श्रावण मास में शिव आराधना के लिए आइए कुंतलपुर में द्वापरकाल के महादेव मंदिर में। अद्भुत शिवलिंग पर गंगाजल व दूध चढ़ाने से कर्जमुक्ति, व्यापार में सफलता, दांपत्य सुख, झूठे मुकदमों से राहत और शत्रुओं पर विजय मिलेगी।
मुरैना। मुरैना से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर सुगम रास्ते से पहुंचने वाले कुंतलपुर स्थित टेकरी महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां स्थापित प्राचीन शिवलिंग को लेकर मान्यता है कि इसकी स्थापना द्वापर युग में महर्षि दुर्वासा ने की थी। मंदिर से जुड़ी धार्मिक कथाओं के अनुसार, माता कुंती ने शिवभक्ति में लीन महर्षि दुर्वासा की सेवा की थी।
कहा जाता है कि कुंती की सेवा से प्रसन्न होकर महर्षि दुर्वासा ने उन्हें ऐसा मंत्र प्रदान किया था, जिसके माध्यम से वे किसी भी देवता का आवाहन कर सकती थीं। कुंती ने मंत्र की परीक्षा लेने के लिए सूर्यदेव का आवाहन किया। सूर्यदेव के प्रकट होने पर उन्हें पुत्र प्राप्ति का वरदान मिला, जिसके फलस्वरूप कर्ण का जन्म हुआ। उस समय कुंती अविवाहित थीं, इसलिए सामाजिक परिस्थितियों के चलते उन्होंने नवजात कर्ण को एक संदूक में रखकर नदी में प्रवाहित कर दिया था।
टेकरी महादेव मंदिर में स्थापित शिवलिंग को लेकर श्रद्धालुओं में अनेक धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। भक्तों का विश्वास है कि सोमवार को गंगाजल अर्पित करने, विशेषकर श्रावण मास में पूरे महीने अथवा किसी एक सोमवार को गंगाजल और दूध से अभिषेक करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
पहाड़ी पर स्थित टेकरी महादेव मंदिर की ऊंचाई से आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बनता है। मंदिर से चारों ओर नजर डालने पर हरियाली और दूर तक फैले मनमोहक दृश्य श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। वहीं पहाड़ी के नीचे बहती आसन नदी की कल-कल करती जलधारा वातावरण की सुंदरता को और बढ़ा देती है।