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Dist. Admin Muzaffarpur

@dpromuzaffarpur
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आज दिनाँक 12.09.2026 को उपविकास आयुक्त महोदय द्वारा सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सभी प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवम सभी कार्यक्रम पदाधिकारी के साथ आंगनवाड़ी, मिशन कायाकल्प ,वृक्षारोपण एवम रूरल हाट की प्रगति से संबंधित समीक्षा बैठक की जिसमे सभी नए आंगनवाड़ी का सर्वे दो दिनों के अंदर पूर्ण करने का निदेश दिया।मिशन कायाकल्प अंतर्गत विभागीय मार्गदर्शन के अनुरूप योजनाओं के चयन में प्राथमिकता देने हेतु निदेशित किया गया है।वृक्षारोपण की योजनाओं को प्रारंभ करने में अगले दो दिनों के अंदर सत प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने हेतु निदेशित किया गया।सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निदेशित किया गया कि मिशन कायाकल्प हेतु चयन किये जा रहे एक एक योजनाओं का अपने स्तर से पर्यवेक्षण करना सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी ने की संभावित बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा, पदाधिकारियों को एसओपी के अनुसार सुदृढ़ तैयारी रखने का दिया निदेश
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बाढ़ आने की स्थिति में प्रभावितों के जान-माल की सुरक्षा एवं ससमय राहत पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: क्षेत्रीय पदाधिकारीगण तुरंत रिस्पॉन्ड करेंगेः डीएम
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किसी भी स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन पूर्णतः तैयार; आपदा प्रबंधन तंत्र सजग एवं तत्परः डीएम
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डीएम ने कहाः त्रुटिरहित आपदा प्रबंधन के लिए अंतर्विभागीय समन्वय, सतर्कता एवं सक्रिय रहने की आवश्यकता; पदाधिकारी मिशन मोड में काम करें
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मुजफ्फरपुर, शनिवार, दिनांक 12.09.2026ःजिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव ने कहा है कि संभावित बाढ़ से निपटने हेतु जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है। संपूर्ण आपदा प्रबंधन तंत्र इसके लिए पूर्णतः सजग एवं तत्पर है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार जिला स्तर पर सभी व्यवस्था की गई है। वे आज इस विषय पर आयोजित एक बैठक में समाहरणालय स्थित सभागार में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अभी बाढ़ के दृष्टिकोण से सजग एवं सतर्क रहने की आवश्यकता है। भविष्य में बागमती नदी में पानी बढ़ने से कटरा, गायघाट एवं औराई क्षेत्र में प्रभाव पड़ने की संभावना हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निदेश देते हुए कहा कि मौसम विभाग द्वारा दी जा रही सूचनाओं, वर्षापात के आंकड़ों तथा नदियों के जल-स्तर पर लगातार नजर रखें। जिलाधिकारी ने कहा कि एसओपी के अनुसार क्षेत्रीय पदाधिकारी यथा अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तुरंत रिस्पॉन्ड करेंगे। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, सक्रिय एवं तत्पर रहे। 

इस बैठक में जिलाधिकारी द्वारा वर्षापात, नदियों का जल-स्तर, संसाधनों की उपलब्धता, तटबंधों की सुरक्षा, दवाओं की उपलब्धता, फसल आच्छादन, वैकल्पिक एवं आकस्मिक फसल योजना, पेयजल की उपलब्धता, राजकीय नलकूपों की क्रियाशीलता, सड़कों की स्थिति इत्यादि की एक-एक कर वृहत समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारियों से अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया। उन्होंने निदेश दिया कि सभी पदाधिकारी टीम भावना के साथ संवेदनशील होकर काम करें। यह सुनिश्चिित करें कि हरेक तटबंध पूर्णतः सुदृढ़ रहे। सभी सड़क मोटरेबल रहे। उन्होंने कहा कि बाढ़ आने की स्थिति में प्रभावितों के जान-माल की सुरक्षा एवं ससमय राहत पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल संसाधन विभाग, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, पी.एच.ई.डी., लघु जल संसाधन, नगर निकाय, पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग सहित संबंधित सभी विभागों के पदाधिकारी आपस में सुदृढ़ समन्वय तथा सार्थक संवाद स्थापित रखें एवं परिस्थिति के अनुसार त्वरित गति से कार्य करें।

जिलाधिकारी ने अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को बाढ़-पूर्व तैयारी के लिए आवश्यक सभी संसाधनों की उपलब्धता का भौतिक जाँच करने का निदेश दिया। 
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जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा की स्थिति में सामान्य जन-जीवन प्रभावित न हो यह सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन दृढ़-संकल्पित है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को एसओपी के अनुसार मिशन मोड में काम करने का निदेश दिया।
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जिला में बाढ़ से निपटने हेतु 97 प्रकार की सभी आवश्यक दवा पर्याप्त संख्या में उपलब्ध है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रवार मोबाईल (चलन्त) मेडिकल टीम को तैनात किया गया है। आवश्यक जीवन-रक्षक दवाओं की समुचित संख्या में उपलब्धता है। जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि पशु चिकित्सा हेतु 38 पशु राहत शिविरों को चिन्हित किया गया है। यहां आपदा की स्थिति में पशु चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को तैनात किया गया है। पशु चिकित्सालयों में 44 प्रकार की आवश्यक दवाइयां उपलब्ध है। 
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संभावित बाढ़, 2026 की पूर्व तैयारी से संबंधित विवरण निम्नवत हैः-

1. वर्षामापक यंत्र/दैनिक वर्षापात प्रतिवेदन- मुजफ्फरपुर जिला में कुल 16 वर्षामापी यंत्र (सभी प्रखण्डों में एक-एक) तथा 385 स्वचालित वर्षामापी यंत्र (एआरजी) कार्यरत है। साथ ही 17 स्वचालित मौसम केन्द्र क्रियाशील है जिससे वर्षापात के साथ-साथ तापमान, आद्र्रता, हवा की गति एवं दिशा संबंधी आंकड़े प्राप्त होते हैं। इन आंकड़ों को जिले के वेबसाईट पर वेदर डैशबोर्ड से आम जनता भी देख सकती है। सभी एआरजी से वर्षापात के आंकड़े नियमित एवं ससमय प्राप्त हो रहे हैं। 

तुलनात्मक वर्षापात की स्थितिः सामान्य एवं वास्तविक वर्षापात में जून 2026 में माईनस 91.3 एम.एम. अर्थात माईनस 55.64 प्रतिशत तथा जुलाई 2026 में माईनस 150.9 एम.एम. अर्थात माईनस 49.51 प्रतिशत का विचलन आया है। अगस्त 2026 में माईनस 144.8 एम.एम. अर्थात माईनस 49.47 प्रतिशत तथा सितंबर 2026 में माईनस 125.3 एम.एम. अर्थात माईनस 60.01 प्रतिशत का विचलन आया है। 

