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Lalbahadur Bhakhar Bhakhar time tv

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सावधान हो सकते हैं ब्लैक मेल
झूठा मुकदमा ,बरी हुए तो ठोका मानहानी का मुकदमा <nis:link nis:type=tag nis:id=पत्रकार_साहब nis:value=पत्रकार_साहब nis:enabled=true nis:link/>
<nis:link nis:type=tag nis:id=हनुमानगढ़ nis:value=हनुमानगढ़ nis:enabled=true nis:link/> जिले में कहां-कहां हो रही है <nis:link nis:type=tag nis:id=गंदे_पानी_से nis:value=गंदे_पानी_से nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=खेती nis:value=खेती nis:enabled=true nis:link/>
कब तक लगेगा अनैतिक गतिविधियों पर अंकूश
तानाशाही और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 10 अगस्त को देशभर में ‘जेल भरो आंदोलन’, पीलीबंगा में सीटू की कार्यशाला में हुंकार
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पीलीबंगा हनुमानगढ़ <nis:link nis:type=tag nis:id=लालबहादुर_भाखर nis:value=लालबहादुर_भाखर nis:enabled=true nis:link/>
केंद्र सरकार की कथित जन विरोधी, मजदूर विरोधी और तानाशाही नीतियों के खिलाफ आगामी 10 अगस्त 2026 को देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ का आगाज किया जाएगा। इसके तहत बड़े पैमाने पर पूरे देश में आंदोलन कर गिरफ्तारियां दी जाएंगी, जिसके लिए अभी से जमीनी स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान शुरू कर दिया गया है।
यह ऐतिहासिक निर्णय रविवार को स्थानीय अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू - CITU) से संबंधित मजदूर यूनियनों की एक दिवसीय संयुक्त कार्यशाला व प्रशिक्षण शिविर में लिया गया। इस शिविर में क्षेत्र की विभिन्न यूनियनों के लगभग 200 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और संगठन को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए सीटू नेता रामेश्वर वर्मा और जिला महासचिव शेर सिंह शाक्य ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने कहा कि सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के कारण आज देश में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है। उद्योग धंधे लगातार बंद हो रहे हैं और सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण कर चुनिंदा कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
"एक तरफ जहां देश का किसान और मजदूर गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने कॉर्पोरेट घरानों के लाखों-करोड़ों रुपये के कर्ज माफ कर दिए हैं।"
*शेर सिंह शाक्य, जिला महासचिव, सीटू*
सीटू नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार 'वी बी राम जी योजना' लाकर मनरेगा जैसी कल्याणकारी योजना को खत्म करने पर तुली है, जिससे करोड़ों गरीब परिवारों का गुजारा चलता था। इसके अलावा, देश में संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र का हनन हो रहा है, तथा दलितों व महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। नेताओं ने कहा कि जब भी कोई अपने अधिकारों की मांग करता है, तो सरकार जेल भेजने जैसी दमनकारी कार्रवाइयां कर रही है। इस सांप्रदायिक और तानाशाही सरकार को केवल मजबूत संगठन और एकजुट संघर्ष के बल पर ही रोका जा सकता है।
इस एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में क्षेत्र की प्रमुख यूनियनों एफसीआई लेबर एंड पल्लेदार मजदूर यूनियन,अनाज मंडी मजदूर यूनियन,जनता ट्रैक्टर ट्राली ऑपरेटर यूनियन,जगदंबा एवं प्राइवेट गोदाम मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाई।
इस दौरान मजदूर हितों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए विनोद मांवर, बग्गा सिंह गिल, प्रमोद साहनी, जगजीत सिंह, संदीप सिंह, जगन सिंह, शकूर खान, वेद प्रकाश, गिरधारी लाल, प्रहलाद चंद, किशोर, और मोनू सिंह सहित कई प्रमुख प्रतिनिधि और पदाधिकारी मुस्तैद रहे। सभी ने 10 अगस्त के आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
लालबहादुर भाखर संवाददाता
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<nis:link nis:type=tag nis:id=rajasthan_police_sho nis:value=Rajasthan_Police_SHO nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=तेजवंत_सिंह nis:value=तेजवंत_सिंह nis:enabled=true nis:link/> का तबादला ,विदाई समारोह
<nis:link nis:type=tag nis:id=rajasthan_police_sho nis:value=Rajasthan_Police_SHO nis:enabled=true nis:link/> तेजवंत सिंह का तबादला ,विदाई समारोह
1000 बीघा सरकारी जमीन के पट्टे काटे, एसडीएम बर्खास्त 6 गिरफ्तार
जब खाद उर्वरक नकली तो फसल कहां से होगी क्या ऐसे होती है किसानों की आय दुगनी , नकली पोटाश
भिवाड़ी पुलिस ने करीब 100 ऐसे मामलों का पर्दाफाश किया, जिनमें जांच के दौरान शिकायतें झूठी पाई गईं और अंतिम रिपोर्ट लगाई गई। इनमें से 11 मामलों में झूठे आरोप लगाने वाले लोगों को अदालत से सजा और जुर्माना भी दिलवाया गया है।

