस्क्यू के लिए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार स्वयं नाव से मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान की निगरानी की।

मकेर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित पंचायतों से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। NDRF, SDRF और अन्य बचाव दलों को सक्रिय रखा गया है। प्रशासन की प्राथमिकता पानी में फंसे हर व्यक्ति को सुरक्षित निकालना और प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्य तत्काल जारी रखना है।
सारण तटबंध टूटा: पानापुर के सरौजा-भगवानपुर में मची अफरा-तफरी, तरैया के कई गांवों पर बाढ़ का खतरा
सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े पात्र लाभार्थियों को अब पारंपरिक शुष्क राशन के स्थान पर रेसिपी आधारित सुदृढ़ीकृत एवं पोषणयुक्त खाद्य उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों और अन्य पात्र लाभार्थियों को अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं संतुलित पोषण उपलब्ध कराना है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कॉम्फेड (COMFED) को क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। इसके माध्यम से निर्धारित मानकों के अनुरूप पोषणयुक्त खाद्य का उत्पादन एवं उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा बनाए रखने के लिए त्रिस्तरीय गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली लागू की जाएगी। इसके तहत खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की विभिन्न स्तरों पर जांच की जाएगी, ताकि लाभार्थियों तक सुरक्षित और निर्धारित पोषण मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री पहुंच सके।
हीमोफीलिया मरीजों को बड़ी राहत

बिहार कैबिनेट ने मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना के तहत ₹26.33 करोड़ की मंजूरी दी है। इस राशि से हीमोफीलिया के इलाज में उपयोग होने वाली विशेष दवा ‘एमिसिजुमाव’ खरीदी जाएगी। एक वायल की कीमत करीब ₹39,723 है। राज्य में करीब 255 हीमोफीलिया मरीज हैं।
सारण के पानापुर स्थित सरौजा-भगवानपुर में सारण तटबंध आज सुबह टूट गया,अब तरैया के कई गांवों के भी डूबने की आशंका
बिहार सरकार ने 30 वाटर कैनन और 86 नए वज्र वाहन खरीदने को मंजूरी दी है। वाटर कैनन पर ₹26.40 करोड़ और वज्र वाहनों पर ₹36.12 करोड़ खर्च होंगे। इनका उपयोग त्योहार, मेले, रैलियों और आंदोलनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किया जाएगा।
बिहार कैबिनेट ने वैशाली स्थित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप, संग्रहालय निदेशालय और राजकीय संग्रहालयों के सुचारू संचालन के लिए 35 पदों पर 11 महीने या नियमित नियुक्ति होने तक नियोजन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इसके साथ ही भागलपुर में प्रस्तावित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय तथा मुजफ्फरपुर के शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय में प्रशासनिक कार्यों के लिए 34-34 पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के पद सृजित करने की स्वीकृति दी गई है।
सारण में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से स्थिति भयावह होती जा रही है. मकेर प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी बाढ़ में डूब गया है.
सारण तटबंध में अचानक रिसाव से मचा हड़कंप! सलेमपुर में मंडराया बाढ़ का खतरा, प्रशासन ने युद्धस्तर पर संभाला मोर्चा

पानापुर के सलेमपुर गांव के पास सारण तटबंध में अचानक रिसाव की सूचना से ग्रामीणों में मची अफरा-तफरी, मौके पर पहुंचे CO-BDO और पुलिस बल; बालू-मिट्टी से भरी बोरियों और मजदूरों की मदद से रिसाव पर पाया गया काबू, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
सारण के मकेर प्रखंड के बाघाकोल और  हैजलपुर में बांध टूटा, कई गांव में घुसा बाढ़ का पानी
सारण के मकेर प्रखंड के हेजलपुर एवं बाधाकोल में सारण तटबंध पर संभावित रिसाव की सूचना के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और जल संसाधन विभाग व बाढ़ नियंत्रण टीम को तत्काल सुरक्षात्मक कार्य तेज करने के निर्देश दिए।

रिसाव वाले स्थानों पर बालू भरे बोरे, बल्ले और अन्य सामग्री उपलब्ध कराई गई है। निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए SDRF और NDRF की टीमें तैनात की गई हैं। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नाव, सुरक्षित निष्क्रमण और ठहराव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।

हैजलपुर में दिन-रात कम्युनिटी किचन और मेडिकल कैंप भी संचालित किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से तटबंध और नदी के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल देने की अपील की है।
सारण जिले में हृदय रोग की समय पर पहचान और उपचार को आसान बनाने के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क ईसीजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिला अस्पताल से लेकर प्रखंड स्तर के अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक कुल 20 स्वास्थ्य संस्थानों में यह सुविधा संचालित है। इसका लाभ खासकर उन मरीजों को मिल रहा है, जिन्हें पहले ईसीजी जांच के लिए निजी जांच केंद्रों या अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 1 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक जिले में 1549 लोगों की ईसीजी जांच की गई है।
सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ही चिकित्सकीय परामर्श के दौरान ईसीजी जांच उपलब्ध होने से मरीजों को जांच के लिए अलग जगह जाने की जरूरत कम हुई है।
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सारण में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से मकेर, परसा, पानापुर और तरैया के निचले इलाकों में पानी पहुंचना शुरू हो गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ निरोधात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं।

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को तटबंधों की सतत निगरानी और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है।

प्रशासन ने भंडारित ईसी बैग का भी निरीक्षण किया। गंडक से जुड़े विभिन्न तटबंधों पर विभागीय टीम और जिला प्रशासन द्वारा नाइट पेट्रोलिंग के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है।

वहीं, निचले इलाकों में फंसे परिवारों को SDRF टीम द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा है।
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चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे “वोट चोरी” के आरोपों के विरोध में सारण जिला कांग्रेस और सोनपुर कांग्रेस ने संयुक्त रूप से आक्रोश मार्च निकाला। मार्च नगरपालिका चौक से शुरू होकर थाना चौक होते हुए समाहरणालय पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता नगरपालिका चौक पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाए गए।जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. शंकर चौधरी ने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की तथ्यों के आधार पर जांच होनी चाहिए और पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। सोनपुर कांग्रेस अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि पार्टी का मुद्दा चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता के अधिकारों से जुड़ा है।छपरा कांग्रेस प्रभारी प्रेमचंद सिंह और सोनपुर कांग्रेस प्रभारी ब्रह्मदेव प्रकाश चौधरी ने कहा कि कांग्रेस कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। हाल के दिनों में कांग्रेस ने विभिन्न राज्यों में भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किए हैं।
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सारण के डीएम वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई स्कोर बैठक में जिले में पेपरलेस रजिस्ट्रेशन की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने आम लोगों को इसके लाभ और प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़ाने, हेल्प डेस्क व प्रशिक्षण व्यवस्था बेहतर करने तथा कार्यालयों को सुविधाजनक और व्यवस्थित स्वरूप देने का निर्देश दिया। साथ ही, निबंधन प्रक्रिया को लेकर भ्रामक सूचना या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया।
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लाखों फॉलोअर्स, हजारों रील्स… फिर जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर क्यों छूट गए इतने सवाल?

वाराणसी की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, वजह अब भी साफ नहीं

वाराणसी की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में जिंदगी खत्म हो गई। निधि सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय थीं। फेसबुक पर उनके 9 लाख से ज्यादा और इंस्टाग्राम पर 7 लाख से अधिक फॉलोअर्स बताए जाते हैं। वह मुख्य रूप से डांस और रील्स वीडियो बनाती थीं।

निधि वर्तमान में सिंगरौली, मध्यप्रदेश में रहती थीं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर बड़ी संख्या में लोग उन्हें फॉलो करते थे और उनकी रील्स को खूब पसंद किया जाता था। लेकिन अब उनके अचानक चले जाने के बाद उनकी जिंदगी से जुड़े कई सवाल सामने हैं, जिनका जवाब फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

बताया जाता है कि निधि के पिता रिटायरमेंट के बाद मैनपुरी चले गए थे, जबकि उनकी छोटी बहन की शादी हो चुकी थी। ऐसे में निधि की निजी जिंदगी के बारे में कई बातें सामने आ रही हैं, लेकिन उनकी मौत के वास्तविक कारण को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

निधि की मौत एक बड़ा सवाल भी छोड़ जाती है—क्या सोशल मीडिया की लोकप्रियता और निजी जिंदगी की खुशियां हमेशा एक जैसी होती हैं?

किसी के लाखों या करोड़ों फॉलोअर्स हो सकते हैं, उसकी हर रील पर हजारों-लाखों व्यूज आ सकते हैं, लेकिन उसके भीतर क्या चल रहा है, यह जरूरी नहीं कि दुनिया को पता हो। सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली जिंदगी और इंसान की वास्तविक जिंदगी के बीच काफी अंतर हो सकता है।

निधि अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी जिंदगी से जुड़े कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि सोशल मीडिया की दुनिया में इतनी पहचान रखने वाली निधि की जिंदगी अचानक खत्म हो गई?

फिलहाल मौत की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। वास्तविक कारण जांच और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
छपरा में विशेष वाहन जांच अभियान के दौरान रिविलगंज थाना पुलिस ने बैजू टोला मेन रोड के पास एक ऑटो को रोककर जांच की। कागजात नहीं मिलने पर पूछताछ में ऑटो चोरी का होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने ऑटो जब्त कर तीन आरोपियों—मनीष चौधरी, दीपू कुमार और मो. मुख्तार—को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, बरामद ऑटो सिवान से चोरी की गई थी और इसका इस्तेमाल शराब तस्करी में किया जाता था। मामले में रिविलगंज थाना कांड संख्या 597/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
वैशाली के हाजीपुर स्थित एक प्रतिष्ठान पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी कर 35,454 बोतल Besleri Packaged Drinking Water जब्त किया। विभाग के अनुसार, बोतलों पर अंकित FSSAI लाइसेंस नंबर फर्जी पाया गया।
जब्त बोतलों में 33,432 बोतल 500 एमएल, 240 बोतल 1 लीटर और 1,782 बोतल 2 लीटर की हैं। पानी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। प्रतिष्ठान को संबंधित दस्तावेज तीन दिनों में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
वहीं, राज्यभर में खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत अब तक 765 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित किए जा चुके हैं। आगामी त्योहारों को देखते हुए जांच अभियान जारी रहेगा।
सारण के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) अनंत कुमार सिंह एवं सचिव राजीव कुमार ने सोमवार को मंडल कारा छपरा का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जेल की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, खान-पान, स्वास्थ्य सुविधाओं और बंदियों को मिल रही विधिक सहायता की स्थिति की जानकारी ली।

जेल की क्षमता 1063 बंदियों की है, जबकि निरीक्षण के दौरान कुल 1703 बंदी निरुद्ध मिले। इनमें 1576 विचाराधीन और 126 सजावार बंदी शामिल हैं। क्षमता से अधिक बंदियों को देखते हुए जिला जज ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

जिन बंदियों के पास अधिवक्ता नहीं हैं, उन्हें DLSA के माध्यम से त्वरित निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही संक्रामक बीमारी से ग्रसित बंदियों के लिए जेल अस्पताल में विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान जिला जज ने कारा परिसर में पौधारोपण भी किया।