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Dist. Admin Muzaffarpur

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मुजफ्फरपुर, 14 जुलाई 2026: प्रधानमंत्री  सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं उपभोक्ताओं को सोलर रूफटॉप स्थापना हेतु ऋण उपलब्ध कराने में आ रही समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से आज समाहरणालय, मुजफ्फरपुर में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विद्युत अधीक्षण अभियंता (ESE), मुजफ्फरपुर श्री पंकज राजेश, जिले के सभी कार्यपालक विद्युत अभियंता (EEE), अन्य डिस्कॉम अधिकारी, स्टेट डिज़िग्नेटेड कोऑर्डिनेटर (बैंकिंग), विभिन्न बैंकों के लगभग 15 प्रतिनिधि तथा 30 से अधिक अधिकृत सोलर विक्रेता (वेंडर) उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान वेंडरों एवं बैंकों के बीच ऋण स्वीकृति, आवेदन निस्तारण तथा समन्वय से संबंधित समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी पक्षों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा उनके शीघ्र समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए, ताकि योजना के पात्र लाभार्थियों को बिना किसी अनावश्यक विलंब के सोलर रूफटॉप स्थापना का लाभ मिल सके।

जिलाधिकारी ने योजना के अंतर्गत बैंकों एवं डिस्कॉम अधिकारियों के प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों, तकनीकी अनुमोदन, निरीक्षण एवं ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग एवं बैंक आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करें तथा प्रत्येक पात्र उपभोक्ता को शीघ्र लाभ सुनिश्चित करें।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी बैंक अथवा डिस्कॉम अधिकारी द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया अथवा कार्य में लापरवाही एवं अनावश्यक विलंब पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों, बैंकों एवं अधिकृत वेंडरों से समन्वित प्रयास करते हुए पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने का आह्वान किया।
श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों में जुटा जिला प्रशासन, श्रद्धालुओं को मिलेगी हर आवश्यक सुविधा : डीएम कुमार गौरव। 

श्रावणी मेला 2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुचारु आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने समाहरणालय सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर मेले की तैयारियों का जायजा लिया तथा सभी विभागों को समयबद्ध ढंग से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने मेले के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए नियंत्रण कक्ष की स्थापना, चिकित्सा शिविर, ट्रैफिक व्यवस्था, विधि-व्यवस्था, पेयजल, बिजली एवं साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं को समय से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिया गया तथा कार्य प्रगति प्रतिवेदन प्रतिदिन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने फकुली मोड़ से बाबा गरीब नाथ मंदिर तक श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले पूरे मार्ग को सुविधाजनक बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्वच्छ पेयजल, अस्थायी शौचालय, विश्राम स्थल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा विद्युत आपूर्ति निर्बाध रखने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने तथा साफ-सफाई एवं नियमित कचरा निष्पादन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रावणी मेला के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए समन्वित रूप से कार्य करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए श्रावणी मेला 2026 का सफल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करना है।
नया राशन कार्ड निर्गत करने के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री, बिहार सरकार के घोषणा के आलोक में आज दिनांक 13.07.2026 को मुख्य सचिव, बिहार सरकार, के द्वारा विडियों काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी जिला पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई। उक्त बैठक में नये राशन कार्ड का निर्माण कैम्प मोड में करने हेतु लक्ष्य एवं निदेश दिया गया। विदित है कि विभाग द्वारा पूर्व में संचालित आर.सी. ऑनलाइन एवं ऑफलाइन पोर्टल को बंद कर भारत सरकार के SMART - PDS के RCMS Module  को लागू कर दिया गया है। अब राशन कार्ड से संबंधित सभी नए आवेदन एवं उनका निष्पादन इसी पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। विडियों काॅन्फ्रेसिंग में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर, अनुमण्डल पदाधिकारी एवं आपूर्ति के प्रोजेक्ट इन्जिनियर एवं कार्यपालक सहायक भी उपस्थित थे। 
       उक्त बैठक में मुजफ्फरपुर जिला को नया राशन कार्ड निर्गमन हेतु कुल लक्ष्य 86175 तथा प्रत्येक दिन का लक्ष्य 2873 निर्धारित किया गया है। कुल लक्ष्य को दिनांक 13.08.2026 तक पूरा करने का निदेश दिया गया। इस संबंध में जिले में NFSA के अंतर्गत वर्तमान में 1096700 राशन कार्डधारी एवं 4120221 लाभार्थी है। 
        मुख्य सचिव, बिहार सरकार, के द्वारा विडियों काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से नया राशन निर्गमन सेे संबंधित दिये गये निदेश के आलोक में जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों, प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों के साथ विडियों काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक की गई। बैठक में सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों, प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को कैम्प मोड में काम करते हुए इस कार्य को ससमय पूर्ण करने हेतु विस्तृत निदेश दिया गया। सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कर पात्र परिवारों से आवेदन प्राप्त करेंगे तथा आवेदनों का नियमानुसार जाँच कर निष्पादन करते हुए निर्धारित दैनिक लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करेंगे। इस अभियान की नियमित माॅनिटरिंग करते हुए लक्ष्य के अनुरूप कार्य सुनिश्चित कराने हेतु अनुमण्डल पदाधिाकारियों को भी निदेशित किया गया। 
        साथ ही इस विज्ञप्ति के माध्यम से आम नागरिकों से अपील की जाती है कि जो पात्र परिवार अभी तक राशन कार्ड से वंचित हैं, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ उक्त शिविर में अथवा अपने प्रखण्ड कार्यालय में आवेदन दे सकते है अथवा ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते है।
मुजफ्फरपुर जिले के MIT मैदान में नगर विकास एवं आवास विभाग/BUIDCO द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विशाल जनसभा को संबोधित किया तथा ₹1,047.09 करोड़ की लागत से 982 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