IPS बृजेश उपाध्याय ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसने से बचाना और कानून का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है। उन्होंने कहा कि झूठी गवाही देने और पुलिस को गुमराह करने वालों को अब कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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जिंदा लोगों की बात ही क्या ,मुर्दों की बात करते हैं तो लाश को जिंदा दिखाने का करतब
मेरा पंजाब :- राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) जम्मू की एनएबीएल मान्यता प्राप्त माइक्रोबायोलॉजी लैब अब जम्मू-कश्मीर ही नहीं, बल्कि पंजाब के एचआईवी जांच नेटवर्क का भी अहम केंद्र बन गई है।

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श्री गंगानगर में स्टिंग एनर्जी ड्रिंक की 8000 बोतले सीज
गृह मंत्रालय ने देशभर के लिए जारी किया प्रोटोकॉल, करना होगा सख्ती से पालन...see more
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*जिला स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित पंच गौरव-भटनेर उत्सव' में आप सादर आमंत्रित हैं।* 🙏

सभी जिलेवासियों से आग्रह है कि वे भटनेर उत्सव के विविध कार्यक्रमों में सहभागिता करें तथा जिले के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साक्षी बनें।
FMGE Result 2026: विदेश से MBBS करने वाले 88% छात्र फेल, भारत में डॉक्टर बनने की राह क्यों हुई और मुश्किल?
यहां पढ़ें पूरी खबर: https://shorturl.at/ZkVHr
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थाना परिसर से उड़ गई 'सिंघम' की बुलेट: जब रक्षक की ही 'सवारी' नहीं सुरक्षित, तो भक्षक को कौन पकड़ेगा हुजूर?
L.b. Bhakhar <nis:link nis:type=tag nis:id=lalbahadurbhakarjournalist nis:value=lalbahadurbhakarjournalist nis:enabled=true nis:link/> lalbahadurbhakharjournlist
खाजूवाला (सीमावर्ती इलाका)।
कहते हैं कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, लेकिन इन दिनों खाजूवाला थाने में कानून के हाथ शायद अपनी ही बुलेट ढूंढने में छोटे पड़ रहे हैं। मामला बेहद 'गंभीर और मनोरंजक' है। आम जनता तो छोड़िए, अब पुलिस महकमे के अपने ही 'सिंघम' सुरक्षित नहीं हैं, या यूं कहें कि उनकी बुलेट सुरक्षित नहीं है।
दिल्ली पुलिस के एक जवान, जो बड़े चाव से अपनी चमचमाती बुलेट लेकर खाजूवाला थाने आए थे, उन्हें क्या पता था कि जिस पुलिस परिसर में अपराधी पैर रखने से कांपते हैं, वहीं कोई शातिर चोर उनकी बुलेट पर 'किक' मारकर नौ-दो-ग्यारह हो जाएगा।
 'खाकी' की नाक के नीचे से 'खटारा' नहीं, बुलेट गायब!
चोरी तो चोरी, ऊपर से सीनाजोरी देखिए। घटना को बीते पूरे 12 दिन (जी हां, पूरे दो हफ्ते होने को आए हैं) हो चुके हैं, लेकिन मजाल है कि थाने की डायरी में एक एफआईआर (FIR) दर्ज हुई हो। शायद पुलिसकर्मी साहब सोच रहे होंगे कि "अपने ही भाई की तो गाड़ी है, ढूंढ लेंगे चाय-पानी पीते-पीते!"
