
, औरंगाबाद पुलिस ने फर्जी विधायक को किया गिरफ्तार
The silence media news
**औरंगाबाद।** फर्जी सिम कार्ड के जरिए खुद को विधान परिषद सदस्य (MLC) बताकर सरकारी कर्मियों और अधिकारियों को धमकाने तथा अनुचित दबाव बनाने के मामले में औरंगाबाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से धमकी देने में इस्तेमाल किया गया **मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड** बरामद किया है।
औरंगाबाद पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मामले की शुरुआत **1 सितंबर 2026** को हुई। देव थाना में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर **पप्पू कुमार** के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को **MLC संजय कुमार यादव** बताते हुए पप्पू कुमार से **शागिनी कुमारी और दीनदयाल पांडे का चरित्र प्रमाण पत्र जल्द बनवाने** का दबाव बनाया। इतना ही नहीं, काम नहीं करने पर नौकरी से हटवाने की धमकी भी दी गई।
### जांच में सामने आया फर्जी सिम का खेल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पप्पू कुमार ने इसकी सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को दी। इसके बाद **पुलिस अधीक्षक, औरंगाबाद के निर्देश पर तकनीकी शाखा** ने संबंधित मोबाइल नंबर का गहन सत्यापन किया।
जांच के दौरान पता चला कि जिस सिम कार्ड से कॉल किया गया था, वह **ग्राम-गुरैया निवासी ग्रामीण अरुण कुमार यादव के नाम पर जारी दस्तावेजों के आधार पर निकाला गया था।** पुलिस के अनुसार, इसी सिम कार्ड का इस्तेमाल पहले भी कई **BDO, SDO और अन्य अधिकारियों से बातचीत करने** के लिए किया गया था।
तकनीकी जांच और सूचना संकलन के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज कर दी।
### घेराबंदी कर मुख्य आरोपी गिरफ्तार
औरंगाबाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आसूचना संकलन, ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर आरोपी की पहचान की। इसके बाद छापेमारी कर **मुख्य आरोपी दीनदयाल पांडे** को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से वह **सिम कार्ड और मोबाइल फोन** भी बरामद किया, जिसका इस्तेमाल सरकारी कर्मियों और अधिकारियों को धमकाने के लिए किया गया था।
### पूछताछ में आरोपी ने कबूला अपराध
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। उसके स्वीकारोक्ति बयान के अनुसार, वह संबंधित नंबर से खुद को **MLC संजय कुमार यादव** बताता था।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अपना काम कराने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाता था। अधिकारियों द्वारा उसकी बात नहीं मानने पर वह उन्हें **ट्रांसफर (स्थानांतरण) कराने की धमकी** देता था।
### देव थाना में दर्ज हुआ मामला
इस संबंध में **देव थाना कांड संख्या 280/26, दिनांक 02 सितंबर 2026** के तहत सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
### गिरफ्तार आरोपी की पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान:
**दीनदयाल पांडेय**, पिता- अर्जुन पांडेय,
ग्राम- गुरैया, थाना- देव,
जिला- औरंगाबाद के रूप में हुई है।
### पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
आरोपी के पास से पुलिस ने दो प्रमुख सामान बरामद किए हैं—
* **फर्जी सिम कार्ड – 01**
* **मोबाइल फोन – 01**
### आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में गिरफ्तार आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास भी दर्ज किया गया है। उसके खिलाफ **देव थाना कांड संख्या 146/18** वर्ष 2018 में दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) संख्या 20/21 भी समर्पित किया जा चुका है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी इस मामले में फिलहाल जमानत पर बाहर था।
अधिकारियों को धमकाने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल
पूरे मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी सिम और एक जनप्रतिनिधि की पहचान का सहारा लेकर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्रभाव बनाने की कोशिश की। पहले चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने का दबाव बनाया गया और काम नहीं करने पर नौकरी से हटवाने तथा अधिकारियों के तबादले की धमकी दी गई।
पुलिस की तकनीकी जांच के बाद फर्जी सिम के इस्तेमाल का खुलासा हुआ और मामले के मुख्य आरोपी तक पहुंच बनाई जा सकी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जी नंबर से किन-किन अधिकारियों और कर्मियों को फोन किया गया था और आरोपी ने पूर्व में इस तरीके से कितने लोगों पर दबाव बनाया।
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