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Jansampark Chhindwara

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“एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वार्ड क्रमांक-7 में वृहद पौधारोपण

नगर निगम एवं म.प्र.जन अभियान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश
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पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर निगम आयुक्त श्री सी.पी. राय के निर्देशानुसार नगर निगम छिंदवाड़ा एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आज “एक पेड़ मां के नाम” हरित अभियान के अंतर्गत वार्ड क्रमांक-7, प्रेरणा नगर में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
       कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें परिषद से संबद्ध नवांकुर संस्था अनमोल सृजन एवं प्रेरणा नगर विकास प्रस्फुटन समिति, वार्ड क्रमांक-7 ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
       कार्यक्रम में नगर निगम के सहायक यंत्री श्री विवेक चौहान उपस्थित थे। साथ ही वार्ड क्रमांक-7 की पार्षद एवं सभापति श्रीमती नमिता मनोज सक्सेना, श्रीमती वर्षा विश्वकर्मा, स्वच्छता चैंपियन डॉ.मीरा पराड़कर, श्री शैलेंद्र उइके, नवांकुर संस्था के अध्यक्ष श्री ललित साहू सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित थे।
       पौधारोपण कार्यक्रम मॉडल फ्यूचर संस्था की अध्यक्ष श्रीमती आयशा लोधी के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में टी-वर्ल्ड स्कूल के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने पौधे रोपित कर उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। इस अवसर पर टी-वर्ल्ड स्कूल के प्राचार्य मोहम्मद इस्माइल कुरैशी भी उपस्थित थे।
       कार्यक्रम में समाजसेवी श्री सिंधु भला, श्री सरफराज, श्री आमीन, श्री कलीम सहित अन्य नागरिकों ने भी सहभागिता की। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पौधरोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण भी आवश्यक है।
       इस दौरान वार्ड में अधिक से अधिक हरियाली विकसित करने और नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में नगर निगम, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, नवांकुर संस्था, विकास प्रस्फुटन समिति, जनप्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों की सामूहिक सहभागिता ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी की भावना को मजबूत किया।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक श्री भार्गव ने किया ग्राम टेमनी खुर्द में बायो रिसोर्स सेंटर का निरीक्षण

किसानों को प्राकृतिक कृषि उत्पादों का उचित बाजार एवं मूल्य उपलब्ध कराने पर दिया जोर
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जिले के विकासखंड मोहखेड़ के ग्राम टेमनी खुर्द में कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के माध्यम से नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना के अंतर्गत संचालित गव्या एग्रो नेचुरल्स बायो रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) का आज किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक श्री उमाशंकर भार्गव ने निरीक्षण किया।
      ग्राम टेमनी खुर्द में कृषक श्री राजेश धारे द्वारा विगत छह माह से बायो रिसोर्स सेंटर का संचालन किया जा रहा है। केंद्र के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। साथ ही प्राकृतिक कृषि में उपयोग होने वाले विभिन्न कृषि आदानों का निर्माण भी किया जा रहा है। बायो रिसोर्स सेंटर पर ऊर्जा जल, जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, पंचगव्य, ब्रह्मास्त्र, नीमास्त्र, दशपर्णी अर्क, पांच पत्ती काढ़ा, जैव रसायन, छाछ द्रव्य रसायन, अन्न द्रव्य रसायन एवं सजीव जल सहित विभिन्न प्राकृतिक कृषि आदानों का निर्माण किया जाता है।

कृषि आदानों के निर्माण एवं प्रशिक्षण की ली जानकारी - निरीक्षण के दौरान विकासखंड के चार क्लस्टरों से आई कृषि सखियों एवं प्रमुख किसानों द्वारा प्राकृतिक एवं जैविक कृषि उत्पादों के स्टॉल लगाए गए थे। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक श्री भार्गव ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा किसानों से उनके उत्पादों, उत्पादन प्रक्रिया एवं विपणन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बायो रिसोर्स सेंटर के संचालक श्री राजेश धारे से प्राकृतिक कृषि आदानों के निर्माण, गुणवत्ता, विक्रय एवं किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी ली।
       बीटीएम मोहखेड़ श्रीमती प्रिया कराड़े ने बताया कि आत्मा परियोजना किसानों तक नवीन कृषि तकनीकों के प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वर्तमान में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना के अंतर्गत किसानों को प्राकृतिक कृषि की ओर अग्रसर करने के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