लेकिन पीड़ित पुलिसकर्मी का सब्र अब जवाब दे गया है। उनका कहना है कि चक्कर काट-काटकर उनके जूतों के सोले घिस गए, पर खाजूवाला पुलिस ने 'मामला दर्ज' करने की जहमत नहीं उठाई। अब सवाल यह उठता है कि:
 * **सुरक्षा की गारंटी किसकी?** जिस थाने पर पूरे इलाके की कानून-व्यवस्था का जिम्मा है, अगर वहीं से गाड़ियां गायब होने लगेंगी, तो आम आदमी अपनी फरियाद लेकर कहां जाएगा?
 * **सीसीटीवी क्या सिर्फ शोपीस हैं?** सीमावर्ती इलाका होने के नाते जहां परिंदे को भी पर मारने के लिए इजाजत लेनी पड़े, वहां कोई बुलेट स्टार्ट करके आराम से निकल गया और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
 12 दिन बाद भी 'नो एफआईआर', वाह री कानून व्यवस्था!
आम आदमी जब थाने जाता है, तो पुलिस कहती है- *"जांच कर रहे हैं, मिल जाएगी।"* लेकिन यहां तो महकमे का ही बंदा पीड़ित है, फिर भी खाजूवाला पुलिस की 'कार्यशैली' कछुए की रफ्तार को भी मात दे रही है।
> **व्यंग्य बाण:** शायद चोर भी बहुत स्वाभिमानी था। उसने सोचा होगा कि आम जनता की बाइक चुराकर क्या पाप कमाना, इस बार सीधे 'सिस्टम' की ही सवारी उड़ाते हैं, कम से कम पुलिस को अपनी सुरक्षा व्यवस्था की 'पोल' तो दिखाई देगी!
> 
अब देखना यह है कि पीड़ित पुलिसकर्मी की बुलेट वापस आती है या फिर 12 दिन की यह 'धीमी जांच' रिकॉर्ड बुक में एक और अनसुलझा किस्सा बनकर दर्ज हो जाती है। हुजूर, कम से कम एफआईआर तो दर्ज कर लीजिए, ताकि चोर को भी लगे कि उसने किसी 'कानूनी' चीज पर हाथ साफ किया है!
करोड़ों की कृषि भूमि हड़पने की साजिश: बीमार किसान के साथ धोखाधड़ी, 8 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज
L.b. Bhakhar <nis:link nis:type=tag nis:id=lalbahadurbhakarjournalist nis:value=LalBahadurbhakarjournalist nis:enabled=true nis:link/>
पीलीबंगा हनुमानगढ़ :-  (राजस्थान)
बीमार किसान की करोड़ों रुपये की नहरी कृषि भूमि को फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पीलीबंगा थाना पुलिस ने अदालत के आदेश (इस्तगासे) पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो स्थानीय निवासियों सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
दर्ज एफआईआर के अनुसार, गोलूवाला निवासी पीड़ित किसान गगनदीप सिंह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। आरोप है कि उनकी इस लाचारी और बीमारी का फायदा उठाकर आरोपियों ने उनकी करोड़ों रुपये मूल्य की कीमती नहरी कृषि भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने और उसे हड़पने का एक सुनियोजित ताना-बाना बुना।
परिवादी गगनदीप सिंह ने शिकायत में स्पष्ट किया है कि उन्होंने पहले जो भी राशि ली थी, उसका पूरा भुगतान वे समय रहते वापस कर चुके थे। इसके बावजूद, आरोपियों ने उनके साथ विश्वासघात किया।
मुख्य आरोप यह कि आरोपियों ने वर्ष 2024 और 2026 में अलग-अलग तारीखों में जमीन से जुड़े कई फर्जी इकरारनामे और कूट रचित (जाली) दस्तावेज तैयार किए। इन कागजातों में लाखों रुपये नकद और चेक के जरिए भुगतान करना दर्शाया गया, जबकि वास्तविकता में पीड़ित किसान को ऐसी कोई राशि प्राप्त नहीं हुई थी।

