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Praveen rawat

@namstesahara
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रूद्रप्रयाग में चर्चा का विषय बना मक्खी!! 

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी के भाजपा नेता कमलेश उनियाल को मक्खी कहने का वीडियो हो रहा वायरल!!

फनी मेम्स बने मनोरंजन का साधन!!
प्रधानमंत्री मोदी की कलाई पर बंधेगी पहाड़ की ‘भोजपत्र राखी’, उत्तराखंड की बहनों ने भेजा आत्मनिर्भरता का संदेश!!

भोजपत्र की राखी बनी आत्मनिर्भरता की पहचान!!

रुद्रप्रयाग की मातृशक्ति ने इस रक्षाबंधन पर परंपरा, संस्कृति और स्वरोजगार का अनूठा संगम पेश किया। केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के नेतृत्व में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने भोजपत्र से तैयार विशेष राखियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजीं। 

 भोजपत्र से राखी…  महिलाओं के हुनर से स्वरोजगार…  लोकसंस्कृति से जुड़ाव… राष्ट्रसेवा के प्रति आत्मीय संदेश…
ऊखीमठ में मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के तहत महिलाओं को भोजपत्र से राखी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। महिलाओं ने अपने पारंपरिक हुनर और सृजनशीलता को आजीविका से जोड़ते हुए एक ऐसी पहल की, जो ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को जमीन पर साकार करती नजर आई।

विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को रोजगार से जोड़कर मातृशक्ति आर्थिक रूप से मजबूत हो रही है। भोजपत्र की राखी केवल रक्षाबंधन का धागा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, महिला शक्ति और आत्मनिर्भरता का संदेश है। 

एक राखी… कई संदेश— संस्कृति भी बचे, हुनर भी बढ़े और पहाड़ की बेटियां भी आत्मनिर्भर बनें।
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डॉ. श्रीकृष्णानंद डिमरी को मिला प्रतिष्ठित ‘अशोका पुरस्कार’!!

उत्कृष्ट सेवाओं और समाजहित में उल्लेखनीय योगदान के लिए दूसरी बार सम्मानित, 

गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी और केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल समेत हजारों लोगों ने दी बधाई!!

रुद्रप्रयाग। समाजसेवा, जनहित और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए भरदार पट्टी के स्वीली सेम गांव निवासी डॉ. श्रीकृष्णानंद डिमरी को प्रतिष्ठित आइकॉनिक पीस अवॉर्ड काउंसिल (आईपीएसी) की ओर से ‘अशोका पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें 22 अगस्त 2026 को प्रदान किया गया। लगातार दूसरी बार प्रतिष्ठित संस्था के मंच पर सम्मानित किए जाने से क्षेत्र में खुशी और गौरव का माहौल है।

डॉ. डिमरी को इससे पूर्व भी आइकॉनिक पीस अवॉर्ड काउंसिल की ओर से मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया जा चुका है। अब एक बार फिर उन्हें प्रतिष्ठित ‘अशोका पुरस्कार’ से अलंकृत किया गया है। लगातार दूसरी बार प्राप्त यह सम्मान उनके कार्यों, समाज के प्रति समर्पण और जनहित में किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों को मिली महत्वपूर्ण पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

आइकॉनिक पीस अवॉर्ड काउंसिल की ओर से डॉ. डिमरी को यह सम्मान उनके उत्कृष्ट कार्यों, समाज के प्रति समर्पित सेवाओं, जनहित में उल्लेखनीय योगदान और विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सराहनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया। उनकी कार्यशैली में निरंतरता, निष्ठा, सादगी और कर्मठता को देखते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।

डॉ. डिमरी की इस उपलब्धि पर उनके शुभचिंतकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। लोगों का कहना है कि प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर लगातार दूसरी बार सम्मान प्राप्त करना न केवल डॉ. डिमरी के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उनकी उपलब्धि से युवाओं को समाजहित और राष्ट्रहित में सकारात्मक कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है।

डॉ. श्रीकृष्णानंद डिमरी को ‘अशोका पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी और केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल सहित सैकड़ों लोगों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने डॉ. डिमरी की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बधाई देने वालों ने कहा कि डॉ. डिमरी ने अपने कार्यों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सकारात्मक सोच और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उनके कार्यों और उपलब्धियों को प्रतिष्ठित मंच पर मिली यह पहचान उनके निरंतर प्रयासों की सफलता है।