किसानों को उत्पाद का उचित मूल्य मिले — कृषि संचालक श्री भार्गव - प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों के स्टॉलों के निरीक्षण के दौरान कृषि संचालक श्री भार्गव ने कृषि अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसान कड़ी मेहनत से प्राकृतिक कृषि उत्पाद तैयार कर रहे हैं। यदि उन्हें उचित बाजार और उचित मूल्य नहीं मिला, तो वे लंबे समय तक प्राकृतिक कृषि को सफलतापूर्वक जारी नहीं रख पाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। नजदीकी बड़े शहर नागपुर की कंपनियों एवं संभावित खरीदारों से संपर्क कर किसानों के उत्पादों के विपणन की व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके और अन्य किसान भी प्राकृतिक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित हों।
       आत्मा परियोजना संचालक श्री धीरज ठाकुर ने बताया कि जिले के सभी विकासखंडों में प्राकृतिक कृषि के लिए पंजीकृत किसानों के प्रथम वर्ष के पीजीएस प्रमाणन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इसमें मोहखेड़ विकासखंड के लगभग 500 किसान भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रमाणन प्रक्रिया से किसानों के प्राकृतिक कृषि उत्पादों को बाजार में विश्वसनीय पहचान दिलाने और बेहतर विपणन की दिशा में सहायता मिलेगी।

महिला कृषक से कृषि संचालक ने खरीदी राजमा एवं हल्दी - निरीक्षण के दौरान कृषि संचालक श्री भार्गव ने ग्राम राजेगांव से आई महिला कृषक श्रीमती गीता पवार से प्राकृतिक/जैविक रूप से उत्पादित राजमा एवं हल्दी की खरीदी की। इस दौरान उन्होंने महिला कृषक से राजमा के उत्पादन, गुणवत्ता, लागत एवं विक्रय की संभावनाओं पर चर्चा की।
      इस अवसर पर उप संचालक कृषि श्री मोरिस नाथ, परियोजना संचालक आत्मा श्री धीरज ठाकुर, एसडीओ श्री एन.के. पटवारी, एसएडीओ श्री शैलेन्द्र धुर्वे, बीटीएम श्रीमती प्रिया कराड़े, एईओ श्रीमती तन्वी अयूब, श्रीमती भाग्यश्री कड़वे, श्री शैरभ उइके, श्री के.डी. गोनेकर, श्रीमती शारदा उइके, श्रीमती सेवनती चौकसे, श्रीमती मधु बेन, जैव विविधता विशेषज्ञ श्री कैलाश सोनेवार, प्रगतिशील कृषक श्री मदन चौधरी, प्राकृतिक खेती कृषक श्री रघुवर भादे, श्री आशाराम घाघरे एवं श्री मुरारीलाल पंद्रे सहित कृषि सखियां एवं क्षेत्र के किसान उपस्थित थे।
ना तुम जीते, ना हम हारे

सुलह एवं सहमति से नेशनल लोक अदालत में निपटे 1942 प्रकरण, 11.27 करोड़ रुपये के अवॉर्ड पारित
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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार परस्पर समझौते के आधार पर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2026 की तीसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जिला न्यायालय छिंदवाड़ा सहित तहसील न्यायालय परासिया, चौरई, पांढुर्णा, सौंसर, जुन्नारदेव, अमरवाड़ा, हर्रई एवं तामिया में किया गया। आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिंदवाड़ा के अध्यक्ष श्री सुशांत हुद्दार के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ।
       नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिंदवाड़ा श्री सुशांत हुद्दार ने प्रातः 10:30 बजे अन्य न्यायाधीशगण, अधिवक्ता संघ के सदस्यों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
       नेशनल लोक अदालत में 35 खंडपीठों के माध्यम से विभिन्न प्रकृति के प्रकरणों का आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकरण किया गया। लंबित प्रकरणों में मोटर दुर्घटना के 47 प्रकरणों में 1,95,96,724 रुपये, चेक बाउंस के 286 प्रकरणों में 6,49,08,418 रुपये, विद्युत अधिनियम के 70 प्रकरणों में 12,50,801 रुपये तथा अन्य सिविल प्रकृति के 36 प्रकरणों में 51,09,747 रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए।
       इसी प्रकार अन्य प्रकृति के 73 प्रकरणों में 1,00,29,920 रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए। राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरणों के 145, पारिवारिक विवाद के 124 तथा यातायात चालान के 126 प्रकरणों सहित सभी प्रकार के लंबित कुल 909 प्रकरण आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकृत हुए, जिनमें कुल 10,26,27,110 रुपये की अवॉर्ड राशि के आदेश पारित किए गए।

