
सेवा की कहानी: स्व सहायता समूह से जुड़कर रिंकी लोधी बनीं आत्मनिर्भर, हर माह 30 हजार रुपये आय अर्जित कर रहीं
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विदिशा जिले की श्रीमती रिंकी लोधी ने स्व सहायता समूह से जुड़कर और एसबीआई आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। गरीब परिस्थितियों के दौर में कभी सीमित आय पर निर्भर रहने वाली रिंकी लोधी आज अपने कियोस्क सेंटर के माध्यम से लगभग 30 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रही हैं। उनकी मेहनत और लगन से आज उनका पक्का मकान है और उनकी बच्चियां अच्छे स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। शासकीय योजनाओं और आजीविका मिशन से मिली सहायता ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
बैंक सखी के प्रशिक्षण से शुरू हुआ सफलता का सफर -
श्रीमती रिंकी लोधी बताती हैं कि उन्होंने एसबीआई आरसेटी में बैंक सखी का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने बैंक जाकर खाता खोलने, बीमा सहित विभिन्न बैंकिंग कार्यों की जानकारी और व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। साथ ही, वे आजीविका मिशन के स्व सहायता समूह से जुड़ीं और अन्य महिलाओं को भी समूह से जोड़कर उन्हें संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समूह में अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने बैंक से तीन लाख रुपये का ऋण लेकर अपना कियोस्क सेंटर प्रारंभ किया। आज इसी कियोस्क सेंटर के माध्यम से वे लगभग 30 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही हैं। अपने क्षेत्र में वे ‘लखपति दीदी’ के नाम से पहचानी जाती हैं। #vidisha #SevaSankalpAbhiyan