टिकारी में नाले पर 3 मंजिला मकान बनाने का आरोप, पिंक राज चक्रवर्ती ने की प्रेस वार्ता; बोले- रास्ता और जलनिकासी बंद, 7 अक्टूबर से अनशन पर बैठेंगे
गया: गया जिले के टिकारी नगर पंचायत क्षेत्र में प्रखंड कार्यालय के ठीक सामने कथित अतिक्रमण कर नाले की जमीन पर तीन मंजिला मकान बनाए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इस मामले को लेकर टिकारी स्थानीय निवासी पिंक राज चक्रवर्ती ने अपने आवास पर प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि नाले और सरकारी जमीन पर कथित रूप से निर्माण होने के कारण आसपास के मोहल्ले के लोगों के आवागमन के साथ-साथ नाले के पानी की निकासी भी प्रभावित हो गई है। प्रशासन से लगातार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने 7 अक्टूबर से अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
प्रेस वार्ता में पिंक राज चक्रवर्ती ने बताया कि टिकारी प्रखंड कार्यालय के ठीक सामने नगर पंचायत क्षेत्र में नाले की जमीन पर कथित तौर पर अतिक्रमण कर मकान का निर्माण किया गया है। उनके अनुसार करीब 12 फीट चौड़ी और लगभग 67 फीट लंबी जगह में तीन मंजिला मकान बनाया गया है। उनका दावा है कि निर्माण के कारण पूरे मोहल्ले के नाले के पानी की निकासी प्रभावित हो गई है। बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या और गंभीर होने की आशंका भी जताई गई है।
कई बार दिया आवेदन, नापी के बाद भी कार्रवाई नहीं
पिंक राज चक्रवर्ती ने कहा कि इस समस्या को लेकर पिछले करीब एक महीने से वह लगातार अनुमंडल पदाधिकारी और अंचलाधिकारी को आवेदन दे रहे हैं। इससे पहले भी मोहल्ले के कई लोगों की ओर से सामूहिक रूप से आवेदन दिया जा चुका है। शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से जमीन की नापी कराए जाने की बात भी उन्होंने कही, लेकिन उनका आरोप है कि नापी के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से जब भी इस मामले में बात की जाती है तो अतिक्रमण मुक्त कराने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन मौके पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि जिस जगह पर कथित निर्माण हुआ है, वह सार्वजनिक आवागमन और जलनिकासी के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
‘ब्लॉक के सामने अतिक्रमण तो शहर में कार्रवाई कैसे होगी?’
प्रेस वार्ता के दौरान पिंक राज चक्रवर्ती ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब अनुमंडल और प्रखंड कार्यालय के ठीक सामने कथित तौर पर नाले और सरकारी जमीन पर निर्माण हो रहा है, तो शहर के दूसरे हिस्सों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को प्रभावित करने के लिए प्रभावशाली लोगों का संरक्षण हो सकता है। साथ ही उन्होंने मामले को दबाने के लिए पैसे के लेन-देन की आशंका भी जताई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है।
प्रदीप और सुनील पर लगाया अतिक्रमण का आरोप
पिंक राज चक्रवर्ती ने प्रेस वार्ता में कथित अतिक्रमण के लिए प्रदीप कुमार सिंह और सुनील कुमार का नाम लिया। उन्होंने कहा कि निर्माण प्रखंड कार्यालय के सामने स्थित है। वहीं, शिकायत से संबंधित आवेदन में भी कथित अतिक्रमण और सरकारी जमीन का उल्लेख किया गया है। प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में अंतिम स्थिति और जमीन की कानूनी प्रकृति की पुष्टि कार्रवाई एवं अभिलेखों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
7 अक्टूबर से अनशन की चेतावनी
पिंक राज चक्रवर्ती ने कहा कि उन्होंने अनुमंडल कार्यालय को पहले ही आवेदन देकर 7 अक्टूबर से अनशन पर बैठने की सूचना दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कथित अतिक्रमण हटाकर नाले और रास्ते को मुक्त नहीं कराया जाता, तब तक वह आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि मोहल्ले के अन्य लोग भी उनके साथ रहेंगे।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष तरीके से दोबारा जांच और नापी कराई जाए। यदि किसी भी व्यक्ति का अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नापी में उनका स्वयं का कोई अतिक्रमण सामने आता है तो उसे हटाने की कार्रवाई का वह स्वागत करेंगे। अब इस पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर स्थानीय लोगों की नजर है।
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