बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमणजन्य एवं मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वच्छता अभियान तेज
सारण, 15 अक्टूबर 2026। बाढ़ के बाद उत्पन्न संभावित संक्रमणजन्य एवं मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के उद्देश्य से सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव तथा फॉगिंग का कार्य लगातार कराया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जलजमाव एवं गंदगी से उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करना तथा आमजन को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है।
बाढ़ के बाद विभिन्न स्थानों पर जमा गंदा पानी, कचरा एवं नालियों की गंदगी मच्छरों के प्रजनन को बढ़ावा दे सकती है। इससे डेंगू, मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के साथ-साथ दूषित जल एवं अस्वच्छता के कारण डायरिया तथा अन्य संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में नियमित सफाई, आवश्यकतानुसार ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तथा मच्छरों के नियंत्रण के लिए फॉगिंग कराई जा रही है।
जिला प्रशासन की अपील एवं जनहित में आवश्यक सावधानियां
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, कूड़ा-कचरा खुले स्थानों पर न फेंकें तथा नालियों को अवरुद्ध न होने दें। घरों के आसपास, गमलों, पुराने टायरों, टूटे बर्तनों एवं अन्य पात्रों में पानी जमा न होने दें, क्योंकि ठहरा हुआ पानी मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख कारण बन सकता है। पेयजल को ढककर रखें तथा बाढ़ के बाद दूषित होने की आशंका वाले पानी का सेवन न करें। आवश्यकता पड़ने पर पानी को उबालकर या सुरक्षित पेयजल के अन्य उपयुक्त स्रोतों से प्राप्त पानी का उपयोग करें। भोजन को ढककर रखें और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान दें।
फॉगिंग के दौरान नागरिक संबंधित कर्मियों के निर्देशों का पालन करें तथा छिड़काव के समय बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने दें। ब्लीचिंग पाउडर एवं अन्य रसायनों का उपयोग केवल निर्धारित तरीके से किया जाना चाहिए। बुखार, उल्टी-दस्त अथवा अन्य संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
स्वच्छता ही सुरक्षित स्वास्थ्य का आधार
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वच्छता अभियान की सफलता प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ जनसहभागिता पर भी निर्भर करती है। नियमित सफाई, जलजमाव की रोकथाम, सुरक्षित पेयजल और व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाकर संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। प्रशासन का उद्देश्य बाढ़ के बाद सामान्य जनजीवन को सुरक्षित बनाना तथा संभावित बीमारियों के प्रसार को रोकते हुए स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना है। आमजन से अपील है कि वे स्वच्छता संबंधी निर्देशों का पालन करें और इस अभियान में सक्रिय सहयोग दें।
Saharsa, Bihar | Oct 15, 2026