जिलाधिकारी ने जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को वर्षापात के आंकड़ों पर लगातार नजर रखने तथा जिला कृषि पदाधिकारी को तदनुसार विभागीय आदेशों के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया। 

2.  संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र एवं संकटग्रस्त व्यक्ति-समूहों की पहचान- संभावित बाढ़, 2026 की पूर्व तैयारी के तहत बाढ़ से प्रभावित होने वाले प्रखंडों एवं पंचायतों में गठित अनुश्रवण समिति के सहयोग से पंचायतों, गाँवों, टोलों एवं वार्ड्स की पहचान की गई है। आपदा पीड़ित परिवारों को पीएफएमएस के माध्यम से आनुग्रहिक राहत (जीआर) का भुगतान करने हेतु सभी अंचलों द्वारा आधार सत्यापन के पश्चात प्रावधानों के अनुसार कुल 5,53,114 परिवारों की सूची आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर अपडेट की गई है।  जिलाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों को आपदा प्रबंधन विभाग के गाइडलाईंस के अनुसार आपदा की स्थिति में कार्य करने का निदेश दिया ताकि लोेगों को ससमय राहत पहुँचाई जा सके। 

3. संसाधनों की उपलब्धता- अंचलाधिकारियों द्वारा 263 पंजीकृत निजी नावों के परिचालन हेतु एकरारनामा किया गया है। नावों का स्थानीय स्तर पर संबंधित अंचल अधिकारी के द्वारा आवश्यकता के अनुरूप डिप्लॉयमेंट प्लान (तैनाती की योजना) तैयार की गई है। जलप्लावित क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों/राहत शिविरों में बाढ़ पीड़ितों को लाने के लिए नावों की पर्याप्त व्यवस्था है। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशानुसार 159 गोताखोरों को प्रशिक्षित किया गया है। संभावित बाढ़, 2026 की पूर्व तैयारी के तहत बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच वितरण हेतु बाढ़ राहत सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। 

जिला में उपलब्ध पॉलीथिन शीट्स की संख्या-38203, सरकारी नाव-15, निजी नाव-263, महाजाल-01, लाईफ जैकेट-65, इन्फ्लेटेबल लाईटिंग सिस्टम-01, प्रशिक्षित गोताखोरों की संख्या-159, चिन्हित शरण स्थलों/राहत शिविरों की संख्या-418, चिन्हित सामुदायिक रसोईघरों की संख्या-448, आपदा मित्रों की संख्या-497, सैटेलाईट फोन-05.. 

जिलाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को चिहिन्त शरण स्थलों/राहत शिविरों तथा सामुदायिक रसोईघरों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का भौतिक निरीक्षण करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि एस.ओ.पी. के अनुसार हर व्यवस्था रहनी चाहिए। 

4. एसडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति तथा मोटरबोट की स्थिति- एसडीआरएफ की 01 टीम 27 सदस्यों के साथ  तैनात है। तैनात की गई टीम आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव का कार्य करेगी। 

5. कोषांगों का गठन एवं जिला स्तरीय 24’7 नियंत्रण कक्ष की स्थापना- आपदा प्रबंधन हेतु 11 बाढ़ राहत कोषांग क्रियाशील है। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र में जिला-स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित है जिसकी दूरभाष संख्या  0621-2212007 है। 

6. मानव दवा की व्यवस्था एवं मोबाईल मेडिकल टीम - (क) सिविल सर्जन की अध्यक्षता में कमिटी का गठन किया गया है तथा नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है।

(ख) संभावित बाढ़ प्रभावित कमजोर नवजात शिशु को चिन्हित किया गया है। 

(ग) सरकारी तथा गैर सरकारी क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थानों, ब्लड बैंकों की पहचान कर ली गई है। 
 
(घ) असामान्य स्थिति से निपटने हेतु चलन्त मेडिकल टीम का गठन सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों द्वारा किया गया है।

(च) आपदा जनित मौतों तथा डायरिया इत्यादि बीमारियों के फैलाव के अनुश्रवण हेतु आईडीएसपी कोषांग क्रियाशील है। एएनएम, आशा एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा बीमारियों के लक्षण एवं बचाव हेतु आम जनता को जागरूक किया जा रहा है। 

(छ) प्रखण्डवार ब्लीचिंग पाउडर, हैलोजन टेबलेट एवं लाईम पाउडर उपलब्ध है। 

(ज) मानव दवा की व्यवस्था एवं मोबाईल मेडिकल टीमः-जिला में बाढ़ से निपटने हेतु 97 प्रकार की सभी आवश्यक दवा पर्याप्त संख्या में उपलब्ध है। मोबाईल मेडिकल टीम क्रियाशील है। असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- सिविल सर्जन, मुजफ्फरपुर से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार जिला ड्रग स्टोर तथा स्वास्थ्य संस्थानों (प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, रेफरल अस्पताल एवं अनुमंडल अस्पतालों) में ओआरएस, एंटि-रेविज वैक्सिन (एआरवी) वायल, सांप काटने की दवा (एएसवीएस) वायल, डेक्स्ट्रोज 10 प्रतिशत 500 एम.एल., डीएनएस 500 एम.एल., मैट्रोनाईडाजोल 400 एमजी टैबलेट, एनएस 500 एम.एल., ऑण्डेन्सट्रॉन इन्जेक्शन, ऑण्डेन्सट्रॉनध्डॉम्पेरिडोन, आरएल 500 एम.एल., आईवी सेट (एडल्ट), ब्लीचिंग पाउडर, लाईम पाउडर, हैलोजेन टैबलेट सहित सभी आवश्यक जीवन-रक्षक दवाएं उपलब्ध है।

7.  नोडल पदाधिकारी/जिला स्तरीय टास्क फोर्स- पंचायत स्तरीय/प्रखण्ड स्तरीय नोडल पदाधिकारी/जोनल पदाधिकारी तथा सुपर जोनल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिला स्तरीय टास्क फोर्स का भी गठन कर लिया गया है।

