मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने सोनपुर में बाढ़ राहत शिविर का किया निरीक्षण, प्रभावितों से की आत्मीय बातचीत
सारण जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश
छपरा,07 सितंबर,2026। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज सारण जिले के सोनपुर शहर स्थित स्काउट एंड गाइड सेंटर में संचालित बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत शिविर में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से आत्मीयता के साथ बातचीत कर उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रभावित लोगों के साथ भोजन किया तथा भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया। राहत शिविर में रह रहे लोगों ने व्यवस्थाओं के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें भोजन, आवासन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में संचालित कम्युनिटी किचन का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता एवं वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने पंजीकरण-सह-नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था का भी जायजा लिया। साथ ही महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग रहने की व्यवस्था का निरीक्षण किया और शिविर में रह रहे लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र एवं शैक्षणिक शिविर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों एवं खान-पान के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित बच्चों की शिक्षा एवं अन्य आवश्यक गतिविधियां प्रभावित न हों तथा शिविरों में बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें।
स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से उपलब्ध जांच एवं उपचार सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि बीमार होने की स्थिति में बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और किसी भी व्यक्ति को इलाज के लिए परेशानी न हो। पशु चिकित्सा शिविर की भी जानकारी लेते हुए उन्होंने पशुओं के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध रखने तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशु चारा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के पानी में डूबने से हुई मृत्यु के मामलों में मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ से हुई फसल क्षति का आकलन कराया जाएगा तथा प्रभावित किसानों को नियमानुसार समुचित मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में आपदा की स्थिति में सरकार पूरी तरह प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, चिकित्सा, पढ़ाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन द्वारा स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है तथा प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने के बाद घर-घर जाकर नुकसान का आकलन कराया जाएगा तथा प्रभावित लोगों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने गंगा में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी और कहा कि गंगा के स्ट्रेच को एक सीमा में बांधने के संबंध में केंद्रीय जल आयोग से भी बातचीत की गई है, ताकि प्रत्येक वर्ष बाढ़ से उत्पन्न होने वाली समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में लगभग 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। फरक्का बराज से अभी लगभग 15 लाख क्यूसेक पानी का लगातार डिस्चार्ज हो रहा है। उन्होंने अगले दो-तीन दिनों में स्थिति में और राहत मिलने की संभावना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आपदा से लोगों को राहत दिलाने के लिए सरकार द्वारा हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री श्री विजेंद्र प्रसाद यादव, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव श्री संतोष कुमार मल्ल, गृह विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार, सारण के जिला पदाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव, सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री रोशन कुमार सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
Saharsa, Bihar | Sep 7, 2026