किसान स्वरोजगार मेले का समापन, आधुनिक खेती और स्वरोजगार के बताए गए तरीके
दलहन-तिलहन उत्पादन से लेकर मधुमक्खी पालन तक की दी गई जानकारी, सफल किसानों ने साझा किए अपने अनुभव
जहानाबाद : गांधी मैदान में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय किसान स्वरोजगार मेले का शनिवार को उत्साहपूर्ण समापन हो गया। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) की ओर से आयोजित इस मेले में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और कृषि आधारित स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी गई। मेले का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।
जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया के मार्गदर्शन में आयोजित मेले में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने किसानों को विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। इसमें दलहन और तिलहन उत्पादन, मुर्गी पालन, अंडा उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, प्राकृतिक खेती, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन और समेकित कृषि प्रणाली जैसे विषय प्रमुख रहे।
कृषि योजनाओं और तकनीकों की दी गई जानकारी
समापन कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। सहायक निदेशक ब्रजेश कुमार ने फार्मर रजिस्ट्री और बिहार कृषि ऐप की जानकारी दी। उप निदेशक अजय कुमार ने कृषि यांत्रिकीकरण और फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में बताया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ. मुनेश्वर प्रसाद ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
वहीं, जिला उद्यान पदाधिकारी रूबी कुमारी ने उद्यान विभाग की योजनाओं, जिला मत्स्य पदाधिकारी मनीष रस्तोगी ने मत्स्य पालन और उप परियोजना निदेशक राकेश कुमार ने आत्मा की योजनाओं के बारे में किसानों को जागरूक किया। जिला गव्य विकास पदाधिकारी अदिति श्री ने दुग्ध उत्पादन और इससे जुड़े स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी।
सफल किसानों ने साझा किए अनुभव
मेले में प्रगतिशील किसानों सौरभ कुमार, संतोष कुमार केसरी, अभिषेक कुमार, अभय शर्मा, विश्वनाथ यादव, सुमन कुमार सिंह, शिवानंद विद्यार्थी, शिव नारायण यादव, दुर्गेश कुमार और जगदीश सिंह सहित अन्य किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने खेती में अपनाए गए नवाचारों और सफल तरीकों की जानकारी देकर दूसरे किसानों को भी नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर उद्यान विभाग की ओर से किसानों के बीच टमाटर, मिर्च, मेथी और मसालों के बीज वितरित किए गए। कृषि आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शनी लगाने वाले किसानों को भी पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में सहायक निदेशक विवेक कुमार, सत्यजीत कुमार सहित कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और सैकड़ों किसान उपस्थित रहे। मंच संचालन किसान सलाहकार देवेंद्र कुमार ने किया।
जिला प्रशासन की ओर से किसानों को आधुनिक तकनीक, कृषि नवाचार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।