
जिलाधिकारी ने की ई-निबंधन की समीक्षा
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ई-निबंधन प्रणाली काफ़ी जनोपयोगी, सरल, पारदर्शी एवं तकनीकी दृष्टिकोण से उन्नत; तकनीक-आधारित ई-निबंधन व्यवस्था के माध्यम से दस्तावेजों का निबंधन कराएं: जिलाधिकारी ने की लोगों से अपील
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मुजफ्फरपुर, 22 अगस्त 2026
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राज्य सरकार के आदेश के अनुरूप मुजफ्फरपुर जिला में नागरिक-केंद्रित सेवाओं (Citizen-centric services) एवं डिजिटल गवर्नेन्स पर आधारित ई-निबंधन व्यवस्था का शुभारंभ दिनांक 17 अगस्त, 2026 से किया गया है। समाहर्ता-सह-जिला पदाधिकारी-सह-जिला निबंधक, मुजफ्फरपुर श्री कुमार गौरव द्वारा आज इसकी समीक्षा की गई। जिला अवर निबंधक, मुजफ्फरपुर श्री अजय कुमार ने जिला पदाधिकारी के समक्ष ई-निबंधन की पूरी प्रक्रिया के संबंध विस्तृत प्रस्तुति दी। नई व्यवस्था के संबंध में कातिब/मुद्रांक विक्रेता/सेवाप्रदाता एवं संबंधित प्रतिनिधियों को विस्तृत जानकारी दी गई।
समाहर्ता-सह-जिला निबंधक ने कहा कि ई-निबंधन प्रणाली काफ़ी जनोपयोगी, सरल, पारदर्शी एवं तकनीकी दृष्टिकोण से उन्नत है। इससे आम जनता के साथ-साथ सभी स्टेकहोल्डर्स यथा सेवाप्रदाताओं और सरकार को भी लाभ होगा।
नई व्यवस्था से आम जनता को प्रमुख लाभ
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जिलाधिकारी ने कहा कि ई-निबंधन प्रणाली से आम जनता को घर बैठे दस्तावेज तैयार करने की सुविधा उपलब्ध हो रही है। आधार आधारित ई-साइन की व्यवस्था लागू होने से दूसरे व्यक्ति की जमीन बेचने के खतरे को कम किया जा सकेगा। कागजी दस्तावेज में छेड़छाड़ की संभावना में कमी आएगी। दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया में सेवा प्रदाता/स्वयं पक्षकार द्वारा सुविधा मिल रही है। दस्तावेज की सच्ची प्रतिलिपि ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध हो रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुगम एवं सुलभ है।
व्यवस्था पूर्णतः तकनीक-आधारित है। निबंधन के उपरांत दस्तावेज की पीडीएफ प्रति पक्षकार के मोबाइल पर स्वतः प्राप्त हो जाएगी, जिससे कार्यालय आने-जाने की आवश्यकता कम होगी। ऑनलाइन निबंधन के पश्चात पक्षकार को आवश्यकतानुसार हस्ताक्षरित हार्डकॉपी की प्रति भी उपलब्ध कराई जाएगी।
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जिलाधिकारी ने कहा कि नई व्यवस्था से अभिलेखों के संधारण की ऑनलाइन व्यवस्था शुरू हुई है , जिससे अभिलेखागार में अतिरिक्त स्थान एवं संधारण संबंधी संसाधनों की बचत हो रही है। साथ ही अभिलेखों/ दस्तावेज़ों के फटने, गलने अथवा जलने जैसी समस्याओं से सुरक्षा मिलेगी। इससे संसाधन की भी बचत होगी और यह व्यवस्था पर्यावरण हितैषी भी साबित होगी।
सेवाप्रदाताओं के लिए सुविधा
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जिला अवर निबंधक ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत पूर्व से कार्यरत कातिब/प्रशिक्षु/मुद्रांक विक्रेता/दस्तावेज निबंधन से संबंधित अधिवक्ताओं को सेवाप्रदाता की अनुमति प्रदान की गई है। साथ ही, सेवाप्रदाता के मानदेय में उचित वृद्धि की गई है। उन्हें दस्तावेज तैयार करने की समस्या से भी राहत मिलेगी तथा वॉलेट के माध्यम से भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
समाहर्ता-सह-जिला निबंधक, मुजफ्फरपुर द्वारा कातिब संघ के प्रतिनिधियों के साथ-साथ आम जनता से भी अपील की गई है कि वे नई तकनीक-आधारित ई-निबंधन व्यवस्था के माध्यम से दस्तावेजों का निबंधन कराएं। इससे नागरिकों को एक ओर अधिक सुविधाजनक एवं विश्वसनीय सेवा प्राप्त होगी, वहीं दूसरी ओर सरकार के अनावश्यक व्यय में भी कमी आएगी, जिसका उपयोग राज्य के विकास कार्यों में किया जा सकेगा।