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केदारघाटी में मौसम का कहर, फाटा से बदरीनाथ जा रहे हेलीकॉप्टर की ऊखीमठ में इमरजेंसी लैंडिंग, खराब मौसम के चलते पायलट ने दिखाई सूझबूझ, सुरक्षित उतारा हेलीकॉप्टर, 40 मिनट बाद उड़ान भरकर फाटा लौटा, रुद्रप्रयाग। केदारघाटी में लगातार बदल रहे मौसम और घने बादलों के बीच शुक्रवार को एक हेलीकॉप्टर की आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। खराब मौसम के कारण उड़ान के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए पायलट ने त्वरित निर्णय लेते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित रूप से ऊखीमठ में उतार दिया। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता और हवाई सेवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को सेंडन कंपनी का हेलीकॉप्टर दोपहर लगभग 2:25 बजे फाटा हेलीपैड से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान केदारघाटी क्षेत्र में अचानक मौसम खराब होने लगा। दृश्यता कम होने और मौसम के प्रतिकूल होते हालात को देखते हुए पायलट ने जोखिम उठाने के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राजकीय इंटर कॉलेज ऊखीमठ के खेल मैदान में हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग कराई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हेलीकॉप्टर के मैदान में उतरते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि पायलट और तकनीकी दल ने पूरे घटनाक्रम को बेहद शांत और पेशेवर तरीके से संभाला। हेलीकॉप्टर में सवार सभी यात्री और चालक दल पूरी तरह सुरक्षित रहे। करीब 40 मिनट तक मौसम में सुधार की प्रतीक्षा करने के बाद हेलीकॉप्टर ने पुनः उड़ान भरी, लेकिन मौसम की स्थिति अपेक्षित रूप से सामान्य नहीं हो सकी। ऐसे में पायलट ने एक बार फिर सतर्कता बरतते हुए अपराह्न लगभग 3:05 बजे हेलीकॉप्टर को वापस फाटा लौटाने का निर्णय लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि चारधाम यात्रा के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम कुछ ही मिनटों में बदल सकता है, जिससे हवाई सेवाओं का संचालन प्रभावित होता है। ऐसे हालात में पायलटों द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन और समय पर लिए गए निर्णय संभावित दुर्घटनाओं को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से केदारघाटी और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बादल छाने, वर्षा और कम दृश्यता की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग द्वारा भी आगामी दिनों में खराब मौसम की संभावना जताई गई है, जिसके चलते प्रशासन और हवाई सेवा संचालक लगातार सतर्कता बरत रहे हैं। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि प्रतिकूल मौसम में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने के बजाय एहतियाती कदम ही सबसे सुरक्षित विकल्प साबित होते हैं। #viralreelschallenge #rudraprayagnews #todayviral #uttarkashidiaries #facebookviral #NewsUpdate #devbhoomi #weather #kedarnath

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बाबा केदार के दर्शन

बाबा केदार के दर्शन

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 21, 2026

मुनकटिया स्लाइड जोन में फंसी महिला मरीज को एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला, स्ट्रेचर से पार कर दूसरी एंबुलेंस तक पहुंचाया!!

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मुनकटिया स्लाइड जोन में मार्ग अवरुद्ध होने के कारण एंबुलेंस में फंसी एक महिला मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के लिए एसडीआरएफ ने देर रात त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाया।

एसडीआरएफ पोस्ट सोनप्रयाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात आपदा कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि मुनकटिया स्लाइड जोन में सड़क बंद होने के कारण एक एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ पा रही है और उसमें मौजूद महिला मरीज को दूसरी ओर खड़ी 108 एंबुलेंस तक सुरक्षित पहुंचाना आवश्यक है।

सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट सोनप्रयाग के प्रभारी उपनिरीक्षक (एसआई) आशीष डिमरी के नेतृत्व में टीम सोमवार रात 9:55 बजे तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर टीम ने महिला मरीज को स्ट्रेचर पर सुरक्षित रखते हुए अत्यंत सावधानी के साथ मुनकटिया स्लाइड जोन पार कराया और दूसरी ओर खड़ी 108 एंबुलेंस तक पहुंचाया।

