पेपरलेस ई-निबंधन को लेकर डीड राइटर्स व अधिवक्ताओं को दिया प्रशिक्षण
जहानाबाद। समाहरणालय स्थित ग्राम प्लेक्स भवन में बुधवार को पेपरलेस ई-निबंधन प्रक्रिया को लेकर डीड राइटर्स एवं अधिवक्ताओं के लिए प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया के निर्देश पर जिला अवर निबंधक कार्यालय की ओर से आयोजित कार्यशाला में डिजिटल माध्यम से निबंधन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान e-Nibandhan Portal पर दस्तावेज तैयार करने से लेकर निबंधन पूरा करने तक की प्रक्रिया को क्रमवार समझाया गया। इसमें दस्तावेज का प्रकार, विक्रेता व क्रेता की जानकारी, जमीन एवं भू-संपत्ति का विवरण, भुगतान मद, चेक स्लिप निर्गत करने, दस्तावेज संदर्भ की प्रविष्टि, प्रभावी मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क जमा करने के साथ OTP और e-Sign के माध्यम से दस्तावेज निष्पादन तथा नियुक्ति लेने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पेपरलेस व्यवस्था का अर्थ यह नहीं है कि निबंधन के बाद आम लोगों को दस्तावेज की कागजी प्रति नहीं मिलेगी। इसका उद्देश्य मुख्य रूप से विभागीय प्रक्रिया एवं सरकारी अभिलेखों को डिजिटल बनाना है। निबंधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पक्षकारों को दस्तावेज की प्रति पूर्ववत उपलब्ध कराई जाएगी। डिजिटल व्यवस्था से निबंधन प्रक्रिया को सरल, सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया गया है।
कार्यशाला में डीड राइटर्स एवं अधिवक्ताओं को सेवा प्रदाता के रूप में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों से भी अवगत कराया गया। बताया गया कि नई डिजिटल व्यवस्था में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। वे आम लोगों को दस्तावेज तैयार करने, पोर्टल की प्रक्रिया समझने और निबंधन से संबंधित आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करेंगे।
इस दौरान प्रतिभागियों ने पेपरलेस निबंधन प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने समाधान किया। पोर्टल के विभिन्न चरणों को व्यावहारिक रूप से समझाते हुए सेवा प्रदाताओं से नई डिजिटल व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की गई।
कार्यशाला के अंत में उपस्थित डीड राइटर्स एवं अधिवक्ताओं ने नई व्यवस्था के अनुरूप निबंधन कार्य में पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया।