
मंगल की एक साधारण-सी चट्टान में ऐसा खनिज मिला है, जिसे देखकर वैज्ञानिक भी चौंक गए।
क्योंकि इसी खनिज से धरती पर रूबी और नीलम जैसे कीमती रत्न बनते हैं।
नासा के पर्सीवरेंस रोवर ने मंगल के जेज़ेरो क्रेटर के किनारे कुछ हल्के रंग की चट्टानों की जांच की। पहली नजर में ये चट्टानें बिल्कुल सामान्य लग रही थीं, लेकिन रोवर के सुपरकैम ने इनके अंदर कोरंडम नाम के खनिज के संकेत पकड़ लिए।
कोरंडम असल में एल्युमिनियम और ऑक्सीजन से बना खनिज है। धरती पर अगर इसमें थोड़ी मात्रा में क्रोमियम मिल जाए, तो यही खनिज लाल या गुलाबी रंग का रूबी बना सकता है। दूसरी अशुद्धियों की वजह से इसी परिवार से अलग-अलग रंगों के नीलम भी बनते हैं।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि रोवर को मंगल पर चमकते हुए बड़े-बड़े रूबी और नीलम के पत्थर मिल गए हैं। वैज्ञानिकों ने बेहद छोटे खनिज कणों के संकेत पकड़े हैं, जिनमें क्रोमियम की मौजूदगी भी दिखाई देती है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस खोज से मंगल के पुराने इतिहास का एक नया सुराग मिल सकता है। कोरंडम आम चट्टानों में आसानी से नहीं बनता। इसके लिए एल्युमिनियम से भरपूर और सिलिका से कम परिस्थितियां चाहिए होती हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि जेज़ेरो क्रेटर में कभी बड़े उल्कापिंडों के टकराने से पैदा हुई जबरदस्त गर्मी और दबाव ने इन चट्टानों को बदलने में भूमिका निभाई होगी। किसी समय मौजूद द्रव ने भी इस प्रक्रिया में मदद की हो सकती है।
और जिस “लेजर” की वजह से यह खोज हुई, वह भी कमाल है। सुपरकैम दूर से चट्टान पर लेजर डालकर उसके बेहद छोटे हिस्से को गर्म करता है और निकलने वाली रोशनी का विश्लेषण करता है। इससे वैज्ञानिक चट्टान की रासायनिक और खनिज संरचना जान सकते हैं।
यानी मंगल पर मिला यह “रत्न” सिर्फ खूबसूरत खनिज की कहानी नहीं है। यह अरबों साल पहले मंगल पर हुई भयंकर भूगर्भीय घटनाओं का रिकॉर्ड भी हो सकता है।
अगर मंगल पर सच में बड़े रूबी और नीलम के भंडार मिल जाएं, तो क्या इंसान वहां खनन करने पहुंचेगा?
ओरिजन सोर्स: यूएसजीएस मंगल खनिज शोध
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Bihar, India | Sep 11, 2026