इस दौरान सिकन्दरपुर लेक फ्रंट पहुँचकर ₹213.25 करोड़ की लागत से विकसित इस विश्वस्तरीय परियोजना का लोकार्पण किया। आकर्षक फव्वारों, आधुनिक लाइटिंग एवं मनमोहक कलाकृतियों से सुसज्जित यह लेक फ्रंट मुजफ्फरपुर की नई पहचान और आधुनिक बिहार के विकास का प्रतीक बनेगा।

मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय, तिरहुत टाउनशिप, एयरपोर्ट, पटना-मुजफ्फरपुर रैपिड रेल कॉरिडोर तथा हल्दिया-रक्सौल हाईवे जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएँ उत्तर बिहार को विकास, निवेश, रोजगार और बेहतर कनेक्टिविटी का नया केंद्र बनाएंगी।

मुजफ्फरपुर से मिला बिहार के विकास को नई दिशा, नया विश्वास।
सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों को बड़ी सौगात : 4.17 लाख लाभार्थियों के खाते में जून माह के 64.58 करोड़ रुपये का अंतरण,  लाभार्थियों में खुशी की लहर 

जिला पदाधिकारी ने  मंगलमय जीवन की कामना करते हुए लाभार्थियों से जीवन प्रमाणीकरण कराने की अपील की
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मुजफ्फरपुर,
 10 जुलाई 2026

 माननीय मुख्यमंत्री बिहार श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के बैंक खातों में बढ़ी हुई पेंशन राशि का अंतरण किया गया। इस अवसर पर मुजफ्फरपुर जिले के 4,17,002 पेंशनधारियों के खातों में जून माह के कुल 64 करोड़ 58 लाख 31 हजार 400 रुपये पेंशन राशि हस्तांतरित की गई।
पेंशन राशि में हुई इस ऐतिहासिक वृद्धि तथा राशि के ट्रांसफर से जिले के वृद्धजन, विधवाएं, दिव्यांगजन एवं अन्य जरूरतमंद लाभार्थियों के बीच उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया। राज्य सरकार द्वारा इस विशेष अवसर को “पेंशन उत्सव” के रूप में मनाया गया, जिसका उद्देश्य समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक संबल का संदेश देना है।
मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव सहित कई वरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया और लाभार्थियों ने माननीय मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के जनकल्याणकारी कार्य का स्वागत करते हुए इसे गरीब, वृद्ध, विधवा और दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला कदम बताया।

विभिन्न योजनाओं के तहत राशि का अंतरण
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जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के कुल 4,17,002 लाभार्थियों के खातों में जून माह की पेंशन राशि का भुगतान किया गया।  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 1,27,221 लाभार्थियों के खाते में 27 करोड़ 98 लाख 86 हजार 200 रुपये, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 27,500 लाभार्थियों के खाते में 6 करोड़ 05 लाख रुपये, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्तता पेंशन योजना के 2,336 लाभार्थियों के खाते में 51 लाख 39 हजार 200 रुपये, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 26,745 लाभार्थियों के खाते में 3 करोड़ 85 हजार 300 रुपये तथा बिहार नि:शक्तता पेंशन योजना के 22,050 लाभार्थियों के खाते में 2 करोड़ 47 लाख 42 हजार 800 रुपये की राशि भेजी गई।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के अंतर्गत सर्वाधिक 2,11,150 लाभार्थियों के खातों में 24 करोड़ 54 लाख 77 हजार 900 रुपये का अंतरण किया गया। इस प्रकार विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कुल 64 करोड़ 58 लाख 31 हजार 400 रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई।

लाभार्थियों ने जताया आभार
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कार्यक्रम में उपस्थित लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री एवं बिहार सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बढ़ी हुई पेंशन राशि उनके लिए आर्थिक राहत का बड़ा माध्यम बनेगी। कई लाभार्थियों ने कहा कि महंगाई के इस दौर में ₹400 प्रतिमाह की राशि उनकी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी, जबकि ₹1100 प्रतिमाह मिलने से दवा, भोजन, कपड़े तथा अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में काफी सहायता मिलेगी।
लाभार्थियों ने कहा कि सरकार का यह निर्णय समाज के कमजोर वर्गों के प्रति उसकी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेष रूप से वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं निराश्रित विधवाओं के लिए यह सहायता सम्मानजनक जीवन जीने का आधार बनेगी।

जिला पदाधिकारी ने दी बधाई, जीवन प्रमाणीकरण कराने की अपील
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इस अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव  ने सभी पेंशनधारियों को बधाई देते हुए उनके सुखद, स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र एवं वास्तविक लाभार्थियों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे, इसी उद्देश्य से जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया गया है।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि जीवन प्रमाणीकरण से यह सुनिश्चित होता है कि पेंशन राशि का भुगतान केवल जीवित एवं पात्र लाभार्थियों को ही किया जाए। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहती है तथा सरकारी संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित होता है। मुजफ्फरपुर जिले में अब तक 4 लाख 36 हजार 060 लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण कराया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष सभी पेंशनधारियों से अपील की कि वे अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में जाकर जल्द से जल्द जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि उनकी पेंशन का भुगतान बिना किसी बाधा के नियमित रूप से जारी रह सके।

पेंशन वृद्धि से मिल रहा आर्थिक संबल
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 पेंशन राशि को लगभग तीन गुना बढ़ाकर ₹1100 प्रतिमाह किए जाने से लाखों लाभार्थियों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है। वृद्धजन अपनी  दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति बेहतर ढंग से कर  रहे है। वहीं विधवा एवं दिव्यांग लाभार्थियों के लिए यह राशि नियमित आय का महत्वपूर्ण स्रोत बना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए यह अतिरिक्त राशि घरेलू आय में सहयोगी और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो रहा है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मूल उद्देश्य ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को न्यूनतम वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है और यह निर्णय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम  है।

डीबीटी से बढ़ी पारदर्शिता
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पेंशन राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने से लाभार्थियों को समय पर राशि प्राप्त हो रही है। डीबीटी प्रणाली ने बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर दी है तथा भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। इससे लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता और सरकारी सहायता सीधे उनके खाते तक पहुंचती है।