8. शुद्ध पेयजल की व्यवस्था- पी.एच.ई.डी. के तहत चालू चापाकलों की संख्या-मुजफ्फरपुर-21,853, मोतीपुर-21,803 ..  
(ख) चापाकल मरम्मती दल सभी प्रखंडों में कार्यरत है। चापाकलों की मरम्मती मुजफ्फरपुर-2,545, मोतीपुर-2,794. चापाकल मरम्मती दल हेतु टॉल फ्री नं.- 18001231121.
जिलाधिकारी द्वारा कार्यपालक अभियंताओं को खराब चापाकलों को शीघ्र क्रियाशील करने एवं शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि संभावित आसन्न आपदाओं का पूर्वानुमान, ससमय एवं शीघ्र चेतावनी और आम जनता के बीच उनका प्रभावी प्रचार-प्रसार सफल आपदा प्रबंधन के मुख्य घटक हैं। प्रबंधन के विभिन्न चरणों यथा आपदा का निवारण, कमी एवं आपदा के प्रति प्रत्युत्तर के लिए सम्पूर्ण तंत्र सक्रिय है।
 
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पदाधिकारियों को बाढ़ से निपटने हेतु नदियों के जल-स्तर में वृद्धि तथा वर्षापात के आँकड़ों पर लगातार नजर रखने, तटबंधों की नियमित निगरानी करने एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने सहित सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सभी तैयारी त्रुटिहीन ढंग से सुनिश्चित रखने का निदेश दिया गया है। जिला प्रशासन, नगर निगम, पथ निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग एवं अन्य विभागों तथा एजेंसियों के अधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर स्थिति के अनुसार त्वरित गति से रिस्पॉंड करने का निदेश दिया गया है। आम जनता से भी इन स्थितियों से बचाव हेतु ‘‘क्या करें एवं क्या न करें’’ का अनुपालन करने तथा इसे जन-जन तक प्रसारित करने का आह्वान किया गया है। किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र (0621-2212007) पर सम्पर्क किया जा सकता है। पदाधिकारियों को किसी की स्थिति में सामान्य जन-जीवन प्रभावित न हो यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।. जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर
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विदित हो कि जिलाधिकारी द्वारा संभावित बाढ़ से निपटने हेतु तैयारी की नियमित समीक्षा की जा रही है। वे लगातार क्षेत्र भ्रमण भी कर रहे हैं। उन्होंने पदाधिकारियों को तटबंधों की लगातार पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि संवेदनशील स्थलों पर तटबधों का सुदृढीकरण करें। संचार तंत्र एवं सूचना प्रणाली को सुदृढ़ रखें। शरण स्थलों पर मोबाइल मेडिकल टीम, शौचालय एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था रहनी चाहिए। यहां मेडिकल कैंप, शिशु टीकाकरण, प्रसव, भोजन का उपस्कर, बच्चों हेतु विशेष भोजन, मच्छरदानी, सैनिटरी किट के लिए विशेष रूप से निर्मित योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने पुल-पुलियों एवं मुख्य सड़कों विशेषकर जिला मुख्यालय से प्रखंड को जोड़ने वाले लिंक रोड की नियमानुसार मरम्मती एवं संधारण कार्य पर विशेष ध्यान देने को कहा। जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संकटग्रस्त एवं भेद्य समुदायों का प्रशिक्षण कर क्षमता वर्धन कार्य पर विशेष ध्यान देने का निदेश दिया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि सार्थक संचार तंत्र सफल आपदा प्रबंधन की रीढ़ है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को इसे सुदृढ़ एवं सक्रिय रखने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने की राजस्व मामलों में प्रगति की समीक्षा
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जिला में दाखिल-खारिज में 98 प्रतिशत से अधिक आवेदनों को निष्पादित किया गया है
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दाखिल-खारिज के 35 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को निर्धारित समय सीमा के अंदर विधिवत रूप से निष्पादित करें: डीएम
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सभी अंचल अधिकारियों को राजस्व कर्मचारीवार प्रगति की नियमित समीक्षा करने का डीएम ने दिया निदेश
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समाहर्ता-सह-जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव द्वारा आज राजस्व मामलों की समीक्षा की गई। उन्होंने दाखिल-खारिज, परिमार्जन, अभियान बसेरा, भूमि नापी, भूमि विवाद निराकरण, अतिक्रमण उन्मूलन, भू-अर्जन, भूमि उपलब्धता एवं हस्तानांतरण सहित विभिन्न मामलों में अंचलवार अद्यतन प्रगति का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न अंचलों में दाखिल-खारिज के 75 दिनों से अधिक समय के 3,687 मामले लंबित हैं। यह खेदजनक है। उन्होंने अंचल अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर दाखिल-खारिज के 75 दिनों से अधिक समय के सभी मामलों को नियमानुसार निष्पादित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को यह भी निदेश दिया कि नए आवेदनों में से एक भी आवेदन एक्सपायर्ड नहीं होना चाहिए। पुराने एक्सपायर्ड आवेदनों को नियमानुसार शीघ्र निष्पादित करते हुए नए आवेदनों को समय-सीमा के अंदर शत-प्रतिशत निष्पादित करने का निदेश दिया गया। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को निदेश दिया कि प्राप्त आवेदनों की संख्या की तुलना में निष्पादित आवेदनों की संख्या समानुपातिक रूप से अधिक रखें ताकि बैकलॉग न रहे।

जिलाधिकारी द्वारा सभी अंचल अधिकारियों को परिमार्जन प्लस की दोनों श्रेणियों- डिजिटायज्ड जमाबंदी में सुधार एवं लेफ्ट आउट जमाबंदी- में सीओ स्तर पर लंबित 10,674 मामलों को 7 दिन के अंदर विधिवत निष्पादित करने का निदेश दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला में विभिन्न योजनाओं यथा आंगनवाड़ी केंद्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, पंचायत सरकार भवनों इत्यादि के लिए जमीन की आवश्यकता है। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कैम्प मोड में नियमों के तहत जमीन खोजकर शीघ्र अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) उपलब्ध कराने का निदेश दिया। डीएम ने अपर समाहर्ता को निदेश दिया कि भूमि चिन्हित करने के कार्य का अनुश्रवण करें। अंचलाधिकारियों द्वारा प्रखंड स्तरीय विभागीय पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए भूमि को चिन्हित करने के कार्य में तेजी लाई जाए। अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को आ रही समस्याओं का समाधान करने का निदेश दिया गया।
     
जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों में गुणात्मक सुधार के प्रति सजग एवं गंभीर रहें। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को राजस्व कर्मचारीवार प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा करने का निदेश दिया। लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले राजस्व कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यों में शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आज की बैठक में डीएम ने खारिज-दाखिल एवं परिमार्जन प्लस में आवेदनों के निष्पादन की स्थिति, मामलों के लंबित रहने के कारण एवं अन्य मानकों पर गहन समीक्षा की।

