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*एक रक्तदान, कई जिंदगियों की मुस्कान!* *प्रोजेक्ट जागृति के तहत 22 अगस्त को आयोजित रक्तदान शिविर में सहभागी बनें। आइए, रक्तदान करें, जीवन बचाएं और इस पुनीत कार्य को जनअभियान बनाएं।* *आपका रक्तदान, किसी के जीवन की नई उम्मीद बन सकता है।*
Sonua, Pashchimi Singhbhum
| Aug 21, 2026
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जिले में 11 निर्धारित रूटों पर 17 वाहनों का हो रहा परिचालन, एक रूट परिवर्तन आवेदन पर भी हुई चर्चा पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी श्री गौतम कुमार उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए निर्धारित मानकों एवं आवश्यक प्रक्रियाओं के अनुरूप 4 नए वाहनों के संचालन से संबंधित आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही एक वाहन के रूट परिवर्तन से संबंधित आवेदन पर भी विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के उद्देश्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को सुगम, सुलभ एवं नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से ऐसे ग्रामीण क्षेत्र, जहां सार्वजनिक परिवहन की सुविधा सीमित है, वहां इस योजना के माध्यम से आवागमन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के तहत स्वीकृत वाहनों का संचालन निर्धारित रूट एवं निर्धारित शर्तों के अनुरूप नियमित रूप से सुनिश्चित कराया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। बैठक में बताया गया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत वर्तमान में कुल 11 निर्धारित रूटों पर 17 वाहनों का परिचालन किया जा रहा है। योजना के माध्यम से जिले के ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों को प्रखंड एवं जिला मुख्यालय सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों, श्रमिकों, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं अन्य आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिल रही है। बैठक के दौरान प्राप्त नए आवेदनों की पात्रता, प्रस्तावित रूट, निर्धारित मापदंडों तथा योजना के प्रावधानों के अनुरूप समीक्षा की गई। समीक्षा के उपरांत 4 नए वाहनों के संचालन संबंधी आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं, एक रूट परिवर्तन आवेदन पर संबंधित क्षेत्र की परिवहन आवश्यकता, यात्रियों की सुविधा एवं निर्धारित नियमों के आलोक में विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के अंतर्गत संचालित वाहनों की नियमित निगरानी की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि स्वीकृत रूट पर निर्धारित समय एवं नियमों के अनुरूप वाहनों का परिचालन हो। उन्होंने आम नागरिकों को योजना का अधिकाधिक लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक समन्वय एवं प्रभावी अनुश्रवण पर भी बल दिया। जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के माध्यम से जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि लोगों को आवागमन के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सके और आवश्यक सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार एवं प्रशासनिक केंद्रों तक उनकी पहुंच सुगम हो। नए वाहनों के संचालन की स्वीकृति से योजना के दायरे को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।
Sonua, Pashchimi Singhbhum | Aug 21, 2026
22 अगस्त के रक्तदान शिविर को सफल बनाने के लिए उपायुक्त ने विभिन्न समूहों के साथ की वर्चुअल बैठक पश्चिमी सिंहभूम जिला उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में आगामी 22 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर की तैयारियों एवं व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वर्चुअल माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों, संस्थानों एवं सामाजिक समूहों से जुड़े पदाधिकारियों, कर्मियों तथा प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि रक्तदान एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व है और किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में प्रत्येक रक्तदाता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से अपने-अपने स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक पात्र एवं इच्छुक लोगों को 22 अगस्त को आयोजित रक्तदान शिविर में भाग लेने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उपायुक्त ने समाहरणालय, अंचल, प्रखंड एवं अनुमंडल स्तर पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक, वरीय सहायक, सहायक प्रशासनिक पदाधिकारी एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ-साथ शिक्षक एवं डीएमएफटी अनुशिक्षकों से भी अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने प्रज्ञा केंद्रों के वीएलई, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, जेएसएलपीएस की दीदियों, पीडीएस डीलरों, पंचायत सेवकों, बीपीओ, रोजगार सेवकों, मुखिया एवं जनसेवा से जुड़े कर्मियों से अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने की अपील की। इसी क्रम में कल्याण विभाग के कर्मियों, कृषि विभाग के कर्मियों, सभी कार्यपालक अभियंताओं एवं उनकी टीम, खेल विभाग के कर्मियों, कोच एवं खिलाड़ियों, स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों, जलसहिया तथा बैंकर्स सहित विभिन्न समूहों को भी रक्तदान अभियान से जोड़ते हुए अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि विभिन्न विभागों एवं सामाजिक समूहों की सामूहिक भागीदारी से रक्तदान को जनअभियान का स्वरूप दिया जा सकता है। बैठक में पश्चिमी सिंहभूम जिले को टीबी मुक्त जिला बनाने की दिशा में भी विशेष रूप से चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों, कर्मियों एवं समाज के