“पेंशन उत्सव” बना सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक
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राज्य सरकार द्वारा आयोजित “पेंशन उत्सव” केवल पेंशन राशि के अंतरण का कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज के वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक समावेशन का प्रतीक बनकर उभरा है। यह कार्यक्रम इस बात का संदेश देता है कि सरकार समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और उत्साह इस बात का प्रमाण है कि पेंशन राशि में वृद्धि का निर्णय उनके जीवन पर प्रत्यक्ष एवं सकारात्मक प्रभाव डाला है। लाभार्थियों ने इसे राज्य सरकार की दूरदर्शी एवं मानवीय पहल बताते हुए कहा कि इससे लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिल रहा है और सामाजिक सुरक्षा का दायरा और अधिक मजबूत हो रहा है।
जिले को वर्ष 2026 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव ने 10 टीबी के मरीजों को फूड बास्केट योजना के तहत पोषण सहायता (फूड बास्केट) उपलब्ध कराई गई। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है। समय पर पहचान, नियमित दवा और जनसहयोग से मुजफ्फरपुर को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है। सभी अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक पात्र मरीज तक सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने कुढ़नी, मड़वन और सरैया प्रखंड के किशुनपुर मोहिनी, महमदपुर खाजे एवं कोल्हुआ पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण कर लोगों से फीडबैक लिया गया। प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के अंदर गुणवत्ता के साथ निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश सभी विभागीय पदाधिकारी को दिया गया। 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
7 जुलाई को जिले की 47पंचायतों में लगेगा सहयोग शिविर, आमजन की समस्याओं का होगा ऑन-द-स्पॉट समाधान

डीएम ने दिए बेहतर व्यवस्था के निर्देश, प्रत्येक शिविर के लिए वरीय, प्रभारी एवं पुलिस पदाधिकारी तैनात
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मुजफ्फरपुर, 
6 जुलाई, 2026

जिले में आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से 7 जुलाई को जिले के विभिन्न प्रखंडों की 47 पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहकर लोगों की शिकायतों एवं आवेदनों का निष्पादन करेंगे तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराएंगे।  कार्यक्रम के अनुसार बंदरा प्रखंड के सिमराचक श्रीकंठ एवं तेपरी, गायघाट के बोआरीडीह, लोमा एवं कनरथू, कुढ़नी की छजन हरिशंकर पूर्वी, किशुनपुर मोहिनी एवं बलौरडीह, मीनापुर के हरशेर, अली नेवउरा एवं कोईली, मोतीपुर की जाटौलिया, पकड़ी एवं जसौली, मुरौल की सादिकपुर मुरौल एवं बिशनपुर बखरी, मुसहरी की पताही मधुबनी, मझौली खेतल, कांटी की मणिफुलकहां, हरचंदा एवं गोदाई फुलकहां, पारू की कटारू, ग्यासपुर एवं फतेहाबाद, साहेबगंज की बिशुनपुर पट्टी, बिशनपुर कल्याण एवं गौंडा, सरैया की कोल्हुआ, चकइब्राहिम एवं सरैया, औराई की भदई, बसंत एवं सरहंचिया, बोचहां की झपहा, रामपुर जयपाल एवं पटियासा, मड़वन की जियन खुर्द, गवसरा एवं महम्मदपुर खाजे, कटरा की शिवदासपुर, धनौर एवं कटरा तथा सकरा की भरथीपुर, डिहुली इशहाक एवं रामपुर मणी पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा।
इन शिविरों में राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, आपूर्ति, श्रम, बाल विकास, पशुपालन, बैंकिंग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। शिविर में आने वाले लोगों की समस्याओं एवं आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निष्पादन किया जाएगा, जबकि जटिल मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही पात्र लाभुकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने की भी कार्रवाई की जाएगी।
सहयोग शिविर के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव के निर्देश पर प्रत्येक शिविर के लिए वरीय पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी संबंधित अधिकारियों को समय पर शिविर स्थल पर उपस्थित रहकर निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करने तथा आम लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा है कि सहयोग शिविर का उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों का बार-बार चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना तथा उनकी समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर ही सुनिश्चित करना है। इसलिए सभी विभागीय अधिकारी पूरी संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें। किसी भी लाभुक को अनावश्यक रूप से प्रतीक्षा नहीं करनी पड़े तथा सभी प्राप्त आवेदनों का विधिवत पंजीकरण एवं त्वरित निष्पादन किया जाए।
उन्होंने सभी शिविर स्थलों पर बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, पंखा, छाया, साफ-सफाई तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, ताकि शिविर में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराने तथा भीड़ प्रबंधन एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पदाधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों से कहा है कि वे शिविर का संचालन पूरी पारदर्शिता एवं गंभीरता के साथ करें तथा अधिकाधिक लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहयोग शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा भी की जाएगी। जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निकटवर्ती पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में पहुंचकर सरकारी योजनाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान कराएं तथा उपलब्ध सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं।
टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाएं, प्रत्येक संदिग्ध मरीज की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी
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मुजफ्फरपुर,
 6 जुलाई 2026

