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आधुनिक खेती से युवा किसान संदीप ने लिखी समृद्धि की नई कहानी
ड्रिप सिंचाई और उद्यानिकी फसलों से श्री संदीप पवार ने अर्जित किया 13.25 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा
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परंपरागत खेती से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक को अपनाने का निर्णय किसी किसान की आर्थिक स्थिति को किस तरह बदल सकता है, इसकी मिसाल हैं छिन्दवाड़ा जिले के विकासखंड परासिया के ग्राम उमरेठ निवासी युवा कृषक श्री संदीप पवार। वैज्ञानिक पद्धति, ड्रिप सिंचाई और उद्यानिकी फसलों के बेहतर प्रबंधन के माध्यम से उन्होंने खेती को लाभ का माध्यम बनाया है। हरी मिर्च, करेला और शिमला मिर्च की खेती से इस वर्ष उन्होंने 24.75 लाख रुपये की कुल आय प्राप्त की, जिसमें उत्पादन लागत निकालने के बाद 13.25 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। उनकी सफलता बताती है कि सही तकनीक और बेहतर फसल प्रबंधन के साथ खेती को आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बनाया जा सकता
है।
ड्रिप सिंचाई अपनाकर खेती को दिया नया रूप - ग्राम उमरेठ के कृषक श्री संदीप पवार के पास कुल 6.504 हेक्टेयर कृषि भूमि है। पहले वे परंपरागत तरीके से खेती करते थे, जिससे उत्पादन और आय सीमित रहती थी। सिंचाई के लिए नलकूप उपलब्ध होने के बावजूद पानी का अधिक उपयोग करना पड़ता था। खेती में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 2011-12 में उद्यानिकी विभाग की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 70 प्रतिशत अनुदान पर ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की।
ड्रिप सिंचाई अपनाने के बाद उन्होंने उन्नत बीज, संतुलित उर्वरकों और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया। इस तकनीक से पौधों को आवश्यकता के अनुसार पानी और पोषक तत्व मिलने लगे। परिणामस्वरूप पानी के उपयोग में बचत के साथ फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में भी सुधार हुआ। उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और शासकीय योजना के सहयोग ने उनकी खेती को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तीन फसलों से 24.75 लाख रुपये की आय - श्री संदीप पवार ने इस वर्ष 4 एकड़ में हरी मिर्च, 2.5 एकड़ में करेला और 5 एकड़ में शिमला मिर्च की खेती की। बेहतर फसल प्रबंधन के परिणामस्वरूप उन्हें हरी मिर्च से 20 टन, करेले से 25 टन और शिमला मिर्च से 100 टन उत्पादन प्राप्त हुआ।
उत्पादित फसलों का विक्रय स्थानीय बाजारों और व्यापारियों के माध्यम से किया गया। हरी मिर्च 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचने पर 6 लाख रुपये, करेला 15 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचने पर 3.75 लाख रुपये और शिमला मिर्च 15 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचने पर 15 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई। इस प्रकार तीनों फसलों से कुल 24.75 लाख रुपये की आय हुई। लगभग 11.50 लाख रुपये की उत्पादन लागत घटाने के बाद उन्हें 13.25 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा प्राप्त हुआ।
खेती की कमाई से परिवार के जीवन में आया बदलाव - आधुनिक खेती से हुई आय ने श्री संदीप पवार के परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। उन्होंने अपनी कमाई से पक्का मकान बनवाया और आधुनिक कृषि यंत्र खरीदे, जिससे खेती के कार्यों को और बेहतर ढंग से करने में मदद मिली। परिवार की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करना भी अब पहले की तुलना में आसान हुआ है। उन्होंने चार पहिया वाहन स्कॉर्पियो भी खरीदा है।
श्री पवार की सफलता उनके परिश्रम, आधुनिक तकनीक को अपनाने और उपलब्ध शासकीय योजनाओं का लाभ लेने का परिणाम है। आज वे आसपास के किसानों के लिए भी एक उदाहरण बन चुके हैं। उनका मानना है कि किसान यदि परंपरागत खेती के साथ आधुनिक सिंचाई तकनीक, उन्नत बीज और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन को अपनाएं, तो कम पानी में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।
श्री संदीप पवार अन्य किसानों को भी आधुनिक उद्यानिकी खेती अपनाने और शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि खेती में तकनीक और मेहनत का सही तालमेल किसान परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा सकता है।
PMO India Dr Mohan Yadav CM Madhya Pradesh
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