समीक्षा में पाया गया कि दाखिल-खारिज के 847109 प्राप्त आवेदनों में से 830486 आवेदनों को निष्पादित किया गया है जो प्राप्त आवेदनों का 98.04 प्रतिशत है। आवेदनों के अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी आवेदनों का ससमय एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन करने का आदेश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि समीक्षा में पाया गया कि ऑनलाइन म्यूटेशन के जिला में 120 दिन से अधिक 566 आवेदन तथा 75 दिन से अधिक 3687 आवेदन लंबित है। डिफेक्ट चेक में राजस्व कर्मचारी के स्तर पर 6,272 आवेदन लंबित है। उन्होंने इस पर गंभीर खेद व्यक्त करते हुए अपर समाहर्ता को सबसे ख़राब प्रदर्शन करने वाले 10 राजस्व कर्मचारियों को चिन्हित कर उनका वेतन रोकने एवं स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया। साथ ही अंचल अधिकारियों को डिफेक्ट चेक के लंबित आवेदनों को सात दिनों के अंदर तथा म्यूटेशन के लंबित आवेदनों को नियमानुसार शीघ्रता निष्पादित करने का निर्देश दिया।

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समाहर्ता-सह-जिलाधिकारी ने कहा कि अनेक अंचलाधिकारियों द्वारा विभिन्न मानकों पर अच्छा कार्य किया जा रहा है। हम उनकी सराहना करते हैं। सभी अंचल अधिकारी सरकार के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करें तथा जनहित के कार्यों को समय से निष्पादित करें।
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जिलाधिकारी द्वारा सभी भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को निदेश दिया गया कि दाखिल-खारिज के अपील मामलों एवं बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम (बीएलडीआरए) के तहत मामलों का समय-सीमा के अंदर विधिवत निष्पादन के साथ ही अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत सभी अंचलों का निरीक्षण करें एवं राजस्व कार्यों का अनुश्रवण कर सरकार के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराएँ। जिलाधिकारी ने सभी भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को भूमि विवाद निराकरण (बीएलडीआरए), म्यूटेशन अपील एवं अभियान बसेरा के मामलों में विशेष रूचि लेते हुए त्वरित निष्पादन करने का निदेश दिया।
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जिलाधिकारी ने अंचलवार समीक्षा करते हुए कहा कि जिन-जिन अंचलों में दाखिल-खारिज के बहुत अधिक मामले 75 दिनों से अधिक समय से लंबित है वहाँ अंचल अधिकारी कर्मचारीवार विस्तृत समीक्षा करें तथा विशेष प्रयास कर कार्यों में तेजी लाएं।

भूमि सुधार उप समाहर्ताओं एवं अंचल अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व प्रशासन आपका कोर कार्य है। आप सभी को इसी भावना से काम करना चाहिए। फिर भी ऐसा संज्ञान में आता है कि आम लोगों को असुविधा हो रही है। लोगों को काफी शिकायतें हैं। यह खेदजनक है। सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुपालन में शिथिलता के विरूद्ध जिला प्रशासन की शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) है। उन्होंने कहा कि आज की तिथि में दाखिल-खारिज के लंबित मामलों की संख्या 16,244 है। उन्होंने निदेश दिया कि समय सीमा से अधिक एक भी आवेदन लंबित नहीं रहनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश देते हुए कहा कि दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन के आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के अंदर निष्पादन नहीं करने, नापीवाद एवं अतिक्रमणवाद का विधिवत संचालन नहीं करने पर दोषी अधिकारियों पर जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। 

जिलाधिकारी ने कहा कि दाखिल-खारिज के आवेदनों को अस्वीकृत करने में विशेष सावधानी बरतें तथा सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न माध्यमों यथा समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक चैनल्स, लोक शिकायत एवं जनता से साक्षात्कार के क्रम में यह पता चलता है कि दाखिल खारिज आवेदनों का ससमय निष्पादन नहीं किया जाता है एवं बिना उचित कारण के आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह बहुत आपत्तिजनक है। बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 एवं बिहार भूमि दाखिल खारिज अधिनियम, 2011 में दाखिल खारिज आवेदनों के निष्पादन की अवधि एवं विधि का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। डीएम ने कहा कि दाखिल खारिज आवेदनों को प्रत्येक स्तर पर यथा दाखिल खारिज आवेदनों के निष्पादन की कार्रवाई करने वाले प्रत्येक कर्मी/पदाधिकारी द्वारा तय अवधि एवं विधि द्वारा निष्पादित किया जाएगा तथा बिना स्पष्ट/उचित कारण के आवेदनों को अस्वीकृत नहीं किया जाएगा। सभी अंचल अधिकारी एवं राजस्व अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि दाखिल खारिज आवेदनों को निष्पादित करने के क्रम में मानकों का अनुपालन करें। साथ ही आवेदनों को निष्पादित करने के क्रम में किसी कर्मी/पदाधिकारी द्वारा बिना स्पष्ट कारण के यदि अस्वीकृत किया जाता है तथा तय समय-सीमा से अधिक समय लिया जाता है तो ऐसी स्थिति में अविलंब इस संबंध में जिम्मेदार कर्मी एवं पदाधिकारी को चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई करें। अपर समाहर्ता को अनुश्रवण करने के लिए निदेशित किया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि खारिज-दाखिल एवं परिमार्जन प्लस में शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभिन्न मानकों पर खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलाधिकारी इस माह के अंत तक अपेक्षित सुधार ले आएँ।

डीएम ने कहा कि सभी अंचलाधिकारी राजस्व कर्मचारीवार नियमित समीक्षा करें। साथ ही सभी भूमि-सुधार उप समाहर्ता अंचलाधिकारियों के कार्यों का लगातार अनुश्रवण करें। 

डीएम ने राजस्व-कार्यों में संलग्न अधिकारियों को प्रतिबद्धता एवं तत्परता से कार्य करने का निर्देश दिया।

इस बैठक में समाहर्ता के साथ अपर समाहर्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचलों के अंचलाधिकारी एवं अन्य भी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक का आयोजन हुआ, पदाधिकारियों को *अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित कर जनहित के मामलों को तत्परता से हल करने* का दिया निदेश
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17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' की सुदृढ़ तैयारी सुनिश्चित करने का अधिकारियों को डीएम ने दिया निर्देश
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लोक-कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता; संबंधित विभागों के पदाधिकारी सरकार के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करेंः जिलाधिकारी
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मुजफ्फरपुर, शनिवार, दिनांक 12.09.2026ः जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव की अध्यक्षता में आज समाहरणालय में जिला समन्वय समिति की बैठक का आयोजन हुआ। उन्होंने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर आम जनता की समस्याओं का पूरी संवेदनशीलता के साथ त्वरित गति से समाधान करने का निदेश दिया।

