
जिला कारागार उरई में विधिक सेवा प्राधिकरण का साप्ताहिक निरीक्षण, बंदियों की समस्याएं जानीं
उरई (जालौन)। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन की सचिव श्रीमती मनाली चन्द्रा ने 5 अक्टूबर 2026 को जिला कारागार उरई का साप्ताहिक भ्रमण एवं विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न बैरकों का निरीक्षण कर बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि जिन बंदियों की जमानत सक्षम न्यायालय से स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन जमानतगीर उपलब्ध न होने के कारण वे रिहा नहीं हो पा रहे हैं, उनकी सूची तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे बंदियों की प्रभावी पैरवी कर उन्हें शीघ्र रिहाई दिलाने का प्रयास किया जाए।
उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को राज्य की ओर से उपलब्ध विधिक सहायता के माध्यम से जमानत दिलाए जाने के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही बंदियों के मुकदमों की पैरवी, विधिक सहायता एवं सलाह, महिला बंदियों और उनके साथ रह रहे बच्चों की चिकित्सा तथा खान-पान की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
सचिव ने निर्देशित किया कि जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं अथवा न्यायालय में उचित पैरवी नहीं हो पा रही है, उन्हें नियमानुसार निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद उन्होंने मुलाकाती क्षेत्र में स्थापित लीगल एड हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया। बंदियों से उनकी समस्याएं पूछे जाने पर उन्होंने किसी प्रकार की समस्या नहीं बताई।
इसके बाद निःशुल्क विधिक सेवाएं एवं कार्य प्रणाली विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में चीफ एलएडीसी श्री विश्राम सिंह ने संविधान के अनुच्छेद 39-A के तहत गरीब एवं कमजोर वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने और सभी के लिए न्याय सुनिश्चित किए जाने की जानकारी दी।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री प्रशान्त मौर्य, कारापाल श्री प्रदीप कुमार, उपकारापाल श्री अमर सिंह व श्रीमती सुखवती तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक श्री शुभम् शुक्ला सहित दर्जनों बंदी मौजूद रहे।
Orai, Jalaun | Oct 6, 2026