डॉ. डिमरी को लगातार दूसरी बार प्रतिष्ठित सम्मान मिलने पर क्षेत्र के लोगों में उत्साह है। शुभचिंतकों ने कहा कि समाज के प्रति निष्ठा, सरल व्यवहार, निरंतर सक्रियता और कर्मठता के बल पर हासिल की गई यह उपलब्धि निश्चित रूप से प्रेरणादायी है।
लोगों ने ईश्वर से डॉ. श्रीकृष्णानंद डिमरी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर प्रगति की कामना की। साथ ही उम्मीद जताई कि वे भविष्य में भी इसी समर्पण और निष्ठा के साथ समाज एवं राष्ट्रहित में अपना योगदान देते रहेंगे तथा अपनी उपलब्धियों के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रेरित करते रहेंगे।
वेतन के लिए टनल के गेट पर मजदूरों का प्रदर्शन, बोले—सैलरी मिले तो घर लौटें, मजबूरी में नहीं कर सकते काम
रुद्रप्रयाग। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के तहत जवाड़ी बायपास स्थित रेलवे सुरंग-7बी एडिट टनल में काम कर रहे बाहरी राज्यों के श्रमिकों ने वेतन भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार सुबह काम बाधित कर दिया। श्रमिकों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से वेतन नहीं मिला है और वे अपने घर वापस जाना चाहते हैं, लेकिन पैसे नहीं होने के कारण वे मजबूर हैं।
श्रमिकों ने बताया कि किसी के घर में पारिवारिक कार्यक्रम है, किसी के परिजन का ऑपरेशन होना है, तो किसी के घर में मौत हो गई है। इसके बावजूद वे अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। उनका कहना है कि उनके पास इतने पैसे भी नहीं हैं कि वे रोजमर्रा की छोटी जरूरतें पूरी कर सकें। फोन रिचार्ज और कपड़े धोने जैसी जरूरतों के लिए भी पैसे की परेशानी सामने आ रही है।
श्रमिकों का कहना है कि “हमें हमारी सैलरी मिल जाए, इसके बाद हम अपने घर जाना चाहते हैं। पैसे नहीं मिलेंगे तो घर कैसे जाएंगे?”
बाहर से रोजगार की उम्मीद लेकर पहाड़ पहुंचे इन श्रमिकों का कहना है कि वे मेहनत से काम कर रहे हैं, लेकिन समय पर मेहनताना नहीं मिलने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
मेहनत करने वाले मजदूरों का हक उनका मेहनताना है। रोजगार देने वाली कंपनियों की जिम्मेदारी है कि श्रमिकों का वेतन समय पर मिले, ताकि किसी मजदूर को अपने परिवार की जरूरतों के लिए इस तरह मजबूर न होना पड़े।<nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookreelsviral nis:value=facebookreelsviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=railway nis:value=railway nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=today nis:value=today nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=report nis:value=report nis:enabled=true nis:link/>
12वीं पास बेटियों के लिए बड़ी खबर, नंदा गौरा योजना में मिलेंगे ₹51 हजार
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड की बेटियों के लिए नंदा गौरा योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए गए हैं। इस योजना का लाभ पात्र बेटियों को दो चरणों में दिया जाता है।
योजना के तहत कन्या के जन्म पर ₹11 हजार की आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं, 12वीं कक्षा पास करने के बाद स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाली और अविवाहित पात्र बालिका को ₹51 हजार की सहायता राशि दी जाती है।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 12वीं पास पात्र बेटियों के अभिभावक नंदा गौरा योजना के ऑनलाइन पोर्टल www.nandagaurauk.in पर आवेदन कर सकते हैं।
विभाग ने बताया है कि 12वीं पास करने के साथ-साथ राजकीय मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से स्नातक या कम से कम एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाली पात्र बालिकाएं 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
वहीं, योजना के तहत कन्या जन्म के मामले में जन्म के छह माह के अंदर आवेदन करना जरूरी है।
एक परिवार की अधिकतम दो जीवित पात्र बालिकाओं को योजना का लाभ दिए जाने का प्रावधान है। आवेदन करने से पहले पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर जांच लें।
विभाग ने बताया है कि योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी नंदा गौरा योजना के पोर्टल www.nandagaurauk.in के साथ-साथ संबंधित जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी या बाल विकास परियोजना कार्यालय से भी प्राप्त की जा सकती है।
यानी 12वीं पास बेटियों और उनके अभिभावकों के लिए यह जरूरी सूचना है कि अगर वे योजना की पात्रता पूरी करते हैं, तो 30 नवंबर 2026 से पहले ऑनलाइन आवेदन जरूर करें। <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookreelsviral nis:value=facebookreelsviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=students nis:value=students nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bjpgovernment nis:value=BJPGovernment nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=girlpower nis:value=girlpower nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=nandagaurayojna nis:value=nandagaurayojna nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=education nis:value=education nis:enabled=true nis:link/>
रुद्रप्रयाग के बच्चों की प्रतिभा पर संकट, गुलाबराय मैदान में उठी बेहतर सुविधाओं की मांग !

बच्चों की मांग साफ है—झूठे आश्वासन नहीं, बेहतर खेल मैदान और सुविधाएं चाहिए।

रुद्रप्रयाग। जिले के गुलाबराय मैदान में फुटबॉल, क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों की प्रैक्टिस कर रहे बच्चों ने खेल सुविधाओं की कमी को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। बच्चों का कहना है कि उनके पास ऐसा उचित और सुविधायुक्त खेल मैदान नहीं है, जहां वे अपनी प्रतिभा को बेहतर तरीके से निखार सकें और आगे बढ़ सकें।

प्रैक्टिस कर रहे बच्चों ने बताया कि प्रदेश के अन्य स्थानों पर बेहतर खेल मैदान और सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहां के बच्चे खेलों में आगे बढ़कर अपने जिले और उत्तराखंड का नाम रोशन कर रहे हैं। उनका कहना है कि हमारे अंदर भी प्रतिभा और आगे बढ़ने की पूरी क्षमता है, लेकिन उचित सुविधाओं के अभाव में हमारी प्रतिभा को वह अवसर नहीं मिल पा रहा, जिसकी हमें जरूरत है।

बच्चों ने कहा कि वे भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं और अपने जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का सपना देखते हैं। लेकिन अगर उन्हें बेहतर मैदान, प्रशिक्षण और आवश्यक खेल सुविधाएं नहीं मिलतीं, तो उनके भविष्य को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है।

बच्चों ने अपनी समस्या ‘नमस्ते सहारा’ तक पहुंचाई और आग्रह कर टीम को गुलाबराय मैदान में बुलाया। ‘नमस्ते सहारा’ ने मौके पर पहुंचकर बच्चों से उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी परेशानियों को समझने का प्रयास किया।

बच्चों की मांग सिर्फ एक मैदान की नहीं, बल्कि अपने सपनों को उड़ान देने के लिए उचित अवसर और सुविधाओं की है। ऐसे में जरूरत है कि उनकी आवाज को गंभीरता से सुना जाए और उन्हें केवल आश्वासन देने के बजाय धरातल पर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