अदालत के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने न्यायलय के आदेश पर  इस साजिश में शामिल राजस्थान और हरियाणा के रहने वाले शिमला (पत्नी सुधीर जाट),अभिमन्यु सहारण (पुत्र भीमसैन, सादुलशहर,सिद्धार्थ गोदारा(पुत्र रमेश गोदारा),शैलेन्द्र कुमार (पुत्र अंतराम जाट),भीमसेन (पुत्र शैलेन्द्र जाट),विक्रम गोदारा (पुत्र मनीराम जाट),पंकज(पुत्र नेकीराम बिश्नोई),,चेतन शर्मा (पुत्र सोहनलाल शर्मा)  के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है
अदालत से प्राप्त इस्तगासे पर केस दर्ज करने के बाद पीलीबंगा पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब जमीन से जुड़े उन सभी दस्तावेजों और इकरारनामों की प्रामाणिकता की जांच कर रही है, जिन्हें परिवादी ने फर्जी और कूटरचित बताया है।
पत्रकार लालबहादुर भाखर संवाददाता
पीलीबंगा: प्लॉट कब्जे के विवाद में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज, 5 नामजद; मारपीट और चेन स्नेचिंग का आरोप
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पीलीबंगा हनुमानगढ़ 
पीलीबंगा उपखंड क्षेत्र के गांव सदासिंहवाला में एक भूखंड (प्लॉट) पर जबरन कब्जे को लेकर मारपीट, चोरी और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित की अर्जी पर अदालत (इस्तगासा) के आदेश के बाद पुलिस ने दो महिलाओं सहित पांच नामजद लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई रिपोर्ट में सदासिंहवाला निवासी धर्माराम पुत्र मुंशीराम ने बताया कि उसने बीती 20 अप्रैल 2026 को गांव में एक भूखंड खरीदा था। सुरक्षा के लिहाज से उसने प्लॉट की चारदीवारी करवाकर बकायदा गेट पर ताला लगा दिया था।
पीड़ित का आरोप है कि 16 मई 2026 की सुबह आरोपी रणजीत कुमार, मांगीलाल, राकेश कुमार, सुगना और धापू लाठियों से लैस होकर आए। आरोपियों ने गेट का ताला तोड़कर प्लॉट में जबरन प्रवेश किया। जब धर्माराम ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
शिकायत के अनुसार, मारपीट के दौरान आरोपी धापू ने धर्माराम के गले में पहनी हुई करीब दो तोला चांदी की चेन भी तोड़ ली। वहीं, अन्य आरोपियों ने थप्पड़ मारे और उसे जान से मारने की धमकी दी।
परिवादी का यह भी गंभीर आरोप है कि आरोपी प्लॉट पर अपना हक (पजेशन) साबित करना चाहते थे। इसके लिए वे प्लॉट में रखा सामान समेटकर अपने साथ ले गए और सोची-समझी साजिश के तहत दो महिलाओं को बच्चों सहित वहां बैठा दिया, ताकि कोर्ट-कचहरी में वे इसे अपना पुराना कब्जा दिखा सकें।

