
किसानों की आय दोगुनी तो नहीं हुई, लेकिन लागत और परेशानियां जरूर दोगुनी हो गईं! 🌱🚜
सरकार ने वादा किया था कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर दी जाएगी। लेकिन आज हालात यह हैं कि किसान अपनी आय बढ़ाना तो दूर, अपनी मेहनत से उगाई फसल तक नहीं बचा पा रहा है। अशोकनगर के तुमैन गांव में एक किसान ने अपनी 8 बीघा धान की फसल पर मजबूरी में ट्रैक्टर चला दिया। किसान के मुताबिक, पिछले 15-20 दिनों से 10 घंटे मिलने वाली बिजली के बजाय महज 4-5 घंटे बिजली मिल रही थी। सिंचाई नहीं हो सकी और फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई। आखिरकार, जिस फसल को किसान ने अपने खून-पसीने से सींचा था, उसी को नष्ट करने के लिए उसे मजबूर होना पड़ा। जरा सोचिए, उस किसान के दिल पर क्या बीती होगी, जिसने महीनों मेहनत की, पैसा लगाया, दिन-रात खेत में पसीना बहाया और अंत में अपनी ही फसल पर ट्रैक्टर चलाना पड़ा! यह सिर्फ एक किसान की कहानी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है, जहां किसान खाद के लिए परेशान है, बिजली के लिए भटक रहा है और अपनी समस्याएं लेकर जाए तो आखिर किसके दरवाजे पर जाए? सवाल सरकार से है-जब खेतों तक पर्याप्त बिजली नहीं पहुंचेगी, फसलें सूखेंगी और किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पाएगा, तो आय दोगुनी कैसे होगी? विडंबना देखिए, किसानों की आय दोगुनी करने का वादा तो पूरा नहीं हुआ, लेकिन महंगाई, खाद, बिजली और खेती की बढ़ती लागत ने किसान की कमर जरूर तोड़ दी। किसान देश का पेट भरता है। क्या उसका इतना भी हक नहीं कि उसे समय पर बिजली, खाद और अपनी फसल बचाने के लिए जरूरी सुविधाएं मिल सकें? किसान को भाषण नहीं, समाधान चाहिए। वादे नहीं, पर्याप्त बिजली चाहिए। जिम्मेदारों से निवेदन है ऐसे हालात मत बनने दीजिए कि किसान अपनी ही फसल को बर्बाद करने के लिए मजबूर हो जाए। क्योंकि जब खेत में किसान की उम्मीदें सूखती हैं, तो नुकसान सिर्फ किसान का नहीं, पूरे देश का होता है।
-राजिद अहमद ✍️
#अशोकनगर #किसान #fbpost #NewsUpdate
PRO Ashok Nagar Collector Ashok Nagar
Jyotiraditya M Scindia Dr Mohan Yadav Krishnpal Yadav Jasdevsingh Natt