सक्षम एवं इच्छुक लोगों से निक्षय मित्र के रूप में आगे आने तथा टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं में सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि टीबी के उन्मूलन के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को भावनात्मक, सामाजिक एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे मरीजों के उपचार की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। उपायुक्त ने कहा कि रक्तदान और टीबी उन्मूलन दोनों ही मानवीय संवेदनशीलता एवं सामुदायिक सहभागिता से जुड़े अभियान हैं। जिले के सभी पदाधिकारी, कर्मी, जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, युवा, खिलाड़ी, बैंकर्स एवं आम नागरिक इन अभियानों से जुड़कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। जिला प्रशासन की ओर से जिलेवासियों से अपील की गई कि 22 अगस्त को आयोजित रक्तदान शिविर में पात्र एवं स्वस्थ व्यक्ति स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा में सहभागी बनें तथा सक्षम नागरिक निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को सहयोग प्रदान करें। सामूहिक प्रयासों से पश्चिमी सिंहभूम को स्वस्थ, जागरूक एवं टीबी मुक्त जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया जा सकता है।
Sonua, Pashchimi Singhbhum | Aug 21, 2026
*स्वच्छ एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर स्ट्रीट फूड वेंडर्स का दो दिवसीय फोस्टेक प्रशिक्षण शुरू* पश्चिमी सिंहभूम जिले में आमजनों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा स्ट्रीट फूड कारोबार से जुड़े वेंडर्स को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के मानकों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार को दो दिवसीय फोस्टेक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सदर अस्पताल, चाईबासा स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त श्री मनीष कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी एवं खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री धनेश्वर हेम्ब्रम सहित स्ट्रीट फूड वेंडर्स उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन नेस्ले कंपनी एवं नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से किया जा रहा है। वेंडर्स को प्रभावी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि जिले में नागरिकों को स्वच्छ एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्ट्रीट फूड वेंडर्स से अपील करते हुए कहा कि खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं बिक्री के दौरान स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने खाद्य पदार्थों में नमक, चीनी एवं तेल का कम से कम इस्तेमाल करने तथा अनावश्यक रूप से फूड कलर का प्रयोग नहीं करने की अपील की। उपायुक्त ने कहा कि खाद्य पदार्थों के निर्माण में हमेशा गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित कच्ची सामग्री का ही उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। प्रशिक्षण के दौरान स्ट्रीट फूड वेंडर्स को खाद्य सुरक्षा, व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित प्रबंधन, कच्चे एवं तैयार भोजन के उचित रख-रखाव तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित तरीके से भोजन तैयार करने के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। वेंडर्स को बताया गया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता केवल उसके स्वाद से निर्धारित नहीं होती, बल्कि उसकी स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण, निर्माण प्रक्रिया और परोसने के तरीके का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान होता है। प्रशिक्षण के दौरान सभी स्ट्रीट फूड वेंडर्स को हाइजीन किट का भी वितरण किया गया। हाइजीन किट में एप्रन, ग्लव्स, टोपी, हेयर नेट, साबुन, टॉवल तथा आवश्यक निर्देशिका शामिल थी। वेंडर्स को कारोबार के दौरान एप्रन, ग्लव्स एवं हेयर नेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि खाद्य पदार्थों को बाहरी गंदगी, धूल एवं संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके। साथ ही हाथों की नियमित सफाई, साफ-सुथरे कपड़ों का उपयोग तथा खाद्य पदार्थों को संभालते समय व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ठेला-खोमचा संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई। उन्हें खाद्य व्यवसाय के संचालन में निर्धारित मानकों एवं नियमों का पालन करने, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए जागरूक किया गया। वेंडर्स को अपने फूड स्टॉल, कार्ट एवं ठेले की नियमित रूप से साफ-सफाई रखने तथा खाद्य पदार्थों को स्वच्छ एवं सुरक्षित स्थान पर रखने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण का खाद्य लाइसेंस अथवा पंजीकरण प्राप्त करने तथा उसे अपने प्रतिष्ठान पर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के संबंध में भी जागरूक किया गया। प्रशिक्षण के दौरान वेंडर्स को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि किसी भी परिस्थिति में एक्सपायरी, बासी अथवा सड़ी-गली खाद्य सामग्री का उपयोग या बिक्री नहीं की जाए। