
#Balrampur ! राप्ती के तेवरों में नरमी, खतरे के निशान से 45 सेमी नीचे उतरा जलस्तर; 16 गांवों में राहत कार्य तेज...
#बलरामपुर (01 अक्टूबर 2026): जनपद में पिछले कुछ दिनों से उफान पर चल रही राप्ती नदी का जलस्तर अब तेजी से घटने लगा है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। गुरुवार (01 अक्टूबर) सायं 07:00 बजे राप्ती नदी का जलस्तर 104.170 मीटर दर्ज किया गया, जो कि खतरे के बिंदु (104.620 मीटर) से 45 सेंटीमीटर नीचे आ चुका है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार नदी के जलस्तर में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है।
संवेदनशील इलाकों में प्रशासन अलर्ट पर
जलस्तर घटने के बावजूद जिला प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देशन में राजस्व, बाढ़ कार्य खंड और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें धरातल पर सक्रिय हैं। नदी के तटवर्ती एवं जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से निपटा जा सके।
16 गांवों में नावों का इंतजाम, फसल नुकसान का शुरू हुआ आकलन
राप्ती के उफान से प्रभावित हुए 16 ग्रामों में, जहाँ आवागमन बाधित हुआ था, वहाँ प्रशासन ने ग्रामीणों की आवाजाही के लिए पर्याप्त नावों की व्यवस्था की है। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जलभराव से हुए फसलों के नुकसान का त्वरित आकलन (क्रॉप सर्वे) किया जाए और प्रभावित ग्रामीणों तक खाद्यान्न व अन्य आवश्यक राहत सामग्री तुरंत पहुंचाई जाए।
पुनर्बहाली और आवश्यक सेवाओं पर जोर
अतिवृष्टि और बाढ़ जैसी स्थिति के बाद अब जिला प्रशासन का मुख्य ध्यान पुनर्बहाली कार्यों पर है। प्रभावित क्षेत्रों में बाधित विद्युत आपूर्ति को दुरुस्त करने, सड़कों को आवागमन योग्य बनाने और स्वास्थ्य व स्वच्छता सेवाएं सुचारु रखने के लिए सभी विभागों को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
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