बालाघाट की गीता की कहानी : 1500 रुपये ने दिया आत्मसम्मान, बेटी पहुंची राज्य स्तर तकबालाघाट - बालाघाट की निवासी गीता के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की कहानी बन गई है।गीता बताती हैं कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत उन्हें प्रति माह 1500 रुपये की राशि सीधे उनके खाते में प्राप्त हो रही है।पहले अपनी छोटी-छोटी जरूरतों और बेटियों की इच्छाओं को पूरा करने के लिए उन्हें परिवार के सामने हाथ फैलाना पड़ता था। चाह कर भी वे अपनी और अपनी बेटियों की कई इच्छाएं पूरी नहीं कर पाती थीं। बेटी को खेलने जाने, कपड़े या जूते लेने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती थी।लेकिन आज स्थिति बदल गई है। गीता कहती हैं - "आज मैं इतनी स्वतंत्र हूँ कि मैं अपने खाते से खुद राशि निकालकर अपनी बच्चियों की तैयारी खुद कर देती हूँ।"इसी राशि और हिम्मत से उनकी बेटी आज राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता तक पहुंच गई है और आगे भी पढ़ाई और खेल में बढ़ रही है।इस बदलाव का सारा श्रेय गीता अपने भाई, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी को देती हैं और लाड़ली बहना योजना के लिए हृदय से धन्यवाद व्यक्त करती हैं।1500 रुपये की छोटी सी राशि ने गीता को गौरवान्वित और उत्साहित महसूस कराया है, और उनकी बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है।
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28 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Oct 14, 2026