क्योंकि ये बच्चे सिर्फ आज के खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि कल का रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड और देश हैं। यदि इन्हें सही मंच और सुविधाएं मिलें, तो यही बच्चे आने वाले समय में खेल के क्षेत्र में जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।  <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookreelsviral nis:value=facebookreelsviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=sports nis:value=sports nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=instagram nis:value=instagram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=report nis:value=report nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=students nis:value=students nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=playground nis:value=playground nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/>
ऋषिकेश -कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट में कार्यरत मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी के जवाड़ी बायपास स्थित रेलवे सुरंग 7बी एडिट टनल में कार्यरत बाहरी राज्यों के श्रमिकों ने कम्पनी से वेतन भुगतान की माँग को लेकर आज दिनांक 21-08-2026 को प्रातः 08:00 बजे से टनल के मुख्य गेट पर कार्यबाधित किया गया।<nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=instagram nis:value=instagram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=today nis:value=today nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=update nis:value=Update nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=railway nis:value=railway nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookreelsviral nis:value=facebookreelsviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/>
मुख्य शिक्षा अधिकारी पर महिलाओं से अभद्र व्यवहार के आरोप, केदारघाटी के त्रिभुवन चौहान ने जताया आक्रोश

रुद्रप्रयाग। मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में महिला पत्रकार और उनकी सहयोगी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर केदारघाटी के सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान ने कड़ा आक्रोश जताते हुए महिलाओं के साथ इस तरह के व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

जानकारी के अनुसार, नमस्ते सहारा की महिला पत्रकार ज्योति किमोठी और उनकी सहयोगी महिला पुष्पा देवी किसी मामले के सिलसिले में मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि उन्हें संबंधित विषय पर बातचीत के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि कार्यालय में मुख्य शिक्षा अधिकारी की ओर से दोनों महिलाओं से बातचीत के दौरान कथित तौर पर अभद्र एवं आपत्तिजनक तरीके से व्यवहार किया गया।

मामले की जानकारी सामने आने के बाद केदारघाटी के त्रिभुवन चौहान ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ किसी भी सरकारी कार्यालय में सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। यदि किसी महिला को अपनी बात रखने के लिए कार्यालय बुलाया जाता है, तो उसके साथ इस तरह का व्यवहार किया जाना उचित नहीं है। उन्होंने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

एक और महिला ने भी लगाए आरोप

इसी बीच वंदना नाम की एक महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मुख्य शिक्षा अधिकारी के खिलाफ आरोप लगाए हैं। वंदना का दावा है कि उनके साथ भी बातचीत के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक व्यवहार किया गया और उनके व्यक्तिगत जीवन को लेकर टिप्पणियां की गईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। <nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=women nis:value=women nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=reporter nis:value=reporter nis:enabled=true nis:link/>  <nis:link nis:type=tag nis:id=education nis:value=education nis:enabled=true nis:link/>
नमस्ते सहारा से खास बातचीत में केदार घाटी के बेटे और सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान ने क्षेत्र की जनता के बीच अपनी सक्रियता, जनसमस्याओं और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अपनी बात रखी!

रुद्रप्रयाग। केदार घाटी में सामाजिक मुद्दों और जनसमस्याओं को लेकर सक्रिय रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान से नमस्ते सहारा ने खास बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं, महिलाओं की परेशानियों और आम जनता के बीच अपनी सक्रियता को लेकर विस्तार से बात की।

त्रिभुवन चौहान का कहना है कि जनता की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना उनकी प्राथमिकता है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जब भी लोगों को किसी तरह की परेशानी होती है, वे अपनी क्षमता के अनुसार उनके साथ खड़े रहने और संबंधित स्तर पर समस्या के समाधान का प्रयास करते हैं।

उन्होंने बताया कि विशेष रूप से माता-बहनों और ग्रामीण परिवारों से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी वे लगातार लोगों के संपर्क में रहते हैं। उनका कहना है कि किसी भी क्षेत्र का विकास तभी संभव है, जब वहां के लोगों की मूलभूत समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में काम किया जाए।

2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी तैयारी

खास बातचीत के दौरान त्रिभुवन चौहान ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक तैयारी की भी बात कही। उन्होंने बताया कि वह विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी को लेकर क्षेत्र में लगातार लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर काम करने की तैयारी कर रहे हैं।

उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार लोगों के बीच रहने से उन्हें जमीनी समस्याओं को करीब से समझने का अवसर मिलता है। सड़क, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता की अपेक्षाओं को समझना जरूरी है।

जनता के बीच सक्रियता को मानते हैं अपनी ताकत

त्रिभुवन चौहान ने कहा कि वह किसी भी राजनीतिक निर्णय से पहले जनता की समस्याओं और क्षेत्र की जरूरतों को समझना जरूरी मानते हैं। उनके मुताबिक, मुश्किल समय में लोगों के साथ खड़ा होना और उनकी आवाज को संबंधित मंच तक पहुंचाना ही जनसेवा का वास्तविक अर्थ है।  <nis:link nis:type=tag nis:id=reporter nis:value=reporter nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=election nis:value=election nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=2027elections nis:value=2027Elections nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=reporter nis:value=reporter nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=instagram nis:value=instagram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookreelsviral nis:value=facebookreelsviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=today nis:value=today nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=update nis:value=Update nis:enabled=true nis:link/>
मुख्य शिक्षा अधिकारी के दुर्व्यवहार से रूद्रप्रयाग में महिलाओं में आक्रोश।!! 

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा से की कार्यवाही की मांग!!
रूद्रप्रयाग जिले में शिक्षा अधिकारी के व्यवहार से जनता में आक्रोश,, डीएम विशाल मिश्रा से की कार्यवाही की मांग,,

महिला पत्रकार से भी की बदतमीज़ी,,, 

श्री वासुदेव जनता इंटर कॉलेज गंगानगर बांगर रुद्रप्रयाग में 07 मार्च 2024 को साधारण सभा के सदस्य बनने के लिए एक विज्ञापन प्रकाशित हुआ था, जिसमें 178 बैंक ड्राफ्ट लगे थे जो कि साधारण सभा के सदस्य थे और प्रबंध संचालक श्री वासुदेव जनता इंटर कॉलेज गंगानगर बांगर रुद्रप्रयाग द्वारा इन पर चुनाव की प्रक्रिया सम्पन्न करवानी थी, लेकिन प्रबंध संचालक द्वारा दिसंबर 2025 में नया विज्ञापन प्रकाशित करवाया गया और पुराना विज्ञापन और ड्राफ्ट बिना किसी सूचना और कारण के निरस्त कर दिए गए।

