
🚨 जखोली में मूसलाधार बारिश से तबाही, खुदगर गदेरा उफान पर 🌧️⛰️ रुद्रप्रयाग जनपद के जखोली विकासखंड में बुधवार शाम हुई भारी बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में नुकसान पहुंचाया। ग्राम सभा खलियाण स्थित राम मंदिर के पास बहने वाला **खुदगर गदेरा** अचानक उफान पर आ गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। 🔹 तेज बहाव की चपेट में आने से पुजार गांव से जंगल की ओर जाने वाले मार्ग पर बनी 2 से 3 पुलियाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। 🔹 पुजारगांव–सिरवाड़ी मोटर मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई है। 🔹 प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से मार्ग खोलने और राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। 🔹 राहत की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्र का आकलन किया जा रहा है। ⚠️ स्थानीय लोगों से अपील है कि नदी-नालों और गदेरों के आसपास जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। #Rudraprayag #Jakholi #HeavyRain #Uttarakhand #RainAlert #DisasterUpdate #Khaliyan #PujarGaon #UttarakhandNews #WeatherAlert #RudraprayagNews 🌧️🚨⛰️
Rudraprayag, Rudraprayag | Jun 10, 2026

पहली ही बारिश में बहने लगी करोड़ों की सुरक्षा, केदारनाथ हाईवे के रामपुर बाजार के पास भू-धंसाव जोन पर धंसी मिट्टी, ढही क्रेट वायर, रुद्रप्रयाग। केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामपुर बाजार के समीप स्थित संवेदनशील भू-धंसाव जोन में करोड़ों रुपये की लागत से किए गए सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पहली ही बारिश में सुरक्षा कार्य का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे मिट्टी धंसने के साथ क्रेट वायर भी ढह गई। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी नाराजगी है। जानकारी के अनुसार, केदारनाथ हाईवे के रामपुर बाजार के समीप पिछले दो वर्षों से अधिक समय से भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा कार्य किए जा रहे हैं। हाल ही में मार्च-अप्रैल माह में सुरक्षा दीवार और क्रेट वायर का निर्माण कराया गया था, लेकिन जून के प्रथम सप्ताह में हुई बारिश ने ही इन कार्यों की पोल खोल दी। सड़क किनारे की मिट्टी धंसने से क्रेट वायर क्षतिग्रस्त हो गई और भू-धंसाव का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। घटना के समय सड़क किनारे कुछ वाहन खड़े थे। गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि वाहनों के पहिए मिट्टी में धंस गए थे, जिन्हें समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सुरक्षा कार्य टिकाऊ साबित नहीं हो पा रहे हैं। उनका कहना है कि एक वर्ष पूर्व नदी किनारे बनाई गई सुरक्षा दीवार भी पहली ही बरसात में क्षतिग्रस्त हो गई थी और अब हाल ही में किया गया कार्य भी शुरुआती बारिश नहीं झेल पाया। पूर्व ग्राम प्रधान न्यालसू प्रमोद सिंह रावत ने कहा कि सरकार सुरक्षा कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत कर रही है, लेकिन संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण जनता और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी उपचार नहीं किया गया तो भू-धंसाव का असर मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच सकता है, जिससे यातायात भी प्रभावित हो सकता है। स्थानीय व्यवसायी संदीप सिंह रावत ने भी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाल ही में किए गए सुरक्षा कार्य पहली ही बारिश में ढह गए, जो गंभीर चिंता का विषय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद रामपुर बाजार और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भू-धंसाव का खतरा लगातार बना रहेगा। उधर, एनएच विभाग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कर आवश्यक उपचार एवं मरम्मत कार्य के निर्देश दे दिए गए हैं। #viralreelschallenge #rudraprayagnews #viralvideochallenge #todayviral #facebookviral #NewsUpdate #BreakingNews #reporters #weather #rain #instagram #facebookreels
Rudraprayag, Rudraprayag | Jun 6, 2026

रुद्रप्रयाग में बड़ा हादसा टला!! शनिवार सुबह सनबैंड के पास एक स्कूटी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। स्कूटी में सवार दो लोग रुद्रप्रयाग की ओर आ रहे थे। सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र सक्रिय हुआ और DDRF, 108 एम्बुलेंस व पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव दल ने खाई में उतरकर दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। दुर्घटना में 19 वर्षीय सचिन कुमार घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा गया। वहीं सुलेखा देवी सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है। DDRF, 108 एम्बुलेंस और पुलिस टीम की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। #Rudraprayag #RoadAccident #DDRF #Uttarakhand #EmergencyResponse #RoadSafety #BreakingNews #RudraprayagNews
Dehradun, Dehradun | Jun 6, 2026