प्रीलिटिगेशन के 1033 प्रकरणों का भी निराकरण - प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में बैंक बकाया वसूली के 20 प्रकरणों में 12,85,950 रुपये, नगर निगम/नगरपालिका के जलकर से संबंधित 232 प्रकरणों में 11,80,512 रुपये तथा विद्युत विभाग के प्रीलिटिगेशन के 553 प्रकरणों में 49,06,385 रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए। इस प्रकार कुल 1033 प्रकरण आपसी राजीनामे के आधार पर निराकृत हुए, जिनमें 1,01,33,557 रुपये की अवॉर्ड राशि के आदेश पारित किए गए।
       इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में लंबित एवं प्रीलिटिगेशन के कुल 1942 प्रकरणों का आपसी सुलह एवं सहमति के आधार पर निराकरण किया गया तथा कुल 11,27,60,667 रुपये के अवॉर्ड राशि के आदेश पारित किए गए।
       शुभारंभ अवसर पर विशेष न्यायाधीश श्री सुधीर मिश्रा सहित समस्त न्यायाधीशगण, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री राजकुमार मिश्रा एवं अधिवक्ता संघ की समस्त कार्यकारिणी, न्यायालय के कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
       जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिंदवाड़ा के सचिव/न्यायाधीश श्री राकेश सिंह ने सफल नेशनल लोक अदालत के आयोजन पर समस्त न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा पक्षकारों का आभार व्यक्त किया।
ग्राम पिपरिया भानु में माटी गणेश-सिद्ध गणेश कार्यशाला सम्पन्न

महिलाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग, मिट्टी की गणेश प्रतिमा के माध्यम से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुसार माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान के तहत जन अभियान परिषद के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आज विकासखंड अमरवाड़ा के ग्राम पिपरिया भानु में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला जन अभियान परिषद छिंदवाड़ा के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन एवं विकासखंड समन्वयक अमरवाड़ा सुश्री वंदना राकेशिया के मार्गदर्शन में तथा उग्र प्रभा जन कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री नीलेश डेहरिया की उपस्थिति में सम्पन्न हुई।
       कार्यशाला में महिलाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस दौरान श्रीमती कामना कुसुम अहरवार द्वारा मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमा तैयार की गई। मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित करने के माध्यम से प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यशाला में उग्र प्रभा जन कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री नीलेश डेहरिया, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति पिपरिया भानु के अध्यक्ष श्री घनश्याम उइके, अतिथि शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका सहित श्री दूजलाल उइके, अफरोजा, श्री सुनील, श्री अनिल एवं श्री विजय अहरवार सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे। आयोजकों ने बताया कि माटी गणेश निर्माण का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा प्राकृतिक सामग्री से गणेश प्रतिमा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना है। कार्यशाला में 'माटी गणेश' के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
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धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए किसान पंजीयन 15 सितंबर से
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उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, मंत्रालय भोपाल के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 से प्रारंभ होकर 10 अक्टूबर 2026 तक किसान पंजीयन प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
      किसान पंजीयनों के पर्यवेक्षण एवं मॉनीटरिंग के लिए जिला स्तरीय जिला उपार्जन समिति एवं उपखण्ड स्तरीय उपार्जन समिति का गठन किया गया है। पंजीयन एवं उपार्जन कार्य में आने वाली तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए तकनीकी समिति का भी गठन किया गया है। जिले में किसान पंजीयन के लिए 24 पंजीयन केन्द्र बनाए गए हैं।
      पंजीयन केन्द्रों में निःशुल्क किसान पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा आवश्यकतानुसार ग्राम पंचायत कार्यालय, जनपद कार्यालय एवं तहसील कार्यालय में स्थापित सुविधा केन्द्रों पर भी निःशुल्क पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रति पंजीयन अधिकतम 50 रुपये शुल्क पर एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर के कियोस्क, लोकसेवा केन्द्र तथा निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे में भी आवश्यकतानुसार किसान पंजीयन केन्द्र बनाए जा रहे हैं। सिकमी, बटाईदार, कोटरवार एवं वन पट्टाधारी किसानों के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति के अंतर्गत संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध रहेगी। किसान पंजीयन के लिए आधार लिंक बैंक खाता, समग्र आईडी, भूमि से संबंधित दस्तावेज सहित आवश्यक रिकॉर्ड लेकर पंजीयन केन्द्र पर उपस्थित होना होगा। किसान का पंजीयन बायोमेट्रिक सत्यापन अथवा आधार नंबर से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी के माध्यम से किया जाएगा। किसान का पंजीयन तभी हो सकेगा, जब भू-अभिलेख/एग्रीस्टेक में भूमि के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसीलदार/नायब तहसीलदार द्वारा किया जाएगा और सत्यापन होने की स्थिति में ही पंजीयन मान्य होगा।
        वनाधिकार पट्टाधारी किसानों का वन पट्टा तथा सिकमी/बटाईदार किसानों का सिकमी/बटाई अनुबंध 15 सितंबर 2026 के पूर्व अवधि का एवं निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत होना आवश्यक है। सिकमी/बटाईदार किसानों की अनुबंध अवधि मध्यप्रदेश भू-स्वामी एवं बटाईदार के हितों के संरक्षण अधिनियम 2026 की कंडिका 4(3) के अनुसार अधिकतम 5 वर्ष होगी। इससे अधिक अवधि का अनुबंध पंजीयन के लिए विधिमान्य नहीं माना जाएगा। किसान पंजीयन का सत्यापन संबंधित नायब तहसीलदार, तहसीलदार एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत 21 सितंबर 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। बोई गई फसल का किसान पंजीयन के लिए ई-गिरदावरी होना अनिवार्य है। ई-गिरदावरी के डाटा के आधार पर ही किसान पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाएगा।
        कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन द्वारा जिला एवं उपखण्ड स्तरीय उपार्जन समितियों से संबंधित सभी अधिकारी-कर्मचारियों को किसान पंजीयन की आवश्यक तैयारियां पूर्व से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही किसानों में पंजीयन के संबंध में प्रचार-प्रसार कर निर्धारित समयावधि में किसान पंजीयन एवं उसके सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। वनाधिकार पट्टाधारी एवं सिकमी/बटाईदार किसानों से अपील की गई है कि वे किसान पंजीयन के लिए निर्धारित प्रारूप में भूमि का अनुबंध 15 सितंबर 2026 के पूर्व तैयार करा लें, ताकि किसान पंजीयन की प्रक्रिया सुगमता से पूर्ण हो सके।
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अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिली होम स्टे को अपनी पहचान

28 दिन में ग्रामीणों ने कमाए 8 लाख, राष्ट्रीय मॉडल के रूप में हो रही पहचान 

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गांव ने दिखाया आत्मनिर्भरता का रास्ता, 28 दिन में 8 लाख आय

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विकासखंड हर्रई में माटी गणेश-सिध्द गणेश प्रशिक्षण का हुआ आयोजन