जिले को वर्ष 2026 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव ने समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा प्रस्तुत  जुलाई 2026 की मास्टर रिपोर्ट के विभिन्न सूचकांकों की प्रखंडवार समीक्षा की गई तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान  जनभागीदारी से जुड़ा जनआंदोलन है। प्रत्येक संभावित मरीज की समय पर पहचान, जांच, उपचार तथा पोषण सहायता सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी संभावित टीबी रोगी की जांच अथवा उपचार में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में  2,21,896 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। इनमें 64,855 व्यक्तियों में टीबी के संभावित लक्षण (Achieved) पाए गए। संदिग्ध मरीजों की पुष्टि के लिए 13,747 एक्स-रे किए गए, जबकि 4,009 एक्स-रे रिपोर्ट प्राप्त हुईं। इसी प्रकार 5,718 एनएएटी (NAAT) जांच की गई तथा 207 जांच रिपोर्ट उपलब्ध हुईं। इसके अतिरिक्त डिफरेंशियल टीबी के 3,679 परीक्षण, टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (TPT) के 1,824 मामलों, निक्षय मित्र योजना के अंतर्गत 272 उपलब्धियां तथा 230 मरीजों को सहयोग उपलब्ध कराया गया। वहीं फूड बास्केट योजना के तहत 226 मरीजों को लाभ पहुंचाया गया तथा 81 नए लाभार्थियों को जोड़ा गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में स्क्रीनिंग अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा जिन मरीजों में टीबी के लक्षण दिखाई दें, उनकी जांच निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि जांच में विलंब होने से संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में जांच एवं रिपोर्टिंग की सतत निगरानी आवश्यक है।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि कटरा, पारू, औराई, सकरा, बंदरा, कुढ़नी, मीनापुर एवं साहेबगंज जैसे प्रखंडों में स्क्रीनिंग एवं जांच का कार्य अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। वहीं जिन प्रखंडों में एक्स-रे, एनएएटी जांच अथवा रिपोर्टिंग की संख्या कम रही, वहां विशेष अभियान चलाकर प्रदर्शन में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। सभी मरीजों को नियमित दवा, पोषण सहायता, निक्षय पोर्टल पर समय पर प्रविष्टि तथा फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निक्षय मित्र योजना को और अधिक मजबूत बनाने पर बल देते हुए कहा कि सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, उद्योगों तथा सक्षम नागरिकों को इस अभियान से जोड़कर अधिक से अधिक टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से घर-घर सर्वेक्षण कर संभावित मरीजों की पहचान करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, वजन कम होना, बुखार अथवा रात में पसीना आने जैसी समस्या हो तो उसकी तत्काल टीबी जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एक्स-रे एवं एनएएटी जांच की उपलब्धता का नियमित मूल्यांकन किया जाए तथा जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए। जिन प्रखंडों में उपलब्धियां कम हैं, वहां विशेष मॉनिटरिंग करते हुए प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि टीबी उन्मूलन अभियान में डेटा की शुद्धता, समय पर ऑनलाइन रिपोर्टिंग तथा मरीजों की ट्रैकिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान की सफलता के लिए पंचायत स्तर तक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं, ताकि लोग टीबी के लक्षणों को छिपाने के बजाय समय पर जांच कराएं और उपचार पूरा करें।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने कहा कि "टीबी पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है। समय पर पहचान, नियमित दवा और जनसहयोग से मुजफ्फरपुर को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है। सभी अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक पात्र मरीज तक सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।"
बैठक में सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, जिला स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी, सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
राज्य महिला आयोग बिहार पटना के द्वारा मुजफ्फरपुर जिला में जनसुनवाई की गई जहाँ 147 मामलों के विरुद्ध 115 मामलों में सुनवाई की गई कुछ मामले का निरस्तीकरण किया गया एवं अन्य मामलों में अगली तिथि विभाग द्वारा दी गई जहाँ संबंधित सभी थाना प्रभारी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस मुजफ्फरपुर केंद्र प्रशासक वन स्टॉप सेंटर्स मुजफ्फरपुर उपस्थित महिला आयोग की अध्यक्ष एवं सदस्य के द्वारा सभी जनसुनवाई की गई।
टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए डीएम की समीक्षा बैठक, सभी प्रखंडों को लक्ष्य आधारित कार्य करने का निर्देश
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मुजफ्फरपुर,

टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा जिले में क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों, सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी तथा संबंधित पदाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में अभियान के विभिन्न प्रमुख इंडिकेटरों की प्रखंडवार उपलब्धियों की समीक्षा की गई तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों को विशेष कार्ययोजना बनाकर अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया।
 बैठक मे अवगत कराया गया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के  संकल्प को साकार करने में प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी, आशा कार्यकर्ता, जीविका समूह, पंचायत प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए टीबी की समय पर पहचान, जांच, उपचार, संपर्क अनुरेखण, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी), निक्षय मित्र एवं पोषण सहायता जैसी सभी गतिविधियों को मिशन मोड में संचालित किया जाए।
बैठक में स्क्रीनिंग (Screening) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 13,680 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान की जाए तथा अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही टीबी रोगियों की पहचान हो सके।
इसके बाद एक्स-रे (X-Ray) इंडिकेटर की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 1,548 एक्स-रे किए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन संदिग्ध मरीजों में टीबी की संभावना हो, उनका समय पर एक्स-रे कराया जाए तथा जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
नाट (NAAT) टेस्ट की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 152 NAAT टेस्ट किए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी की पुष्टि के लिए आधुनिक जांच सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए तथा प्रत्येक संदिग्ध मरीज की समय पर जांच सुनिश्चित की जाए, जिससे शीघ्र उपचार प्रारंभ किया जा सके।
बैठक में डिफरेंशिएटेड टीबी केयर (Differentiated TB Care) की भी समीक्षा की गई। इस इंडिकेटर के अंतर्गत जिले में कुल 135 मरीजों को आवश्यक विशेष देखभाल एवं सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गंभीर एवं उच्च जोखिम वाले मरीजों की नियमित निगरानी की जाए तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 306 लाभार्थियों को टीबी से बचाव के लिए प्रिवेंटिव उपचार उपलब्ध कराया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के निकट संपर्क में आने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें समय पर टीपीटी उपलब्ध कराया जाए ताकि भविष्य में संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके।
बैठक में निक्षय मित्र (NIKSHAY Mitra) कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में अब तक 42 निक्षय मित्र अभियान से जुड़े हैं। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, उद्योगों, जनप्रतिनिधियों एवं सक्षम नागरिकों को निक्षय मित्र के रूप में जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे टीबी मरीजों को पोषण एवं अन्य आवश्यक सहयोग समय पर उपलब्ध हो सके।
फूड बास्केट (Food Basket) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 25 फूड बास्केट उपलब्ध कराए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के उपचार में पौष्टिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए अधिक से अधिक मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग एवं निक्षय मित्र समन्वय स्थापित कर कार्य करें।
बैठक में सभी इंडिकेटरों के आधार पर प्रखंडवार रैंकिंग की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना करते हुए कहा कि अन्य प्रखंड भी उनसे सीख लेकर अपने प्रदर्शन में सुधार करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों के लिए अलग से माइक्रो प्लान तैयार किया जाए तथा प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, स्कूलों एवं सामुदायिक संस्थानों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर लोग बिना किसी संकोच के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच कराएं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाएं, मरीजों का नियमित फॉलोअप तथा निक्षय पोषण योजना का समय पर लाभ सुनिश्चित किया जाए। उपचार बीच में छोड़ने वाले मरीजों की विशेष निगरानी की जाए तथा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित संपर्क बनाए रखा जाए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने कहा कि "टीबी मुक्त भारत अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक इंडिकेटर में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करें, ताकि मुजफ्फरपुर को टीबी मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सके।"
पारु में 700 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की कार्रवाई तेज 