केदारघाटी में बड़ा खतरा टला! 🚁 चारधाम यात्रा के बीच शुक्रवार को फाटा से बदरीनाथ जा रहा सेंडन कंपनी का हेलीकॉप्टर अचानक खराब मौसम और घने बादलों की चपेट में आ गया। घाटी में तेजी से दृश्यता कम होने लगी, जिसके बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर की ऊखीमठ के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। हेलीकॉप्टर में सवार सभी यात्री सुरक्षित रहे। करीब 40 मिनट तक मौसम साफ होने का इंतजार किया गया, लेकिन हालात सामान्य न होने पर हेलीकॉप्टर को वापस फाटा लौटाना पड़ा। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है कि जब मौसम विभाग लगातार खराब मौसम की चेतावनी दे रहा है, तो जोखिम भरी उड़ानें क्यों संचालित की जा रही हैं? हालांकि पायलट की सतर्कता से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया, लेकिन पहाड़ों में बदलते मौसम के बीच हेली सेवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन यह घटना साफ संकेत देती है कि चारधाम यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा के लिए मौसम के अनुरूप ही हेली सेवाओं का संचालन बेहद जरूरी है। #viralreelschallenge #rudraprayagnews #todayviral #uttarkashidiaries #NewsUpdate #facebookviral #devbhoomi #weather #kedarnath #helicopter #emergency #landing
Rudraprayag, Rudraprayag | Jun 5, 2026

केदारघाटी में मौसम का कहर, फाटा से बदरीनाथ जा रहे हेलीकॉप्टर की ऊखीमठ में इमरजेंसी लैंडिंग, खराब मौसम के चलते पायलट ने दिखाई सूझबूझ, सुरक्षित उतारा हेलीकॉप्टर, 40 मिनट बाद उड़ान भरकर फाटा लौटा, रुद्रप्रयाग। केदारघाटी में लगातार बदल रहे मौसम और घने बादलों के बीच शुक्रवार को एक हेलीकॉप्टर की आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। खराब मौसम के कारण उड़ान के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए पायलट ने त्वरित निर्णय लेते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित रूप से ऊखीमठ में उतार दिया। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता और हवाई सेवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को सेंडन कंपनी का हेलीकॉप्टर दोपहर लगभग 2:25 बजे फाटा हेलीपैड से बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान केदारघाटी क्षेत्र में अचानक मौसम खराब होने लगा। दृश्यता कम होने और मौसम के प्रतिकूल होते हालात को देखते हुए पायलट ने जोखिम उठाने के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राजकीय इंटर कॉलेज ऊखीमठ के खेल मैदान में हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग कराई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हेलीकॉप्टर के मैदान में उतरते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि पायलट और तकनीकी दल ने पूरे घटनाक्रम को बेहद शांत और पेशेवर तरीके से संभाला। हेलीकॉप्टर में सवार सभी यात्री और चालक दल पूरी तरह सुरक्षित रहे। करीब 40 मिनट तक मौसम में सुधार की प्रतीक्षा करने के बाद हेलीकॉप्टर ने पुनः उड़ान भरी, लेकिन मौसम की स्थिति अपेक्षित रूप से सामान्य नहीं हो सकी। ऐसे में पायलट ने एक बार फिर सतर्कता बरतते हुए अपराह्न लगभग 3:05 बजे हेलीकॉप्टर को वापस फाटा लौटाने का निर्णय लिया। विशेषज्ञों का मानना है कि चारधाम यात्रा के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम कुछ ही मिनटों में बदल सकता है, जिससे हवाई सेवाओं का संचालन प्रभावित होता है। ऐसे हालात में पायलटों द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन और समय पर लिए गए निर्णय संभावित दुर्घटनाओं को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से केदारघाटी और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बादल छाने, वर्षा और कम दृश्यता की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग द्वारा भी आगामी दिनों में खराब मौसम की संभावना जताई गई है, जिसके चलते प्रशासन और हवाई सेवा संचालक लगातार सतर्कता बरत रहे हैं। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि प्रतिकूल मौसम में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने के बजाय एहतियाती कदम ही सबसे सुरक्षित विकल्प साबित होते हैं। #viralreelschallenge #rudraprayagnews #todayviral #uttarkashidiaries #facebookviral #NewsUpdate #devbhoomi #weather #kedarnath
Rudraprayag, Rudraprayag | Jun 5, 2026