
#बलरामपुर की बेटी प्राची सिंह को गृह विज्ञान में मिली पीएचडी की उपाधि, परिवार और जिले का नाम किया रोशन...
#तुलसीपुर (बलरामपुर): तहसील क्षेत्र के ग्राम बिलोहा निवासी प्राची सिंह ने नीलम विश्वविद्यालय, कैथल (हरियाणा) से गृह विज्ञान विषय में पीएचडी (डॉक्टरेट) की उपाधि प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और पूरे बलरामपुर जिले का नाम गौरवान्वित किया है। प्राची सिंह, विजय कुमार सिंह की पुत्री एवं राज बहादुर सिंह की पौत्री हैं।
प्राची सिंह ने अपना शोध कार्य ‘पोषण शिक्षा: भारतीय पारंपरिक आहार का पुनरावलोकन’ विषय पर पूरा किया। अपने शोध में उन्होंने भारतीय पारंपरिक खान-पान के पोषण संबंधी महत्व और शिक्षा के क्षेत्र में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला है।
भारतीय भोजन में स्वाद के साथ निहित है विज्ञान
अपनी सफलता पर बात करते हुए डाॅ. प्राची सिंह ने कहा, “हम अक्सर भारतीय भोजन को केवल संस्कृति और परंपराओं से जोड़कर देखते हैं, जबकि इसके पीछे गहरा पोषण संबंधी एवं वैज्ञानिक आधार है। पारंपरिक आहार में अनाज, दालें, फलियां, मोटे अनाज, दूध-दही और स्थानीय मसालों का संतुलित समावेश होता है, जो शरीर की सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है।”
उन्होंने बताया कि भारतीय आहार की सबसे बड़ी विशेषता इसका मौसमी, स्थानीय और किफायती होना है। यदि हम उम्र, कार्यक्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार सही मात्रा में पारंपरिक भोजन अपनाएं, तो जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों और कुपोषण से बचा जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी पारंपरिक खाद्य पद्धतियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझें और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाएं।
सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को
प्राची ने अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय ईश्वर की कृपा, गुरुजनों के कुशल मार्गदर्शन तथा माता-पिता व परिवार के निरंतर सहयोग को दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनका यह शोध समाज में स्वस्थ और संतुलित खान-पान के प्रति जागरूकता फैलाने में मददगार साबित होगा।
प्राची सिंह की इस बड़ी सफलता पर परिजनों, ग्रामीणों और क्षेत्र के शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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