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं उपयोग की अवधि की नियमित जांच करने, खराब अथवा संदिग्ध सामग्री को तत्काल अलग करने तथा सुरक्षित खाद्य प्रबंधन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही वेंडर्स को खाद्य पदार्थों को ढककर रखने, साफ पानी का उपयोग करने, खाद्य निर्माण एवं परोसने वाले स्थान को स्वच्छ रखने तथा खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाले बर्तनों एवं उपकरणों की नियमित सफाई करने के संबंध में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि छोटी-छोटी स्वच्छता संबंधी सावधानियां अपनाकर खाद्य जनित बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जिला प्रशासन का उद्देश्य इस प्रशिक्षण के माध्यम से स्ट्रीट फूड वेंडर्स को केवल नियमों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता को उनके दैनिक व्यवसाय का अभिन्न हिस्सा बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से वेंडर्स में जिम्मेदार खाद्य व्यवसाय संचालन की भावना विकसित करने तथा आम लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में व्यवहारिक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने सभी स्ट्रीट फूड वेंडर्स से अपील की है कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को अपने दैनिक कारोबार में अनिवार्य रूप से लागू करें और स्वच्छता, गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन करते हुए आमजनों के लिए सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
Sonua, Pashchimi Singhbhum | Aug 21, 2026
प्रारूप मतदाता सूची में नाम, पता एवं अन्य प्रविष्टियों की जांच कर समय पर कराएं सुधार- जिला निर्वाचन पदाधिकारी* ================= पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत तदर्थ बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में वर्तमान में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत दावा-आपत्ति के निराकरण तथा आगामी अर्हता तिथि के आधार पर नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने की प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में एसआईआर के तहत प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची से संबंधित दावा एवं आपत्ति के निराकरण की प्रक्रिया संचालित है। साथ ही 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पात्र युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया भी जारी है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिले के सभी 1387 मतदान केंद्रों के पोषित क्षेत्र में ऐसे सभी पात्र युवाओं की पहचान सुनिश्चित की जाए, जो निर्धारित अर्हता तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं। किसी भी पात्र युवा का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे, इसके लिए बूथ स्तर तक विशेष रूप से सक्रियता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि नए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए प्रपत्र-6 प्राप्त किया जाए। पात्र नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार प्रपत्र-6 ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से जमा कर सकते हैं। संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, बूथ लेवल पदाधिकारी एवं निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य कर्मियों को प्राप्त प्रपत्रों की आवश्यक जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मनीष कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से संबंधित सभी गतिविधियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्राप्त प्रपत्रों का केवल औपचारिक निष्पादन नहीं, बल्कि दस्तावेजों एवं पात्रता की समुचित जांच के उपरांत नियमसंगत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता मतदाता सूची की शुद्धता एवं अद्यतन स्थिति पर निर्भर करती है। इसलिए प्रत्येक स्तर पर सावधानी, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य किया जाना आवश्यक है। बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में प्रत्येक नागरिक स्वयं अपना नाम तथा अपने परिवार के सभी सदस्यों के नाम की अनिवार्य रूप से जांच करें। मतदाता यह भी सुनिश्चित करें कि उनका नाम सही मतदान केंद्र एवं सही पोषित क्षेत्र में दर्ज है। यदि एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज हैं और वे एक ही स्थान पर निवास करते हैं, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रपत्र-8 के माध्यम से आवश्यक सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है, ताकि पात्र परिवार के सदस्यों का नाम नियमानुसार एक ही मतदान केंद्र से संबंधित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारूप मतदाता सूची की जांच के दौरान यदि नाम, पता, आयु, फोटो, संबंध, मतदान केंद्र अथवा किसी अन्य प्रविष्टि में किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति पाई जाती है, तो निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से समय रहते उसमें सुधार कराया जा सकता है। उन्होंने जिले के सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि वे अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की प्रतीक्षा न करें, बल्कि वर्तमान प्रारूप सूची का अवलोकन कर किसी भी त्रुटि अथवा आपत्ति की स्थिति में निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक दावा या आपत्ति प्रस्तुत करें। उपायुक्त ने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदाता सूची से संबंधित प्राप्त आवेदनों एवं दावा-आपत्तियों का नियमानुसार सत्यापन कर निष्पादन किया जाए। साथ ही बूथ स्तर पर कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्र में पात्र नए मतदाताओं, विशेषकर 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया कि कोई भी पात्र नागरिक तकनीकी अथवा जानकारी के अभाव में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के निर्धारित लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी तथा सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी प्राप्त प्रपत्रों, दावा-आपत्तियों एवं अन्य निर्वाचन संबंधी आवेदनों का नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। बैठक में अपर उपायुक्त श्री किस्टो कुमार बेसरा, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री बंधन लांग, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी श्री जयप्रकाश नारायण सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे। वहीं जिले के सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, अतिरिक्त निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, बूथ लेवल पदाधिकारी, बूथ सुपरवाइजर तथा निर्वाचन कार्य से जुड़े ऑपरेटरों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।