 जिलाधिकारी ने पारु एवं मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का लिया जायजा
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मुजफ्फरपुर, 
04  जुलाई 2026

जिले में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने तथा औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार की कार्रवाई सतत एवं प्रभावी रूप से जारी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुजफ्फरपुर जिले के पारु प्रखंड में लगभग 700 एकड़ क्षेत्रफल में नये औद्योगिक क्षेत्र के विकास की प्रक्रिया को तेज कर दी गई है। इस क्रम मे जिलाधिकारी ने पारू, मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कर अद्यतन स्थिति का जायजा लिया।
जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने तथा निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए बेला एवं मोतीपुर के बाद अब पारु को नये औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल की गई है। इस परियोजना के तहत निर्धारित भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ है तथा कार्य को गति देने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी गई है।
इस बाबत परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए भू-अर्जन की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है।
पारु में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए कुल पांच मौजों में लगभग 700 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई की गई है। इसके अंतर्गत चांदपुर चिउटारा मौजा में लगभग 250 एकड़, चतुरपट्टी मौजा में 150 एकड़, भोजपट्टी मौजा में 95 एकड़, हरपुर कपरफोरा मौजा में 120 एकड़ तथा विशुनपुर सरैया मौजा में लगभग 85 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है।
जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को सभी मौजों में भूमि की उपलब्धता, सीमांकन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं का परीक्षण करते हुए भू-अर्जन की कार्रवाई नियमानुसार पूरा कर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने तथा रैयतों को विधिसम्मत भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पारु में औद्योगिक क्षेत्र के विकास से मुजफ्फरपुर जिले को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे। इससे जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से युवाओं को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के भी अवसर प्राप्त होंगे, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से जिले की आर्थिक संरचना को मजबूती मिलेगी तथा आसपास के क्षेत्रों में सहायक व्यवसायों, परिवहन, भंडारण, पैकेजिंग और सेवा क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों का भी विस्तार होगा। इससे स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों तथा छोटे व्यवसायों को भी लाभ प्राप्त होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि  सरकार की औद्योगिक नीति के अनुरूप जिले में उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। पारु में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाले समय में मुजफ्फरपुर को एक नए औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास, बेहतर सड़क संपर्क और प्रशासनिक सहयोग के माध्यम से मुजफ्फरपुर जिले में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ आधार प्राप्त होगा। साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे जिले के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

औद्योगिक क्षेत्र के प्रभावी संचालन तथा परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पारु प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को जिले से गुजर रहे निर्माणाधीन पटना - बेतिया फ्लोरलन  से जोड़ने का प्रस्ताव NHAI को पूर्व मे ही भेजा गया।
 इससे बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध हो जायेगी तथा  उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति तथा तैयार उत्पादों की ढुलाई अधिक तेज और सुगम तरीके से हो सकेगी। इससे निवेशकों और उद्योगपतियों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र में नये उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्र के लिए फोरलेन सड़क से कनेक्टिविटी उपलब्ध हो जाने पर न केवल उद्योगों के संचालन में सहूलियत होगी बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। बेहतर संपर्क मार्ग के कारण परिवहन लागत में कमी आएगी तथा उत्पादों को राज्य एवं देश के अन्य बाजारों तक पहुंचाना अधिक आसान होगा।
श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों में जुटा जिला प्रशासन, श्रद्धालुओं को मिलेगी हर आवश्यक सुविधा : डीएम कुमार गौरव
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मुजफ्फरपुर, 
2 जुलाई 2026

श्रावणी मेला 2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुचारु आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कांतेश मिश्रा ने समाहरणालय सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर मेले की तैयारियों का जायजा लिया तथा सभी विभागों को समयबद्ध ढंग से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक के उपरांत जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्वयं फकुली मोड़ से बाबा गरीब नाथ मंदिर तक श्रद्धालुओं के आवागमन मार्ग का निरीक्षण किया तथा बाबा गरीब नाथ मंदिर परिसर पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का  आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि श्रावण मास में जिले सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा गरीब नाथ मंदिर में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक एवं दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सभी व्यवस्था समय पर पूरी करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर एवं संपूर्ण मेला क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने पर्याप्त संख्या में बैरिकेडिंग, प्रवेश एवं निकास मार्गों का सुव्यवस्थित निर्धारण तथा श्रद्धालुओं के निर्बाध आवागमन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। साथ ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने तथा भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा।
यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने पार्किंग स्थलों का समुचित चयन, वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग तथा आवश्यकतानुसार डायवर्जन योजना प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने के लिए प्रमुख स्थलों पर सूचना एवं दिशा-निर्देश संबंधी संकेतक लगाने का भी निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने नियंत्रण कक्ष को पूरी अवधि के दौरान सक्रिय रखने तथा सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से त्वरित रूप से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे कार्यरत रहे तथा आवश्यक संसाधन एवं कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मेला क्षेत्र एवं श्रद्धालुओं के विश्राम स्थलों पर पर्याप्त संख्या में मेडिकल कैंप स्थापित करने, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, एम्बुलेंस, आवश्यक दवाओं एवं जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय रहे।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने फाकुली मोड़ से बाबा गरीब नाथ मंदिर तक श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले पूरे मार्ग को सुविधाजनक बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्वच्छ पेयजल, अस्थायी शौचालय, विश्राम स्थल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा विद्युत आपूर्ति निर्बाध रखने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने तथा साफ-सफाई एवं नियमित कचरा निष्पादन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने श्रावणी मेला के दौरान जनस्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में टीमों का गठन कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान करने, उनकी आवश्यक जांच कराने तथा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी सक्रियता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा मरीजों को नियमित रूप से दवाएं उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रावणी मेला के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए समन्वित रूप से कार्य करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए श्रावणी मेला 2026 का सफल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करना है।
श्रावणी मैला 2026 के सफल एवं सुचारू आयोजन हेतु जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने अधिकारियो के साथ बैठक की तथा रूटलाइन एवं  बाबा गरीब नाथ मंदिर का भ्रमण कर श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया।
श्रावणी मैला 2026 के सफल एवं सुचारू आयोजन एवं 
टीबी मुक्त भारत अभियान की सफलता हेतु जिलाधिकारी ने अधिकारियो के साथ बैठक की तथा सरकारी दिशानिर्देश एवं मानक का पालन करते हुए अभियान मे तेजी लाने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण, तैयारियों का लिया जायजा

