
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नत बोर्ड की ओर से विज्ञापित यूपी सब इंस्पेक्टर भर्ती 2025 के नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तारीख तय की है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता ने श्याम सुंदर, कमलेश यादव व अन्य तथा यश पांडेय व 44 अन्य की ओर से दाखिल याचिकाओं पर वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे, अधिवक्ता संजय कुमार यादव और आलोक मिश्र को सुनने के बाद दिया।
अधिवक्ता के मुताबिक, उत्तर प्रदेश उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 का विज्ञापन 12 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। भर्ती के लिए कुल 15 लाख 75 हजार 706 आवेदन प्राप्त हुए थे।
लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च को दो-दो पालियों में आयोजित की गई। इसमें करीब 10 लाख 77 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लिखित परीक्षा का परिणाम 7 मई को जारी किया गया, जिसमें 12,733 अभ्यर्थियों को अगले चरण की प्रक्रिया के लिए सफल घोषित किया गया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट को बताया गया कि भर्ती बोर्ड ने 23 मार्च को प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी की थी। इसके बाद 7 मई को लिखित परीक्षा का परिणाम जारी करते समय फाइनल उत्तर कुंजी भी जारी की गई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि फाइनल उत्तर कुंजी में कई प्रश्नों के उत्तर बदल दिए गए। चूंकि प्रत्येक प्रश्न 2.5 अंक का था, इसलिए उत्तर बदलने से कुछ अभ्यर्थी कुछ अंकों के अंतर से सफल या असफल हो गए।
अभ्यर्थियों की ओर से कहा गया कि उत्तर कुंजी में किए गए बदलाव को लेकर उन्होंने भर्ती बोर्ड के समक्ष आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन इन आपत्तियों पर विचार नहीं किया गया।
कुछ अभ्यर्थी लिखित परीक्षा के बाद अगली प्रक्रिया के लिए सफल भी हुए, लेकिन 14 जुलाई को जारी अंतिम परिणाम में एक-दो अंक के अंतर से बाहर हो गए। इसके बाद अभ्यर्थियों ने बदले गए उत्तरों और आपत्तियों पर विचार नहीं किए जाने को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया।
बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से नियुक्ति पत्र वितरण की तैयारी चल रही थी। इसी बीच हाईकोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।