इसके बाद महिला को 108 एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनप्रयाग भेजा गया, जहां उसे उपचार के लिए भर्ती कराया गया। एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से महिला मरीज को समय रहते सुरक्षित चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकी। इस रेस्क्यू अभियान की स्थानीय लोगों एवं यात्रियों ने सराहना की।

मुनकटिया स्लाइड जोन में फंसी महिला मरीज को एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला, स्ट्रेचर से पार कर दूसरी एंबुलेंस तक पहुंचाया!! केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मुनकटिया स्लाइड जोन में मार्ग अवरुद्ध होने के कारण एंबुलेंस में फंसी एक महिला मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के लिए एसडीआरएफ ने देर रात त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाया। एसडीआरएफ पोस्ट सोनप्रयाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात आपदा कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि मुनकटिया स्लाइड जोन में सड़क बंद होने के कारण एक एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ पा रही है और उसमें मौजूद महिला मरीज को दूसरी ओर खड़ी 108 एंबुलेंस तक सुरक्षित पहुंचाना आवश्यक है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट सोनप्रयाग के प्रभारी उपनिरीक्षक (एसआई) आशीष डिमरी के नेतृत्व में टीम सोमवार रात 9:55 बजे तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर टीम ने महिला मरीज को स्ट्रेचर पर सुरक्षित रखते हुए अत्यंत सावधानी के साथ मुनकटिया स्लाइड जोन पार कराया और दूसरी ओर खड़ी 108 एंबुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद महिला को 108 एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनप्रयाग भेजा गया, जहां उसे उपचार के लिए भर्ती कराया गया। एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से महिला मरीज को समय रहते सुरक्षित चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकी। इस रेस्क्यू अभियान की स्थानीय लोगों एवं यात्रियों ने सराहना की।

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 21, 2026

जनपद रुद्रप्रयाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश के जनपद टिहरी गढ़वाल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद पर स्थानांतरण होने के उपरांत सोमवार को विकास भवन सभागार में उनके सम्मान में एक गरिमामयी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत सहित जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी विदाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जनपद रुद्रप्रयाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश के जनपद टिहरी गढ़वाल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद पर स्थानांतरण होने के उपरांत सोमवार को विकास भवन सभागार में उनके सम्मान में एक गरिमामयी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत सहित जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी विदाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 20, 2026

केदारनाथ धाम में "ऑपरेशन कालनेमि'' तहत पुलिस की बड़ी कार्यवाही, बिना सत्यापन रह रहे बाबाओं के पुलिस एक्ट में किए गए चालान!!

केदारनाथ धाम की पवित्रता, सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से आज दिनांक 20 जुलाई 2026 को पुलिस प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से ''ऑपरेशन कालनेमि'' एवं विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
यह कार्यवाही यात्रा मजिस्ट्रेट व सेक्टर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में तथा पुलिस चौकी केदारनाथ द्वारा संयुक्त रूप से सम्पादित की गई।

अभियान के दौरान केदारनाथ धाम क्षेत्र में रह रहे साधु-संतों एवं बाबाओं के पहचान पत्रों (आधार कार्ड) एवं पुलिस भौतिक सत्यापन की गहन जांच की गई। जांच के दौरान कई ऐसे व्यक्ति/बाबा पाए गए जो बिना किसी पूर्व पुलिस सत्यापन के धाम क्षेत्र में निवास कर रहे थे। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने और बिना सत्यापन पाए जाने पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए उत्तराखंड पुलिस एक्ट के तहत कुल 07 चालान किए गए।
पुलिस एवं प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि केदारनाथ यात्रा की सुरक्षा और धाम की मर्यादा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए भविष्य में भी समय-समय पर इस प्रकार का चेकिंग व सत्यापन अभियान निरन्तर जारी रहेगा।

