
राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, औरंगाबाद में स्टार्टअप इंडिया– डीपी आईआईटी के तेजस कार्यक्रम का सफल आयोजन
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राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय औरंगाबाद के स्टार्टअप प्रकोष्ठ द्वारा भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की प्रमुख पहल स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत संचालित तेजस (ट्रांस्फोर्मिंग एंट्रेपरेनेउल जर्नी अक्रॉस स्टेट्स एंड डिस्ट्रिक्ट) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें राष्ट्रीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ना था।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के 450 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा स्टार्टअप, उद्यमिता, सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन एवं नवाचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।
कार्यक्रम में राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, औरंगाबाद के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत मणि, जिला उद्योग केंद्र (DIC), औरंगाबाद के महाप्रबंधक श्री संजीव कुमार, स्टार्टअप इंडिया–तेजस कार्यक्रम के समन्वयक श्री एहसान माथुर, स्टार्टअप प्रकोष्ठ के प्रभारी प्रो. आनंद राज, स्टार्टअप समन्वयक श्री आनंद कुमार, उद्योग विभाग के प्रतिनिधि श्री कन्हैया सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। दीप प्रज्ज्वलन ज्ञान, नवाचार, प्रगति एवं उद्यमशीलता के प्रकाश का प्रतीक है। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों को नवाचार आधारित सोच विकसित करने तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में प्रचार्य डॉ. प्रशांत मणि ने महाविद्यालय में विकसित हो रही स्टार्टअप एवं नवाचार संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि आज के युग में तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं का समाधान विकसित करना भी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान में मजबूत स्टार्टअप संस्कृति के निर्माण के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं संस्थान के प्रशासन की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपने विचारों एवं क्षमताओं की पहचान करते हुए नवाचार आधारित समाधान विकसित करने चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि भविष्य में रोजगार सृजन करने वाले सफल उद्यमी बनने का लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महाविद्यालय के विद्यार्थी भविष्य में देश के स्टार्टअप एवं नवाचार क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला उद्योग केंद्र (DIC), औरंगाबाद के महाप्रबंधक संजीव कुमार ने विद्यार्थियों को उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, प्रोत्साहन कार्यक्रमों एवं उद्यमिता विकास से संबंधित अवसरों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए अनेक प्रकार की वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने विचारों को व्यवसाय में परिवर्तित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज का युवा नवाचार एवं तकनीकी क्षमता के माध्यम से न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि समाज के लिए रोजगार एवं आर्थिक विकास के नए अवसर भी उत्पन्न कर सकता है।
स्टार्टअप इंडिया–तेजस के समन्वयक श्री एहसान माथुर ने राष्ट्रीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की जानकारी दी।
उन्होंने स्टार्टअप इंडिया मिशन तथा डीपी आईआईटी की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि स्टार्टअप इंडिया का उद्देश्य देश में नवाचार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करना है, जिससे युवा अपने विचारों को सफल व्यवसाय में परिवर्तित कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को डीपी आईआईटी रेकग्निशन, फंडिंग अवसरों, इनक्यूबेशन सहायता, मेंटरशिप, नेटवर्किंग, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, निवेशकों तक पहुँच तथा विभिन्न सरकारी सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने तेजस कार्यक्रम की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल देश के विभिन्न राज्यों एवं जिलों में विद्यार्थियों और युवाओं को उद्यमिता के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें राष्ट्रीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
स्टार्टअप प्रकोष्ठ के प्रभारी प्रो. आनंद राज ने महाविद्यालय में संचालित स्टार्टअप एवं नवाचार गतिविधियों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को स्टार्टअप सेल से जुड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का स्टार्टअप सेल विद्यार्थियों को उनके नवीन विचारों, तकनीकी नवाचारों एवं व्यवसायिक अवधारणाओं को विकसित करने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप एवं मंच उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक सफल स्टार्टअप की शुरुआत एक छोटे विचार से होती है। यदि किसी विचार को सही दिशा, उचित मार्गदर्शन एवं निरंतर प्रयास प्राप्त हो तो वह एक सफल उद्यम का रूप ले सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नवाचार आधारित परियोजनाओं एवं स्टार्टअप गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया।
स्टार्टअप समन्वयक आनंद कुमार ने सक्रिय सहभागिता पर दिया जोर
स्टार्टअप समन्वयक आनंद कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थियों के पास तकनीकी ज्ञान, रचनात्मक सोच एवं समस्याओं के समाधान की अपार क्षमता है। आवश्यकता केवल उन्हें सही अवसर एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है।
उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय द्वारा आयोजित स्टार्टअप, नवाचार, हैकाथॉन, आइडिया प्रतियोगिताओं एवं उद्यमिता कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
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