
कृषि योजनाओं की जानकारी के साथ नरवाई प्रबंधन का दिया संदेश
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ग्राम पंचायत लखार में कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, रबी दलहन पंजीयन, ई-टोकन, ई-विकास पोर्टल और पशुपालन योजनाओं पर किसानों से संवाद
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किसानों को शासन की कृषि एवं पशुपालन संबंधी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने, डिजिटल सेवाओं के उपयोग के प्रति जागरूक करने तथा पर्यावरण हितैषी कृषि पद्धतियों को अपनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत लखार में कृषि विभाग नटेरन द्वारा कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को रबी सीजन में दलहनी फसलों के पंजीयन, एमपी किसान पोर्टल, ई-टोकन, ई-विकास पोर्टल, व्हाट्सऐप के माध्यम से कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त करने सहित पशुपालन योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सरपंच श्री काले खान की उपस्थिति में कृषि एवं पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं पर किसानों से संवाद किया गया। अधिकारियों ने किसानों को कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के साथ-साथ उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अतिरिक्त आय के साधन विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
एमपी किसान पोर्टल और रबी दलहन पंजीयन की जानकारी -
कृषि विस्तार अधिकारी श्री राज रघुवंशी ने किसानों को एमपी किसान पोर्टल पर पंजीयन के महत्व तथा रबी सीजन में चना, मसूर एवं अन्य दलहनी फसलों के पंजीयन की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा फसल संबंधी अभिलेख एवं आवश्यक पंजीयन समय पर पूर्ण करने से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होती है। किसानों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर पंजीयन कराने की अपील की गई।
ई-टोकन एवं ई-विकास पोर्टल से संबंधित व्यवस्थाओं की दी जानकारी
कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री शालिनी रघुवंशी ने किसानों को ई-टोकन व्यवस्था के माध्यम से उर्वरक प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा ई-विकास पोर्टल से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने कृषि विभाग की सेवाओं एवं योजनाओं से जुड़ी जानकारी व्हाट्सऐप सहित उपलब्ध डिजिटल माध्यमों से प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई। किसानों को डिजिटल सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
पशुपालन गतिविधियों से बढ़ाई जा सकती है अतिरिक्त आय -
कृषि विस्तार अधिकारी श्री अभिषेक जैन ने पशुपालन से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को बकरीपालन एवं मुर्गीपालन जैसी गतिविधियों से अतिरिक्त आय के अवसरों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और बाजार की मांग के अनुरूप कृषि के साथ पशुपालन गतिविधियों को अपनाकर परिवार की आय के अतिरिक्त साधन विकसित किए जा सकते हैं। पात्र किसानों को संबंधित विभाग से योजना एवं पात्रता संबंधी जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई।
आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ने का किया आह्वान -
कार्यक्रम में श्री अभिषेक जैन द्वारा आचार्य विद्यासागर जी के विचारों के संदर्भ में ग्रामीण जीवन में श्रम, आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन के महत्व पर भी चर्चा की गई। किसानों को उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए कृषि एवं उससे जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
खेतों पर पहुंचकर किसानों को नरवाई प्रबंधन के प्रति किया जागरूक -
कृषि विभाग नटेरन की सुश्री तुलसा द्वारा क्षेत्रीय किसानों के साथ नरवाई प्रबंधन को लेकर खेतों पर जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई। किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले पर्यावरणीय एवं मृदा संबंधी नुकसान की जानकारी देते हुए नरवाई के उचित प्रबंधन के लिए भूसा मशीन एवं अन्य कृषि यंत्रों के उपयोग के संबंध में बताया गया।
किसानों को समझाया गया कि नरवाई जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ मृदा में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों को नुकसान पहुंच सकता है। फसल अवशेषों को जलाने के स्थान पर उनका उचित प्रबंधन करने से पर्यावरण संरक्षण के साथ मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
कृषि विभाग से श्री राघवेन्द्र अहिरवार ने किसानों से नरवाई नहीं जलाने की अपील करते हुए कहा कि किसान उपलब्ध संसाधनों के अनुसार फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन अपनाएं तथा आसपास के अन्य किसानों को भी नरवाई नहीं जलाने के लिए जागरूक करें।
कृषि विभाग की टीम ने किसानों से किया सीधा संवाद -
कार्यक्रम एवं नरवाई प्रबंधन संबंधी गतिविधियों में कृषि विभाग नटेरन के क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी श्री राज रघुवंशी, सुश्री तुलसा, सुश्री शालिनी रघुवंशी, सुश्री संगम रघुवंशी, श्री रजत जैन, श्री राघवेन्द्र अहिरवार, श्री सत्यम नेमा, कृषि विस्तार अधिकारी श्री अभिषेक जैन, श्री अनिल बघेल एवं फसल बीमा समन्वयक श्री शुभम मीणा उपस्थित रहे।
अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने किसानों से सीधे संवाद कर कृषि एवं पशुपालन योजनाओं की जानकारी साझा की। साथ ही किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने, डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने तथा नरवाई प्रबंधन जैसी पर्यावरण हितैषी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। #vidisha