तटबंधों की निगरानी, राहत व्यवस्था और नए डिग्री कॉलेजों की तैयारियों को समयबद्ध पूरा करने का निर्देश
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मुजफ्फरपुर, 
1 जुलाई, 2026

संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव ने अधिकारियों की टीम के साथ बुधवार को औराई, कटरा तथा गायघाट प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण कर तैयारी का जायजा लिया । इस दौरान उन्होंने बागमती नदी के तटबंधों, स्लुइस गेट, चयनित राहत एवं बचाव स्थलों  का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट एवं एक्टिव मोड में रहने का निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ प्रबंधन से जुड़े सभी कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बागमती नदी के तटबंधों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों को तटबंधों की नियमित निगरानी एवं सतत निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की क्षति या रिसाव की सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
 बागमती नदी के तटबंध का विभागीय योजना के तहत सुदृढ़ीकरण, चौड़ीकरण एवं ऊंचीकरण किया जाना है। उन्होंने कार्यकारी एजेंसियों को विभागीय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तटबंध केवल बाढ़ से सुरक्षा का माध्यम ही नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण मार्ग भी है। इसलिए निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए, जिससे तटबंध सुरक्षित एवं टिकाऊ बनने के साथ-साथ लोगों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा भी मिल सके।
भ्रमण के क्रम में जिलाधिकारी ने स्लुइस गेट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी स्लुइस गेट पूरी तरह क्रियाशील स्थिति में रहें। गेटों की नियमित जांच, साफ-सफाई एवं आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल पूरा किया जाए, ताकि बाढ़ के दौरान जल निकासी में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि तकनीकी खराबी या रखरखाव में लापरवाही के कारण किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों की भी विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने शरण स्थलों, राहत शिविरों, पशु शरण स्थलों, सामुदायिक किचेन, मेडिकल कैंप, मानव दवाओं एवं पशु दवाओं की उपलब्धता सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक सामग्री अग्रिम रूप से उपलब्ध रहे तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ किए जा सकें। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में विलंब नहीं होना चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील गांवों एवं तटबंधों पर नियमित गश्ती एवं निगरानी जारी रखी जाए। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ सतत संवाद बनाए रखते हुए किसी भी आपात सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रबंधन के प्रत्येक बिंदु पर प्रशासन पूरी गंभीरता एवं तत्परता के साथ कार्य करेगा।
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज की स्थापना की दिशा में चल रही तैयारियों का निरीक्षण किया।  जिले के केवल तीन प्रखंड—औराई, गायघाट तथा बोचहा—में अब तक डिग्री कॉलेज संचालित नहीं हैं। इन प्रखंडों में कॉलेज संचालन के लिए भवनों का चयन कर लिया गया है तथा आवश्यक मरम्मत एवं आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने बताया कि औराई प्रखंड में उच्च विद्यालय, औराई, गायघाट प्रखंड में उच्च विद्यालय, जारंग तथा बोचहा प्रखंड में मध्य विद्यालय, सरफुद्दीन के भवन में डिग्री कॉलेज का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए चयनित भवनों की मरम्मत, फर्नीचर, पेयजल, विद्युत, शौचालय सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
जिलाधिकारी ने औराई एवं गायघाट स्थित चयनित विद्यालयों का निरीक्षण कर निर्माण एवं तैयारी कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि 5 जुलाई तक सभी आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में पूरी कर ली जाएं, ताकि डिग्री कॉलेजों का संचालन शीघ्र प्रारंभ किया जा सके और स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अन्य क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता न पड़े।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि चाहे बाढ़ प्रबंधन की तैयारी हो अथवा शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विकास, सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने तथा प्रत्येक कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए किसी भी प्रकार की बाधा का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
कार्यालयों में समयबद्ध कार्य संस्कृति एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए डीएम का औचक निरीक्षण
26 कर्मियों का एक दिन का वेतन स्थगित, स्पष्टीकरण का निर्देश; समय पर उपस्थिति, बायोमैट्रिक अटेंडेंस एवं स्वच्छता पर विशेष जोर
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मुजफ्फरपुर,
 1 जुलाई, 2026

