
शहरी सरकार को लेकर सियासी गर्माहट शुरू,
पार्षद दावेदारों ने सोशल मीडिया पर शुरू की कैंपेनिंग,
डीडवाना नगरपरिषद के 40 वार्डों में इस बार रोचक होंगे चुनाव,
कांग्रेस बीजेपी के साथ साथ यूनुस खान और RLP भी उतारेगी अपने उमीदवार,
डीडवाना।स्थानीय निकायों के चुनावों को लेकर सरगरमियाँ अब तेज हो गई हैं। निकायों और वार्डों की लॉटरी और आचार संहिता के बाद चुनाव लड़ने के दावेदार अब सोशल मीडिया पर अपना दमखम दिखाना शुरू कर चुके हैं।डीडवाना नगरपरिषद के लिए होने वाले 40 वार्डों के चुनाव इस बार काफ़ी रोचक हो सकते हैं। क्योंकि इसबार भाजपा और कांग्रेस के अलावा विधायक यूनुस खान और RLP भी अपने प्रत्याशी चुनाव में उतारेंगे।डीडवाना नगरपरिषद नया जिला बनने के बाद नगरपालिका से नगरपरिषद में अपग्रेड हुई है और नगरपरिषद का यह पहला चुनाव होगा। यहां 40 वार्डों में से 8 वॉर्ड ओबीसी और 3 वॉर्ड एससी वर्ग के लिए आरक्षित हैं जबकि 9 वॉर्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित हैं ओबीसी में 3 और एससी वर्ग में भी एक वॉर्ड महिला के लिए आरक्षित है। सभी वार्डों के लिए दावेदार अब सामने आने लगे हैं।भाजपा यहां पिछले चुनावों में मात्र 5 वार्डों में सिमट गई थी इसका मुख्य कारण यूनुस खान के उमीदवार भी थे। हालांकि यूनुस खान की तरफ से सभी वार्डों में प्रत्याशी नहीं उतारे गए थे लेकिन इसबार यूनुस खान पहले से ही तैयारियों में जुटे हुए हैं और उनके नेताओं के अनुसार इसबार उनकी तरफ से सभी वार्डों में प्रत्याशी खड़े किए जाएंगे।डीडवाना में पिछले चुनावों में कांग्रेस और भाजपा के साथ यूनुस खान ने भी अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे थे जिसका खासा नुकशान भाजपा को उठाना पड़ा था और भाजपा केवल 5 ही वार्डों में सिमट कर रह गई थी। इस बार एक और पार्टी हनुमान बेनीवाल की रालोपा भी मैदान में उतरने का मानस बना चुकी है। लेकिन ऐसा माना जाता है कि रालोपा का सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस को होगा। ऐसे में कांग्रेस की रह भी इस बार आसान नहीं है।
भाजपा नेता इस बार राज्य और केंद्र में सत्ता और विकास के लिए कड़ी से कड़ी जोड़ने की बात कह रहे हैं। भाजपा का मानना है कि इससे पूर्व जो भाजपा का बोर्ड था उसमें डीडवाना में अभूतपूर्व काम हुए और पिछले कांग्रेस कार्यकाल में शहर में कोई काम नहीं हुआ। इसी वजह से भाजपा को विश्वास है कि इस बार जनता शहरी सरकार के लिए उनका साथ जरूर देगी। हालांकि यूनुस खान के उम्मीदवारों की दावेदारी भाजपा के लिए भारी पड़ने वाली है लेकिन रालोपा की वजह से पार्टी को फायदा होने का भी कय्यास है।
कांग्रेस गत बोर्ड में यहां सत्ता में रही थी। लेकिन बोर्ड पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। इसका नुकशान कांग्रेस को इस चुनाव में उठाना पड़ सकता है। लेकिन कांग्रेस का मानना है कि जिले की घोषणा उनके कार्यकाल में हुई जिसका फायदा उनको इन चुनावों में मिलेगा और वो एक बार फिर से सत्ता हासिल करेंगे हालांकि जानकारों की माने तो रालोपा कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होगी।बहरहाल चुनावों की तिथियां घोषित हो चुकी है ऐसे में अब चारों पार्टियों के अलावा निर्दलीय भी अपने अपने क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं आने वाले दिनों में उमीदवारों के चेहरे सामने आने शुरू हो जाएंगे। लेकिन इस बार के चुनाव काफी रोचक रह सकते हैं।
Didwana, Nagaur | Aug 21, 2026