इस बैठक में विभिन्न विभागों यथा ग्रामीण विकास, राजस्व, आपदा प्रबंधन, आपूर्ति, कल्याण, पंचायती राज, आईसीडीएस, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, नगर विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, श्रम, जीविका, पथ निर्माण, विद्युत, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, मत्स्य, जल संसाधन, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, समाज कल्याण, खेल, योजना एवं विकास, सांख्यिकी, सहकारिता सहित अनेक विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी द्वारा पदाधिकारियों को विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध तरीके से सफल क्रियान्वयन करने का निदेश दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि समन्वय बैठक का मूल उद्देश्य अतंर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित करना है ताकि जनहित के कार्यों को तत्परता से क्रियान्वित किया जा सके। जो भी समस्याएं आती है उसका संबंधित विभागों के पदाधिकारी आपस में संवाद एवं समन्वय स्थापित करते हुए तेजी से समाधान करें।

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जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार के आदेश के अनुसार 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक '*सेवा संकल्प अभियान*' का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इसकी सुदृढ़ तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकतम जन सहभागिता से अभियान को उत्सवी माहौल (फेस्टिव एनवायरनमेंट) में मनाया जाएगा। आंगनवाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, पंचायतों, गांवों, प्रखंडों सहित सभी स्तरों पर इसका आयोजन किया जाएगा। आईसीडीएस, शिक्षा, आईपीआरडी, नगर विकास, कला एवं संस्कृति, पंचायती राज, उद्योग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर अभियान का सफल क्रियान्वयन करने का निर्देश दिया गया है।
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जिलाधिकारी द्वारा बैठक में ही आईसीडीएस के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए भवन निर्माण, प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड (पीवीसीएस) अन्तर्गत तरकारी आउटलेट का निर्माण, स्वास्थ्य उप केन्द्रों का निर्माण इत्यादि के लिए भूमि उपलब्धता के अंतर्विभागीय लंबित मामलों का समाधान किया गया। उन्होंने अपर समाहर्ता को संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ सार्थक समन्वय एवं सुदृढ़ संवाद स्थापित कर अंचल अधिकारियों के माध्यम से सभी योजनाओं के लिए तत्परता से भूमि उपलब्ध कराने का निदेश दिया।
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जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारीगण स्व-उतरदायित्व एवं स्व-अनुशासन की भावना से काम कर रहे हैं। यह प्रशंसा का विषय है। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रीय पदाधिकारीगण यह सुनिश्चित करंे कि आम जनता को अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालयों का दौर न लगाना पड़े। छोटे-छोटे कार्यों को लेकर भी लोगों को परेशान न होना पड़े यह क्षेत्रों में पदस्थापित अधिकारीगण सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए हर स्तर पर पदाधिकारियों को रिस्पाँसिव होना पड़ेगा। कार्य-संस्कृति को सुदृढ़ रखना होगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस तरह की बैठकों का काफी महत्व है। विकास, राजस्व, कल्याण, ग्रामीण विकास, आईसीडीएस, स्वास्थ्य, अभियंत्रण सहित सभी विभागों के अधिकारियों के बीच भूमि उपलब्धता, सीमांकन, एनओसी इत्यादि के लंबित मामलों का आपसी समन्वय के द्वारा निपटारा किया जाता है। 

जिलाधिकारी ने कहा कि पदाधिकारीगण आवश्यकतानुसार अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित कर पूर्ण पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

इस बैठक में जिलाधिकारी द्वारा आँगनबाड़ी केन्द्रों का भवन निर्माण, प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड (पीवीसीएस) अन्तर्गत तरकारी आउटलेट के लिए भूमि की उपलब्धता, राशन कार्ड का सृजन, समरसता संकल्प अभियान, विद्यार्थियों की शिकायतों एवं समस्याओं के प्रभावी समाधान हेतु ’’विद्यार्थी सहयोग शिविर’’ का आयोजन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, जीवन प्रामाणीकरण, पंचायत सरकार भवनों का निर्माण, कन्या विवाह मंडप का निर्माण, लोक शिकायत निवारण तथा लोक सेवा के अधिकार से संबंधित मामलों, वीबी जी राम जी सहित विभिन्न योजनाओं में साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया। डीएम ने कहा कि सरकार के विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी पदाधिकारी सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। विभिन्न विभागों के जिन-जिन कार्यों तथा योजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता, अनापति प्रमाण-पत्र, सीमांकन, अतिक्रमण हटाने इत्यादि का मामला लंबित है उसके लिए प्रखंड-स्तरीय विभागीय पदाधिकारी एवं संबंधित अंचल अधिकारी समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लायें तथा मामले का समाधान करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी इसका पर्यवेक्षण करेंगे तथा अपर समाहर्ता इसका अनुश्रवण करेंगे। 

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जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व से अवस्थित आधारभूत संरचनाओं एवं परिसम्पत्तियों को सुदृढ़ करने तथा नए परिसम्पत्तियों का निर्माण करने हेतु मिशन कायाकल्प प्रारंभ किया जा रहा है। इसके तहत विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, सामुदायिक भवनों, स्वास्थ्य उप केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण/ उन्नयन एवं नवनिर्माण तथा अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं को शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए प्रखण्ड स्तर पर प्रखण्ड विकास पदाधिकारी तथा जिला स्तर पर उप विकास आयुक्त नोडल पदाधिकारी हैं।
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जिला प्रोग्राम कार्यालय, आईसीडीएस के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने डीपीओ, आईसीडीएस को निर्देश दिया कि जिला के सभी 5,617 आँगनबाड़ी केन्द्रों पर आधारभूत संरचनाएं उपलब्ध रहनी चाहिए। शुद्ध पेयजल एवं शौचालय की समुचित व्यवस्था तथा विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित रहनी चाहिए। जिला में कुल 17 बाल विकास परियोजना है। प्रति परियोजना 20 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित है। इस प्रकार आँगनबाड़ी केंद्रों के लिए कुल 340 भवन निर्माण किया जाना है। समीक्षा में पाया गया कि 185 भवनों के निर्माण हेतु पूर्व में ही जमीन उपलब्ध करा दिया गया है। जिलाधिकारी ने शेष आँगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए भी उपयुक्त जमीन का अनापति प्रमाण-पत्र (एनओसी) शीघ्र उपलब्ध करने का निर्देश अंचल अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। संबंधित पदाधिकारियों को इसके लिए तन्मयता से कार्य करना होगा। जिलाधिकारी द्वारा अपर समाहर्ता को अंचल अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा करने का निदेश दिया गया। बैठक में वीबी जी राम जी के कन्वर्जेन्स तथा नाबार्ड के वित्त पोषण से आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण में प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को डीपीओ मनरेगा, डीपीओ आईसीडीएस, कार्यपालक अभियंता एलएईओ-1 एवं 2 तथा जिला योजना पदाधिकारी के साथ नियमित रूप से समीक्षा कर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने का निदेश दिया। साथ ही निर्माणाधीन भवनों को समय-सीमा के अंदर पूर्ण कराने का निदेश दिया गया।