सरकारी कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव ने बुधवार को समाहरणालय स्थित विभिन्न जिला स्तरीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालयों में कर्मियों की उपस्थिति, कार्य निष्पादन, साफ-सफाई, अभिलेखों के रख-रखाव तथा बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का गहन जायजा लिया गया।
निरीक्षण के क्रम में कई कार्यालयों में निर्धारित समय पर अनुपस्थित पाए गए कुल 26 कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जिला पदाधिकारी ने उनका एक दिन का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी संबंधित कर्मियों से अनुपस्थिति के संबंध में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना उचित कारण के कार्यालय से अनुपस्थित रहने अथवा समय पर उपस्थित नहीं होने की प्रवृत्ति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन निर्धारित समय पर अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित हों तथा अनिवार्य रूप से बायोमैट्रिक अटेंडेंस दर्ज करें। उन्होंने कहा कि बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली का उद्देश्य केवल उपस्थिति दर्ज करना नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति में अनुशासन और जवाबदेही स्थापित करना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से करें। आम नागरिकों से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से अपने अधीनस्थ कार्यालयों की निगरानी करने तथा कार्यों की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने कार्यालयों के कक्ष, अभिलेखों के रख-रखाव, परिसर की स्वच्छता तथा शौचालयों की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कार्यालयों एवं उनके परिसरों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से शौचालयों की स्वच्छता, पेयजल की उपलब्धता तथा आम नागरिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्यालय का सीधा प्रभाव कार्य संस्कृति पर पड़ता है और इससे आम लोगों में प्रशासन के प्रति सकारात्मक विश्वास विकसित होता है। इसलिए प्रत्येक कार्यालयाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि उनके कार्यालय में स्वच्छता, अनुशासन एवं कार्यकुशलता का वातावरण बना रहे।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सरकारी सेवाओं का उद्देश्य आम जनता को समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही, विलंब अथवा अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करना होगा तथा शासन के निर्देशों का पूर्णतः पालन करना होगा।
उन्होंने दोहराया कि भविष्य में भी समाहरणालय सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण लगातार किया जाएगा। यदि किसी कार्यालय में समयपालन, बायोमैट्रिक उपस्थिति, कार्य निष्पादन अथवा स्वच्छता के संबंध में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों से अपेक्षा की है कि वे अनुशासित कार्य संस्कृति अपनाते हुए जनता को बेहतर, पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं। ऐसे निरीक्षणों का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली में सुधार लाकर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी एवं जनोन्मुख बनाना है।
जिला विकास एवं समन्वय समिति की जिलाधिकारी ने की बैठक

 अधिकारियों को पूरी जवाबदेही एवं निष्ठा के साथ समयबद्ध रूप से गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने तथा शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का दिया निर्देश -------------------------
मुजफ्फरपुर,
30 जून, 2026

जिले में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति, आधारभूत संरचना परियोजनाओं की स्थिति तथा संभावित बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों की समीक्षा को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव की अध्यक्षता मे  उच्चस्तरीय बैठक की गई। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, भवन निर्माण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, ऊर्जा, कृषि, श्रम संसाधन, पशु संसाधन समेत विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी जवाबदेही, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में सबसे पहले लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मुजफ्फरपुर डिवीजन में संचालित 2,238 नल-जल योजनाओं में से 2,231 योजनाएं तथा मोतीपुर डिवीजन की 3,114 योजनाओं में से 3,106 योजनाएं वर्तमान में सुचारु रूप से कार्यरत हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जो योजनाएं बंद हैं, उन्हें शीघ्र चालू कराया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पेयजल की समस्या का सामना नहीं करना पड़े।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 3,980 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1,205 लाभुकों के घरों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। सात निश्चय-2 के तहत कृषि फीडर निर्माण योजना में जिले को मिले 90 फीडरों के लक्ष्य के विरुद्ध सभी 90 फीडरों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना में 12,901 लक्ष्य के मुकाबले 12,510 किसानों को विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना के तहत जिले के कुल 9,22,839 सक्रिय बिजली उपभोक्ताओं में से 8,18,116 उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने शेष कार्य भी शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।
भवन निर्माण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिला मुख्यालय में 2,000 क्षमता वाले आधुनिक परीक्षा भवन का निर्माण तेजी से चल रहा है और इसे वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय योजना के तहत मुसहरी, सकरा, बंदरा, पारू और मोतीपुर में 720 छात्र क्षमता वाले विद्यालयों का निर्माण कार्य जारी है, जबकि कुढ़नी में निविदा प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा कटरा, साहेबगंज, सकरा, गायघाट, बोचहां, मुसहरी, मड़वन, सरैया और औराई में नए प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन एवं आवासीय परिसरों के निर्माण की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मोतीपुर एवं पारू में निर्माण कार्य पहले से जारी है। जिले में प्रस्तावित 175 पंचायत सरकार भवनों में से 38 भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, 33 भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है, तीन भवनों की निविदा निष्पादित हो चुकी है तथा एक भवन में निविदा प्रक्रिया जारी है।
शिक्षा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 3,371 सरकारी विद्यालय संचालित हैं, जहां 27,882 शिक्षक कार्यरत हैं। वर्ष 2025-26 में प्रत्येक प्रखंड में एक मॉडल स्कूल का चयन कर वहां शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति तथा आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में संपूर्ण टीकाकरण के वार्षिक 1,49,268 लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 1,40,466 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। बैठक में गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, गैर संचारी रोग (एनसीडी), संस्थागत प्रसव, हाइपरटेंशन एवं डायबिटीज स्क्रीनिंग की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को सरकारी अस्पतालों में सभी स्वास्थ्य सेवाएं समय पर और निशुल्क उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए सर्वेक्षण, संभावित मरीजों की पहचान, समय पर जांच, दवा उपलब्धता और नियमित उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि जिले में क्षय रोग उन्मूलन अभियान को और गति मिल सके।
श्रम संसाधन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में ई-श्रम पोर्टल पर अब तक 14 लाख 27 हजार 743 श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष पात्र श्रमिकों का भी शीघ्र निबंधन कराने का निर्देश दिया।
संभावित बाढ़ को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। पशु संसाधन विभाग ने बताया कि जिले के पशु चिकित्सालयों में 44 प्रकार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। बाढ़ की स्थिति में पशुओं के इलाज के लिए 38 पशु राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं तथा चारा एवं दवाओं का पर्याप्त भंडारण कर लिया गया है। मानव स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है तथा मेडिकल टीमों का गठन कर उन्हें तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। बिजली विभाग, पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग को भी बाढ़ के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए जनजीवन सामान्य बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखें, जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करें तथा संभावित बाढ़ जैसी किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी के साथ अलर्ट मोड में रहें।
पंचायत विकास दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने कुढनी प्रखंड के सकरी सरैया पंचायत में आयोजित कार्यक्रम मे शिरकत की। उन्होंने सरकार द्वारा निर्धारित थीम "महिला हितैषी पंचायत" के मद्देनजर सम्मानित आम जनता एवं जनप्रतिनिधियों से पंचायत के विकास मे महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी की अपील करते हुए उन्हें प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
कुढ़नी प्रखंड अंतर्गत सकरी सरैया पंचायत में आयोजित पंचायत विकास दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करते जिला पदाधिकारी।
Video 20
मुजफ्फरपुर अंतर्गत कुढनी प्रखंड के सकरी सरैया पंचायत सरकार भवन में कला जत्था द्वारा नशामुक्ति जागरूकता अभियान के साथ हुआ पंचायत विकास दिवस का आगाज।
सदर अस्पताल के निरीक्षण के उपरांत मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारीश्री कुमार गौरव।
सदर अस्पताल में औचक निरीक्षण के दौरान तीन अधिकारी अनुपस्थित, 
जिलाधिकारी ने वेतन स्थगित कर मांगा स्पष्टीकरण