केदारनाथ धाम में "ऑपरेशन कालनेमि'' तहत पुलिस की बड़ी कार्यवाही, बिना सत्यापन रह रहे बाबाओं के पुलिस एक्ट में किए गए चालान!! केदारनाथ धाम की पवित्रता, सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से आज दिनांक 20 जुलाई 2026 को पुलिस प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से ''ऑपरेशन कालनेमि'' एवं विशेष सफाई अभियान चलाया गया। यह कार्यवाही यात्रा मजिस्ट्रेट व सेक्टर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में तथा पुलिस चौकी केदारनाथ द्वारा संयुक्त रूप से सम्पादित की गई। अभियान के दौरान केदारनाथ धाम क्षेत्र में रह रहे साधु-संतों एवं बाबाओं के पहचान पत्रों (आधार कार्ड) एवं पुलिस भौतिक सत्यापन की गहन जांच की गई। जांच के दौरान कई ऐसे व्यक्ति/बाबा पाए गए जो बिना किसी पूर्व पुलिस सत्यापन के धाम क्षेत्र में निवास कर रहे थे। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने और बिना सत्यापन पाए जाने पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए उत्तराखंड पुलिस एक्ट के तहत कुल 07 चालान किए गए। पुलिस एवं प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि केदारनाथ यात्रा की सुरक्षा और धाम की मर्यादा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए भविष्य में भी समय-समय पर इस प्रकार का चेकिंग व सत्यापन अभियान निरन्तर जारी रहेगा।

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 20, 2026

देहरादून-मसूरी रोड अगले आदेशों तक आवाजाही के लिए बंद!!

देहरादून-मसूरी रोड अगले आदेशों तक आवाजाही के लिए बंद!!

Rudraprayag, Rudraprayag | Jul 20, 2026

केदारघाटी में मौसम का कहर, फाटा से बदरीनाथ जा रहे हेलीकॉप्टर की ऊखीमठ में इमरजेंसी लैंडिंग, खराब मौसम के चलते पायलट ने दिखाई सूझबूझ, सुरक्षित उतारा हेलीकॉप्टर, 40 मिनट बाद उड़ान भरकर फाटा लौटा, रुद्रप्रयाग। केदारघाटी में लगातार बदल रहे मौसम और घने बादलों के बीच शुक्रवार को एक हेलीकॉप्टर की आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। खराब मौसम के कारण उड़ान के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए पायलट ने त्वरित निर्णय लेते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित रूप से ऊखीमठ में उतार दिया। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता और हवाई सेवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को सेंडन कंपनी का हेलीकॉप्टर दोपहर लगभग 2:25 बजे फाटा हेलीपैड से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान केदारघाटी क्षेत्र में अचानक मौसम खराब होने लगा। दृश्यता कम होने और मौसम के प्रतिकूल होते हालात को देखते हुए पायलट ने जोखिम उठाने के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राजकीय इंटर कॉलेज ऊखीमठ के खेल मैदान में हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग कराई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हेलीकॉप्टर के मैदान में उतरते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि पायलट और तकनीकी दल ने पूरे घटनाक्रम को बेहद शांत और पेशेवर तरीके से संभाला। हेलीकॉप्टर में सवार सभी यात्री और चालक दल पूरी तरह सुरक्षित रहे। करीब 40 मिनट तक मौसम में सुधार की प्रतीक्षा करने के बाद हेलीकॉप्टर ने पुनः उड़ान भरी, लेकिन मौसम की स्थिति अपेक्षित रूप से सामान्य नहीं हो सकी। ऐसे में पायलट ने एक बार फिर सतर्कता बरतते हुए अपराह्न लगभग 3:05 बजे हेलीकॉप्टर को वापस फाटा लौटाने का निर्णय लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि चारधाम यात्रा के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम कुछ ही मिनटों में बदल सकता है, जिससे हवाई सेवाओं का संचालन प्रभावित होता है। ऐसे हालात में पायलटों द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन और समय पर लिए गए निर्णय संभावित दुर्घटनाओं को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से केदारघाटी और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बादल छाने, वर्षा और कम दृश्यता की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग द्वारा भी आगामी दिनों में खराब मौसम की संभावना जताई गई है, जिसके चलते प्रशासन और हवाई सेवा संचालक लगातार सतर्कता बरत रहे हैं। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि प्रतिकूल मौसम में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने के बजाय एहतियाती कदम ही सबसे सुरक्षित विकल्प साबित होते हैं। #viralreelschallenge #rudraprayagnews #todayviral #uttarkashidiaries #facebookviral #NewsUpdate #devbhoomi #weather #kedarnath - Rudraprayag News