घट स्थापन के साथ शारदीय नवरात्र प्रारंभ, मां की साधना में जुटे लोग
जलाभिषेक के लिए देवी मंदिरों में पहुंची श्रद्धालुओं की भीड़, पूजन अर्चन कर मांगी सुख-शांति
नवरात्र जागरण मंचों पर भी विराजमान कराए गए शक्ति स्वरूपा मां के विभिन्न स्वरूप
कोंच। शारदीय नवरात्र अर्थात शक्ति उपासना और भक्ति साधना का प्रमुख पर्व रविवार को आश्विन मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से सनातनी घरों में घट स्थापन के साथ ही प्रारंभ हो गया है। ब्रह्म मुहूर्त से ही देवी मां के जलाभिषेक के लिए महिलाओं और युवतियों का विभिन्न देवी मंदिरों में जमावड़ा शुरू हो गया था। इसके साथ ही नगर में कमोवेश आधा सैकड़ा देवी जागरण मंचों के कार्यकर्ताओं ने मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की प्रतिष्ठापना पूरे भक्तिभाव से कराई है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर बज रहे देवी भजनों और मैया की भेंटों से वातावरण दुर्गामय हो उठा है।
सनातनी घरों में विधि विधान से घट स्थापन किए गए। इसी कलश को दुर्गा का साक्षात स्वरूप मानकर नौ दिन तक भक्ति भाव से पूजा अर्चना करने का विधान है। अलस्सुबह से ही प्रसिद्ध बड़ी माता, सिंहवाहिनी, बोदरी माता, अनंदी माता, हुल्का देवी, शीतला माता, धनुताल स्थित काली माता, राजराजेश्वरी हिंगलाज माता आदि देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं खासतौर पर महिलाओं ने जाकर जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया और सुख-शांति की कामना की। सायं वेला में दर्शनार्थियों का तांता देवी मंदिरों में शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा। वहीं नईबस्ती स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के पार्श्व में मां गायत्री, सर्राफा बाजार में मां काली, मारकंडेयश्वर मंदिर पर मां गौरी, चंदकुआं पर मां सिंहवाहिनी, सेवढ़ा कुआं के समीप मां महिषासुर मर्दनी सहित नगर भर में करीब आधा सैकड़ा दुर्गा पंडालों में देवी प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना वैदिक मंत्रोच्चार के बीच की गई है। नवरात्र महोत्सव के पहले दिन देवी मंदिरों और पंडालों के आसपास सुरक्षात्मक दृष्टि से पुलिस व्यवस्था देखने को मिली।
Konch, Jalaun | Oct 11, 2026