
राज्य में हो रहे चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में एनडीए एक गंभीर टास्क के साथ चुनावी जंग में शामिल हो चुका है। इसी चुनावी जंग के दौरान तय रणनीति का फलाफल कल के चुनाव में दिखेगा। एनडीए के लिए चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव इस लिए महत्वपूर्ण है कि केवल पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अलावा सभी सीटों पर एनडीए उम्मीदवार को हार मिली थी। गत चुनाव में पटना शिक्षक सीट से भाजपा के प्रो. नवल किशोर यादव, दरभंगा शिक्षक सीट से कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा, तिरहुत शिक्षक सीट से भाकपा के संजय कुमार सिंह और सारण शिक्षक सीट से निर्दलीय उम्मीदवार अफाक अहमद ने जीत दर्ज की थी।
पटना शिक्षक क्षेत्र
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव त्रिकोणात्मक संघर्ष की और जाते दिख रहा है। हालांकि मुख्य मुकाबला बीजेपी के सिटिंग प्रो. नवल किशोर यादव और राजद के डॉ. संजीव और जनसुराज की दिव्या ज्योति से है। दरअसल, यहां की जंग में महत्वपूर्ण यह है कि एनडीए से भाजपा के उम्मीदवार प्रो. नवल किशोर यादव की चुनौती सवर्ण मत और यादव मत को एक तराजू पर तौलना है। राजद के डॉ. संजीव की मुश्किल यह है कि सवर्ण इनकी किस हद तक मदद करते हैं और राजद का MY समीकरण कितना सक्रियता के साथ वोट करता है। हालांकि इनका पैर खींचने को कांग्रेस ने डॉ. संजय यादव को उतारा है। ये कितना और किसे नुकसान पहुंचाते हैं, परिणाम इस पर भी निर्भर है।
दरभंगा शिक्षक क्षेत्र
दरभंगा शिक्षक क्षेत्र के सिटिंग एमएलसी मदन मोहन झा है ये पुराने कांग्रेसी हैं और लगातार इस कोशिश में लगे हैं कि यहां का प्रतिनिधित्व किसी को न दें। डॉ. मदन मोहन झा का मुकाबला एनडीए समर्थित डॉ. घनश्याम राय से है। पर इस चुनाव को तीसरा कोण जनसुराज के डॉ. सुरेश प्रसाद राय बना रहे हैं। डॉ. सुरेश राय गत चुनाव के रनर रहे हैं। पर इस बार वे भाजपा के नहीं जन सुराज के उम्मीदवार हैं।
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
सीपीआई के संजय कुमार सिंह (सीपीआई /भाकपा) गत चुनाव में विजयी उम्मीदवार थे। इस बार उनका मुकाबला बीजेपी के नरेंद्र प्रसाद सिंह से है। पर तिरहुत शिक्षक क्षेत्र से जनसुराज के बागी उम्मीदवार भूषण झा एक ट्विस्ट ले कर आए हैं। सवर्ण मतों में जितनी सेंधमारी करेंगे बीजेपी उम्मीदवार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. वी मोहन इस चुनाव को त्रिकोणात्मक दिशा की ओर ले जाते दिख रहे हैं।
सारण शिक्षक क्षेत्र
सारण शिक्षक क्षेत्र के सिटिंग एमएलसी अफ़ाक़ अहमद का मुकाबला जदयू के उम्मीदवार आनंद पुष्कर से है। महागठबंधन के प्रत्याशी प्रो. जयराम यादव चुनाव को त्रिकोणात्मक संघर्ष पर उतार रहे हैं। पर निर्दलीय प्रत्याशी नजमुल होदा इनके समीकरण बिगाड़ने में लगे हैं।अब देखना यह है कि जदयू प्रत्याशी को उम्मीद के अनुरूप समर्थन मिलता है, तो इसे चुनावी प्रबंधन के अनुकूल परिणाम के रूप में देखा जा सकता है। वैसे सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव केवल प्रत्याशियों के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों की रणनीति और शिक्षक मतदाताओं की प्राथमिकता तथा प्रभुनाथ सिंह की राजनीतिक विरासत के प्रभाव पर निर्भर करता है। #election #Bihar #NDA #teachers #politics #MLC #elections
Chapra, Saran | Oct 23, 2026