कोयलीबेड़ा का कुतुल कुडूम झरना कभी नक्सली कब्जे में था, अब दिखी खूबसूरती
कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत आलपरस के घने जंगलों में छिपा कुतुल कूडूम जलप्रपात दशकों तक बाहरी दुनिया के लिए अनसुलझा रहस्य बना रहा. नक्सल का सबसे सुरक्षित पनाहगार मने जाना वाले इस इलाके में आम नागरिकों और पर्यटकों का जाना नामुमकिन था. खूबसूरत जलप्रपात सिर्फ माओवादी कैडरों के लिए आरामगाह और सीक्रेट पिकनिक स्पॉट बनाकर रह गए थे. लेकिन मार्च 2026 में बस्तर से नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद शांति का नया दौर शुरू हुआ. शांति बहाली के बाद आई इस जलप्रपात की पहली तस्वीर ने लोगों को अपनी ओर ध्यान आकर्षित कर दिया. नक्सलवाद समाप्ति के बाद पहली बार जिले के सभी अधिकारी कर्मचारी जब इस इलाके को देखने पहुंचे तो सभी का मन इस नजारे को देखर प्रफुल्लित हो उठा. क्योंकि नक्सल दहशत ने इस इलाके के लोगो को विकास के साथ इस खूबसूरती से भी वंचित रखा था. अब प्रशासन इसे विकसित करने
Kanker, Kanker | Sep 11, 2026