12 अगस्त 2026 को मुख्य शिक्षा अधिकारी रुद्रप्रयाग की आख्या पर प्रबंध संचालक द्वारा चुनाव संपन्न करवाया गया और जब इस प्रकरण के बारे में पता लगने पर 13 अगस्त 2026 को मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज की गई। साथ ही निदेशालय में भी शिकायत दर्ज करवाई गई, जबकि सीएम पोर्टल पर भी शिकायत की गई। लेकिन प्रकरण पर जांच नहीं करवाई गई।

मामले को लेकर जब नमस्ते सहारा की पत्रकार शिक्षा अधिकारी से मिली तो उन्होंने सही से व्यवहार नहीं किया, जबकि अपशब्द भी कहे। 

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रूद्रप्रयाग मुख्य शिक्षा अधिकारी के दुर्व्यवहार से महिला थी परेशान,, खुलकर कह दी बात,, 

नमस्ते सहारा की पत्रकार के साथ बदतमीजी के बाद खुलकर महिलाएं आई आगे,,<nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=todaynews nis:value=todaynews nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=education nis:value=education nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=instagram nis:value=instagram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=officer nis:value=officer nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=womensupportingwomen nis:value=womensupportingwomen nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/>
बद्री-केदार की आस्था को रोजगार का आधार बना रहीं पहाड़ की बेटियां,

मंदिरों के आकर्षक स्मृति चिह्न तैयार कर आत्मनिर्भर बन रहीं अगस्त्यमुनि की महिलाएं,

समूह ने एक साल में कमाया 3.95 लाख का मुनाफा,

रुद्रप्रयाग। पहाड़ की संस्कृति, धार्मिक आस्था और स्थानीय विरासत अब महिलाओं के लिए स्वरोजगार का मजबूत आधार बन रही है। अगस्त्यमुनि विकासखंड में ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना से जुड़ी महिलाएं बद्री-केदार क्षेत्र की धार्मिक पहचान को आकर्षक स्मृति चिह्नों का रूप देकर अपनी आजीविका मजबूत कर रही हैं।

अगस्त्यमुनि स्थित ईस्ट घंडियाल बद्री-केदार स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं बद्रीनाथ, केदारनाथ, धारी देवी, कार्तिक स्वामी और कालीमठ सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के मंदिरों के आकर्षक मॉडल तैयार कर रही हैं। पहाड़ी वास्तुकला की झलक लिए इन स्मृति चिह्नों को श्रद्धालुओं और पर्यटकों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। उत्पादों की बिक्री से समूह की महिलाओं को आय का बेहतर साधन मिल रहा है।

समूह से जुड़ी युवती दिव्या बताती हैं कि पढ़ाई के साथ वह स्वयं सहायता समूह की गतिविधियों से जुड़ी हैं। वह धूपबत्ती, अगरबत्ती के साथ विभिन्न मंदिरों के स्मृति चिह्न तैयार करती हैं। उनके अनुसार समूह से जुड़ने के बाद उन्हें घर के आसपास ही रोजगार का अवसर मिला है। साथ ही समूह की अन्य महिलाओं को भी आय अर्जित करने का जरिया मिला है।

खंड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि सुरेश शाह ने बताया कि ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना के तहत महिलाओं को उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण देने के साथ आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। ईस्ट घंडियाल बद्री-केदार स्वयं सहायता समूह से वर्तमान में छह से सात महिलाएं जुड़ी हैं। समूह द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री सरस केंद्रों, स्थानीय बाजारों और ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है।

समूह के प्रदर्शन के आंकड़े भी महिलाओं की मेहनत की कहानी बयां कर रहे हैं। वर्ष 2024-25 में समूह ने 2.54 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह लाभ बढ़कर 3.95 लाख रुपये पहुंच गया। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में अब तक करीब सात लाख रुपये की बिक्री हो चुकी है, जिसमें समूह को 2.75 लाख रुपये का लाभ प्राप्त हुआ है।

स्थानीय संसाधनों और पहाड़ी संस्कृति को बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादों में ढालकर ये महिलाएं दोहरा लाभ हासिल कर रही हैं। एक ओर उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, तो दूसरी ओर बद्री-केदार की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत स्मृति चिह्नों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंच रही है। ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना के जरिए महिलाओं को मिला यह अवसर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर पेश कर रहा है। <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookviral nis:value=facebookviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=instagram nis:value=instagram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=today nis:value=today nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=womensupportingwomen nis:value=womensupportingwomen nis:enabled=true nis:link/>
गुलाबराय में होटल के पास दिखा लेपर्ड, दहशत में लोग, वन विभाग की सुस्ती पर उठे सवाल

रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय से सटे गुलाबराय क्षेत्र में बीती मध्यरात्रि उस समय हड़कंप मच गया, जब होटल कस्तूरी इन के पास एक लेपर्ड खुलेआम चहलकदमी करता दिखाई दिया। लेपर्ड की गतिविधियां होटल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई हैं। आबादी और होटल के बेहद करीब लेपर्ड की मौजूदगी से स्थानीय लोगों और होटल कर्मचारियों में दहशत का माहौल है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से वन्यजीवों की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन वन विभाग की ओर से ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से खतरा लगातार बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते लेपर्ड की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

होटल और आबादी के नजदीक लेपर्ड की लगातार दस्तक ने मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से महज निगरानी तक सीमित रहने के बजाय लेपर्ड की गतिविधियों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने और क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है। लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि विभाग की कथित सुस्ती कहीं किसी बड़े हादसे का कारण न बन जाए। <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookviral#socialmedia nis:value=facebookviral#socialmedia nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=instagram nis:value=instagram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=today nis:value=today nis:enabled=true nis:link/>
मद्महेश्वर धाम यात्रा फिर शुरू, सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट
ट्रॉली संचालन का समय तय,

