
जीआर एकेडमी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शिक्षक दिवस
तकनीक जानकारी दे सकती है, लेकिन सही दिशा और संस्कार शिक्षक ही देता है : दिलीप मणि त्रिपाठी
संतकबीरनगर। जीआर एकेडमी, देवदाड़, खलीलाबाद में 5 सितंबर 2026 को भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा एवं शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के संरक्षक श्री आशुतोष त्रिपाठी एवं प्रधानाचार्य श्री दिलीप मणि त्रिपाठी की गरिमामयी उपस्थिति रही। शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के सम्मान में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं आकर्षक प्रस्तुतियां पेश कर कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त किया।प्रधानाचार्य दिलीप मणि त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि आज तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में भी शिक्षक का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि उसकी भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि तकनीक भले ही विद्यार्थियों को जानकारी उपलब्ध करा सकती है, लेकिन सही दिशा, नैतिक मूल्य और इंसानियत की समझ एक शिक्षक ही प्रदान कर सकता है।उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान केवल फूल और कार्ड भेंट करके ही नहीं, बल्कि अनुशासन, कठिन परिश्रम, अच्छे व्यवहार और जीवन में सफलता प्राप्त कर करें। उन्होंने कहा कि एक आदर्श विद्यार्थी की सफलता ही उसके शिक्षक के लिए सबसे बड़ा सम्मान होती है।विद्यालय के संरक्षक आशुतोष त्रिपाठी ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्पण एवं शिक्षा के क्षेत्र में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि तब होती है, जब उसका विद्यार्थी एक सफल, संस्कारी और जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों को सम्मानित किया गया तथा छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुजनों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे समारोह में गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा और आपसी स्नेह का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।#आशुतोष त्रिपाठी #gr