कन्या भ्रूण हत्या की पूर्ण रूप से रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी जरूरी: डॉ रघुवीर शांडिल्य
- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान पर कार्यशाला का हुआ आयोजन
भिवानी, 11 अक्टूबर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ रघुवीर शांडिल्य ने की। कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि हिसार से एसएमओ डॉ प्रभु दयाल रहे l सिविल सर्जन डॉ रघुवीर शांडिल्य ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या की पूर्ण रूप से रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी जरूरी है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के स्टेट नोडल जीएल सिंगल ने भी वीसी के माध्यम से जरूरी निर्देश दिए।
सिविल सर्जन ने कहा कि अवैध जांच केंद्रों पर नकेल कसी जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएनडीटी नियमों की कड़ाई से पालना हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर पैनी नजर रखें। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि कन्या भ्रूण हत्या और अवैध लिंग परीक्षण कानूनन अपराध हैं और ऐसा करने वाले डॉक्टरों या केंद्रों के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जिले के लिंगानुपात में निरन्तर सुधार लाने के लिए अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
सिविल सर्जन ने आमजन से भी अपील की है कि वे बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाएं और उन्हें बेटों के समान आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों को समान अधिकार, उच्च शिक्षा और बेहतर पोषण देना बेहद जरूरी है। बेटियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है l
हिसार से सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ प्रभु दयाल ने एमपीटी एक्ट के दिशा निर्देशों, नियमों और रिकार्ड मेंटेन करने के बारे विस्तार से विचार प्रस्तुत किये l उन्होंने अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सरकार पीसीपीएनडीटी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अपने सेंटर का समस्त रिकार्ड मेंटेन करें और किसी भी प्रकार के वैध/अवैध गर्भपात की सूचना सिविल सर्जन कार्यालय भिवानी को उसी दिन दें l
कार्यशाला में जागरूकता अभियान: पीएनडीटी नोडल ऑफिसर डॉ अन्नू चौधरी ने कहा कि जिले में लिंगानुपात में सुधार के लिए अधिकारियों के निर्देशन में सभी स्वास्थ्य कर्मी अपने अपने क्षेत्र के गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे । आने वाले दिनों में विभिन्न ब्लॉकों में नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैलियां और सिग्नेचर कैंपेन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी l
कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, ज़िले के सभी प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालक और उनके प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।