*कहानी बदलाव की*
*आयुष्मान कार्ड से हुआ बच्ची का इलाज, आयुष्मान भारत योजना बनी परिवार का सहारा*
शिवपुरी जिले की ग्राम पंचायत हातौद की निवासी श्रीमती गीता आदिवासी एक सामान्य ग्रामीण परिवार से आती हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक विषमताओं के कारण किसी भी गंभीर बीमारी का इलाज कराना अत्यंत कठिन चुनौती होती है। ऐसे ही कठिन समय में आयुष्मान कार्ड से इलाज मिलने पर परिवार को बड़ा संबल मिलता है।
गीता आदिवासी बताती हैं कि आयुष्मान कार्ड होने से अब बीमारी के इलाज का बोझ नहीं रहेगा।
गीता ने अपने पड़ोस का का ऐसा ही अनुभव साझा किया और बताया कि पड़ोस में रहने वाली एक मासूम बच्ची के दिल में जन्मजात छेद होने की समस्या थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार के सामने बच्ची के इलाज का बड़ा संकट खड़ा हो गया था, जिससे मासूम का जीवन खतरे में पड़ गया था।
इस गंभीर परिस्थिति में महत्वाकांक्षी ‘‘आयुष्मान भारत योजना’’ गरीब परिवार के लिए जीवनदायिनी साबित हुई। यो
Shivpuri, Madhya Pradesh | Sep 23, 2026