नवांकुर सखियों ने सीखा माटी गणेश की मूर्ति बनाना
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मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला छिंदवाड़ा के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन के मार्गदर्शन एवं विकासखंड समन्वयक श्री आशीष नेमा के मार्गदर्शन में आज माटी गणेश-सिध्द गणेश प्रतिमा निर्माण प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
       विकासखंड हर्रई के सेक्टर क्रमांक 2 में नवांकुर संस्था अमिषा सामाजिक कल्याण एवं विकास समिति बरूल द्वारा माटी गणेश-सिद्ध गणेश प्रतिमा निर्माण का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से “घर-घर गणेश, हर घर गणेश विराजे माटी गणेश” एवं पर्यावरण शुद्धता का संदेश दिया गया।
      माटी गणेश की मूर्ति बनाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया गया, जिससे नदी-नालों में गणेश जी की मूर्ति विसर्जन से प्रदूषण न फैले। अमिषा सामाजिक कल्याण एवं विकास समिति के अध्यक्ष श्री शिव कुमार उईके द्वारा मूर्ति बनाई गई। वहीं मूर्तिकार श्री अमित प्रजापति द्वारा भी मूर्ति निर्माण कर नवांकुर सखियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में श्रीमती मोहिनी यादव, श्रीमती पूजा यादव, श्रीमती कौशल्या यादव, श्रीमती सीमा यादव, श्रीमती कल्पना यादव, श्रीमती सरिता यादव सहित ग्राम के सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
ग्राम कपरवाड़ी में माटी गणेश सिध्द गणेश प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
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प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुसार जन अभियान परिषद छिंदवाड़ा के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन के मार्गदर्शन में माटी गणेश–सिद्ध गणेश, हर घर गणेश अभियान के अंतर्गत नवांकुर संस्था अनमोल सृजन बहुउद्देशीय शिक्षा एवं समाज उत्थान समिति द्वारा विकासखंड छिंदवाड़ा के सेक्टर क्रमांक 1 स्थित ग्राम कपरवाड़ी में आज माटी गणेश-सिध्द गणेश प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
      कार्यक्रम ग्राम कपरवाड़ी के आंगनबाड़ी क्रमांक-2 में आयोजित हुआ, जहां मूर्ति निर्माण कलाकार श्री रजत गढ़वाल की उपस्थिति में शुद्ध माटी से गणेश जी की प्रतिमा बनाई गई। इस अवसर पर ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष श्री दिलीप बिसकोले, श्रीमती रश्मि भारती, श्रीमती मंजू चंद्रवंशी एवं श्रीमती मीणा बंदेवार उपस्थित थे।
      कार्यक्रम में नवांकुर संस्था अनमोल सृजन बहुउद्देशीय शिक्षा एवं समाज उत्थान समिति के अध्यक्ष श्री ललित कुमार साहू तथा पदाधिकारी श्रीमती वैष्णवी पहाड़े, श्रीमती गरिमा यादव, श्रीमती भूमिका, श्रीमती खुशी बंदेवार एवं एमएसडब्ल्यू छात्रा किरण भट्टी भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में आंगनबाड़ी में उपस्थित बच्चों को उपहार वितरित किए गए। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन किया गया।
डेंगू नियंत्रण के लिए पंचशील कॉलोनी में होम्योपैथिक औषधि वितरण एवं जागरूकता शिविर आयोजित
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कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन के निर्देशन एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला यावतकर के आदेशानुसार डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण के उद्देश्य से शुक्रवार को शहरी क्षेत्र छिंदवाड़ा के वार्ड क्रमांक-41 स्थित पंचशील कॉलोनी, साउथ सिविल लाइन के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-01 एवं 02 में विशेष जागरूकता एवं औषधि वितरण शिविर का आयोजन किया गया।
         शिविर में शासकीय होम्योपैथी औषधालय छिंदवाड़ा की चिकित्सा अधिकारी डॉ. कविता मसराम द्वारा डेंगू से बचाव के लिए होम्योपैथिक औषधि यूपीटोरियम-200 का वितरण किया गया। साथ ही डेंगू पॉजिटिव मरीजों एवं उनके परिवारजनों को भी औषधि प्रदान कर आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श दिया गया। इस दौरान मरीजों को संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए आइसोलेशन में रहने की सलाह भी दी गई।
       औषधि वितरण कार्य में श्री धीरेंद्र तिवारी एवं सुश्री कविता उईके का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के सफल संचालन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। शिविर के दौरान नागरिकों को डेंगू से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हुए घरों में रखे पानी के कंटेनरों, कूलरों, फ्रिज ट्रे, टांकों, टंकियों एवं अनुपयोगी टायरों की नियमित जांच करने की सलाह दी गई। साथ ही जल संग्रहण वाले पात्रों की साप्ताहिक सफाई तथा ऐसे बड़े कंटेनरों में, जिनकी सफाई संभव न हो, प्रति सप्ताह मीठा तेल डालने की जानकारी दी गई।
       स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को मच्छरों के काटने से बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने, बच्चों एवं बुजुर्गों को दिन में भी मच्छरदानी का उपयोग कराने, मॉस्किटो कॉइल के उपयोग तथा शाम के समय नीम की पत्तियों का धुआं करने के लिए प्रेरित किया। शिविर में बताया गया कि तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, शरीर पर चकत्ते, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द तथा नाक या मसूड़ों से रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है। अधिकारियों ने कहा कि जनसहभागिता एवं सावधानीपूर्ण उपायों को अपनाकर जिले में डेंगू के प्रसार को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
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