#Balrampur ! #उतरौला के 11 वर्षीय हाफ़िज़ अब्दुल समद ने मुकम्मल किया क़ुरआन-ए-पाक, परिजनों और समाजसेवियों ने फूल-मालाओं से लादा...
रिपोर्ट- इमरान अली शाह
#बलरामपुर : 11 वर्ष की छोटी सी उम्र में उतरौला के मोहल्ला सुभाष नगर निवासी मौलाना अब्दुल अहद के साहबजादे व मास्टर अब्दुर रहमान सिद्दीकी के भतीजे हाफ़िज़ अब्दुल समद ने क़ुरआन-ए-पाक का हिफ़्ज़ मुकम्मल कर क्षेत्र और अपने परिवार का नाम रोशन किया है।
अज़ीम कामयाबी की इस ख़ुशी के मौक़े पर मौलाना अब्दुल अहद के इत्र मरकज़ पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। परिजनों, नाते-रिश्तेदारों और समाजसेवी राशिद महमूद 'लबी' ने 11 वर्षीय हाफ़िज़ अब्दुल समद को फूल-माला पहनाकर और दुआओं से नवाज़ते हुए मुबारकबाद पेश की। इस अवसर पर होनहार हाफ़िज़ अब्दुल समद को उनकी इस उपलब्धि पर उपहार स्वरूप एक नई साइकिल भी भेंट की गई।
इस मौक़े पर मास्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी व मौलाना अब्दुल अहद ने अवाम से अपील करते हुए कहा कि आज के दौर में बच्चों की सही परवरिश के लिए उन्हें दुनियावी तालीम (आधुनिक शिक्षा) देने के साथ-साथ दीनी तालीम (धार्मिक शिक्षा) से जोड़ना बेहद ज़रूरी है, ताकि वे बेहतर इंसान और नागरिक बन सकें।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने हाफ़िज़ अब्दुल समद के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी इसे एक प्रेरणास्रोत बताया।