सोलर प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को मिला रोजगारपरक तकनीकी कौशल
..
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस विदिशा में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को वितरित किए प्रमाण-पत्र
..
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाविद्यालय विदिशा में ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग द्वारा स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत आयोजित अल्पावधि रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम “सोलर लैंप एवं सोलर उपकरण—असेंबली, परीक्षण, उत्पादन एवं विक्रय” का समापन हुआ। समापन अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
31 अगस्त से प्रारंभ हुए इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को सौर ऊर्जा से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल से दक्ष करना तथा उन्हें रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को सोलर लैंप एवं अन्य सोलर उपकरणों की असेंबली, परीक्षण, उत्पादन एवं विक्रय की प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं तथा तकनीकी कार्यों की जानकारी भी प्राप्त हुई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वनिता वाजपेयी का मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन महत्वपूर्ण रहा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वय में डॉ. अजय सिंह हजारी ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने प्रशिक्षण की रूपरेखा तैयार करने, प्रशिक्षकों से समन्वय तथा प्रशिक्षण की विभिन्न गतिविधियों के सुचारू संचालन में सहयोग प्रदान किया।
प्रशिक्षण के तकनीकी एवं प्रायोगिक पक्ष में शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), विदिशा की प्राचार्य सुश्री कविता रघुवंशी एवं आईटीआई के प्रशिक्षकों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। आईटीआई के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर श्री आलोक रावत तथा प्रशिक्षक श्री अजीत सोनी ने विद्यार्थियों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान सोलर उपकरणों से संबंधित कार्यप्रणाली को समझने के साथ विभिन्न प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अभ्यास किया।
समापन अवसर पर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर श्रीमती श्वेता सोलंकी ने स्वागत उद्बोधन में प्रशिक्षण के उद्देश्यों एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं रोजगारपरक कौशल अर्जित करना भी आवश्यक है। इस प्रकार के प्रशिक्षण विद्यार्थियों को उद्योग एवं रोजगार क्षेत्र की आवश्यकताओं से परिचित कराने के साथ उनके कौशल एवं आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होते हैं।
समारोह में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान अर्जित तकनीकी ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल का उपयोग अपने भविष्य के रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. मनीष दुबे एवं डॉ. अमित श्रीवास्तव सहित महाविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी, प्रशिक्षण से जुड़े प्रशिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्री देवेश प्रसाद शुक्ल ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों का क्रमबद्ध संचालन करते हुए समारोह को गरिमापूर्ण रूप से संपन्न कराया। समापन अवसर पर विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव साझा किए तथा सोलर तकनीक से संबंधित अर्जित ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल को अपने भविष्य के करियर के लिए उपयोगी बताया। #Vidisha