एसडीआरएफ-डीडीआरएफ समेत बचाव दल रहेंगे तैनात

रुद्रप्रयाग। जनसुरक्षा एवं व्यापक जनहित में अस्थायी रूप से स्थगित की गई श्री मद्महेश्वर धाम यात्रा बुधवार से पुनः शुरू हो गई है। यात्रा के पुनः संचालन को लेकर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

यात्रा मार्ग की स्थलीय स्थिति और संबंधित विभागों से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर यात्रा पुनः शुरू करने का निर्णय लिया गया है। उप जिलाधिकारी ऊखीमठ ने पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ, तहसीलदार ऊखीमठ तथा जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी रुद्रप्रयाग से प्राप्त अभिमत के आधार पर यात्रा संचालन के लिए जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजा था। संबंधित विभागों की रिपोर्ट एवं स्थलीय स्थिति का परीक्षण करने के बाद प्रशासन ने यात्रा बहाल करने का निर्णय लिया।

सुरक्षा के लिए पुलिस और बचाव दल रहेंगे तैनात

यात्रा के दौरान ट्रॉली स्थल पर भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। महिला एवं बुजुर्ग यात्रियों की सहायता के साथ किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

यात्रा मार्ग पर दुर्घटना अथवा आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और अन्य खोज एवं बचाव दलों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। संबंधित विभागों को मार्ग, पुल-पुलिया, ट्रॉली स्थल, सुरक्षा उपकरण एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रियों की आवाजाही सुरक्षित ढंग से संचालित हो सके।

तीन चरणों में संचालित होगी ट्रॉली

यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रॉली संचालन का समय निर्धारित किया गया है। ट्रॉली का संचालन सुबह 6:30 से 9:00 बजे तक, 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक तथा दोपहर 2:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक किया जाएगा। निर्धारित अंतराल में विश्राम एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए हॉल्ट रहेगा।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा के दौरान मार्ग की स्थिति, यातायात व्यवस्था, यात्रियों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं प्रोटोकॉल के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं।

यात्रा बहाल होने से श्रद्धालुओं को मद्महेश्वर धाम के दर्शन के लिए आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित सुरक्षा निर्देशों एवं संबंधित विभागों की एडवाइजरी का पालन करते हुए यात्रा करें और मौसम तथा मार्ग की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूरी सावधानी बरतें। <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookviral nis:value=facebookviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=instagram nis:value=instagram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=today nis:value=today nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=madhyamaheshwar nis:value=madhyamaheshwar nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/>
पीएम पोषण के आंकड़ों में गड़बड़ी पर छह स्कूलों पर शिकंजा,, नामांकन के सापेक्ष भोजन करने वाले बच्चों की संख्या भेजी गलत,,
सीईओ ने तलब किया स्पष्टीकरण, भविष्य में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी,,

रुद्रप्रयाग। प्रधानमंत्री पोषण योजना की ऑटोमेटिक रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम में छात्र-छात्राओं की संख्या संबंधी त्रुटिपूर्ण सूचना भेजे जाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। समीक्षा के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर जनपद के छह विद्यालयों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने संबंधित अधिकारियों को भविष्य में वास्तविक एवं सही आंकड़े ही फीड कराने के निर्देश दिए हैं।

एसएमएस से भेजे आंकड़ों की पड़ताल में खुली पोल,,

बुधवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने पीएम पोषण योजना की ऑटोमेटिक रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम में दर्ज सूचनाओं की समीक्षा की। योजना के तहत प्रत्येक कार्यदिवस भोजन ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या संबंधित संस्थाध्यक्ष अथवा पीएम पोषण प्रभारी द्वारा एसएमएस के माध्यम से भेजी जाती है। समीक्षा का उद्देश्य योजना में पारदर्शिता के साथ भोजन प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या की निगरानी करना है।

इन छह विद्यालयों में मिली त्रुटिपूर्ण फीडिंग,,

समीक्षा के दौरान छह विद्यालयों द्वारा पंजीकृत छात्र संख्या के सापेक्ष भोजन ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या की सूचना त्रुटिपूर्ण भेजी गई। इनमें राजकीय इंटर कॉलेज नारायणकोटि, जनता जूनियर हाईस्कूल विनोधारा, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिल्ला, प्राथमिक विद्यालय कौशलपुर, प्राथमिक विद्यालय बौठा धनपुर तथा राजकीय इंटर कॉलेज कमसाल शामिल हैं।

हर माह सात तारीख तक पूरा करना होगा डाटा फीडिंग का काम,,

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने खंड एवं उप शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्रुटिपूर्ण सूचना के लिए जिम्मेदार प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण लिया जाए तथा भविष्य में ऐसी लापरवाही न करने की चेतावनी दी जाए। उन्होंने पीएम पोषण योजना का डाटा प्रत्येक माह की सात तारीख तक अनिवार्य रूप से पूरा कराने के निर्देश दिए।

वास्तविक मील के आधार पर ही दर्ज होगा आंकड़ा,,

सीईओ ने कहा कि नामांकन के सापेक्ष कम उपस्थिति वाले विद्यालयों की स्थिति भी स्पष्ट की जाए। पीएम पोषण योजना में वास्तविक रूप से वितरित एवं ग्रहण किए गए भोजन के आधार पर ही आंकड़े दर्ज किए जाने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को योजना की लगातार समीक्षा और विद्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि नौनिहालों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुलागाड़ में टूटा वैली ब्रिज, मलबे-बोल्डरों की मार से आवाजाही ठप,
दारमा, व्यास और चौदास घाटी का धारचूला से संपर्क कटा,
गुंजी-कुटी जा रहे श्रद्धालु रास्ते में फंसे,
सेना और ग्रामीणों की भी बढ़ी मुश्किलें,

पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र धारचूला से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुलागाड़ के पास बना वैली ब्रिज मलबे और भारी बोल्डरों की चपेट में आकर टूट गया है।
पुल टूटने के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इसका सीधा असर दारमा, व्यास और चौदास घाटी के लोगों पर पड़ा है। तीनों घाटियों का धारचूला तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है।

ये तस्वीरें सीमांत धारचूला के कुलागाड़ की हैं...
जहां पहाड़ से गिरे मलबे और भारी-भरकम बोल्डरों ने एक बार फिर तबाही मचा दी।
पहाड़ से आया मलबा सीधे वैली ब्रिज पर गिरा...और देखते ही देखते पुल इसकी चपेट में आ गया।

भारी मलबे और बोल्डरों के दबाव से वैली ब्रिज टूट गया, जिसके बाद सड़क पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।

यह कोई सामान्य रास्ता नहीं है...
बल्कि यही मार्ग सीमांत क्षेत्र की दारमा, व्यास और चौदास घाटियों को धारचूला तहसील मुख्यालय से जोड़ता है।

पुल टूटने के बाद तीनों घाटियों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है।

स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह सिर्फ सड़क बंद होने की खबर नहीं है...
बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों, जरूरी सामान, आवाजाही और अन्य सेवाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ने वाला है।

उधर, गुंजी और कुटी में पूजा-पाठ के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।

श्रद्धालु इसी मार्ग से सीमांत क्षेत्र की ओर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में वैली ब्रिज टूट जाने से उनकी यात्रा भी प्रभावित हो गई है।कई यात्री मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

सीमांत क्षेत्र में सड़क संपर्क का महत्व इसलिए भी बेहद ज्यादा है...
क्योंकि यही रास्ते स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

ऐसे में वैली ब्रिज का टूटना सिर्फ ग्रामीणों के लिए परेशानी नहीं है...
बल्कि सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सीमांत क्षेत्र में भी चुनौती बढ़ गई है।

पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बीच मलबा और बोल्डर गिरने का सिलसिला लगातार जारी है।

कुलागाड़ में वैली ब्रिज टूटने से फिलहाल दारमा, व्यास और चौदास—तीनों सीमांत घाटियों की राह मुश्किल हो गई है।एक तरफ स्थानीय ग्रामीण परेशान हैं, दूसरी तरफ गुंजी-कुटी जाने वाले श्रद्धालु फंसे हैं और सीमांत क्षेत्र में सेना की आवाजाही पर भी इसका असर पड़ा है। <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookviral nis:value=facebookviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=socialmedia nis:value=socialmedia nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=pithoragarh nis:value=pithoragarh nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=today nis:value=today nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=update nis:value=Update nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=instagram nis:value=instagram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rain nis:value=rain nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=weather nis:value=weather nis:enabled=true nis:link/> कुलागाड़ में टूटा वैली ब्रिज, मलबे-बोल्डरों की मार से आवाजाही ठप,
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पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र धारचूला से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुलागाड़ के पास बना वैली ब्रिज मलबे और भारी बोल्डरों की चपेट में आकर टूट गया है।
पुल टूटने के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इसका सीधा असर दारमा, व्यास और चौदास घाटी के लोगों पर पड़ा है। तीनों घाटियों का धारचूला तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है।

ये तस्वीरें सीमांत धारचूला के कुलागाड़ की हैं...
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भारी मलबे और बोल्डरों के दबाव से वैली ब्रिज टूट गया, जिसके बाद सड़क पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।

यह कोई सामान्य रास्ता नहीं है...
बल्कि यही मार्ग सीमांत क्षेत्र की दारमा, व्यास और चौदास घाटियों को धारचूला तहसील मुख्यालय से जोड़ता है।

पुल टूटने के बाद तीनों घाटियों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है।

स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह सिर्फ सड़क बंद होने की खबर नहीं है...
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उधर, गुंजी और कुटी में पूजा-पाठ के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।

श्रद्धालु इसी मार्ग से सीमांत क्षेत्र की ओर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में वैली ब्रिज टूट जाने से उनकी यात्रा भी प्रभावित हो गई है।कई यात्री मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

सीमांत क्षेत्र में सड़क संपर्क का महत्व इसलिए भी बेहद ज्यादा है...
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ऐसे में वैली ब्रिज का टूटना सिर्फ ग्रामीणों के लिए परेशानी नहीं है...
बल्कि सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सीमांत क्षेत्र में भी चुनौती बढ़ गई है।

पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के बीच मलबा और बोल्डर गिरने का सिलसिला लगातार जारी है।

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रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग-गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर मंगलवार शाम भैंसारी के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां एक अनियंत्रित बाइक सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। बाइक पर तीन युवक सवार थे और हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, 18 अगस्त 2026 की शाम करीब 6:35 बजे आपदा कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग को सूचना मिली कि गुप्तकाशी मार्ग पर भैंसारी के पास एक बाइक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई है। सूचना मिलते ही जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के निर्देश पर डीडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस प्रशासन और 108 एंबुलेंस को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
राहत एवं बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और खाई में फंसे तीनों बाइक सवारों के रेस्क्यू के लिए अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद तीनों घायलों को सुरक्षित खाई से बाहर निकाला गया। तीनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया।
घायल युवकों का विवरण
सुरजीत, पुत्र मानसिंह, उम्र 20 वर्ष, निवासी शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश।
विजय, पुत्र सुरेन्द्र, उम्र 19 वर्ष, निवासी शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश।
संदीप, उम्र 21 वर्ष, निवासी शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश।
हादसे के बाद मौके पर राहत एवं बचाव टीमों की तत्परता से तीनों घायलों को समय रहते खाई से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookviral nis:value=facebookviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=socialmedia nis:value=socialmedia nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=today nis:value=today nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=update nis:value=Update nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=instagram nis:value=instagram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=resque nis:value=resque nis:enabled=true nis:link/>
केदारनाथ पैदल मार्ग पर बोल्डर गिरने से तीर्थयात्री की मौत,
गौरीकुंड के पास चिरबासा में हादसा, पहाड़ी से अचानक गिरे भारी बोल्डर की चपेट में आए दो यात्री,
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। गौरीकुंड के निकट चिरबासा क्षेत्र में पहाड़ी से अचानक भारी बोल्डर गिरने से दो तीर्थयात्री इसकी चपेट में आ गए। हादसे में एक महिला तीर्थयात्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य यात्री घायल हो गया। घटना के बाद यात्रा मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि दोनों तीर्थयात्री केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए पैदल जा रहे थे। चिरबासा हेलीपैड के समीप अचानक पहाड़ी से बोल्डर गिरने से दोनों इसकी चपेट में आ गए। हादसे में एक महिला यात्री की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही डीडीआरएफ, वाईएमएफ और आपदा मित्र की टीम मौके पर पहुंची और घायल यात्री का रेस्क्यू कर उसे सोनप्रयाग स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां घायल का उपचार चल रहा है।
वहीं, मृतक महिला तीर्थयात्री के शव को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए सोनप्रयाग भेजा गया। हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर यात्रा मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी गई है। <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookviral nis:value=facebookviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=socialmedia nis:value=socialmedia nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=kedarnath nis:value=kedarnath nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=yatra nis:value=yatra nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=today nis:value=today nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=update nis:value=update nis:enabled=true nis:link/>
मेहर गांव में मकान ढहने से तीन की मौत, मलबे से तीनों शव बरामद!!