माननीय न्यायलय के आदेश पर  पीलीबंगा पुलिस ने रणजीत कुमार (पुत्र मोडूराम),मांगीलाल (पुत्र मोडूराम),राकेश कुमार (पुत्र रणजीत कुमार),सुगना (पत्नी रणजीत कुमार),धापू (पत्नी मांगीलाल) के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर बीएनएस की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी कमान उपनिरीक्षक (SI) राजेन्द्र कुमार को सौंपी गई है, जो मौके का मुआयना कर साक्ष्य जुटा रहे हैं।

पत्रकार लालबहादुर भाखर संवाददाता
FMGE Result 2026: विदेश से MBBS करने वाले 88% छात्र फेल, भारत में डॉक्टर बनने की राह क्यों हुई और मुश्किल?
यहां पढ़ें पूरी खबर: https://shorturl.at/ZkVHr
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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान पेटी की चोरी के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा पर पुलिस और एसआईटी का शिकंजा कसने की संभावना है. एसआईटी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है. सूत्र बताते हैं कि अनिल मिश्रा के बारे में एसआईटी को कई मजबूत एविडेंस मिले हैं. एसआईटी की जांच में 5 ऐसे इंपोर्टेंट फैक्ट सामने आए हैं, जिनके कारण दान चोरी के इस बड़े मामले में शक की सुई ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा की तरफ जा रही है. सूत्र ये भी बताते हैं कि अयोध्या पुलिस जल्द अनिल मिश्रा को आरोपी बना सकती है. हालांकि इस बारे में अभी कोई भी पुलिस अधिकारी खुल कर नहीं बोल रहे हैं.

दान चोरी के लिए कैसे जिम्मेदार हैं अनिल मिश्रा?
आपको बता दे की एसआईटी की रिपोर्ट में दान को एकत्रित करने, उसकी काउंटिंग करने और उसे बैंक में जमा करने में जिन गड़बड़ियों की ओर इशारा किया है, उसके लिए अनिल मिश्रा ही जिम्मेदार नजर आ रहे हैं. एसआईटी की जांच में पता चला है कि अनिल मिश्रा मंदिर के वित्तीय मामलों और नकद राशि के संकलन के प्रबंधन कार्य की देखरेख करते थे. मंदिर में दान की गणना की प्रक्रिया को तय नियमों के अनुसार कराने की जिम्मेदारी अनिल मिश्रा की ही थी. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ मिलकर दान की गणना के जो नियम तय किए गए थे, उसमें ट्रस्ट की ओर से प्रतिनिधि अनिल मिश्रा थे. गणना प्रक्रिया की पुख्ता व्यवस्था बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी अनिल मिश्रा की थी.

चंपत राय का बयान सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
कहा जा रहा है की दान काउंटिंग करने वाले कर्मचारियों की ड्रेस, बायोमीट्रिक अटेंडेंस और उनकी तलाशी वगैरह के लिए बनाए गए नियम अनिल मिश्रा ने ही शिथिल कर दिए थे. चर्चा तो इस बात की भी है कि गणना केंद्र से दान की चोरी हो रही थी तो यह संभव नहीं था कि यह अनिल मिश्रा की जानकारी में न हो. इन सबके अलावा श्री राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का एसआईटी को दिए गए बयान की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल है.
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्पष्ट किया है कि ₹2000 का नोट अब भी पूरी तरह वैध मुद्रा (Legal Tender) है। यदि आपके पास ₹2000 का नोट है, तो आप इसे RBI के 19 इश्यू ऑफिस में जाकर बदल सकते हैं। जो लोग स्वयं कार्यालय नहीं पहुंच सकते, वे इंडिया पोस्ट के माध्यम से किसी भी RBI इश्यू ऑफिस में नोट भेजकर उसकी राशि सीधे अपने बैंक खाते में जमा करा सकते हैं।

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12 वीं में आते आते पढ़ाई छोड़ रहे है बच्चे
200 करोड़ रुपये