
सावधान! कड़ाही में बार-बार खौलता तेल परोस रहा है गंभीर बीमारियां: FSSAI के कड़े नियम, उल्लंघन पर भारी जुर्माना और जेल
#लालबहादुर_भाखर #LatestNews #RajasthanNews
बाजार में समोसे, कचौड़ी, जलेबी या नमकीन खाते समय क्या आपने कभी कड़ाही में उबल रहे तेल के रंग पर ध्यान दिया है? अगर तेल काला, गाढ़ा या झागदार दिख रहा है, तो वह केवल स्वाद नहीं बिगाड़ रहा, बल्कि आपकी सेहत में धीमा जहर घोल रहा है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के स्पष्ट दिशानिर्देशों के बावजूद कई हलवाई और स्ट्रीट वेंडर्स एक ही तेल को हफ्तों तक इस्तेमाल करते हैं, जो कानूनन अपराध है।
सेहत पर वार: क्यों खतरनाक है दोबारा तला हुआ तेल?
* कैंसर का जोखिम: बार-बार गर्म होने पर तेल में कार्सिनोजेनिक (कैंसर पैदा करने वाले तत्व) और फ्री रेडिकल्स बन जाते हैं।
* दिल की बीमारियां: लगातार उबलने से तेल में ट्रांस फैट और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) की मात्रा बढ़ती है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा रहता है।
* पेट और लिवर की समस्याएं: ऐसा भोजन गंभीर एसिडिटी, अल्सर, फैटी लिवर और पाचन तंत्र की खराबी का कारण बनता है।
FSSAI के अनिवार्य नियम
* अधिकतम 3 बार इस्तेमाल: किसी भी तेल को तलने के लिए अधिकतम 3 बार ही गर्म किया जा सकता है।
* TPC की सीमा 25%: तेल में टोटल पोलर कंपाउंड्स (TPC) की मात्रा 25% से अधिक होने पर उसे तुरंत नष्ट करना अनिवार्य है।
* टॉपिंग-अप पर रोक: पुराने या जले हुए तेल में नया तेल मिलाकर इस्तेमाल करने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
* RUCO पहल: प्रतिदिन 50 लीटर से अधिक तेल की खपत करने वाले बड़े होटलों/दुकानों को बचा हुआ तेल बायोडीजल बनाने वाली अधिकृत एजेंसियों को देना जरूरी है।
कानूनी प्रावधान, जुर्माना और सजा (खाद्य सुरक्षा कानून के तहत)
* अमानक भोजन (Substandard Food): धारा 51 के तहत घटिया या बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल में खाद्य सामग्री बेचने पर ₹5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
* असुरक्षित भोजन (Unsafe Food): धारा 59 के तहत जहरीला या स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाला भोजन बेचने पर ₹1 लाख से ₹10 लाख तक का जुर्माना और 6 महीने से लेकर आजीवन कारावास (उम्रकैद) तक की सजा का प्रावधान है।
* लाइसेंस रद्द: नियमों का बार-बार उल्लंघन करने पर दुकान का फूड लाइसेंस तुरंत रद्द किया जा सकता है।
उपभोक्ता क्या करें?
काले और झागदार तेल में बने खाद्य पदार्थों को खरीदने से बचें। यदि कोई दुकानदार बार-बार एक ही तेल का उपयोग करता पाया जाए, तो उसकी शिकायत FSSAI के ऑनलाइन पोर्टल (Food Safety Connect App) या स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी से दर्ज करवाएं।