बछवाड़ा प्रखंड अंतर्गत दियारा क्षेत्र के पांच पंचायतों में गंगा के बढ़ते जल स्तर से बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए मंगलवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी अंचल परिषद बछवाड़ा द्वारा दियारा क्षेत्र को बाढ़ घोषित करने एवं विभिन्न मांगों को लेकर अंचल कार्यालय बछवाड़ा पर धरना प्रदर्शन किया गया। जिसकी अध्यक्षता चमथा तीन पंचायत के पैक्स अध्यक्ष अनिल कुमार राय ने किया।
धरना को संबोधित करते हुए बछवाड़ा विधानसभा के पूर्व विधायक सह भाकपा जिला मंत्री अवधेश कुमार राय ने कहा कि दियारा क्षेत्र के पांच पंचायत दादूपुर, बिशनपुर, चमथा एक, दो और तीन बाढ़ जैसे हालात से जूझ रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था ना के बराबर है और जिलाधिकारी अपने अंचल स्तर के अधिकारियों को कह रहे हैं कि जिस घर में पानी गया है, सिर्फ उसी को जीआर की सूची में रखा जाए। जिसका भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी पुरजोर विरोध करती है।
उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि बछवाड़ा प्रखंड के दियारा क्षेत्र के पांच पंचायत को बाढ़ग्रस्त घोषित कर, सभी परिवार को जीआर की राशि मुहैया की जाए एवं बाढ़ राहत के लिए तत्काल सभी परिवार को पॉलीथिन शीट, मवेशी के लिए चारा, बाढ़ आश्रय स्थलों पर पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, नवजात बच्चों के लिए दूध और बाढ़ प्रभावित लोगों और पशुओं के लिए चिकित्सीय व्यवस्था को अविलंब बहाल किया जाए। साथ ही, दियारा के पांचों पंचायत के अलावे फतेहा, गोविंदपुर तीन, रानी एक, दो और तीन पंचायत के अधिकांश किसानों की जमीन दियारा में ही है और बाढ़ आने से उनकी फसलें नष्ट हो गई है। जिन फसलों का आकलन कर फसल क्षतिपूर्ति दी जाए।
पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा कि बेगूसराय जिले के बछवाड़ा, तेघड़ा, बेगूसराय, मटिहानी, बरौनी, बलिया, साहेबपुर कमाल और शाम्हो की अधिकांश आबादी बाढ़ की त्रासदी झेल रही है। चुनावी वर्ष नहीं होने के कारण सरकार का ध्यान बाढ़ पीड़ितों की ओर नहीं है। परंतु सीपीआई सरकार का ध्यान इन बाढ़ पीड़ितों पर कैसे केंद्रित हो इसको सुनिश्चित करेगी। आज तो सिर्फ अंचल कार्यालय बछवाड़ा का घेराव किया गया है। यदि मांग नहीं मानी गई तो, जिलाधिकारी का घेराव करेंगे और मांग मानने पर मजबूर करेंगे।
अंचल मंत्री भूषण सिंह और एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने कहा कि लाखों लोग बाढ़ की विभीषिकाओं से जूझ रहे है। लेकिन बाढ़ पीड़ितों को अभी तक समुचित सरकारी सुविधा नहीं मिल पाई है। बाढ़ प्रभावित पंचायत में आवागमन के लिए पर्याप्त नाव की व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण लोग जिंदगी और मौत से जूझकर कमर, घुटने और छाती भर पानी में आने जाने को विवश है। जो सरकारी व्यवस्थाओं की नाकामी को दर्शाता है। यदि बाढ पीड़ितों की समस्याओं पर अभिलंब ध्यान नहीं दिया गया तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी अपना आंदोलन और तेज करेगी।
दादूपुर पंचायत के पूर्व मुखिया प्रतिनिधि राजेश शर्मा ने कहा कि दियारा के पांच पंचायत बाढ़ से त्राहिमाम में है और सरकारी आलाकमान सिर्फ खानापूर्ति में लगे हुए हैं। जिस वजह से बाढ़ पीड़ितों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
प्रदर्शन में जिला कोषाध्यक्ष राजकिशोर सिंह, एआईएसएफ के जिला सचिव सत्यम भारद्वाज, एआईवाईएफ के जिला सचिव रजनीश कुमार राय, पूर्व जिला पार्षद प्रमिला सहनी, आशा संघ की प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता राय सहित दर्जनों नेताओं ने संबोधित किया और बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को लेकर सरकारी व्यवस्थाओं पर जमकर तंज कसा। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि बेगूसराय जिले के बाढ़ प्रभावित प्रखंड और दियारा क्षेत्र को बाढ़ घोषित एवं पीड़ितों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं की गई और किसानों को फसल क्षतिपूर्ति नहीं दिया गया तो सड़क से लेकर सदन तक प्रदर्शन करेंगे और जिलाधिकारी को घेरने का काम करेंगे।
धरना के बाद सीपीआई प्रतिनिधिमंडल ने अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपा।
प्रदर्शन में चमथा तीन पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि शिवू राउत, धर्मेंद्र कुमार राय, पूर्व वार्ड सदस्य रंजीत पासवान, शाखा मंत्री रंजीत राय, सुरेंद्र राय, देवेंद्र महतो, श्याम ठाकुर सहित दियारा क्षेत्र के पांचो पंचायत के कई जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, समाजसेवी और सैंकड़ों बाढ़ पीड़ित मौजूद थे।