जिलाधिकारी ने डीपीओ आईसीडीएस को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अन्नप्राशन, गोदभराई एवं वीएचएसएनडी का प्रावधानों के अनुसार सफलतापूर्वक आयोजन करने का निदेश दिया। आँगनबाड़ी केन्द्रों का लगातार निरीक्षण करने तथा योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।

जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि पीवीसीएस में 09 प्रखण्डों को तरकारी आउटलेट निर्माण हेतु चयनित किया गया है। 10X15 वर्गफीट भूमि की आवश्यकता है। पीवीसीएस में पंचायत स्तरीय सब्जी संग्रहण केन्द्र निर्माण हेतु 6 प्रखण्डों को चयनित किया गया है। 700 वर्गफीट क्षेत्रफल की भूमि की आवश्यकता है। जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अंचलों के अंचल अधिकारियों को शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। 

जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण, आधारभूत संरचना, ग्रामीण विकास, नगर विकास सहित सभी विषयों पर सरकार का विशेष ध्यान है। इसी के अनुरूप पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के सिद्धान्त पर चलते हुए जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर द्वारा लोक-कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग अन्तर्गत भी मुजफ्फरपुर जिला में काफी अच्छा काम किया जा रहा है। पोखरैरा, राजवाड़ा, बोचहाँ एवं मुरौल में 4 अम्बेदकर आवासीय विद्यालय संचालित है, जिसमें कुल 1116 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इन्हें आवासन, अध्ययन, भोजन इत्यादि सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध है। सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल क्लास, पुस्तकालय एवं खेल-कूद की सुविधा उपलब्ध है। 5 अतिरिक्त आवासीय विद्यालय प्रखण्ड-पारू, मोतीपुर, सकरा, बंदरा तथा कुढ़नी की स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा दी गई है, जो निर्माण के विभिन्न चरणों में है। जिला में कुल 6 डाॅ. भीमराव अम्बेदकर कल्याण छात्रावासों में कुल 480 छात्र-छात्राएं नामांकित है, जिन्हें मुख्यमंत्री अनुदान योजना के तहत 2,000 रुपए प्रति माह एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत 15 किलोग्राम खाद्यान्न, जिसमें 9 किलो चावल एवं 6 किलो गेहूँ शामिल है, प्रति माह उपलब्ध कराया जा रहा है। छात्रावासों में पुस्तकालय एवं डिजीटल क्लास की सुविधा उपलब है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सिकन्दरपुर में सावित्री बाई फुले छात्रावास का निर्माण की स्वीकृति सरकार द्वारा दी गई है। बाबा साहेब भीमराव अम्बेदकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के परिसर में बीपीएससी, रेलवे, बैंक, एसएससी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी हेतु प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र संचालित है, जिसमें नामांकित 120 छात्रों को 1500 रुपए एवं अन्य जिलों के छात्रों को 3000 हजार रुपए प्रति माह छात्रवृति का भुगतान किया जा रहा है। पदाधिकारियों को संत शिरोमणि श्री गुरू रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर चल रहे समरसता संकल्प अभियान के तहत विभिन्न अनुसूचित जाति टोलों में श्री संत रविदास *विकास शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन करने तथा प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन* करने का निदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्णतः सजग एवं तत्पर रहकर सभी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।  

जिलाधिकारी द्वारा जिला पंचायत राज पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि पंचायत सरकार भवनों के निर्माण का नियमित पर्यवेक्षण करें। समय से कार्य पूर्ण करायें। भूमि चिन्हित करने के कार्य में तेजी लाने का निदेश दिया गया।

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जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के आदेश एवं उद्देश्य के अनुरूप मुजफ्फरपुर जिला में भी जनहित की योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। सभी पंचायतों एवं नगर निकायों में सहयोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है एवं प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के अंदर निष्पादन किया जा रहा है। अभी तक प्राप्त आवेदनों में से 94 प्रतिशत से अधिक आवेदनों को गुणवतापूर्ण रूप से निष्पादित किया गया है। लोग काफी संतुष्ट हैं। शेष आवेदनों को भी निर्धारित समय में निष्पादित किया जा रहा है। 

जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान चलाकर नये राशन कार्ड का निर्माण किया जा रहा है। प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारियों एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को मिशन मोड में ई-केवाईसी तथा राशन कार्ड निर्माण कार्य पूरा करने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि 373 पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि विगत करीब चार माह की अवधि में मुजफ्फरपुर जिलान्तर्गत विभिन्न पंचायतों में 17 पंचायत सरकार भवनों को ग्राम पंचायतों को हस्तान्तरित करते हुए क्रियाशील किया गया है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से 41 अन्य पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। विभिन्न पंचायतों में 29 कन्या विवाह मंडप का निर्माण प्रक्रियाधीन है। मुजफ्फरपुर जिला में लगभग 40 सड़क, पुल-पुलिया, फ्लाईओवर इत्यादि का तेजी से निर्माण हो रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन सब योजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में काफी गुणात्मक बदलाव आ रहा है।
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जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र को निदेश दिया कि मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति-जनजाति उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना एवं मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना का विभाग के निर्देशों के अनुरूप बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करें। लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाएँ। लाभुकों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किस्त का भुगतान नियमानुसार ससमय करें।

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लोक शिकायत निवारण एवं आरटीपीएस 
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जिलाधिकारी द्वारा लोक शिकायत निवारण एवं आरटीपीएस से संबंधित मामलों की समीक्षा की गयी। सभी लोक प्राधिकारों एवं अधिकारियों को आवेदनों का त्वरित निष्पादन करने का निदेश दिया गया। 

जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। लोक शिकायतों की सुनवाई में लोक प्राधिकारों की हर हाल में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित रहनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि लोक शिकायतों के केवल निष्पादन से काम नहीं चलेगा। जनता की संतुष्टि सर्वोपरि है। सभी पदाधिकारी जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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बैठक में अंचलाधिकारियों एवं थानाध्यक्षों की संयुक्त बैठक की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि संयुक्त बैठक का भूमि विवादों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निदेश दिया कि नियमित तौर पर अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष का हरएक सप्ताह संयुक्त बैठक आयोजित हो। साथ ही इसे भू-समाधान पोर्टल पर भी अपलोड किया जाए। 