सभी अधिकारी एवं कर्मी को कार्यालय/कार्यस्थल पर ससमय उपस्थित रहने तथा अपने दायित्व का पूरी जवाबदेही एवं निष्ठा से समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ निष्पादन का निर्देश 
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मुजफ्फरपुर
27 जून, 2026

 जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। अस्पतालों की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव द्वारा नियमित रूप से स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण एवं निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार, 26 जून को जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न वार्डों, ओपीडी, आपातकालीन सेवा, पंजीकरण काउंटर सहित अस्पताल के अन्य महत्वपूर्ण विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति का भी सत्यापन कराया। जांच के क्रम में सदर अस्पताल के अधीक्षक, अस्पताल प्रबंधक तथा महिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मोनिका जायसवाल निर्धारित समय पर अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं पाए गए। बाद में उनके विलंब से अस्पताल पहुंचने की पुष्टि हुई।
समय पर उपस्थित नहीं रहने को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित तीनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। साथ ही 26 जून का उनका वेतन स्थगित करने का भी आदेश दिया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी सेवा में समयपालन एवं कार्य के प्रति जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि मरीजों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा इलाज, जांच, दवा वितरण एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल परिसर में स्वच्छता, चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यालय एवं कार्यस्थल पर निर्धारित समय पर उपस्थित रहें तथा सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। 
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में अनुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लापरवाही, अनुपस्थिति अथवा कार्य में उदासीनता बरती जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।अस्पतालो के नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी निगरानी से अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार आयेगा, कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ेगी तथा मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
28 जून को पंचायत विकास दिवस का होगा आयोजन, सभी पंचायतों में ग्राम सभा के माध्यम से विकास योजनाओं की होगी व्यापक समीक्षा

जिलाधिकारी ने सफल एवं सुचारु आयोजन के लिए जारी किए आवश्यक दिशा-निर्देश
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मुजफ्फरपुर, 
27 जून, 2026 

ग्रामीण विकास को नई गति देने तथा ग्राम पंचायतों को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनभागीदारी आधारित बनाने के उद्देश्य से जिले की सभी 373 ग्राम पंचायतों में 28 जून को "पंचायत विकास दिवस" का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए कार्यक्रम का सफल, व्यवस्थित एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायत विकास दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अभियान है। इसके माध्यम से पंचायत स्तर पर संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा, जनसमस्याओं का समाधान तथा आगामी विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम में अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित कर इसे जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाए।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में पूर्वाह्न निर्धारित समय पर ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। ग्राम सभा में पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, विकास मित्र, जीविका समूह की दीदियां, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, आशा कार्यकर्ता, शिक्षक, किसान, युवा, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य तथा आम ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम सभा में पंचायत क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए विकास संबंधी सुझाव प्राप्त किए जाएंगे।
उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत विकास दिवस के अवसर पर पंचायत भवन एवं आयोजन स्थल की समुचित साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक यंत्र, बिजली तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराई जाएं। 
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम सभा में पंचायत की आय-व्यय, विकास योजनाओं की स्थिति, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, कृषि एवं अन्य विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान के लिए आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर उपलब्ध परिसंपत्तियों, सामुदायिक भवनों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य उपकेंद्रों, खेल मैदानों, तालाबों तथा सार्वजनिक स्थलों की स्थिति की भी समीक्षा की जाए। ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीणों से सुझाव प्राप्त कर उन्हें आगामी कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि पंचायत विकास दिवस के दौरान e-Gram Swaraj पोर्टल, e-Panchayat प्रणाली तथा पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) से संबंधित जानकारी भी ग्रामीणों के साथ साझा की जाए। पंचायतों के समग्र विकास के लिए निर्धारित मानकों एवं संकेतकों पर चर्चा करते हुए पंचायतों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसलिए कार्यक्रम के दौरान योजनाओं के लाभ, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा शिकायत निवारण व्यवस्था के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी। 
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पंचायत विकास दिवस के दौरान महिलाओं, युवाओं, किसानों तथा कमजोर वर्गों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। ग्राम सभा में प्राप्त सुझावों एवं निर्णयों का विधिवत कार्यवृत्त तैयार कर उसे संबंधित पोर्टल पर अपलोड किया जाए तथा आवश्यक अनुपालन की कार्रवाई समयबद्ध तरीके से की जाए।
उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्वयं कार्यक्रम की निगरानी करें तथा पंचायतों में आयोजित ग्राम सभाओं का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें। किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सहभागी विकास की अवधारणा को मजबूत करना, पंचायतों को अधिक सक्षम एवं उत्तरदायी बनाना तथा गांव के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाकर अपने गांव के समग्र विकास में योगदान दें, ताकि पंचायतें आत्मनिर्भर, पारदर्शी और विकासोन्मुख बन सकें।