पौड़ी गढ़वाल के सतपुली क्षेत्र के मेहर गांव में मंगलवार सुबह एक मकान ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और जिला पुलिस, तहसील प्रशासन तथा स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

जिला नियंत्रण कक्ष पौड़ी गढ़वाल से मकान ढहने और मलबे में लोगों के दबे होने की सूचना प्राप्त होने के बाद सतपुली पोस्ट प्रभारी उपनिरीक्षक सावर सिंह के नेतृत्व में SDRF टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम ने मौके पर पहुंचते ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

SDRF जवानों ने मलबे को व्यवस्थित तरीके से हटाते हुए संभावित स्थानों पर लगातार तलाश की। काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों लोगों के शव एक-एक कर बरामद कर लिए गए। शवों को आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

इसके बाद SDRF टीम ने घटनास्थल के सभी संभावित स्थानों की गहन जांच और सर्चिंग की। किसी अन्य व्यक्ति के मलबे में दबे होने की संभावना नहीं मिलने पर राहत एवं बचाव अभियान समाप्त कर दिया गया।

मृतकों में 80 वर्षीय मथुरा देवी पत्नी स्वर्गीय प्रताप सिंह, 44 वर्षीय धीरेंद्र सिंह पुत्र स्वर्गीय प्रताप सिंह और एक पांच वर्षीय बालक शामिल है। बालक के नाम की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर है। <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookviral nis:value=facebookviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=socialmedia nis:value=socialmedia nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=today nis:value=today nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=update nis:value=Update nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rain nis:value=rain nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=paurigarhwal nis:value=paurigarhwal nis:enabled=true nis:link/>
बबीता की मदद की गुहार: बच्चों की परवरिश के लिए रोजगार की मांग

श्रीनगर/श्रीकोट। श्रीनगर के श्रीकोट में रहने वाली बबीता इन दिनों आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं। बबीता दिव्यांग हैं और उनके दो छोटी बेटियां हैं, जिनमें सबसे छोटी बेटी महज छह महीने की है।

बबीता का कहना है कि आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि वह अपनी छोटी बेटी के दूध का खर्च तक नहीं उठा पा रही हैं और दूध के लिए भी दूसरों से मदद मांगनी पड़ती है। वह पढ़ी-लिखी हैं और अब सरकार व समाज से रोजगार का अवसर देने की गुहार लगा रही हैं।

बबीता का कहना है कि अगर उन्हें कोई रोजगार मिल जाए तो वह अपने बच्चों का पालन-पोषण करने के साथ-साथ उनकी पढ़ाई-लिखाई भी कर सकेंगी।

वहीं, उनकी करीब तीन साल की मासूम बेटी भी लोगों से भावुक अपील करते हुए कहती है कि “मेरे पापा भगवान के पास चले गए हैं, हमारी मदद करें, मेरी मम्मी की मदद करें।”

बबीता ने समाज और प्रशासन से अपील की है कि उन्हें आर्थिक सहायता के साथ ऐसा रोजगार उपलब्ध कराया जाए, जिससे वह अपने बच्चों को सम्मान के साथ पाल सकें और उन्हें बेहतर भविष्य दे सकें। <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookviral nis:value=facebookviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=reporter nis:value=reporter nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=womensupportingwomen nis:value=womensupportingwomen nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=instagram nis:value=instagram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=widow nis:value=widow nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=help nis:value=help nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=today nis:value=today nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=srinagar nis:value=srinagar nis:enabled=true nis:link/> Garhwal <nis:link nis:type=tag nis:id=daughters nis:value=daughters nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=socialmedia nis:value=socialmedia nis:enabled=true nis:link/>
पुस्तक दान के साथ क्षेत्रीय समस्याओं का मुद्दा उठाया, डीएम विशाल मिश्रा से मिले जिला पंचायत सदस्य त्रियुगीनारायण अमित मैखंडी!!

11 पुस्तकें भेंट कर ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान में दिया योगदान!!

शिक्षा, सड़क और आपदा प्रभावित परिवारों से जुड़े मामलों के समाधान की मांग!!

रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी विशाल मिश्रा द्वारा जिले में चलाए जा रहे ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान को जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का निरंतर सहयोग मिल रहा है। इसी क्रम में जिला पंचायत सदस्य त्रियुगीनारायण अमित मैखंडी ने मंगलवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर अभियान के तहत 11 पुस्तकें भेंट कीं। उन्होंने पुस्तक दान के माध्यम से ज्ञान और शिक्षा के प्रसार की पहल का समर्थन करते हुए क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं और विकास कार्यों से संबंधित ज्ञापन भी जिलाधिकारी को सौंपा।
तुंगनाथ में पर्यटक की अचानक तबीयत बिगड़ी, अस्पताल पहुंचने पर मौत,

तुंगनाथ-चंद्रशिला क्षेत्र में मंगलवार को एक व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) रुद्रप्रयाग के निर्देश पर डीडीआरएफ और आपदा मित्र टीम चोपता ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया।

जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे तुंगनाथ स्थित चंद्रशिला लॉज में ठहरे दिनेश सिंह नेगी (45) पुत्र पान सिंह नेगी, निवासी पोखरी/कलसिर, जिला चमोली की अचानक तबीयत खराब हो गई। स्थानीय होटल संचालक से सूचना मिलने के बाद डीडीआरएफ और आपदा मित्र टीम मौके पर पहुंची। बताया गया कि व्यक्ति बेहोशी की हालत में था। रेस्क्यू टीम ने उसे ऑक्सीजन उपलब्ध कराई और स्ट्रेचर के माध्यम से स्थानीय लोगों की मदद से चोपता तक पहुंचाया।

इसके बाद स्थानीय वाहन की सहायता से उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया था। टीम ने बेहोशी की हालत में मिले व्यक्ति को प्राथमिक सहायता और ऑक्सीजन देते हुए सुरक्षित रूप से चोपता पहुंचाया, जहां से अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों को सूचना दे दी गई है। मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेगी। <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookviral nis:value=facebookviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=reporter nis:value=reporter nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=socialmedia nis:value=socialmedia nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=tungnath nis:value=tungnath nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=chandrashila nis:value=chandrashila nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=yatra nis:value=yatra nis:enabled=true nis:link/>
रूद्रप्रयाग शहर के बेलनी पुल पर बवाल, एक सप्ताह से आंदोलन,,

पुराने पुल पर ही नया पुल बनाने की मांग, 35 से अधिक व्यापारी-भवन स्वामी प्रभावित होने का दावा,,

रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग शहर के बेलनी में प्रस्तावित नए मोटर पुल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पुल निर्माण के विरोध में स्थानीय व्यापारी और भवन स्वामी पिछले एक सप्ताह से धरने पर हैं। भारी बारिश के बावजूद आंदोलनकारियों का प्रदर्शन जारी है और अब आंदोलन तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

दरअसल, करीब 60 वर्ष पुराने जर्जर स्टील पुल के स्थान पर 85.68 मीटर लंबे नए मोटर सेतु का निर्माण प्रस्तावित है। करीब 33.05 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत नया पुल पुराने पुल के अपस्ट्रीम साइड में बनाया जाना है। इसी प्रस्तावित स्थल को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

प्रभावितों की मांग है कि नया पुल पुराने पुल के स्थान पर ही बनाया जाए, ताकि विकास कार्य के साथ स्थानीय व्यापार और आवास भी सुरक्षित रह सकें।

प्रभावित व्यापारियों और भवन स्वामियों का दावा है कि प्रस्तावित निर्माण से 35 से अधिक परिवार और कारोबारी सीधे प्रभावित होंगे। उनका कहना है कि कई लोग वर्षों से यहां दुकान और कारोबार कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। निर्माण के कारण उनके सामने रोजगार और आवास का संकट पैदा हो सकता है।
सभासद सुरेंद्र रावत, अनीता बर्त्वाल, लक्ष्मी देवी, प्रधान सांदर बंटी जगवान और विजया नेगी समेत प्रभावित लोगों ने सरकार से निर्माण स्थल की पुनः समीक्षा करने की मांग की है।

आंदोलन को नगर पालिका अध्यक्ष संतोष रावत का समर्थन मिला है। उन्होंने प्रभावित लोगों की मांग का समर्थन करते हुए उनके साथ खड़े होने की बात कही है। इससे आंदोलनकारियों का मनोबल बढ़ा है।

लगातार बारिश के बावजूद महिलाएं और पुरुष धरना स्थल पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समाधान की मांग की।

आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्हें पुल निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर स्थानीय लोगों का रोजगार और आशियाना उजाड़ना स्वीकार नहीं किया जाएगा। <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookviral nis:value=facebookviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=viral nis:value=viral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=rudraprayag nis:value=rudraprayag nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=instagram nis:value=instagram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=uttarakhand nis:value=uttarakhand nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bjpgovernment nis:value=BJPGovernment nis:enabled=true nis:link/>
श्रीकोट की बबीता ने लगाई मदद की गुहार, पति की मौत के बाद दो बेटियों की जिम्मेदारी !

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीकोट की रहने वाली बबीता की जिंदगी मुश्किल दौर से गुजर रही है। शादी के बाद वह हरियाणा में रहने लगी, लेकिन बेटी के जन्म के बाद कथित तौर पर उसे ससुराल में उपेक्षा और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा।

बबीता के पति का हार्ट अटैक से निधन हो चुका है। पति की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी अब पूरी तरह बबीता पर आ गई है। उनकी दो बेटियां हैं, जिनके पालन-पोषण और पढ़ाई की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर है।

बबीता स्वयं दिव्यांग हैं और वर्तमान में उनके पास कोई स्थायी रोजगार या आय का साधन नहीं है। वह शिक्षित हैं और काम करने की इच्छुक हैं। ऐसे में उन्होंने सरकार, प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं से आर्थिक सहायता के साथ अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।

बबीता का कहना है कि यदि उन्हें रोजगार या स्वरोजगार का अवसर मिल जाए, तो वह अपनी दोनों बेटियों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए संघर्ष कर सकती हैं। अब उनकी उम्मीद प्रशासन और समाज से मदद की है।  <nis:link nis:type=tag nis:id=facebookviral nis:value=facebookviral nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=bjpgovernment nis:value=BJPGovernment nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=instagram nis:value=instagram nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=women#srinagar nis:value=women#srinagar nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=widow nis:value=widow nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=help nis:value=help nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=today nis:value=today nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=reporter nis:value=reporter nis:enabled=true nis:link/>