जिलाधिकारी द्वारा आरटीपीएस में प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि एक्सपायर्ड मामलों की संख्या हर हाल में शून्य रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरटीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप समय-सीमा के अंदर आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें। आम जनता को सेवा प्रदान करने में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 तथा बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 का सफल क्रियान्वयन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता, अनियमितता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि सहयोग पोर्टल, सीपीग्राम, जिला जनता दरबार सहित विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आवेदनों को त्वरित गति से निष्पादित करें।

जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति का अनुश्रवण करने का निदेश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि *पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व* सुनिश्चित करते हुए *जनहित के कार्यों को जिला प्रशासन द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता* के साथ सम्पन्न किया जाता है। *आम जनता को दैनन्दिन कार्यों में समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध* है।

इस बैठक में जिलाधिकारी के साथ नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के जिला-स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखण्ड पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी तथा अन्य भी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव के निदेश पर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (बीआरपीएनएनएल) द्वारा दादर ब्रिज पर लगाए गए हाईट बैरियर को क्षतिग्रस्त करने के आरोप में वाहन स्वामियों एवं चालकों के विरूद्ध स्थानीय अहियापुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चांदनी चैक से बखरी के बीच स्थित दादर ब्रिज का रख-रखाव कार्य एवं बैरिकेडिंग निर्माण पुल निर्माण निगम द्वारा किया जा रहा है। भारी वाहनों द्वारा इसे दो बार क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इसका संज्ञान लेते हुए पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता को विधि-सम्मत कार्रवाई करने का निदेश दिया गया था। इसके आलोक में स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करते हुए उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है। 

जिलाधिकारी ने कहा कि आम जनता की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा दादर ब्रिज के साथ माड़ीपुर आरओबी पर भी हाईट बैरियर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जन सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। ब्रिज के क्षेत्र को सीसीटीवी से आच्छादित किया जा रहा है, जिससे निदेशों का उल्लंघन करने वालों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निदेश दिया गया है कि ब्रिज के रख-रखाव एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करें। एजेंसियों के कार्य-स्थल पर किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अप्रिय घटना न हो इसके लिए उचित कार्रवाई करने का निदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की बैठक, 60 से अधिक योजनाओं में प्रगति की हुई समीक्षा, अधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसियों को तत्परता से क्रियान्वयन करने का दिया गया निदेश
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मुजफ्फरपुर जिला में सभी परियोजनाओं में अच्छी प्रगति है; एसडीओ एवं एसडीपीओ आ रहे व्यवधानों को दूर कर रहे हैंः डीएम
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ग्रामीण सड़कों के अनुरक्षण का जिला स्तर से टीम बनाकर जांच कराने का जिलाधिकारी ने दिया निदेश; जिलाधिकारी ने कहाः लापरवाही या शिथिलता बरतने वाले संवेदकों के विरूद्ध प्राथमिकी, ब्लैकलिस्टिंग सहित सख्त विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी; जनता को कोई भी असुविधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी
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जनहित के कार्यों के प्रति संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा हैः डीएम
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जिलाधिकारी द्वारा अनुमंडल पदाधिकारियों को प्रगति का अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया
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मुजफ्फरपुर, शनिवार, दिनांक 12.09.2026ः समाहर्ता-सह-जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव ने कहा है कि जिला में राज्य-सम्पोषित एवं केन्द्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अच्छी प्रगति है। आ रही छोटी-मोटी समस्याओं को संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विशेष रूचि लेकर दूर कर रहे हैं। वे आज मुजफ्फरपुर समाहरणालय में परियोजना अनुश्रवण समूह (प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप) की बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला में केन्द्रीय एवं राज्य-सम्पोषित 60 से अधिक परियोजनाएँ तेजी से चल रही है। ’’हरएक स्टेकहोल्डर यथा हितबद्ध रैयतों, आम जनता, क्रियान्वयन एजेंसियों सहित सभी को विश्वास’’ में लेते हुए इतनी बड़ी संख्या में विकास योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह प्रसन्नता का विषय है। सभी संबंधित अधिकारी तत्परतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि वे स्वयं परियोजना स्थलों का नियमित भ्रमण कर कार्यों में प्रगति का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कार्यपालक अभियंताओं को भी साईट विजिट कर कार्यों में तेजी लाने का निदेश दिया। जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन से संबद्ध अधिकारी एवं कार्यकारी एजेंसी योजनाओं का गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए तत्परता से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। 

जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को ’विकास योजनाओं के मार्ग में आ रही संरचनाओं का नियमानुसार स्थानान्तरण करने, विधिपूर्वक अतिक्रमण हटाने, तीव्र गति से मुआवजा भुगतान करने तथा जनहित की योजनाओं को गुणवतापूर्ण ढंग से समयसीमा के अंदर पूरा करने’ का निदेश दिया गया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि यदि मार्ग-रेखन में आ रही संरचनाओं के स्थानांतरण, अतिक्रमण, भू-अर्जन इत्यादि से संबंधित कोई समस्या हो तो उसे सभी स्टेकहोल्डर्स से संवाद स्थापित कर नियमानुसार शीघ्र हल करें। क्रियान्वयन एजेंसी को हरसंभव सहयोग प्रदान करें। 
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इस बैठक में जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीण कार्य विभाग पूर्वी-1, पूर्वी-2, पश्चिम; पथ निर्माण विभाग-1 एवं 2 बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, बुडको, राष्ट्रीय उच्च पथ/भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, बियाडा, बीएसआरडीसी, भवन प्रमंडल, भवन निर्माण निगम लिमिटेड, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन-1 एवं 2, जल संसाधन विभाग सहित विभिन्न विभागों के जिले में चल रही 60 से अधिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। ’’बैठक के दरम्यान ही उन्होंने अंतर्विभागीय विषयों पर आधारित मसलों का समाधान’’ किया। साथ ही अनुमंडल पदाधिकारियों को भी क्षेत्रीय स्तर पर परियोजनाओं से संबंधित सभी हितधारकों के साथ नियमित तौर पर समन्वय बैठक कर आपस के मुद्दों का निराकरण करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने अधियाची विभागों द्वारा प्रतिनियुक्त नोडल पदाधिकारियों को क्षेत्रीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कार्यों में प्रगति लाने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी परियोजना स्थल पर अतिक्रमण हो तो अतिक्रमण को चिन्हित करते हुए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सभी संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर नियमानुसार अतिक्रमण हटाएँ। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में जो कोई व्यवधान आ रहा हो उसे संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विशेष रूचि लेकर समाधान कराएँ। अधियाची विभागों के पदाधिकारीगण भी संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित रखें एवं कार्यों में प्रगति लाएँ। 
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जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के निदेश के आलोक में सभी विकास योजनाओं का तेजी से कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि जनहित की योजनाओं का तीव्र गति से क्रियान्वयन हर्ष का विषय है। पदाधिकारियों को सभी योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय-सीमा के अंदर पूरा करने का निदेश दिया गया है।      
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जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा क्रियान्वयन एजेंसियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। कार्यों में बेहतर प्रगति है। हितबद्ध रैयतों, आम जनता, क्रियान्वयन एजेंसियों सहित सभी स्टेकहोल्डर्स को विश्वास में लेकर जनहित के कार्यों के प्रति संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को निर्माण कार्य में सुरक्षात्मक एवं पर्यावरण संरक्षण सहित सभी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि एसओपी के अनुसार निर्माण कार्य किया जाए ताकि किसी को कोई खतरा न हो। अनुमंडल पदाधिकारियों तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को इसका अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया। 
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जिलाधिकारी ने भू-अर्जन तथा भू-हस्तानांतरण के लंबित मामलों को तेजी से निष्पादित करने का निदेश दिया। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को मुआवजा भुगतान के लंबित मामलों को विधिवत शीघ्र निष्पादित करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी परियोजना में हितबद्ध रैयतों को मुआवजा भुगतान में विलंब नहीं की जाए।
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आज की बैठक में जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न परियोजनाओं में दिए गए निदेश निम्नवत हैः-
1. ग्रामीण कार्य विभाग के क्षेत्रान्तर्गत मुजफ्फरपुर जिला में 1,451 (एक हजार चार सौ एकावन) पथ पंचवर्षीय अनुरक्षणाधीन है। इसमें मुजफ्फरपुर पूर्वी-1 के अधीन 445 पथों, मुजफ्फरपुर पूर्वी-2 के अधीन 501 पथों तथा मुजफ्फरपुर पश्चिम-1 के अधीन 505 पथों का पंचवर्षीय अनुरक्षण ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। जिलाधिकरी ने संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को इन पथों का समुचित अनुरक्षण एवं मरम्मती कराने का निदेश दिया। बरसात के कारण इन सड़कों में अगर कोई क्षति हुई हो तो उसे शीघ्र ठीक करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि 15 अक्टूबर के बाद जिला स्तर से टीम बनाकर इन सभी 1,451 सड़कों का जांच कराया जाएगा। अगर जांच में कोई त्रुटि पाई गई, तो संबंधित संवेदकों के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जन सुविधाओं से कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। सड़कों के अनुरक्षण में शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले संवेदकों के विरूद्ध प्राथमिकी, काली सूची में डालने की कार्रवाई सहित अन्य विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। 
2. भवन कार्यपालक अभियंता 12 प्रखण्डों में प्रखण्ड -सह- अंचल कार्यालय के निर्माण कार्य में तेजी लाएं। डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय में विद्यालय भवनों (720 आसन) के सभी छः योजनाओं में निर्माण कार्यों को भी तत्परता से करें। समाहरणालय परिसर में बहुउद्देश्यीय कार्यालय भवन के निर्माण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर शीघ्र पूर्ण करें। 
3. पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, संख्या-1 के कार्यपालक अभियंता को माड़ीपुर पावर हाउस चौक से सकरी पथ के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निदेश दिया गया। 
4. पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, संख्या-1 के कार्यपालक अभियंता को मिठनपुरा चैक से इमली चैक पथ के चैड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य में तेजी लाकर निर्धारित समय-सीमा के अंदर पूरा करने का निदेश दिया गया।
5. आरसीसी नाला बसघटा-पहसौल-यजुआर-पुपरी रोड (पहसौल से जलेबिया) का निर्माण कार्य पथ प्रमंडल संख्या-2 द्वारा किया जा रहा है। अंचलाधिकारी, कटरा को 15 किलोमीटर के क्षेत्र में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण हटाने का निदेश दिया गया। 
6. आरसीसी नाला रून्नी सैदपुर-कटरा-केवटस रोड (औराई) का निर्माण कार्य पथ प्रमंडल संख्या-2 द्वारा किया जा रहा है। कार्यपालक अभियंता को इसे तीन महीना के अंदर पूरा करने का निदेश दिया गया। 
7. बूढ़ी गंडक नदी के अखाड़ाघाट पुल के नजदीक निर्माणाधीन उच्च स्तरीय आरसीसी पुल एवं पहुंच पथ का निर्माण कार्य बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को रैयतों का विधिवत मुआवजा भुगतान करने तथा संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को अतिक्रमण हटाने का निदेश दिया गया। 
8. तुर्की (एनएच-77) से सकरी सरैया चैक तक का पथ निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। लगभग 97 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कर फिनिशिग टच देने का निदेश दिया गया।  
9. बुडको के अनेक योजनाओं में भौतिक प्रगति 75 प्रतिशत से अधिक है। परियोजना निदेशक समय-सीमा के अंदर सभी योजनाओं को पूरा करें। 
10. एनएचएआई के परियोजना निदेशकों को विभिन्न परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करने का निदेश दिया गया।
11. जिन-जिन विभागों से अनापति प्रमाण-पत्र आना है, उसे संबंधित विभाग के कार्यकारी विधिवत रूप से शीघ्र समर्पित करें। 
12. तकनीकी विभागों के अभियंतागण/पदाधिकारीगण परियोजना स्थलों का नियमित भ्रमण कर गुणवतापूर्वक एवं तेजी से कार्य कराएं। 
13. स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (एलएईओ)े के कार्यपालक अभियंताओं को पंचायत सरकार भवनों सहित अन्य योजनाओं पर तेजी से कार्य करने का निदेश दिया गया। 

बैठक में पाया गया कि पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में एलएईओ-1 द्वारा पिछले दो महीने में कोई प्रगति नहीं की गई है। कब्रिस्तान घेराबंदी योजना में भी अपेक्षित प्रगति नहीं है। जिलाधिकारी द्वारा इस पर खेद व्यक्त करते हुए एलएईओ-1 के कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण करते हुए उन्हें कार्य में तेजी लाने का निदेश दिया गया। 

जिलाधिकारी द्वारा पदाधिकारियों को माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के आलोक में सभी योजनाओं पर समयबद्ध ढंग से तेजी से कार्य करने का निदेश दिया गया। 

जिलाधिकारी ने कहा कि ’सरकार की विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध’ रहें।

आज के इस बैठक में नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता, अपर जिला दंडाधिकारी, विधि-व्यवस्था, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, एनएचएआई, पुल निर्माण निगम, बीएसआरडीसीएल एवं अन्य के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Rural Development Department, Government of Bihar 
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आयुष्मान एवं आभा कार्ड के बारे में जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम समन्वयक, स्वास्थ्य, मुजफ्फरपुर।
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