Sonua, Pashchimi Singhbhum | Aug 21, 2026
शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता एवं अनुशासन को लेकर उपायुक्त ने दिए स्पष्ट निर्देश पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री प्रवीण कुमार सहित शिक्षा विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी बीआरपी एवं सीआरपी ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया। बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन योजना सहित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित एवं समयबद्ध उपस्थिति को विशेष रूप से गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया कि सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति सीधे तौर पर शिक्षण व्यवस्था की गुणवत्ता से जुड़ी है। किसी भी स्तर पर अनियमितता अथवा लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बीआरपी, सीआरपी एवं संबंधित पदाधिकारियों को विद्यालयों का नियमित अनुश्रवण करते हुए वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करने का भी निर्देश दिया। उपायुक्त ने विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर भी स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति में गिरावट नहीं आनी चाहिए। विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के कारणों की जानकारी लेते हुए आवश्यक स्तर पर अभिभावकों से समन्वय स्थापित कर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की नियमित उपस्थिति केवल विद्यालय आने तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह उनके शैक्षणिक विकास एवं सीखने के परिणामों से सीधे जुड़ा हुआ है। इसलिए विद्यालय स्तर से लेकर प्रखंड एवं जिला स्तर तक इसकी सतत निगरानी आवश्यक है। बैठक में मध्याह्न भोजन योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का संचालन निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप कुशलतापूर्वक सुनिश्चित किया जाए। बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो, इसकी नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय कर्मियों को विद्यालयों का निरीक्षण कर मध्याह्न भोजन के संचालन, स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता तथा बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को मतदाता जागरूकता एवं मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्य में विद्यालयों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में अध्ययनरत ऐसे सभी छात्र-छात्राओं की पहचान की जाए, जो 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं अथवा 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले हैं। ऐसे सभी योग्य विद्यार्थियों का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए विद्यालय स्तर पर विशेष पहल की जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी पात्र विद्यार्थी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित नहीं रहना चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि विद्यालय लोकतांत्रिक जागरूकता के निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इसलिए योग्य विद्यार्थियों को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया, पात्रता एवं आवश्यक प्रक्रिया के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराते हुए उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए संबंधित पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने इस कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा पात्र विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में छात्राओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में अध्ययनरत सभी पात्र छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र छात्राओं की पहचान कर उनके आवेदन एवं योजना से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए, ताकि किसी भी योग्य छात्रा को योजना के लाभ से वंचित न होना पड़े। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को विद्यालय स्तर पर योजना की जानकारी पहुंचाने तथा पात्र लाभुकों के आवेदन की स्थिति की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। इसके अलावा उपायुक्त ने वर्तमान में संचालित उन्नति का पहिया साइकिल वितरण योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि योजना के तहत निर्धारित पात्र विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को लाभुक विद्यार्थियों की सूची, वितरण की स्थिति एवं लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग से संबंधित सभी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल लक्ष्य प्राप्त करना नहीं, बल्कि उसका वास्तविक लाभ विद्यालयों एवं विद्यार्थियों तक पहुंचाना है। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग, समस्याओं का त्वरित समाधान तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने बीआरपी एवं सीआरपी को क्षेत्र भ्रमण के दौरान विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, योग्य विद्यार्थियों के मतदाता पंजीकरण, पात्र छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ तथा उन्नति का पहिया साइकिल वितरण योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने पर जोर दिया।
Sonua, Pashchimi Singhbhum | Aug 21, 2026